संतकबीरनगर जिले के निखरकपार चौराहे पर सर्वोदय लघु माध्यमिक विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर "HOPE PHARMACY AND POLYCLINIC" का भव्य उद्घाटन हुआ। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन डॉ. एस.सी. वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारम्भ किया। डॉ. वर्मा यहाँ मधुमेह, चेस्ट, मस्तिष्क और गैस्ट्रो रोगों का विशेष इलाज प्रदान कर रहे हैं। इस क्लिनिक पर कमर दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लिवर, पीलिया, बच्चों की निमोनिया, नींद और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न रोगों का उपचार उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों को विशेष सुविधाएँ और दवाओं पर छूट भी दी जाएगी। इस अस्पताल को विशेष रूप से गरीबों की सेवा के लिए समर्पित किया गया है, ताकि आम जनता और गरीब लोगों को इलाज के लिए गोरखपुर या बस्ती भटकना न पड़े और वे समय पर अपना उपचार करा सकें। इस कार्यक्रम में प्रोपराइटर परवेज आलम और समसुल आजम के साथ असगर अली, इदरीश अली, मोहम्मद इसराइल, सियरासाथा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोएब अहमद, मिगुसिह, रामनयन यादव, अनिरुद्ध उपाध्याय और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष शोएब अहमद सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित रहे।
संतकबीरनगर जिले के निखरकपार चौराहे पर सर्वोदय लघु माध्यमिक विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर "HOPE PHARMACY AND POLYCLINIC" का भव्य उद्घाटन हुआ। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन डॉ. एस.सी. वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारम्भ किया। डॉ. वर्मा यहाँ मधुमेह, चेस्ट, मस्तिष्क और गैस्ट्रो रोगों का विशेष इलाज प्रदान कर रहे हैं। इस क्लिनिक पर कमर दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लिवर, पीलिया, बच्चों की निमोनिया, नींद और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न रोगों का उपचार उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों को विशेष सुविधाएँ और
दवाओं पर छूट भी दी जाएगी। इस अस्पताल को विशेष रूप से गरीबों की सेवा के लिए समर्पित किया गया है, ताकि आम जनता और गरीब लोगों को इलाज के लिए गोरखपुर या बस्ती भटकना न पड़े और वे समय पर अपना उपचार करा सकें। इस कार्यक्रम में प्रोपराइटर परवेज आलम और समसुल आजम के साथ असगर अली, इदरीश अली, मोहम्मद इसराइल, सियरासाथा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोएब अहमद, मिगुसिह, रामनयन यादव, अनिरुद्ध उपाध्याय और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष शोएब अहमद सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित रहे।
- संतकबीरनगर जिले के निखरकपार चौराहे पर सर्वोदय लघु माध्यमिक विद्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर "HOPE PHARMACY AND POLYCLINIC" का भव्य उद्घाटन हुआ। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन डॉ. एस.सी. वर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारम्भ किया। डॉ. वर्मा यहाँ मधुमेह, चेस्ट, मस्तिष्क और गैस्ट्रो रोगों का विशेष इलाज प्रदान कर रहे हैं। इस क्लिनिक पर कमर दर्द, ब्लड प्रेशर, शुगर, फैटी लिवर, पीलिया, बच्चों की निमोनिया, नींद और नसों से जुड़ी बीमारियों सहित विभिन्न रोगों का उपचार उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार, सभी मरीजों को विशेष सुविधाएँ और दवाओं पर छूट भी दी जाएगी। इस अस्पताल को विशेष रूप से गरीबों की सेवा के लिए समर्पित किया गया है, ताकि आम जनता और गरीब लोगों को इलाज के लिए गोरखपुर या बस्ती भटकना न पड़े और वे समय पर अपना उपचार करा सकें। इस कार्यक्रम में प्रोपराइटर परवेज आलम और समसुल आजम के साथ असगर अली, इदरीश अली, मोहम्मद इसराइल, सियरासाथा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शोएब अहमद, मिगुसिह, रामनयन यादव, अनिरुद्ध उपाध्याय और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष शोएब अहमद सहित सैकड़ों अन्य लोग उपस्थित रहे।2
- आज दिनांक 21 जून 2026 को संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में पुलिस कर्मियों के साथ योगाभ्यास किया। इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखना था। योगाभ्यास के दौरान, एक योग प्रशिक्षक ने सूक्ष्म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, पद्मासन, वज्रासन, सिद्धासन, मत्स्यासन, वक्रासन, पवनमुक्तासन, नौकासन, श्वासन, ताड़ासन, शीर्षासन और सूर्य नमस्कार जैसे विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। पुलिसकर्मियों को आसन, प्राणायाम और मुद्रा से लाभ प्राप्त करने के लिए सुरक्षित और नियमित अभ्यास हेतु प्रोत्साहित किया गया। यह भी बताया गया कि योग न केवल बीमारियों का उपचार करता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक कमियों को भी दूर किया जा सकता है। स्वस्थ रहने और तन व मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग को जीवन में अपनाना आवश्यक है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों पर भी योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण भी सम्मिलित रहे, जिससे 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संतकबीरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम सफल रहा।4
- संतकबीरनगर में एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा डालने के गंभीर मामले में राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ और प्रेस क्लब उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह और राष्ट्रीय संगठन मंत्री करिश्मा राव एडवोकेट द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना 21 जून 2026 को तहसील धनघटा में आयोजित जनसुनवाई/तहसील दिवस कार्यक्रम के दौरान हुई। इसमें पत्रकार विंध्यवासिनी यादव जनहित से जुड़े विषयों की कवरेज कर रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे ने महिला पत्रकार को वीडियो बनाने से रोका और उनके पत्रकारिता कार्य में बाधा उत्पन्न की। शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि वार्ता के दौरान संबंधित अधिकारी ने केवल 'चुनिंदा बड़े समाचार पत्रों' को मान्यता देने जैसी टिप्पणी की, जिससे पत्रकारों के सम्मान और समान अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। संगठनों का तर्क है कि जनसुनवाई और तहसील समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम सार्वजनिक हित और पारदर्शिता से संबंधित होते हैं, और इनकी कवरेज करना पत्रकारों का अधिकार व दायित्व है। पत्र में इस प्रकार के व्यवहार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता की भावना के विपरीत बताते हुए, भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि पत्रकारों के साथ उनके संस्थान के आधार पर भेदभाव करना उचित नहीं है। राज्य महिला आयोग से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठनों ने महिला पत्रकार विंध्यवासिनी यादव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, महिला पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है। संघ ने विश्वास जताया है कि महिला आयोग इस मामले का संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई करेगा।1
- संतकबीरनगर जनपद में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित इन कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, बंदियों तथा आम नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की और नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। जिला न्यायालय परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अमित जैन एवं स्वयंसेवक शिवम गुप्ता के निर्देशन में जिला जज रणधीर सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार, अन्य न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा विधि के छात्रों सहित सौ से अधिक लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर जिला जज रणधीर सिंह ने योग को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का प्रभावी माध्यम बताया, जबकि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए नियमित योग की आवश्यकता पर बल दिया और इस वर्ष की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" को समय की आवश्यकता करार दिया। मगहर स्थित कबीर चौरा में वन विभाग द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना, जहाँ प्रभागीय वन अधिकारी हरिकेश नारायण यादव सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षक सुनील गुप्ता एवं रोहन गुप्ता के निर्देशन में योगाभ्यास किया। योगाभ्यास के बाद गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में सामूहिक ध्यान भी कराया गया, और कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण भी किया गया। इसी कड़ी में, जिला कारागार में विनीत चड्ढा एवं राजन गुप्ता ने लगभग 200 बंदियों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया, वहीं महिला कारागार में रीतू जैन एवं नमिता चड्ढा ने करीब 30 महिला बंदियों को योग के विभिन्न अभ्यास कराते हुए तनावमुक्त जीवन के लिए योग का महत्व समझाया। इसके अतिरिक्त, महुली स्थित श्रीजा मैरिज हॉल में छोटेलाल वर्मा के नेतृत्व में लगभग 50 लोगों ने योगाभ्यास किया, जिसमें भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आर्ट ऑफ लिविंग के योगाचार्यों ने योग को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन की आधारशिला बताते हुए जनपदवासियों से प्रतिदिन योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिलेभर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य, आध्यात्मिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।4
- संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक भूमि विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है, जहाँ ग्राम देवरिया गंगा निवासी प्रदीप गुप्ता ने अपनी खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। प्रदीप गुप्ता के अनुसार, कुछ लोगों ने उनकी जमीन की पक्की बाउंड्री को तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उन्होंने करीब दस वर्ष पूर्व यह भूमि क्रय की थी, जिसकी पैमाइश और सीमाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर बनी पक्की बाउंड्री को क्षतिग्रस्त कर अवैध कब्जा किया गया। इस घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची। पीड़ित का दावा है कि मौके पर जानकारी करने पर पता चला कि कथित रूप से ओम बस सर्विस से जुड़े आनंद यादव और प्रदीप यादव द्वारा यह अवैध कब्जा किया गया है। इस गंभीर आरोप के बाद प्रदीप गुप्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भूमि कब्जे के इस आरोप ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है, और अब लोगों की निगाहें पुलिस तथा प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
- संतकबीरनगर जिले के बखिरा थाना पुलिस ने बभनी चौराहे पर हुई एक युवक की धारदार हथियार से हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई 24 घंटे के भीतर की, जिसमें नासिर, निरहू उर्फ साकिर अली और जैगम उर्फ अजमल हुसैन को अलग-अलग स्थानों से दबोचा गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में चलाया गया। पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को कोलकी चमरसन निवासी इंद्रेश ने बखिरा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके 30 वर्षीय पुत्र आनंद की बभनी चौराहे पर जातिसूचक गालियां देते हुए धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में बखिरा थाने में मुकदमा संख्या 245/2026 दर्ज किया गया था, जिसमें SC/ST एक्ट समेत गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। बाद में, पुलिस ने मामले में धारा 3(5) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में नासिर और निरहू उर्फ साकिर अली कुसम्हामाफी के निवासी हैं, जबकि जैगम उर्फ अजमल हुसैन जीवधरा का रहने वाला है। घटना की गंभीरता को देखते हुए, अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र, जिलाधिकारी संतकबीरनगर और पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने मौके का निरीक्षण भी किया था। पुलिस ने दावा किया है कि घटना में शामिल मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले के सफल अनावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।1
- राष्ट्रवादी और अखिलेश सिंह के पक्ष में ज़ोरदार नारे लगाए गए, जिनमें उनके प्रति प्रबल समर्थन व्यक्त किया गया।1
- संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम चकदही में जमीन पर अवैध कब्जे और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने दबंगों पर अपनी 0.114 हेक्टेयर जमीन हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अरविन्द नाथ पांडेय के अनुसार, चकदही स्थित समय मां देवस्थान की आराजी संख्या 404, कुल रकबा 0.114 हेक्टेयर, पर गांव के ही वृजभूषण पुत्र सूर्य नारायन, निवासी वनियावारी, ने जबरन कब्जा कर लिया है। आरोप है कि वृजभूषण और अन्य दबंगों ने खाता संख्या 404 की 0.114 हेक्टेयर और खाता संख्या 402 की 0.62 हेक्टेयर भूमि के साथ-साथ देवस्थान की भूमि पर भी अवैध रूप से कब्जा जमा लिया है। पीड़ित ने बताया कि 27 मई 2026 को जब वह अपनी जमीन देखने गए, तो विपक्षी 5-6 हथियारबंद लोगों के साथ वहां पहुंचे। इन लोगों ने अरविंद नाथ पांडेय के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का आरोप है कि ये दबंग खुद को समाजवादी पार्टी का बताकर इलाके में गुंडागर्दी करते हैं। 30 मई 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे अपने शिकायती पत्र में, पीड़ित महात्मा अरविंद नाथ पांडेय ने आराजी नंबर 404, खाता नंबर 402 और देवस्थान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने की भी अपील की है। अरविंद नाथ पांडेय ने यह भी बताया कि कई दिनों से अधिकारियों को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन मुख्यमंत्री से गुहार लगानी पड़ी। फिलहाल, इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।2