चित्रकूट जनपद के कर्वी तहसील क्षेत्र अंतर्गत पहाड़ी थाना क्षेत्र के पतिया जपती गाँव के एक निवासी ने हल्का लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने बताया कि लेखपाल ने उनसे जमीन नापने के एवज में ₹8000 की घूस ली, लेकिन काम नहीं किया और अब जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित आज गुरुवार सुबह 11:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। शिकायतकर्ता दिनेश राजपूत पुत्र फूलचंद राजपूत ने जानकारी दी कि उन्होंने गाँव में एक बीघा आठ बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान रवि और संबंधित लेखपाल उन्हें अपनी खरीदी हुई जमीन पर कब्जा नहीं करने दे रहे हैं, बल्कि सकरौली निवासी कुछ लोगों को उनकी जमीन पर फर्जी कब्जा दिया जा रहा है। पीड़ित ने बताया कि जमीन की नाप और कब्जे के लिए हल्का लेखपाल ने उनसे ₹10,000 की घूस मांगी थी, जिसमें से उन्होंने 'ऑन कैमरा' ₹8000 लेखपाल को दिए थे। घूस लेने के बावजूद लेखपाल ने जमीन की नाप नहीं की। जब पीड़ित ने लेखपाल से इस बारे में बात की, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। दिनेश राजपूत के अनुसार, उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से की थी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया। इसी से थक-हारकर पीड़ित दिनेश राजपूत न्याय की गुहार लगाने आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे हैं।
चित्रकूट जनपद के कर्वी तहसील क्षेत्र अंतर्गत पहाड़ी थाना क्षेत्र के पतिया जपती गाँव के एक निवासी ने हल्का लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने बताया कि लेखपाल ने उनसे जमीन नापने के एवज में ₹8000 की घूस ली, लेकिन काम नहीं किया और अब जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित आज गुरुवार सुबह 11:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। शिकायतकर्ता दिनेश राजपूत पुत्र फूलचंद राजपूत ने जानकारी दी कि उन्होंने गाँव में एक बीघा आठ बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान रवि और संबंधित लेखपाल उन्हें अपनी खरीदी हुई जमीन पर कब्जा नहीं करने दे रहे हैं, बल्कि सकरौली निवासी कुछ लोगों को उनकी जमीन पर फर्जी कब्जा दिया जा रहा है। पीड़ित ने बताया कि जमीन की नाप और कब्जे के लिए हल्का लेखपाल ने उनसे ₹10,000 की घूस मांगी थी, जिसमें से उन्होंने 'ऑन कैमरा' ₹8000 लेखपाल को दिए थे। घूस लेने के बावजूद लेखपाल ने जमीन की नाप नहीं की। जब पीड़ित ने लेखपाल से इस बारे में बात की, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। दिनेश राजपूत के अनुसार, उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से की थी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया। इसी से थक-हारकर पीड़ित दिनेश राजपूत न्याय की गुहार लगाने आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे हैं।
- चित्रकूट जनपद के कर्वी तहसील क्षेत्र अंतर्गत पहाड़ी थाना क्षेत्र के पतिया जपती गाँव के एक निवासी ने हल्का लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने बताया कि लेखपाल ने उनसे जमीन नापने के एवज में ₹8000 की घूस ली, लेकिन काम नहीं किया और अब जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित आज गुरुवार सुबह 11:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। शिकायतकर्ता दिनेश राजपूत पुत्र फूलचंद राजपूत ने जानकारी दी कि उन्होंने गाँव में एक बीघा आठ बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान रवि और संबंधित लेखपाल उन्हें अपनी खरीदी हुई जमीन पर कब्जा नहीं करने दे रहे हैं, बल्कि सकरौली निवासी कुछ लोगों को उनकी जमीन पर फर्जी कब्जा दिया जा रहा है। पीड़ित ने बताया कि जमीन की नाप और कब्जे के लिए हल्का लेखपाल ने उनसे ₹10,000 की घूस मांगी थी, जिसमें से उन्होंने 'ऑन कैमरा' ₹8000 लेखपाल को दिए थे। घूस लेने के बावजूद लेखपाल ने जमीन की नाप नहीं की। जब पीड़ित ने लेखपाल से इस बारे में बात की, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। दिनेश राजपूत के अनुसार, उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से की थी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया। इसी से थक-हारकर पीड़ित दिनेश राजपूत न्याय की गुहार लगाने आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे हैं।1
- चित्रकूट जनपद के कर्वी तहसील क्षेत्र अंतर्गत पहाड़ी थाना क्षेत्र के पतिया जाति से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ हल्का लेखपाल ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव का घूस लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित शिकायतकर्ता दिनेश राजपूत, पुत्र फूलचंद राजपूत, का आरोप है कि लेखपाल ने उनसे जमीन नापने के एवज में ₹8000 की घूस ली, लेकिन न तो जमीन की नाप की और न ही उन्हें अपनी खरीदी गई जमीन पर कब्जा दिलाया। दिनेश राजपूत ने बताया कि उन्होंने गाँव में एक बीघा आठ बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान रवि और लेखपाल ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव उन्हें उक्त खरीदी गई जमीन पर कब्जा नहीं करने दे रहे हैं, बल्कि सकरौली निवासी कुछ लोगों को उनकी जमीन पर फर्जी कब्जा दिलवाया जा रहा है। पीड़ित के अनुसार, जमीन पर कब्जा दिलाने और नापने के लिए हल्का लेखपाल ने उनसे ₹10,000 की घूस माँगी थी, जिसमें से उन्होंने ऑन कैमरा ₹8,000 लेखपाल को दिए। ₹8,000 लेने के बावजूद, लेखपाल द्वारा जमीन की नाप नहीं की गई। जब पीड़ित ने लेखपाल से जमीन नापने के लिए कहा, तो लेखपाल ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। दिनेश राजपूत ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे थक-हारकर, पीड़ित आज गुरुवार सुबह 11:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचा है और मामले में कार्रवाई की माँग की है।1
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिलाने का झांसा देकर एक महिला से गैंगरेप किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़िता इस मामले में न्याय की गुहार लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंची है, जहाँ उसने अपनी शिकायत दर्ज कराई है।1
- एक नकली आईपीएस अफसर को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मानिकपुर में आगामी मोहर्रम त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मानिकपुर थाना परिसर में एक आवश्यक पीस कमेटी (शांति समिति) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के प्रबुद्ध जन, धर्मगुरु और ताजियादार शामिल हुए। बैठक की प्रशासनिक अध्यक्षता उप जिलाधिकारी (SDM) मोहम्मद जसीम, मऊ-मानिकपुर क्षेत्राधिकारी (CO) फहद अली, नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी (EO) भारत सिंह और थाना प्रभारी अजीत पांडे ने संयुक्त रूप से की। पुलिस अधीक्षक चित्रकूट, श्री अरुण कुमार सिंह ने स्वयं बैठक में शिरकत कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ताजियादारों और संभ्रांत नागरिकों की बातें सुनीं और मातहतों को निर्देशित किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी सिंह ने जनता से त्योहार को आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील भी की। एसडीएम मोहम्मद जसीम ने अपने संबोधन में त्योहारों को आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेशवाहक बताया और कहा कि प्रशासन किसी भी श्रद्धालु या आम नागरिक को असुविधा न हो, इसके लिए हर मोड़ पर मुस्तैद है। क्षेत्राधिकारी फहद अली ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए बताया कि जुलूस के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहेगा और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों तथा खुफिया तंत्र (एलआईयू) के जरिए उपद्रवियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। नगर पंचायत ईओ भारत सिंह ने आश्वस्त किया कि निकाय की टीम द्वारा जुलूस के सभी पारंपरिक मार्गों की सफाई, लटकते बिजली तारों को दुरुस्त करने और सड़कों पर चूने का छिड़काव सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में उपस्थित हिंदू और मुस्लिम समुदाय के संभ्रांत नागरिकों, धर्मगुरुओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने जिला व पुलिस प्रशासन को आश्वस्त किया कि चित्रकूट की गंगा-जमुनी तहजीब के अनुसार ही हर वर्ष की तरह इस बार भी मोहर्रम का पर्व पूरी तरह शांति, सौहार्द और आपसी सहयोग के साथ संपन्न कराया जाएगा। यह बैठक 18 जून 2026 को मानिकपुर, चित्रकूट में हुई।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के पहाड़ी विकासखंड स्थित रायपुर बांगर में नमामि गंगे योजना सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पिछले एक साल से सैकड़ों परिवारों के घरों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है, जिससे उन्हें पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कई शिकायतें की हैं और जांच भी हुई है, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति बंद होने के कारण सैकड़ों परिवार पानी के संकट से जूझ रहे हैं और उनका बुरा हाल है।4
- सतना जिले के मैहर में महाराणा प्रताप के शौर्य दिवस के अवसर पर राजपूतों द्वारा आयोजित एक रैली में भारतीय जन मोर्चा पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र राय, प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्रभान सिंह उर्फ पप्पू सिंह, सतना जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह परिहार, दिलीप गर्ग और दिलीप बुनकर शामिल हुए। इन नेताओं को इस आयोजन में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, जिसके लिए उन्होंने सभी क्षत्रियों को हार्दिक बधाई दी।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद में ग्रामीण और कस्बाई रूटों पर इन दिनों परिवहन नियमों का सरेआम उल्लंघन हो रहा है। मानिकपुर, मऊ, राजापुर और पहाड़ी क्षेत्र से जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले मार्गों पर यात्री प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। डग्गामार ऑटो, जीप और मैजिक वाहनों में क्षमता से तीन गुना अधिक सवारियां भूसे की तरह ठूंसी जा रही हैं। लोग वाहनों की छतों और पीछे पायदानों पर लटककर यात्रा करते साफ देखे जा सकते हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस और एआरटीओ विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग-35 (NH-35) और प्रमुख संपर्क मार्गों पर दिन-रात दौड़ने वाले मौरंग लदे ओवरलोड ट्रक और अनियंत्रित लोडर भी आम राहगीरों के लिए मौत का कारण बन रहे हैं। हाल ही में बरगढ़ और रैपुरा क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे इस बात के प्रमाण हैं, जहाँ ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के कारण वाहन अचानक पलट गए और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद बिना रॉयल्टी और बिना फिटनेस के चल रहे इन खतरनाक वाहनों पर कोई प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में सरकारी बसों और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन के साधनों की भारी कमी का फायदा उठाकर निजी वाहन चालक धड़ल्ले से कमाई कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चेकिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, जिससे वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं और बीच सफर में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। बुंदेलखंड इंसाफ सेना और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिलाधिकारी चित्रकूट और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि ऐसे जानलेवा ओवरलोड वाहनों के खिलाफ तत्काल विशेष चेकिंग अभियान चलाकर, क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाले वाहनों को सीज किया जाए और अवैध रूप से दौड़ रहे भारी डंपरों पर भारी जुर्माना लगाया जाए ताकि सड़कों पर बेकसूरों का खून बहने से रोका जा सके। यह स्थिति 18 जून 2026 की है।1