उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है, जहाँ निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर 'मौत का खेल' चलने और लापरवाही से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। हाल ही में एक नवजात बच्चे को 'दिल का बीमार' बताने वाली फर्जी रिपोर्ट का मामला सामने आया है, जिसमें एक तथाकथित हृदय रोग विशेषज्ञ ने बच्चे के दिल में 'सुराख' होने की झूठी जानकारी दी थी, जिसे लखनऊ में गलत साबित कर दिया गया। यह मामला दिसंबर 2025 का है, जब मोहम्मद इमरान ने अपने नवजात बेटे को बीमारी के चलते 'दक्षिण दरवाजा' स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। वहाँ एक स्टाफ ने बच्चे को 'स्वस्थ' लिखा, जबकि बाद में डॉक्टर ने गंभीर स्थिति बताई। इलाज के दौरान, बच्चे को 'स्टेशन रोड' स्थित एक डॉक्टर के पास भेजा गया, जिसने खुद को हृदय रोग विशेषज्ञ बताकर बच्चे के दिल में सुराख होने की फर्जी रिपोर्ट दी। जब लखनऊ के राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में जांच कराई गई, तो यह रिपोर्ट झूठी निकली। इस गंभीर धोखाधड़ी के बावजूद, प्रशासन ने जाँच के बाद 'दक्षिण दरवाजा' स्थित अस्पताल पर महज ₹25,000 का जुर्माना लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली, जिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या एक मासूम के जीवन के साथ खिलवाड़ की यही कीमत है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजीव निगम ने बताया कि डॉक्टर को दोषमुक्त करते हुए केवल प्रशासनिक खामियों के लिए जुर्माना लगाया गया है, जबकि गलत रिपोर्ट देने वाले स्टेशन रोड के डॉक्टर की डिग्री की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिले में अन्य निजी अस्पतालों में भी लापरवाही और मौतों के कई मामले सामने आए हैं, जिन पर प्रशासन की कार्रवाई धीमी और बेनतीजा रही है। मुंडेरवा स्थित एक अस्पताल में महिला की मौत को एक माह से अधिक हो चुका है, जहाँ अस्पताल सील कर दो कर्मचारियों को जेल भेजा गया है, लेकिन मुख्य संचालक अभी भी फरार हैं और चिकित्सकों ने बयान दर्ज नहीं कराए हैं। जिगिना अस्पताल के भी आईपीडी और ओपीडी सील हैं, पर कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। मालवीय रोड, पचेडिया, गड़गोड़िया और कटरा स्थित अस्पतालों में भी मरीजों की मौत के मामले लंबित हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरदहिया के एक क्लीनिक में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत का मामला भी जांच के इंतजार में है। इन मामलों में कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्वास्थ्य विभाग इन निजी अस्पतालों और अपराधियों को संरक्षण दे रहा है, या अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल है। लेखक ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जब डॉक्टर खुद फर्जी रिपोर्ट जारी करें और प्रशासन केवल खानापूर्ति करे, तो यह प्रशासनिक विफलता के साथ-साथ मानवता के खिलाफ अपराध है। मांग की गई है कि स्वास्थ्य विभाग कागजी कार्रवाई छोड़कर इन 'मौत के सौदागरों' पर कठोर कार्रवाई करे, अन्यथा जनता का सिस्टम से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है, जहाँ निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर 'मौत का खेल' चलने और लापरवाही से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। हाल ही में एक नवजात बच्चे को 'दिल का बीमार' बताने वाली फर्जी रिपोर्ट का मामला सामने आया है, जिसमें एक तथाकथित हृदय रोग विशेषज्ञ ने बच्चे के दिल में 'सुराख' होने की झूठी जानकारी दी थी, जिसे लखनऊ में गलत साबित कर दिया गया। यह मामला दिसंबर 2025 का है, जब मोहम्मद इमरान ने अपने नवजात बेटे को बीमारी के चलते 'दक्षिण दरवाजा' स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। वहाँ एक स्टाफ ने बच्चे को 'स्वस्थ' लिखा, जबकि बाद में डॉक्टर ने गंभीर स्थिति बताई। इलाज के दौरान, बच्चे को 'स्टेशन रोड' स्थित एक डॉक्टर के पास भेजा गया, जिसने खुद को हृदय रोग विशेषज्ञ बताकर बच्चे के दिल में सुराख होने की फर्जी रिपोर्ट दी। जब लखनऊ के राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में जांच कराई गई, तो यह रिपोर्ट झूठी निकली। इस गंभीर धोखाधड़ी के बावजूद, प्रशासन ने जाँच के बाद 'दक्षिण दरवाजा' स्थित अस्पताल पर महज ₹25,000 का जुर्माना लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली, जिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या एक मासूम के जीवन के साथ खिलवाड़ की यही कीमत है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजीव निगम ने बताया कि डॉक्टर को दोषमुक्त करते हुए केवल प्रशासनिक खामियों के लिए जुर्माना लगाया गया है, जबकि गलत रिपोर्ट देने वाले स्टेशन रोड के डॉक्टर की डिग्री की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिले में अन्य निजी अस्पतालों में भी लापरवाही और मौतों के कई मामले सामने आए हैं, जिन पर प्रशासन की कार्रवाई धीमी और बेनतीजा रही है। मुंडेरवा स्थित एक अस्पताल में महिला की मौत को एक माह से अधिक हो चुका है, जहाँ अस्पताल सील कर दो कर्मचारियों को जेल भेजा गया है, लेकिन मुख्य संचालक अभी भी फरार हैं और चिकित्सकों ने बयान दर्ज नहीं कराए हैं। जिगिना अस्पताल के भी आईपीडी और ओपीडी सील हैं, पर कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। मालवीय रोड, पचेडिया, गड़गोड़िया और कटरा स्थित अस्पतालों में भी मरीजों की मौत के मामले लंबित हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरदहिया के एक क्लीनिक में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत का मामला भी जांच के इंतजार में है। इन मामलों में कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्वास्थ्य विभाग इन निजी अस्पतालों और अपराधियों को संरक्षण दे रहा है, या अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल है। लेखक ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जब डॉक्टर खुद फर्जी रिपोर्ट जारी करें और प्रशासन केवल खानापूर्ति करे, तो यह प्रशासनिक विफलता के साथ-साथ मानवता के खिलाफ अपराध है। मांग की गई है कि स्वास्थ्य विभाग कागजी कार्रवाई छोड़कर इन 'मौत के सौदागरों' पर कठोर कार्रवाई करे, अन्यथा जनता का सिस्टम से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।
- Post by Jitendra Kumar1
- संत कबीर नगर जनपद में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है, जिसमें गाटा संख्या 346 में नियम विरुद्ध जाकर एक पक्ष को लाभ पहुँचाने का मामला सामने आया है। इस घटना में सी.ओ. की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। दुलगपुर गाँव, थाना-मोहाली निवासी कपिल देव, पुत्र जगलाल, ने आरोप लगाया है कि चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत व पक्षपात के चलते सावित्री देवी पत्नी राम फिर को अनुचित लाभ पहुँचाया गया है। पीड़ित वीरेंद्र ने चकबंदी में हुई इस कथित धांधली को लेकर जिलाधिकारी आलोक कुमार से उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है।1
- संतकबीरनगर के मेंहदावल तहसील क्षेत्र में सोमवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली, जहाँ मद्धिम हवाओं के साथ शुरू हुई बूंदाबांदी कुछ ही देर में झमाझम बारिश में बदल गई। आसमान में गड़गड़ाहट और ठंडी हवाओं के बीच हुई इस बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया, जिससे कई दिनों से लू और भीषण गर्मी झेल रहे आमजनमानस को बड़ी राहत मिली है। इस अचानक हुई झमाझम बारिश ने खेतों में हलचल बढ़ा दी है और धान का बेहन डालने वाले किसानों को विशेष लाभ पहुँचाया है। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के कारण खेती-किसानी करने वाले किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। लोगों के अनुसार, बारिश से तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है, जिससे गर्मी से काफी राहत मिली है। बारिश के बावजूद, अभी भी आसमान में बादल उमड़-घुमड़ रहे हैं, और हवा तथा बारिश के चलते बिजली भी प्रभावित हुई है।2
- प्रभु की कृपा और पूर्वजों के आशीर्वाद से, संत कबीर नगर जनपद के खलीलाबाद तहसील, बघौली ब्लॉक, बखिरा पुलिस स्टेशन और मगहर परगना के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत भगवानपुर गांव (कानापार) में 22 जून 2026 को एक भव्य "श्री महा रामायण अनुष्ठान-यज्ञ" का आयोजन किया जाएगा। यह अनुष्ठान स्वर्गीय श्री परशुराम यादव के पुत्र श्री शेषनाथ यादव की जन्मभूमि पर हो रहा है। इस पुण्य कार्य के मुख्य यजमान श्री शेषनाथ यादव हैं, जो स्वर्गीय श्री परशुराम यादव के पुत्र और स्वर्गीय श्री मुन्सरीम यादव के पौत्र हैं। अनुष्ठान का आयोजन श्री राजकुमार कर रहे हैं, जो श्री शेषनाथ यादव के पुत्र हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि इसी जन्मभूमि पर पूर्व में स्वर्गीय श्री मुन्सरीम यादव के करकमलों द्वारा "चारों धाम यात्रा" और "श्रीमद् भागवत महापुराण कथा" जैसे शुभ कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। परिवार को एक बार पुनः प्रभु की कृपा और पूर्वजों के आशीर्वाद से यह शुभ एवं पुण्य प्रदान करने वाला कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसके लिए वे अपने पूर्वजों के प्रति आभारी हैं। इस धार्मिक आयोजन में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का "आगमन आपका स्वागत हमारा" के भाव से स्वागत किया जाएगा।1
- आज दिनांक 21 जून 2026 को संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में पुलिस कर्मियों के साथ योगाभ्यास किया। इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखना था। योगाभ्यास के दौरान, एक योग प्रशिक्षक ने सूक्ष्म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, पद्मासन, वज्रासन, सिद्धासन, मत्स्यासन, वक्रासन, पवनमुक्तासन, नौकासन, श्वासन, ताड़ासन, शीर्षासन और सूर्य नमस्कार जैसे विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। पुलिसकर्मियों को आसन, प्राणायाम और मुद्रा से लाभ प्राप्त करने के लिए सुरक्षित और नियमित अभ्यास हेतु प्रोत्साहित किया गया। यह भी बताया गया कि योग न केवल बीमारियों का उपचार करता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक कमियों को भी दूर किया जा सकता है। स्वस्थ रहने और तन व मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग को जीवन में अपनाना आवश्यक है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों पर भी योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण भी सम्मिलित रहे, जिससे 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संतकबीरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम सफल रहा।4
- संतकबीरनगर जिले के निखरकपार चौराहे पर सर्वोदय लघु माध्यमिक विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर "HOPE PHARMACY AND POLYCLINIC" का भव्य उद्घाटन हुआ। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन डॉ. एस.सी. वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारम्भ किया। डॉ. वर्मा यहाँ मधुमेह, चेस्ट, मस्तिष्क और गैस्ट्रो रोगों का विशेष इलाज प्रदान कर रहे हैं। इस क्लिनिक पर कमर दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लिवर, पीलिया, बच्चों की निमोनिया, नींद और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न रोगों का उपचार उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों को विशेष सुविधाएँ और दवाओं पर छूट भी दी जाएगी। इस अस्पताल को विशेष रूप से गरीबों की सेवा के लिए समर्पित किया गया है, ताकि आम जनता और गरीब लोगों को इलाज के लिए गोरखपुर या बस्ती भटकना न पड़े और वे समय पर अपना उपचार करा सकें। इस कार्यक्रम में प्रोपराइटर परवेज आलम और समसुल आजम के साथ असगर अली, इदरीश अली, मोहम्मद इसराइल, सियरासाथा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोएब अहमद, मिगुसिह, रामनयन यादव, अनिरुद्ध उपाध्याय और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष शोएब अहमद सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- बस्ती जनपद के वॉटरगंज थाना क्षेत्र में रविवार को मनोरी चौराहे के पास डढ़वा मिश्र गांव के समीप एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार डंपर ने ई-रिक्शा और बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें दोनों वाहनों में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर (संख्या UP 51 BT 1213) की गति इतनी अधिक थी कि चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका और सामने से आ रहे ई-रिक्शा और बोलेरो को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बोलेरो को भी भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुटे और घायलों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल बस्ती पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही वॉटरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू कराया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है और मामले की गहनता से जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक, घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।2