वीडियो में बोला छात्र-सैल्यूट यूपी पुलिस, बिना देखे लौटाए रुपयेः आंध्र के किसान के 20 हजार लौटाए, बैंक ने नहीं की मदद, बरेली पुलिस ने दो घंटे में दिलाई। आंध्र प्रदेश के एक गरीब किसान परिवार के लिए बीटेक की पढ़ाई कर रहे बेटे को भेजे गए 20 हजार रुपये बहुत बड़ी रकम थी। फोनपे के जरिये रुपये ट्रांसफर करते समय महज एक अंक गलत दर्ज होने से यह पूरी रकम उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक अनजान खाते में चली गई। जब पीड़ित परिवार ने आंध्र प्रदेश के स्थानीय थाने में गुहार लगाई, तो पुलिस ने पल्ला झाड़ते हुए बैंक जाने को कह दिया। बैंक के चक्कर काटे तो अधिकारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए और ऐप प्रबंधन से बात करने की सलाह देकर लौटा दिया। हर तरफ से निराश हो चुके परिवार को तब उम्मीद की किरण दिखी जब उन्होंने खुद तकनीकी सुराग तलाशना शुरू किया। ट्रूकॉलर से मिला यूपी का सुराग, वेबसाइट से तलाशा अफसर का नंबर पीड़ित छात्र के चचेरे भाई सिद्धार्थ ने जब उस मोबाइल नंबर को ट्रूकॉलर पर जांचा, तो उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश की निकली। इसके बाद सिद्धार्थ ने यूपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट खंगालकर बरेली के सीओ नगर द्वितीय (डीएसपी) नितिन कुमार का सरकारी नंबर निकाला। उन्होंने आंध्र प्रदेश से सीधे सीओ को फोन मिलाया और रुंधे गले से अपनी परेशानी बताई कि कैसे उनके किसान चाचा ने बेटे के खर्च के लिए 20 हजार रुपये भेजे थे और वह गलत खाते में चले गए हैं। संबंधित व्यक्ति ने रकम मिलने की बात से साफ इनकार कर दिया था। दो घंटे में मलूकपुर चौकी पुलिस ने खोज निकाला खाताधारक डीएसपी नितिन कुमार ने बिना किसी औपचारिकता में उलझाए मामले को तुरंत गंभीरता से लिया और सर्विलांस व मलूकपुर चौकी पुलिस को सक्रिय कर दिया। पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर और तकनीकी ब्योरे के आधार पर संबंधित खाताधारक को तत्काल ट्रेस कर लिया। ट्रांजेक्शन के पुख्ता प्रमाण सामने रखकर जब पुलिस ने सख्ती से बात की, तो खाताधारक ने रकम मिलने की बात स्वीकार कर ली। फोन आने के महज दो घंटे के भीतर खाताधारक से पूरे 20 हजार रुपये पीड़ित परिवार के खाते में वापस ट्रांसफर करा दिए गए। वीडियो संदेश भेजकर बोला छात्र- 'सैल्यूट यूपी पुलिस, बिना चेहरा देखे की मदद' मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस मिलते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सिद्धार्थ ने भावुक होकर एक वीडियो संदेश जारी किया और यूपी पुलिस व डीएसपी नितिन कुमार का आभार जताया। वीडियो में सिद्धार्थ ने कहा कि वह आंध्र प्रदेश से हैं और हिंदी भी ठीक से नहीं बोल पाते, बरेली के अफसर ने कभी उनका चेहरा तक नहीं देखा था, इसके बावजूद एक फोन पर दूसरे राज्य के गरीब किसान की पीड़ा को समझा और सिर्फ दो घंटे में रकम वापस दिला दी। उन्होंने खाकी के इस मानवीय और संवेदनशील चेहरे को
वीडियो में बोला छात्र-सैल्यूट यूपी पुलिस, बिना देखे लौटाए रुपयेः आंध्र के किसान के 20 हजार लौटाए, बैंक ने नहीं की मदद, बरेली पुलिस ने दो घंटे में दिलाई। आंध्र प्रदेश के एक गरीब किसान परिवार के लिए बीटेक की पढ़ाई कर रहे बेटे को भेजे गए 20 हजार रुपये बहुत बड़ी रकम थी। फोनपे के जरिये रुपये ट्रांसफर करते समय महज एक अंक गलत दर्ज होने से यह पूरी रकम उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक अनजान खाते में चली गई। जब पीड़ित परिवार ने आंध्र प्रदेश के स्थानीय थाने में गुहार लगाई, तो पुलिस ने पल्ला झाड़ते हुए बैंक जाने को कह दिया। बैंक के चक्कर काटे तो अधिकारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए और ऐप प्रबंधन से बात करने की सलाह देकर लौटा दिया। हर तरफ से निराश हो चुके परिवार को तब उम्मीद की किरण दिखी जब उन्होंने खुद तकनीकी सुराग तलाशना शुरू किया। ट्रूकॉलर से मिला यूपी का सुराग, वेबसाइट से तलाशा अफसर का नंबर पीड़ित छात्र के चचेरे भाई सिद्धार्थ ने जब उस मोबाइल नंबर को ट्रूकॉलर पर जांचा, तो उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश की निकली। इसके बाद सिद्धार्थ ने यूपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट खंगालकर बरेली के सीओ नगर द्वितीय (डीएसपी) नितिन कुमार का सरकारी नंबर निकाला। उन्होंने आंध्र प्रदेश से सीधे सीओ को फोन मिलाया और रुंधे गले से अपनी परेशानी बताई कि कैसे उनके किसान चाचा ने बेटे के खर्च के लिए 20 हजार रुपये भेजे थे और वह गलत खाते में चले गए हैं। संबंधित व्यक्ति ने रकम मिलने की बात से साफ इनकार कर दिया था। दो घंटे में मलूकपुर चौकी पुलिस ने खोज निकाला खाताधारक डीएसपी नितिन कुमार ने बिना किसी औपचारिकता में उलझाए मामले को तुरंत गंभीरता से लिया और सर्विलांस व मलूकपुर चौकी पुलिस को सक्रिय कर दिया। पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर और तकनीकी ब्योरे के आधार पर संबंधित खाताधारक को तत्काल ट्रेस कर लिया। ट्रांजेक्शन के पुख्ता प्रमाण सामने रखकर जब पुलिस ने सख्ती से बात की, तो खाताधारक ने रकम मिलने की बात स्वीकार कर ली। फोन आने के महज दो घंटे के भीतर खाताधारक से पूरे 20 हजार रुपये पीड़ित परिवार के खाते में वापस ट्रांसफर करा दिए गए। वीडियो संदेश भेजकर बोला छात्र- 'सैल्यूट यूपी पुलिस, बिना चेहरा देखे की मदद' मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस मिलते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सिद्धार्थ ने भावुक होकर एक वीडियो संदेश जारी किया और यूपी पुलिस व डीएसपी नितिन कुमार का आभार जताया। वीडियो में सिद्धार्थ ने कहा कि वह आंध्र प्रदेश से हैं और हिंदी भी ठीक से नहीं बोल पाते, बरेली के अफसर ने कभी उनका चेहरा तक नहीं देखा था, इसके बावजूद एक फोन पर दूसरे राज्य के गरीब किसान की पीड़ा को समझा और सिर्फ दो घंटे में रकम वापस दिला दी। उन्होंने खाकी के इस मानवीय और संवेदनशील चेहरे को
- Yudh Abhyas 2026': Skystriker hits a precise target at Mahajan Range Yudh Abhyas 2026': Skystriker hits a precise target at Mahajan Range A "Skystriker" loitering munition conducted a precision strike at the Mahajan Field Firing Range in Rajasthan during the joint Indian-US military exercise "Yudh Abhyas 2026." A video shared by the Indian Army showed the advanced suicide drone identifying a target and conducting a sustained attack. This test showcases the capabilities of drones and indigenous capabilities in the modern battlefield.1
- वीडियो में बोला छात्र-सैल्यूट यूपी पुलिस, बिना देखे लौटाए रुपयेः आंध्र के किसान के 20 हजार लौटाए, बैंक ने नहीं की मदद, बरेली पुलिस ने दो घंटे में दिलाई। आंध्र प्रदेश के एक गरीब किसान परिवार के लिए बीटेक की पढ़ाई कर रहे बेटे को भेजे गए 20 हजार रुपये बहुत बड़ी रकम थी। फोनपे के जरिये रुपये ट्रांसफर करते समय महज एक अंक गलत दर्ज होने से यह पूरी रकम उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक अनजान खाते में चली गई। जब पीड़ित परिवार ने आंध्र प्रदेश के स्थानीय थाने में गुहार लगाई, तो पुलिस ने पल्ला झाड़ते हुए बैंक जाने को कह दिया। बैंक के चक्कर काटे तो अधिकारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए और ऐप प्रबंधन से बात करने की सलाह देकर लौटा दिया। हर तरफ से निराश हो चुके परिवार को तब उम्मीद की किरण दिखी जब उन्होंने खुद तकनीकी सुराग तलाशना शुरू किया। ट्रूकॉलर से मिला यूपी का सुराग, वेबसाइट से तलाशा अफसर का नंबर पीड़ित छात्र के चचेरे भाई सिद्धार्थ ने जब उस मोबाइल नंबर को ट्रूकॉलर पर जांचा, तो उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश की निकली। इसके बाद सिद्धार्थ ने यूपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट खंगालकर बरेली के सीओ नगर द्वितीय (डीएसपी) नितिन कुमार का सरकारी नंबर निकाला। उन्होंने आंध्र प्रदेश से सीधे सीओ को फोन मिलाया और रुंधे गले से अपनी परेशानी बताई कि कैसे उनके किसान चाचा ने बेटे के खर्च के लिए 20 हजार रुपये भेजे थे और वह गलत खाते में चले गए हैं। संबंधित व्यक्ति ने रकम मिलने की बात से साफ इनकार कर दिया था। दो घंटे में मलूकपुर चौकी पुलिस ने खोज निकाला खाताधारक डीएसपी नितिन कुमार ने बिना किसी औपचारिकता में उलझाए मामले को तुरंत गंभीरता से लिया और सर्विलांस व मलूकपुर चौकी पुलिस को सक्रिय कर दिया। पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर और तकनीकी ब्योरे के आधार पर संबंधित खाताधारक को तत्काल ट्रेस कर लिया। ट्रांजेक्शन के पुख्ता प्रमाण सामने रखकर जब पुलिस ने सख्ती से बात की, तो खाताधारक ने रकम मिलने की बात स्वीकार कर ली। फोन आने के महज दो घंटे के भीतर खाताधारक से पूरे 20 हजार रुपये पीड़ित परिवार के खाते में वापस ट्रांसफर करा दिए गए। वीडियो संदेश भेजकर बोला छात्र- 'सैल्यूट यूपी पुलिस, बिना चेहरा देखे की मदद' मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस मिलते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सिद्धार्थ ने भावुक होकर एक वीडियो संदेश जारी किया और यूपी पुलिस व डीएसपी नितिन कुमार का आभार जताया। वीडियो में सिद्धार्थ ने कहा कि वह आंध्र प्रदेश से हैं और हिंदी भी ठीक से नहीं बोल पाते, बरेली के अफसर ने कभी उनका चेहरा तक नहीं देखा था, इसके बावजूद एक फोन पर दूसरे राज्य के गरीब किसान की पीड़ा को समझा और सिर्फ दो घंटे में रकम वापस दिला दी। उन्होंने खाकी के इस मानवीय और संवेदनशील चेहरे को1
- यातायात नियमों के पालन को लेकर पूरनपुर पुलिस का दो पहिया वाहनों पर सघन चेकिंग अभियान। जिसमें बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग व गलत *दिशा में वाहन चलाने वालों पर धनाराघाट-शेरपुर कलां रोड निकट कुएं वाले बाग के पास सख्त कार्रवाई।1
- पुलिस के मुताबिक, आंध्र प्रदेश निवासी सिद्धार्थ ने बरेली पुलिस के सीयूजी नंबर पर संपर्क कर बताया पुलिस के मुताबिक, आंध्र प्रदेश निवासी सिद्धार्थ ने बरेली पुलिस के सीयूजी नंबर पर संपर्क कर बताया कि उनके चाचा अपने बेटे की बीटेक की पढ़ाई के लिए मासिक खर्च के रूप में ऑनलाइन 20 हजार रुपये भेज रहे थे। इसी दौरान मोबाइल नंबर अथवा खाता संख्या दर्ज करते समय एक अंक गलत हो गया, जिससे धनराशि किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में स्थानांतरित हो गई। गलत खाते में रकम पहुंचने के बाद संबंधित व्यक्ति ने धनराशि प्राप्त होने से इनकार कर दिया। इसके बाद सिद्धार्थ ने ट्रूकॉलर के माध्यम से संबंधित मोबाइल नंबर के बरेली से जुड़े होने की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की वेबसाइट से क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय, बरेली का संपर्क नंबर प्राप्त कर अपनी शिकायत से अवगत कराया। तकनीकी जानकारी से संबंधित व्यक्ति को किया ट्रेस शिकायत मिलने के बाद बरेली पुलिस ने उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर के आधार पर आवश्यक तकनीकी जानकारी जुटाई और संबंधित व्यक्ति को ट्रेस किया। इसके बाद मलूकपुर चौकी प्रभारी ने संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर मामले में पूछताछ और जांच की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से दी गई शिकायत की पुष्टि होने पर पुलिस ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपये की पूरी धनराशि शिकायतकर्ता को वापस करा दी। रकम वापस मिलने पर आंध्र प्रदेश निवासी सिद्धार्थ ने वीडियो संदेश के माध्यम से बरेली पुलिस की तत्परता, कार्यशैली और सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।1
- अमरिया में किसानों का हल्लाबोल, भाकियू भानु ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन1
- पॉलिटेक्निक पूरनपुर में इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और पीएलसी पर कार्यशाला आयोजित, छात्रों ने सीखे आधुनिक हुनर पॉलिटेक्निक पूरनपुर में इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और पीएलसी पर कार्यशाला आयोजित, छात्रों ने सीखे आधुनिक हुनर पूरनपुर (पीलीभीत)। राजकीय पॉलिटेक्निक पूरनपुर में विद्यार्थियों को आधुनिक औद्योगिक तकनीकों से जोड़ने के लिए "Industrial Automation, PLC & Latest Trends" विषय पर एक दिवसीय तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन SOFCON INDIA PVT LTD NOIDA के विशेषज्ञों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यशाला के दौरान छात्रों को प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर की कार्यप्रणाली, लेडर लॉजिक प्रोग्रामिंग, SCADA, IIoT, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित ऑटोमेशन का व्यावहारिक ज्ञान व लाइव प्रदर्शन कराया गया। संस्थान के प्रधानाचार्य विल्सन ने बताया कि यह प्रशिक्षण छात्रों को कॉलेज से सीधे उद्योगों में रोजगार पाने के योग्य बनाने में मददगार साबित होगा। ट्रेनिंग प्लेसमेंट हेड अजय गुप्ता ने Sofcon India के ट्रेनर्स आवेश भटनागर, अभिषेक रंजन, जया नितेश का आभार जताया। अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।4
- बीसलपुर में भरभराकर गिरी तीन मंजिला दीवार, कई मकान चपेट में; बड़ा हादसा टला1
- Sonia, Kharge and Rahul pay tribute to Manmohan on his birth anniversary Congress Parliamentary Party chief Sonia Gandhi, party president Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi, and Priyanka Gandhi paid tribute to former Prime Minister Dr. Manmohan Singh on his birth anniversary. The Congress president described him as a visionary politician whose significant economic reforms transformed India. Rahul Gandhi said that his humility, honesty, and foresight gave the country's economy and social justice a new direction. Sonia, Kharge and Rahul pay tribute to Manmohan on his birth anniversary Congress Parliamentary Party chief Sonia Gandhi, party president Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi, and Priyanka Gandhi paid tribute to former Prime Minister Dr. Manmohan Singh on his birth anniversary. The Congress president described him as a visionary politician whose significant economic reforms transformed India. Rahul Gandhi said that his humility, honesty, and foresight gave the country's economy and social justice a new direction.1