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राष्ट्रवादी और अखिलेश सिंह के पक्ष में ज़ोरदार नारे लगाए गए, जिनमें उनके प्रति प्रबल समर्थन व्यक्त किया गया।
Vinay kumar giri
राष्ट्रवादी और अखिलेश सिंह के पक्ष में ज़ोरदार नारे लगाए गए, जिनमें उनके प्रति प्रबल समर्थन व्यक्त किया गया।
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- राष्ट्रवादी और अखिलेश सिंह के पक्ष में ज़ोरदार नारे लगाए गए, जिनमें उनके प्रति प्रबल समर्थन व्यक्त किया गया।1
- बच्चों के मामूली झगड़े ने गोरखपुर में एक बड़े विवाद का रूप ले लिया, जब एक पड़ोसी ने अपने लगभग 10 साथियों को दूर-दराज से बुलाकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। यह चौंकाने वाली घटना रात करीब 12 बजे हुई, जब हमलावरों ने 'भैया भैया' कहकर पीड़ित परिवार का दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खुलते ही, इस झुंड ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को बुरी तरह से पीटा, जिससे वे लहूलुहान हो गए। हमले के दौरान, बदमाशों ने परिवार से सोने की बनी कान की बालियां भी छीन लीं। पीड़ित परिवार ने इस खूनी हमले के ठीक बाद, रात 1 बजे चिलुआताल थाना क्षेत्र के तहत आने वाली चौकी फर्टिलाइजर में अपनी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, शिकायत के बावजूद इस मामले में पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे स्थिति 'शून्य कार्यवाही' बनी हुई है।1
- आज (4 मुहर्रम) गोरखपुर में शिया समुदाय द्वारा हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अंजुमनों और अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने नौहाख्वानी और सीना-ज़नी करके अपना ग़म व्यक्त किया। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ रास्तों में जगह-जगह सबील और लंगर लगाकर जनसुविधा का इंतज़ाम किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहे। जुलूस का समापन मजलिस और दुआ के साथ हुआ, जिसमें विशेष रूप से अमन, भाईचारे और इंसानियत के लिए दुआएँ माँगी गईं।1
- नीट पेपर लीक के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर भारी बवाल देखने को मिला है। इस हंगामे के बीच, अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी की आशंका भी जताई जा रही है।1
- साल 2024 में 4 डिसमिल जमीन बेचने का सौदा तय हुआ था, लेकिन डीलर ने धोखे से कागजात में 18 डिसमिल जमीन दर्ज करवा ली। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब डीलर 2026 में जमीन पर कब्ज़ा करने पहुंचा, उस वक्त इन बुजुर्ग लोगों को अपने साथ हुए इस बड़े फरेब का पता चला।1
- गोरखपुर के रामगढ़ ताल में नौका विहार के दौरान एक महिला ने किसी आपसी विवाद के बाद पानी में छलांग लगा दी। हालांकि, मौके पर मौजूद नाभिकों ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल कार्रवाई की, जिसके फलस्वरूप महिला की जान बच गई।1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देश पर, आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से, थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडे ने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र में संध्याकालीन पैदल गश्त की। इस दौरान ताजिया जुलूस मार्ग का सघनता से भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। गश्त के दौरान, पुलिस टीम ने जुलूस मार्ग पर पड़ने वाले संवेदनशील स्थलों, प्रमुख चौराहों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों का विशेष तौर पर मुआयना किया। साथ ही, मार्ग में पड़ने वाले विद्युत तारों, अवरोधों और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों का भी परीक्षण किया गया, जिसकी जानकारी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए तुरंत दी गई। थानाध्यक्ष ने ताजियेदारों, संभ्रांत नागरिकों और स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर उनसे पर्व को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के माहौल में मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले कृत्यों के प्रति पूरी तरह सतर्क है और ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। पैदल गश्त के माध्यम से आमजन को सुरक्षा का एहसास दिलाया गया और उनसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया। पुलिस सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रख रही है, ताकि अफवाहों और भ्रामक प्रचार-प्रसार पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सके। थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडे ने संदेश दिया कि मोहर्रम का पर्व शांति, अनुशासन और आपसी सौहार्द का प्रतीक है, और सभी नागरिक प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करते हुए इस पर्व को शांतिपूर्ण एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराएं। महुली पुलिस ने "सुरक्षित पर्व, शांतिपूर्ण आयोजन एवं सौहार्दपूर्ण समाज" का संकल्प लिया है।4
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में चिलूवाताल थाना क्षेत्र की ग्राम सभा गौरा खास में दो अलग-अलग पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई है। इस घटना में घायल महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि स्थानीय थाना और लेखपाल ने संयुक्त रूप से मिलकर हमला करवाया, जिसमें कमजोर और गरीब लोगों को बुरी तरह पीटकर अधमरा कर दिया गया। पीड़ितों के अनुसार, लेखपाल और पुलिस ने एक साथ साजिश रचकर परिवार के अनेक सदस्यों को जमकर पिटवाया, जिसके चलते कई लोगों के सर फूट गए और कई अन्य घायल हो गए। इसके अलावा, पुलिस पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सादे पन्ने पर अंगूठा लगवाकर प्राथमिकी (FIR) भी बदल दी।1