शाहजहांपुर के पुवायाँ स्थित आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के हॉस्टल में एक मेडिकल छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक वाकये ने यह चिंता उत्पन्न की है कि आखिर किन परिस्थितियों ने एक युवा छात्र को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया। कहा जा रहा है कि कोई भी छात्र अचानक ऐसा फैसला नहीं लेता; इसके पीछे मानसिक तनाव, पढ़ाई का दबाव, निजी परेशानियाँ या अन्य कोई कारण अवश्य रहा होगा, जो अंदर ही अंदर छात्र को तोड़ रहा था। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि छात्र लंबे समय से किसी परेशानी से जूझ रहा था, तो इसकी भनक कॉलेज प्रशासन, हॉस्टल वार्डन या उसके साथियों को क्यों नहीं लगी। कॉलेज परिसर में रहने वाले छात्रों की मानसिक स्थिति पर नजर रखना संस्थान की ही जिम्मेदारी मानी जाती है। मौजूदा स्थिति में यह घटना हॉस्टल की व्यवस्थाओं और छात्र काउंसलिंग सिस्टम की प्रभावशीलता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है, जिसमें छात्र के मोबाइल फोन, उसके दोस्तों और हॉस्टल से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह को सामने लाया जा सके।
शाहजहांपुर के पुवायाँ स्थित आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के हॉस्टल में एक मेडिकल छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक वाकये ने यह चिंता उत्पन्न की है कि आखिर किन परिस्थितियों ने एक युवा छात्र को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया। कहा जा रहा है कि कोई भी छात्र अचानक ऐसा फैसला नहीं लेता; इसके पीछे मानसिक तनाव, पढ़ाई का दबाव, निजी परेशानियाँ या अन्य कोई कारण अवश्य रहा होगा, जो अंदर ही अंदर छात्र को तोड़ रहा था। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि छात्र लंबे समय से किसी परेशानी से जूझ रहा था, तो इसकी भनक कॉलेज प्रशासन, हॉस्टल वार्डन या उसके साथियों को क्यों नहीं लगी। कॉलेज परिसर में रहने वाले छात्रों की मानसिक स्थिति पर नजर रखना संस्थान की ही जिम्मेदारी मानी जाती है। मौजूदा स्थिति में यह घटना हॉस्टल की व्यवस्थाओं और छात्र काउंसलिंग सिस्टम की प्रभावशीलता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है, जिसमें छात्र के मोबाइल फोन, उसके दोस्तों और हॉस्टल से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह को सामने लाया जा सके।
- गर्मियों के मौसम में नाक से खून आने की समस्या से निपटने के लिए कुछ घरेलू उपाय बताए गए हैं। यह वीडियो इन आसान नुस्खों को साझा करता है, और दर्शकों से इसे लाइक, शेयर और फॉलो करने का आग्रह करता है।1
- शाहजहांपुर में यातायात पुलिस और नगर निगम की एक संयुक्त टीम ने अतिक्रमण तथा अवैध पार्किंग के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत शहर के मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाया गया। अभियान के दौरान 100 से अधिक वाहनों के चालान भी किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना और एम्बुलेंस सहित सभी आपातकालीन वाहनों के आवागमन को बाधारहित सुनिश्चित करना है।1
- शाहजहाँपुर जिले के पुवायाँ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है। इस घटना और पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में क्षेत्राधिकारी पुवायाँ ने जानकारी दी है।1
- शाहजहांपुर के जलालाबाद में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी कुंवर जयेश प्रसाद ने संभावित प्रत्याशी एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. के.पी. गुप्ता के अस्पताल/निवास पर उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान कुंवर जयेश प्रसाद ने डॉ. गुप्ता द्वारा शाहजहांपुर महानगर, जलालाबाद और अन्य क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों से की जा रही समाजसेवा, धार्मिक कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की। उन्होंने डॉ. गुप्ता को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। दोनों नेताओं के बीच 2027 विधानसभा चुनाव और क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर काफी देर तक चर्चा हुई, जिसके दौरान डॉ. के.पी. गुप्ता और कुंवर जयेश प्रसाद की बढ़ती लोकप्रियता के चलते अस्पताल/निवास पर समर्थकों और क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ भी जुटी रही। अपने राजनीतिक संबंधों के बारे में पूछे जाने पर डॉ. गुप्ता ने बताया कि “माननीय सुरेश कुमार खन्ना जी हमारे अभिभावक, संरक्षक और राजनीतिक गुरु हैं,” जबकि कुंवर जयेश प्रसाद को उन्होंने “हमारे मित्र और बड़े भाई जैसा” बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों ही व्यक्तियों का उनके जीवन में विशेष महत्व है। चुनाव चिह्न के प्रयोग से संबंधित सवाल पर डॉ. गुप्ता ने कहा कि वे अब तक जनता के बीच सक्रिय रहकर समाजसेवा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे थे, साथ ही जनता का मन भी टटोल रहे थे। उन्होंने संकेत दिया कि अब जनता का जवाब लगभग मिल चुका है और वे बहुत जल्द चुनाव चिह्न का प्रयोग करेंगे तथा अपनी पार्टी का भी खुलासा करेंगे।3
- शाहजहांपुर के पुवायाँ स्थित आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के हॉस्टल में एक मेडिकल छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक वाकये ने यह चिंता उत्पन्न की है कि आखिर किन परिस्थितियों ने एक युवा छात्र को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया। कहा जा रहा है कि कोई भी छात्र अचानक ऐसा फैसला नहीं लेता; इसके पीछे मानसिक तनाव, पढ़ाई का दबाव, निजी परेशानियाँ या अन्य कोई कारण अवश्य रहा होगा, जो अंदर ही अंदर छात्र को तोड़ रहा था। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि छात्र लंबे समय से किसी परेशानी से जूझ रहा था, तो इसकी भनक कॉलेज प्रशासन, हॉस्टल वार्डन या उसके साथियों को क्यों नहीं लगी। कॉलेज परिसर में रहने वाले छात्रों की मानसिक स्थिति पर नजर रखना संस्थान की ही जिम्मेदारी मानी जाती है। मौजूदा स्थिति में यह घटना हॉस्टल की व्यवस्थाओं और छात्र काउंसलिंग सिस्टम की प्रभावशीलता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है, जिसमें छात्र के मोबाइल फोन, उसके दोस्तों और हॉस्टल से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह को सामने लाया जा सके।1
- जलालाबाद की राजनीति में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी कुंवर जयेश प्रसाद ने संभावित प्रत्याशी एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. के.पी. गुप्ता के अस्पताल/निवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। क्षेत्र की राजनीति में इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। मुलाकात के दौरान कुंवर जयेश प्रसाद ने डॉ. के.पी. गुप्ता द्वारा शाहजहांपुर महानगर, जलालाबाद और आसपास के क्षेत्रों में वर्षों से लगातार की जा रही समाजसेवा, धार्मिक गतिविधियों और स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की। उन्होंने डॉ. गुप्ता को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। दोनों नेताओं के बीच 2027 विधानसभा चुनाव, क्षेत्रीय राजनीतिक हालात और जनता के मुद्दों को लेकर काफी देर तक चर्चा हुई, जिसमें कुंवर जयेश प्रसाद ने डॉ. गुप्ता को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस मुलाकात के दौरान डॉ. के.पी. गुप्ता और कुंवर जयेश प्रसाद की लोकप्रियता के चलते अस्पताल/निवास पर समर्थकों और क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ जमा रही, जिससे राजनीतिक गलियारों में इस भेंट को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। जब डॉ. गुप्ता से प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना से उनके संबंधों और समाजवादी पार्टी के नेता कुंवर जयेश प्रसाद से नजदीकियों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरेश कुमार खन्ना उनके अभिभावक, संरक्षक और राजनीतिक गुरु हैं, जबकि कुंवर जयेश प्रसाद उनके मित्र और बड़े भाई जैसे हैं। डॉ. गुप्ता ने कहा कि दोनों ही व्यक्तियों का उनके जीवन में विशेष महत्व है। चुनाव चिह्न के प्रयोग को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. गुप्ता ने बताया कि अब तक वे जनता के बीच सक्रिय रहकर समाजसेवा और स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे थे तथा जनता का मन भी टटोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता का जवाब लगभग मिल चुका है और वे बहुत जल्द चुनाव चिह्न का प्रयोग करेंगे और अपनी पार्टी का भी खुलासा करेंगे।1
- शाहजहाँपुर में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण, वृक्षारोपण एवं गंगा समिति की समीक्षा बैठक कलेक्टरएट स्थित बीसमिल सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी सचिन कुमार ने जिला वृक्षारोपण समिति के तहत पौधारोपण पर चर्चा की, जिसके उपरांत जिलाधिकारी ने सभी विभागों को पिछले वर्ष हुए वृक्षारोपण के भौतिक सत्यापन तथा आगामी वृक्षारोपण हेतु गड्ढे खोदने पर विभागवार चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने भैंसी नदी पर द्वितीय चरण में हुए कार्य के बाद नदी के दोनों ओर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने का निर्देश भी दिया। जिला पर्यावरण समिति के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सी0 एण्ड डी0 वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट, बायो मेडिकल वेस्ट, ई-वेस्ट के साथ-साथ ध्वनि एवं वायु प्रदूषण पर विभागवार बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2016 के नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कूड़ा निस्तारण हेतु जिस भी चीज की आवश्यकता हो, उसकी तुरंत मांग करें और शत-प्रतिशत कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित करें। मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर एमओआईसी अल्हागंज को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया। बैठक में शासन द्वारा नामित जिला पर्यावरण समिति सदस्य अतुल कुमार सक्सेना ने जैव अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत हो रही अनियमितताओं के बारे में अवगत कराया। जिला गंगा समिति के अंतर्गत सुनासर नाथ मंदिर परिसर, गोमती नदी और अमृत सरोवर के पुनरोद्धार हेतु निर्देश दिए गए। जनपद शाहजहाँपुर में निर्मित जिला गंगा प्लान के क्रियान्वयन के संबंध में जी0आई0जेड0 वाटर रिसोर्स एडवाइजर सुवीजीत डे ने तिलहर एमआरएफ सेंटर, आर्द्रभूमि संरक्षण, और नेचर बेस सोल्यूशन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को इस दिशा में भी आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी सहित जनपद के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।2
- उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जनपद स्थित खुदागंज मुख्य चौराहे पर सवारी बैठाने को लेकर ई-रिक्शा चालकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते बीच सड़क पर ही लात-घूंसे चलने लगे, जिससे मौके पर मौजूद राहगीर सहम गए। इस सरेराह हुई गुंडागर्दी के कारण चौराहे पर काफी देर तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था। इस पूरी घटना का किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुदागंज चौराहे पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के बीच वर्चस्व की यह लड़ाई आए दिन होती रहती है, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।1