सागर जिले के देवरी में पुलिस ने लाखों रुपये की चोरी का सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस वारदात में चौंकाने वाला सच सामने आया कि चोरी किसी और ने नहीं, बल्कि फरियादी के अपने ही बेटे ने की थी, जिसने रिश्तों से बड़ा लालच माना और घर से लाखों के गहने तथा नकदी उड़ा दिए थे। देवरी पुलिस ने आरोपी को पकड़कर उसके कब्जे से ₹7,57,500 मूल्य का चोरी गया सामान बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब बाजार वार्ड, देवरी की एक फरियादिया ने थाना देवरी में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 18.05.2026 को वह अपने पति परसोत्तम रैकवार को उपचार के लिए सागर लेकर गई थीं। घर से निकलते समय उन्होंने मकान में ताला लगाया और उसकी चाबी बाथरूम में रखे ब्रश के डिब्बे में रख दी थी, जिसकी जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को भी थी। अगले दिन, 19.05.2026 को सुबह लगभग 08:00 बजे, उनके भाई गयाप्रसाद ने सूचना दी कि मकान के दरवाजे खुले हैं और घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा है। फरियादिया के देवरी पहुँचने पर पता चला कि मुख्य दरवाजे के ताले गायब थे और घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण के साथ ₹1,00,000 नगद भी चोरी हो चुके थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना देवरी में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा और अनुविभागीय अधिकारी रहली श्री प्रकाश मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी देवरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, परिस्थितिजन्य तथ्यों और गहन पूछताछ के आधार पर संदेही शुभम रैकवार पर ध्यान केंद्रित किया। पूछताछ में आरोपी लगातार बयान बदलता रहा, लेकिन पुलिस की सघन और वैज्ञानिक विवेचना के सामने ज्यादा देर टिक नहीं पाया और अंततः उसने चोरी की पूरी वारदात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसे घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नगदी की जानकारी थी और परिवार के विश्वास का लाभ उठाकर उसने ही चोरी की योजना बनाई तथा उसे अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी गया पूरा सामान बरामद कर लिया। बरामद सामान में एक सोने का हार, एक सोने की पांचाली, चार सोने की चूड़ियाँ, सोने की दो जोड़ी झुमकी, सोने की तीन अंगूठियाँ, एक चांदी की करधनी, चांदी की एक जोड़ी बड़ी पायल, चांदी की तीन जोड़ी पायल और चांदी की तीन जोड़ी बिछड़ी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ₹500 के 200 नोट यानी कुल ₹1,00,000 नगद भी बरामद किए गए। बरामद समस्त मशरूका की अनुमानित कीमत ₹7,57,500 आंकी गई है, जिसे विधिवत जब्त कर लिया गया है। आरोपी शुभम रैकवार, पिता परसोत्तम रैकवार, उम्र 27 वर्ष, निवासी बाजार वार्ड देवरी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है। देवरी पुलिस की इस उत्कृष्ट कार्यवाही, जिसमें थाना प्रभारी हरिराम मानकर और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही, ने न केवल लाखों रुपये मूल्य की चोरी गई संपत्ति बरामद की, बल्कि यह भी साबित किया कि अपराधी चाहे कितना भी करीबी क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता। पुलिस की तत्परता और सूक्ष्म विवेचना के कारण एक जटिल और संवेदनशील प्रकरण का सफल खुलासा संभव हो सका।
सागर जिले के देवरी में पुलिस ने लाखों रुपये की चोरी का सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस वारदात में चौंकाने वाला सच सामने आया कि चोरी किसी और ने नहीं, बल्कि फरियादी के अपने ही बेटे ने की थी, जिसने रिश्तों से बड़ा लालच माना और घर से लाखों के गहने तथा नकदी उड़ा दिए थे। देवरी पुलिस ने आरोपी को पकड़कर उसके कब्जे से ₹7,57,500 मूल्य का चोरी गया सामान बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब बाजार वार्ड, देवरी की एक फरियादिया ने थाना देवरी में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 18.05.2026 को वह अपने पति परसोत्तम रैकवार को उपचार के लिए सागर लेकर गई थीं। घर से निकलते समय उन्होंने मकान में ताला लगाया और उसकी चाबी बाथरूम में रखे ब्रश के डिब्बे में रख दी थी, जिसकी जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को भी थी। अगले दिन, 19.05.2026 को सुबह लगभग 08:00 बजे, उनके भाई गयाप्रसाद ने सूचना दी कि मकान के दरवाजे खुले हैं और घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा है। फरियादिया के देवरी पहुँचने पर पता चला कि मुख्य दरवाजे के ताले गायब थे और घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण के साथ ₹1,00,000 नगद भी चोरी हो चुके थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना देवरी में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा और अनुविभागीय अधिकारी रहली श्री प्रकाश मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी देवरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, परिस्थितिजन्य तथ्यों और गहन पूछताछ के आधार पर संदेही शुभम रैकवार पर ध्यान केंद्रित किया। पूछताछ में आरोपी लगातार बयान बदलता रहा, लेकिन पुलिस की सघन और वैज्ञानिक विवेचना के सामने ज्यादा देर टिक नहीं पाया और अंततः उसने चोरी की पूरी वारदात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसे घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नगदी की जानकारी थी और परिवार के विश्वास का लाभ उठाकर उसने ही चोरी की योजना बनाई तथा उसे अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी गया पूरा सामान बरामद कर लिया। बरामद सामान में एक सोने का हार, एक सोने की पांचाली, चार सोने की चूड़ियाँ, सोने की दो जोड़ी झुमकी, सोने की तीन अंगूठियाँ, एक चांदी की करधनी, चांदी की एक जोड़ी बड़ी पायल, चांदी की तीन जोड़ी पायल और चांदी की तीन जोड़ी बिछड़ी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ₹500 के 200 नोट यानी कुल ₹1,00,000 नगद भी बरामद किए गए। बरामद समस्त मशरूका की अनुमानित कीमत ₹7,57,500 आंकी गई है, जिसे विधिवत जब्त कर लिया गया है। आरोपी शुभम रैकवार, पिता परसोत्तम रैकवार, उम्र 27 वर्ष, निवासी बाजार वार्ड देवरी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है। देवरी पुलिस की इस उत्कृष्ट कार्यवाही, जिसमें थाना प्रभारी हरिराम मानकर और उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही, ने न केवल लाखों रुपये मूल्य की चोरी गई संपत्ति बरामद की, बल्कि यह भी साबित किया कि अपराधी चाहे कितना भी करीबी क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता। पुलिस की तत्परता और सूक्ष्म विवेचना के कारण एक जटिल और संवेदनशील प्रकरण का सफल खुलासा संभव हो सका।
- विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर बीना स्थित गायत्री शक्ति पीठ द्वारा नशा मुक्ति जन-जागरण के लिए एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। रविवार सुबह गायत्री शक्ति पीठ परिसर से शुरू हुई इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से जनजागरण किया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को तम्बाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान "नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें", "धूम्रपान छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएं" और "नशा मुक्त भारत-स्वस्थ भारत" जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशा सिर्फ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। रैली में शामिल युवाओं ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन गायत्री शक्ति पीठ परिसर में हुआ, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु सामूहिक शपथ ली। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी समाज के हित में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।1
- बुंदेलखंड के संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी शुक्रवार को पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुंचे, जहां उन्होंने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार ने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की तेरहवीं न करके, उनकी स्मृति में वृक्षों का वितरण करने का निर्णय लिया है, जिसे संतों ने पर्यावरण के प्रति लगाव का प्रतीक बताया। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं की जगह वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके परिवार के गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने इस अवसर पर टिप्पणी की कि “जितना पानी आज हम कूलरों में डाल रहे हैं, यदि हमने उतने वृक्ष लगाए होते और वृक्ष कटे न होते तो आज हमें यह पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।” संत विपिन बिहारी जी ने सभी से अनुरोध किया कि इस परंपरा को अपनाकर ‘हरि के नाम पर हरियाली’ लगाएं, जिससे शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु प्राप्त हो सके। उन्होंने धनोरा परिवार को साधुवाद दिया, जिन्होंने आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की दिशा में कदम बढ़ाया है, और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल करार दिया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे, और उनके निधन के बाद परिवार ने तेरहवीं प्रथा न अपनाकर श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।1
- बीना में, बुंदेलखंड के महान संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी ने पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुंचकर स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं अनुष्ठान के बजाय स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की स्मृति में वृक्षों का वितरण करने का निर्णय लिया था। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं न कर वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की, “जितना पानी आज हम कूलरों में डाल रहे हैं, यदि हमने उतने वृक्ष लगाए होते और वृक्ष कटे न होते तो आज हमें यह पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।” संत ने सभी से अनुरोध किया कि वे इस परंपरा को अपनाकर 'हरि के नाम पर हरियाली' लगाएं, जिससे शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु मिल सके। उन्होंने धनोरा परिवार को “आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की ओर कदम बढ़ाने” के लिए साधुवाद दिया और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर स्वयं एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे, और उनके परिवार ने इसी भावना के तहत श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का यह निर्णय लिया था।4
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में सागर जिले की खुरई तहसील के ग्राम खिमलासा में एक जन-जागरण नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रहने की सलाह देना था। आयोजन के दौरान, रैली में शामिल लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित किया गया। विशेष रूप से, आने वाली युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में जाने से रोकने के तरीकों पर जोर दिया गया। इसके लिए, परम् पूज्य गुरुदेव आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा लिखित साहित्य भी भेंट किया गया, जिसमें नशा मुक्ति के लिए गुरु संदेश समाहित था। इस जागरूकता रैली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तहसील समन्वयक यशपाल सिंह चंदेल, तहसील प्रभारी (स्वावलंबन शिक्षण प्रशिक्षण) श्री भगवतशरण गोस्वामी, तहसील प्रभारी (युवा जोड़ो अभियान) डॉक्टर अभिनवसागर विश्वकर्मा, श्री शरद संज्ञा, श्री आशीष गोस्वामी, श्री कृपासागर विश्वकर्मा, श्री धर्मेंद्र उपाध्याय, श्री यशवर्धन चंदेल, श्री हरिओम कुर्मी, श्री लखन पाल, श्री हरीश कुशवाहा, श्री राजाराम साहू, निखिल साहू, श्री सुरेश विश्वकर्मा, श्री चंदू पटेल, श्री सुमित विश्वकर्मा, सरदार सेन, श्री आशीष नेमा और तांती कुशवाहा सहित सभी क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।3
- ललितपुर के नेहरूनगर क्षेत्र की एक शादीशुदा महिला ने अपने पति पर प्रताड़ित करने और परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने एक वीडियो बनाकर इन आरोपों को सार्वजनिक किया है, जिसमें उसने बताया है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के माध्यम से, पीड़ित महिला ने पुलिस प्रशासन से न्याय और मदद की गुहार लगाई है। वह लगातार हो रही प्रताड़ना से राहत पाने और अपनी शिकायतों पर तत्काल ध्यान दिए जाने की अपील कर रही है।1
- भारत और अमेरिका के बीच आज से चार दिवसीय व्यापार वार्ता का औपचारिक रूप से शुभारंभ हो गया है।1
- बुंदेलखंड के संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुँचे। उन्होंने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं की प्रथा न अपनाकर उनकी स्मृति में वृक्षों का वितरण कर एक अनूठी पहल की है। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं न करके उनकी स्मृति में वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके परिवार के लगाव को दर्शाता है। उन्होंने जोर दिया कि यदि आज हम जितना पानी कूलरों में डाल रहे हैं, उतने वृक्ष लगाए होते और वे कटे न होते, तो हमें आज पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। संत ने सभी से अनुरोध किया कि इस परंपरा को अपनाकर 'हरि के नाम पर हरियाली लगाएं' ताकि शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु प्राप्त हो सके। उन्होंने धनोरा परिवार को आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की ओर कदम बढ़ाने के लिए साधुवाद दिया, इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर स्वयं एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे। उनके निधन के बाद परिवार ने तेरहवीं की प्रथा न कर श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का निर्णय लिया था, जो उनके प्रकृति प्रेम की विरासत को आगे बढ़ाता है।4
- सागर जिले के आगासौद थाना क्षेत्र में 30 मई 2026 को एक अंधे कत्ल का मामला सामने आया, जिसका 24 घंटे के भीतर ही पर्दाफाश कर दिया गया है। आगासौद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1