बीना में, बुंदेलखंड के महान संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी ने पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुंचकर स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं अनुष्ठान के बजाय स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की स्मृति में वृक्षों का वितरण करने का निर्णय लिया था। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं न कर वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की, “जितना पानी आज हम कूलरों में डाल रहे हैं, यदि हमने उतने वृक्ष लगाए होते और वृक्ष कटे न होते तो आज हमें यह पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।” संत ने सभी से अनुरोध किया कि वे इस परंपरा को अपनाकर 'हरि के नाम पर हरियाली' लगाएं, जिससे शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु मिल सके। उन्होंने धनोरा परिवार को “आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की ओर कदम बढ़ाने” के लिए साधुवाद दिया और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर स्वयं एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे, और उनके परिवार ने इसी भावना के तहत श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का यह निर्णय लिया था।
बीना में, बुंदेलखंड के महान संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी ने पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुंचकर स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं अनुष्ठान के बजाय स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की स्मृति में वृक्षों का वितरण करने
का निर्णय लिया था। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं न कर वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने यह भी
टिप्पणी की, “जितना पानी आज हम कूलरों में डाल रहे हैं, यदि हमने उतने वृक्ष लगाए होते और वृक्ष कटे न होते तो आज हमें यह पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।” संत ने सभी से अनुरोध किया कि वे इस परंपरा को अपनाकर 'हरि के नाम पर हरियाली' लगाएं, जिससे शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु मिल सके। उन्होंने धनोरा
परिवार को “आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की ओर कदम बढ़ाने” के लिए साधुवाद दिया और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर स्वयं एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे, और उनके परिवार ने इसी भावना के तहत श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का यह निर्णय लिया था।
- बीना में, बुंदेलखंड के महान संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी ने पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुंचकर स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं अनुष्ठान के बजाय स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की स्मृति में वृक्षों का वितरण करने का निर्णय लिया था। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं न कर वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की, “जितना पानी आज हम कूलरों में डाल रहे हैं, यदि हमने उतने वृक्ष लगाए होते और वृक्ष कटे न होते तो आज हमें यह पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।” संत ने सभी से अनुरोध किया कि वे इस परंपरा को अपनाकर 'हरि के नाम पर हरियाली' लगाएं, जिससे शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु मिल सके। उन्होंने धनोरा परिवार को “आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की ओर कदम बढ़ाने” के लिए साधुवाद दिया और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर स्वयं एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे, और उनके परिवार ने इसी भावना के तहत श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का यह निर्णय लिया था।4
- सागर जिले के आगासौद थाना क्षेत्र में 30 मई 2026 को एक अंधे कत्ल का मामला सामने आया, जिसका 24 घंटे के भीतर ही पर्दाफाश कर दिया गया है। आगासौद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- ललितपुर के नेहरूनगर क्षेत्र की एक शादीशुदा महिला ने अपने पति पर प्रताड़ित करने और परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने एक वीडियो बनाकर इन आरोपों को सार्वजनिक किया है, जिसमें उसने बताया है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के माध्यम से, पीड़ित महिला ने पुलिस प्रशासन से न्याय और मदद की गुहार लगाई है। वह लगातार हो रही प्रताड़ना से राहत पाने और अपनी शिकायतों पर तत्काल ध्यान दिए जाने की अपील कर रही है।1
- मौसम विभाग ने आज मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। प्रदेश में मौसम के हाल को देखते हुए यह चेतावनी दी गई है।1
- शनिवार को सागर के मकरोनिया थाना क्षेत्र के नरसिंहपुर रोड पर बढ़तुमा के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब एक चलते लोडिंग वाहन में अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत यह रही कि चालक ने समय रहते सूझबूझ का परिचय देते हुए वाहन से कूदकर अपनी जान बचा ली। आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और वह आग की लपटों में घिर गया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुँची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है और पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- बीना में नशा मुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत ब्रह्मकुमारी आश्रम के छोटे-छोटे बच्चों ने एक पैदल यात्रा निकाली।1
- बीना के आगासौद थाना क्षेत्र के ग्राम देहरी में हुए एक अंधे कत्ल का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया है। पहले जिसे सामान्य मौत समझा जा रहा था, वह परिजनों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हत्या का मामला निकला। पुलिस ने इस मामले में गांव के ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, देहरी निवासी 55 वर्षीय कल्लू चढ़ार गुरुवार रात गांव में एक कथा कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। देर रात तक घर न लौटने पर उनकी तलाश की गई, जिसके बाद उनका शव गांव के एक बगीचे में संदिग्ध अवस्था में मिला। परिजन उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से शव घर लाने के बाद परिजनों ने मृतक के गले और शरीर पर चोट के निशान देखे, जिससे उन्हें हत्या की आशंका हुई और उन्होंने डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। आगासौद थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रियता दिखाई और शव को दोबारा जांच के लिए मर्चुरी में रखवाया। एफएसएल टीम और डॉक्टरों की जांच में गले पर दबाव के निशान पाए गए, जिससे गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने जांच तेज करते हुए गांव के ही कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने पहले कल्लू चढ़ार के साथ मारपीट की और बाद में गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, अस्पताल द्वारा शव का प्रारंभिक परीक्षण किए बिना परिजनों को सौंपने के मामले को भी केस डायरी में शामिल किया गया है, और पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में आगासौद थाना पुलिस की तत्परता से इस अंधे कत्ल का खुलासा कुछ ही घंटों में हो गया, जिसमें थाना प्रभारी नितिन पाल सहित प्रधान आरक्षक संतोष रेगवार, सतीश रावत, जगदीश कुमार, चालक संतोष तिवारी, आरक्षक लोकेंद्र यादव, रणवीर सिंह, सतीश शर्मा, रामकृष्ण योगी और दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1