डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बस्सी में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामवासी उपस्थित रहे। इस शिविर के दौरान, पूर्व MLA गोपीचंद मीणा ने सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला महामंत्री सुरमाल परमार ने सभी विभागों को सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए निर्देशित किया। देवसोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने भी सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। परिवहन विभाग ने विशेष रूप से 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए पास बनाने हेतु आवेदन स्वीकार किए। आसपुर विधायक उमेश मीणा ने शिविर में उपस्थित सभी विभागों को समय पर अपने कार्यों को पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कार्यक्रम में दोवड़ा तहसीलदार ईश्वरलाल पदवाल (जो शिविर प्रभारी भी थे), विकास अधिकारी मनोहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी गिरीश कलाल, आसपुर विधायक उमेश मीणा, ग्राम पंचायत सरपंच उषा देवी, ग्राम विकास अधिकारी पंकज पाटीदार, JTA पंकज पंड्या, देव सोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या, भाजपा महामंत्री सुरमल परमार, भंवरलाल कटारा, लैंप्स अध्यक्ष केशव पंड्या, हरिदेव कटारा, पाल वसी सरपंच वासुदेव कटारा और तरुण पंड्या सहित समस्त मेट, मेंबर और ग्रामवासी उपस्थित रहे। शिविर में सार्वजनिक निर्माण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, ऊर्जा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, आयोजना विभाग, पशुपालन विभाग, श्रम विभाग, जल संसाधन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग, खाद्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग, सहकारिता विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, सैनिक कल्याण विभाग और आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग जैसे कुल 22 विभाग मौजूद थे।
डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बस्सी में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामवासी उपस्थित रहे। इस शिविर के दौरान, पूर्व MLA गोपीचंद मीणा ने सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला महामंत्री सुरमाल परमार ने सभी विभागों को सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए निर्देशित किया। देवसोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने भी सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। परिवहन विभाग ने विशेष रूप से 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए पास बनाने हेतु आवेदन स्वीकार किए। आसपुर विधायक उमेश मीणा ने शिविर में उपस्थित सभी विभागों को समय पर अपने कार्यों को पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कार्यक्रम में दोवड़ा तहसीलदार ईश्वरलाल पदवाल (जो
शिविर प्रभारी भी थे), विकास अधिकारी मनोहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी गिरीश कलाल, आसपुर विधायक उमेश मीणा, ग्राम पंचायत सरपंच उषा देवी, ग्राम विकास अधिकारी पंकज पाटीदार, JTA पंकज पंड्या, देव सोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या, भाजपा महामंत्री सुरमल परमार, भंवरलाल कटारा, लैंप्स अध्यक्ष केशव पंड्या, हरिदेव कटारा, पाल वसी सरपंच वासुदेव कटारा और तरुण पंड्या सहित समस्त मेट, मेंबर और ग्रामवासी उपस्थित रहे। शिविर में सार्वजनिक निर्माण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, ऊर्जा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, आयोजना विभाग, पशुपालन विभाग, श्रम विभाग, जल संसाधन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग, खाद्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग, सहकारिता विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, सैनिक कल्याण विभाग और आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग जैसे कुल 22 विभाग मौजूद थे।
- डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बस्सी में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामवासी उपस्थित रहे। इस शिविर के दौरान, पूर्व MLA गोपीचंद मीणा ने सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला महामंत्री सुरमाल परमार ने सभी विभागों को सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए निर्देशित किया। देवसोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या ने भी सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। परिवहन विभाग ने विशेष रूप से 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए पास बनाने हेतु आवेदन स्वीकार किए। आसपुर विधायक उमेश मीणा ने शिविर में उपस्थित सभी विभागों को समय पर अपने कार्यों को पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कार्यक्रम में दोवड़ा तहसीलदार ईश्वरलाल पदवाल (जो शिविर प्रभारी भी थे), विकास अधिकारी मनोहर बिश्नोई, अतिरिक्त विकास अधिकारी गिरीश कलाल, आसपुर विधायक उमेश मीणा, ग्राम पंचायत सरपंच उषा देवी, ग्राम विकास अधिकारी पंकज पाटीदार, JTA पंकज पंड्या, देव सोमनाथ मंडल अध्यक्ष किरण पंड्या, भाजपा महामंत्री सुरमल परमार, भंवरलाल कटारा, लैंप्स अध्यक्ष केशव पंड्या, हरिदेव कटारा, पाल वसी सरपंच वासुदेव कटारा और तरुण पंड्या सहित समस्त मेट, मेंबर और ग्रामवासी उपस्थित रहे। शिविर में सार्वजनिक निर्माण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, ऊर्जा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, आयोजना विभाग, पशुपालन विभाग, श्रम विभाग, जल संसाधन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग, खाद्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग, सहकारिता विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, सैनिक कल्याण विभाग और आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग जैसे कुल 22 विभाग मौजूद थे।2
- डूंगरपुर के गैंजी में आज एक बार फिर बड़ा हादसा टल गया, जहाँ गैंजी से रेंटा सड़क मार्ग पर एक यात्रियों से भरी बस रपटे (पुलिया) की कम ऊंचाई के कारण उफनती नदी में गिरने से बाल-बाल बची। प्रशासन की घोर लापरवाही और बजट व कागजी स्वीकृतियों के फेर में निर्दोष ग्रामीणों व यात्रियों की जान दांव पर लग गई थी। बस इस नीची पुलिया को पार करते समय अनियंत्रित हो गई और सीधे नदी में गिरने की कगार पर पहुँच गई, लेकिन गनीमत रही कि बस समय रहते रुक गई। स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुँचकर ट्रैक्टर-क्रेन की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद बस को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ी जनहानि होने से बच गई। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी इसी रपटे पर दो से तीन बार बड़े हादसे होते-होते बचे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व में भी इस समस्या को लेकर समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित करवाई थीं, लेकिन प्रशासन "कुंभकर्णी नींद" में सोया रहा और आज तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर निरीक्षण करने या पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी बार-बार गुहार लगाई है। हालांकि, विभाग का कहना है कि उन्होंने फाइल आगे बढ़ा दी है, लेकिन जब तक उच्च स्तर से बजट पास और स्वीकृति नहीं मिलती, वे काम शुरू नहीं कर सकते। बार-बार शिकायत करने और लगातार हो रहे हादसों के बाद भी स्थानीय प्रशासन की इस निष्क्रियता से गैंजी और आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का तीखा सवाल है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई बहुत बड़ा हादसा हो जाएगा और किसी मासूम की जान चली जाएगी? उनका कहना है कि बारिश का मौसम सिर पर है और नदी का जलस्तर बढ़ते ही इस रपटे पर आवागमन पूरी तरह बाधित और जानलेवा हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र ही पुलिया का निर्माण कर हादसों को रोकने तथा पुल को ऊंचा व चौड़ा करने की मांग की है, ताकि उफनते पानी से आवागमन बाधित न हो। उन्होंने पुल निर्माण की स्वीकृति और बजट पास करने की भी मांग की है।4
- खेरवाड़ा तहसील के ग्राम पंचायत कातरवास कलां के राजस्व गांव काटवी में स्थानीय युवाओं ने जन-सहयोग के माध्यम से एक क्षतिग्रस्त तालाब की पाल का जीर्णोद्धार किया है। यह तालाब पिछले वर्ष हुई तेज बारिश के कारण टूट गया था, जिसके बाद प्रशासन और सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि तालाब की पाल टूटने के बाद उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी थी, लेकिन किसी भी विभाग ने आकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। एक छोटी पक्की पाल बनाई भी गई थी, पर वह गलत जगह पर थी, जिससे न तो पानी रुकता और न ही मिट्टी। इस अनदेखी के बीच, ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं ने 'हमारा तालाब, हमारी जिम्मेदारी' नामक एक मुहिम शुरू की। इसके तहत घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग दिया और युवाओं तथा स्थानीय लोगों ने श्रमदान सहित भरपूर सहयोग किया। इस मरम्मत कार्य से अब तालाब में बारिश का पानी व्यर्थ बहने से रुकेगा, जिससे क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा। साथ ही, यह तालाब पशु-पक्षियों के लिए पानी की समस्या को भी दूर करने में सहायक होगा। युवाओं की यह पहल सरकारी सहायता का इंतजार किए बिना आत्मनिर्भरता का मजबूत संदेश देती है। इस मुहिम में बाबू लाल डोडायार, कालू जाबला, लक्ष्मी लाल, संजय गरासिया, नाहर सिंह चौहान, ताजु गरासिया, गणेश गरासिया, गल्ला, राम लाल असारी, अजीत हगात, नाथु करोवा, मणिलाल मसार और कालू लाल गरासिया सहित कई ग्रामीण सक्रिय रूप से शामिल रहे।2
- राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन को सरकारी सेवाओं का लाभ उनके गांव के निकट ही उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सीमलवाड़ा ग्राम पंचायत स्थित अटल सेवा केंद्र में ग्रामीण सेवा एवं जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आमजन की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक आश्वासन भी दिया। शिविर के दौरान धोधरा निवासी पांच वर्षीय बालक सुशील, पुत्र भरतलाल ननोमा, अपनी माता के साथ पहुंचा। जन्मजात विकृति के कारण बालक के बाएं कान का बाहरी हिस्सा विकसित नहीं हो पाया था। शिविर में मौजूद शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत भंडारी ने बालक की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल बुलाया और आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं जानकारी प्राप्त की। इसके बाद बालक का पंजीकरण करते हुए निशुल्क उपचार और सफल ऑपरेशन की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके लिए आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई। इस मानवीय पहल से बालक की माता ने खुशी व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और शिविर प्रशासन का आभार जताया। इन शिविरों में राजस्व, चिकित्सा, कृषि, वन, विद्युत, जल संसाधन, आयुर्वेद, होम्योपैथी, रसद एवं महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मौके पर आमजन की समस्याओं का निस्तारण किया, जबकि शेष प्रकरणों को निर्धारित समयावधि में समाधान के लिए दर्ज किया गया। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याएं भी रखीं। इनमें सीमलवाड़ा क्षेत्र के मंदिरों के पट्टे जारी करने, नालों के निर्माण एवं सफाई, पीठ-उदयपुर रोडवेज बस सेवा को पुनः प्रारंभ करने तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के समीप नाले पर बनी संकरी पुलिया के पुनर्निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने की मांग प्रमुख थी। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया निर्माण की स्वीकृति मिलने के बावजूद अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है, जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नायब तहसीलदार एवं शिविर प्रभारी भूमल चौहान ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना तथा उनकी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर सुनिश्चित करना है। सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिले और प्रशासन सीधे आमजन से संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं को समझे। शिविरों में जनकल्याण योजनाओं की जानकारी भी दी गई और किसानों को उन्नत मक्का बीज वितरित किए गए। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, महामंत्री जगदीश पंड्या, विकास अधिकारी ललित पंड्या, प्रकाश पंड्या, प्रशासक विजयपाल डोडियार, वीडीओ निरंजन सिंह, डॉ. रजत भंडारी, डॉ. मनीष रोत, योगराज सिंह, दिलीप भागरिया, जयदीप सिंह सहित बाल विकास विभाग की मीना भट्ट, शकुंतला डामोर, कनिष्ठ अभियंता रवि कुमावत, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनीता भोई, जया एवं शकुंतला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई।3
- राजस्थान के वागड़ की धर्मनगरी डूंगरपुर के राजपुर स्थित श्री कल्लाजी शिव अन्नपूर्णा पंच धाम में दो दिवसीय श्री विष्णु महायाग अखिल भारतीय कल्लाजी सम्प्रदाय के राष्ट्रीय महासचिव महंत श्री गोपालदास महाराज के सानिध्य में श्रद्धा, भक्ति और वैदिक अनुष्ठानों के साथ पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। यह आयोजन ब्रह्मलीन महंत गौतमदास जी महाराज के संकल्प को साकार करने की दिशा में आयोजित किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से विश्व कल्याण की कामना की गई। धाम परिसर में आयोजन के दौरान सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और हवन का क्रम जारी रहा। दोपहर में आचार्य उत्सव दवे और सह-आचार्य कमल पंड्या के नेतृत्व में यज्ञवेदी पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य यजमान विनीता-विनय कुमार (दिल्ली) तथा शोभिनी-संजय चौबीसा (उदयपुर) सहित अन्य श्रद्धालुओं ने श्रीफल होम कर यज्ञ की पूर्णाहुति दी। इसके बाद दिव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित भक्तजन भक्ति भाव से सराबोर दिखाई दिए। पूर्णाहुति के पश्चात महंत गोपालदास महाराज ने श्री कल्लाजी महाराज की बाम्बी (गेमर) पूजन, गुरु गादी एवं चरण पादुका पूजन किया। इसके उपरांत वे श्री कल्लाजी महाराज की व्यास गादी पर विराजमान हुए और धर्म, न्याय एवं नीति के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए। इस अवसर पर भक्तों ने विश्व शांति, जनकल्याण, सुख-समृद्धि एवं मानवता के मंगल के लिए प्रार्थना की। आयोजन के समापन पर विशाल प्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस महायाग में महंत वैष्णव वैरागी परिवार राजपुर सहित क्षेत्र के विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में पाटीदार, साद, कलाल, यादव, सिंधी एवं ब्राह्मण समाज सहित सर्व समाज के लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में राजपुर ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा।4
- राजस्थान में बीते दिनों कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आईं। उदयपुर में फतहसागर झील किनारे टूरिस्टों पर नकली सांप फेंककर प्रैंक वीडियो बनाने के आरोप में एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर सहित चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं गोगुंदा क्षेत्र के मजाम गांव में पानी भरने गई 46 वर्षीय एक महिला की 200 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई। इसके अलावा, बाघपुरा थाना पुलिस ने सरपंच पर जानलेवा हमले के मामले में कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से तलवार व लाठियां बरामद की हैं। सलूंबर में नगर परिषद के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक ठेला संचालक ने अपने केबिन का ताला तोड़कर पांच हजार रुपए गायब होने का आरोप लगाया है। डूंगरपुर के फावटा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में विधायक शंकरलाल डेचा ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं और अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। राजनीतिक खबरों में, कोटा में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने राहुल गांधी के दौरे को 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया और नीट मामले में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का बचाव किया। अजमेर के मदार गेट चौराहे पर एक महिला होमगार्ड और एक महिला सफाईकर्मी के बीच सरेराह मारपीट का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसी बीच, राजस्थान-गुजरात सीमा पर DST ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात ले जाई जा रही अंग्रेजी शराब की 58 पेटियां जब्त की हैं, हालांकि इस दौरान तस्कर फरार हो गया। सबसे दुखद घटना बालोतरा जिले से सामने आई, जहाँ एक रोडवेज बस और एक कार की भीषण टक्कर में चार सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में जनसमस्याओं के समाधान के साथ ही एक 5 वर्षीय बालक के जन्मजात कान विकार के इलाज का मामला सभी के ध्यान का केंद्र बन गया। धोधरा निवासी भरत ननोमा के 5 वर्षीय पुत्र सुशील के जन्मजात कान विकार के निःशुल्क उपचार का जिम्मा चिकित्सा विभाग ने उठाया है, जिससे बच्चे को स्वास्थ्य राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सीमलवाड़ा ग्राम पंचायत के अटल सेवा केंद्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कई महत्वपूर्ण मांगों को उठाया, जिनमें मंदिरों के पट्टे जारी करना, नालों का निर्माण और सफाई करवाना, पीठ-उदयपुर रोडवेज बस सेवा को फिर से शुरू करना, और बैंक ऑफ बड़ौदा के पास संकरे पुलिया के पुनर्निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करवाना शामिल है। शिविर के दौरान अपनी माँ के साथ पहुंचे बालक सुशील के बाएँ कान का बाहरी विकास नहीं हो पाया था। शिविर में मौजूद शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत भंडारी ने बालक की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जाँच करवाई और पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की। चिकित्सक ने बच्चे के निशुल्क उपचार और आवश्यक ऑपरेशन का आश्वासन दिया। इस पर बालक की माँ ने सरकार और शिविर प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें बच्चे के इलाज का भरोसा मिला है। इस ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार भूमल चौहान के नेतृत्व में बीडीओ ललित पंड्या, डॉ. मनीष रोत, रवि कुमावत, जयदीप सिंह दिनेश सरपोटा सहित प्रशासन, चिकित्सा, राजस्व, कृषि, वन, विद्युत, आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, जगदीश पंड्या, प्रकाश पंड्या, संजय भोई, प्रशासक विजय पाल डोडीयार और बीडीओ निरंजन सिंह जैसे अन्य सदस्य भी इस दौरान मौजूद रहे। यह शिविर आमजन की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई कर रहा है, वहीं जरूरतमंद बच्चों के उपचार जैसी पहलें भी लोगों के लिए राहत का कारण बन रही हैं।4
- डूँगरपुर की बाल कवयित्री किम भारतीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर विशेष विमान 'एअर इंडिया वन' के प्रवेश द्वार पर बने अशोक स्तंभ को उसकी पूर्ण आकृति में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का अनुरोध किया है। किम, जो तेरह वर्ष की हैं और कक्षा आठवीं की छात्रा हैं, ने भारतीय डाक और ईमेल के माध्यम से यह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा है। किम ने बताया कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के समाचार देखते समय उनका ध्यान अक्सर विशेष विमान के खुले दरवाजे पर बने राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ पर जाता है, जो उन्हें विकृत और अस्पष्ट नजर आता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के विमान में प्रवेश करते और बाहर निकलते समय, उनकी तस्वीरों के साथ राष्ट्रीय प्रतीक की तस्वीरें समाचार पत्रों, टेलीविजन और सोशल मीडिया पर देश-दुनिया में प्रचारित होती हैं। किम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि राष्ट्रीय प्रतीक सभी भारतीयों के लिए गौरव का विषय है और इसका पूर्ण रूप में दिखना हर नागरिक को गौरव की अनुभूति कराता है। उन्होंने भारतीय कानून का हवाला देते हुए यह अनुरोध किया है कि राजकीय प्रतीक का प्रदर्शन पूर्ण, स्पष्ट और सम्मानजनक होना चाहिए।2