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आज (4 मुहर्रम) गोरखपुर में शिया समुदाय द्वारा हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अंजुमनों और अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने नौहाख्वानी और सीना-ज़नी करके अपना ग़म व्यक्त किया। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ रास्तों में जगह-जगह सबील और लंगर लगाकर जनसुविधा का इंतज़ाम किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहे। जुलूस का समापन मजलिस और दुआ के साथ हुआ, जिसमें विशेष रूप से अमन, भाईचारे और इंसानियत के लिए दुआएँ माँगी गईं।
Dabeer Alam
आज (4 मुहर्रम) गोरखपुर में शिया समुदाय द्वारा हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अंजुमनों और अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने नौहाख्वानी और सीना-ज़नी करके अपना ग़म व्यक्त किया। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ रास्तों में जगह-जगह सबील और लंगर लगाकर जनसुविधा का इंतज़ाम किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहे। जुलूस का समापन मजलिस और दुआ के साथ हुआ, जिसमें विशेष रूप से अमन, भाईचारे और इंसानियत के लिए दुआएँ माँगी गईं।
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- बच्चों के मामूली झगड़े ने गोरखपुर में एक बड़े विवाद का रूप ले लिया, जब एक पड़ोसी ने अपने लगभग 10 साथियों को दूर-दराज से बुलाकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। यह चौंकाने वाली घटना रात करीब 12 बजे हुई, जब हमलावरों ने 'भैया भैया' कहकर पीड़ित परिवार का दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खुलते ही, इस झुंड ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को बुरी तरह से पीटा, जिससे वे लहूलुहान हो गए। हमले के दौरान, बदमाशों ने परिवार से सोने की बनी कान की बालियां भी छीन लीं। पीड़ित परिवार ने इस खूनी हमले के ठीक बाद, रात 1 बजे चिलुआताल थाना क्षेत्र के तहत आने वाली चौकी फर्टिलाइजर में अपनी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, शिकायत के बावजूद इस मामले में पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे स्थिति 'शून्य कार्यवाही' बनी हुई है।1
- आज (4 मुहर्रम) गोरखपुर में शिया समुदाय द्वारा हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अंजुमनों और अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने नौहाख्वानी और सीना-ज़नी करके अपना ग़म व्यक्त किया। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ रास्तों में जगह-जगह सबील और लंगर लगाकर जनसुविधा का इंतज़ाम किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहे। जुलूस का समापन मजलिस और दुआ के साथ हुआ, जिसमें विशेष रूप से अमन, भाईचारे और इंसानियत के लिए दुआएँ माँगी गईं।1
- नीट पेपर लीक के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर भारी बवाल देखने को मिला है। इस हंगामे के बीच, अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी की आशंका भी जताई जा रही है।1
- साल 2024 में 4 डिसमिल जमीन बेचने का सौदा तय हुआ था, लेकिन डीलर ने धोखे से कागजात में 18 डिसमिल जमीन दर्ज करवा ली। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब डीलर 2026 में जमीन पर कब्ज़ा करने पहुंचा, उस वक्त इन बुजुर्ग लोगों को अपने साथ हुए इस बड़े फरेब का पता चला।1
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- गोरखपुर में एक पत्रकार का हेलमेट चोरी होने का मामला सामने आया है, जिसकी पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। यह घटना गोरखपुर सिटी मॉल और कोहिनूर रेस्टोरेंट के पास हुई है, जहाँ चोरों ने बेखौफ होकर इस चोरी को अंजाम दिया। इस वारदात ने गोरखपुर में बेखौफ चोरों के बढ़ते हौसले को उजागर किया है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में चिलूवाताल थाना क्षेत्र की ग्राम सभा गौरा खास में दो अलग-अलग पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई है। इस घटना में घायल महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि स्थानीय थाना और लेखपाल ने संयुक्त रूप से मिलकर हमला करवाया, जिसमें कमजोर और गरीब लोगों को बुरी तरह पीटकर अधमरा कर दिया गया। पीड़ितों के अनुसार, लेखपाल और पुलिस ने एक साथ साजिश रचकर परिवार के अनेक सदस्यों को जमकर पिटवाया, जिसके चलते कई लोगों के सर फूट गए और कई अन्य घायल हो गए। इसके अलावा, पुलिस पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सादे पन्ने पर अंगूठा लगवाकर प्राथमिकी (FIR) भी बदल दी।1