बीना के आगासौद थाना क्षेत्र के ग्राम देहरी में हुए एक अंधे कत्ल का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया है। पहले जिसे सामान्य मौत समझा जा रहा था, वह परिजनों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हत्या का मामला निकला। पुलिस ने इस मामले में गांव के ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, देहरी निवासी 55 वर्षीय कल्लू चढ़ार गुरुवार रात गांव में एक कथा कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। देर रात तक घर न लौटने पर उनकी तलाश की गई, जिसके बाद उनका शव गांव के एक बगीचे में संदिग्ध अवस्था में मिला। परिजन उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से शव घर लाने के बाद परिजनों ने मृतक के गले और शरीर पर चोट के निशान देखे, जिससे उन्हें हत्या की आशंका हुई और उन्होंने डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। आगासौद थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रियता दिखाई और शव को दोबारा जांच के लिए मर्चुरी में रखवाया। एफएसएल टीम और डॉक्टरों की जांच में गले पर दबाव के निशान पाए गए, जिससे गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने जांच तेज करते हुए गांव के ही कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने पहले कल्लू चढ़ार के साथ मारपीट की और बाद में गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, अस्पताल द्वारा शव का प्रारंभिक परीक्षण किए बिना परिजनों को सौंपने के मामले को भी केस डायरी में शामिल किया गया है, और पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में आगासौद थाना पुलिस की तत्परता से इस अंधे कत्ल का खुलासा कुछ ही घंटों में हो गया, जिसमें थाना प्रभारी नितिन पाल सहित प्रधान आरक्षक संतोष रेगवार, सतीश रावत, जगदीश कुमार, चालक संतोष तिवारी, आरक्षक लोकेंद्र यादव, रणवीर सिंह, सतीश शर्मा, रामकृष्ण योगी और दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बीना के आगासौद थाना क्षेत्र के ग्राम देहरी में हुए एक अंधे कत्ल का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया है। पहले जिसे सामान्य मौत समझा जा रहा था, वह परिजनों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हत्या का मामला निकला। पुलिस ने इस मामले में गांव के ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, देहरी निवासी 55 वर्षीय कल्लू चढ़ार गुरुवार रात गांव में एक कथा कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। देर रात तक घर न लौटने पर उनकी तलाश की गई, जिसके बाद उनका शव गांव के एक बगीचे में संदिग्ध अवस्था में मिला। परिजन उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से शव घर लाने के बाद परिजनों ने मृतक के गले और शरीर पर चोट के निशान देखे, जिससे उन्हें हत्या की आशंका हुई और उन्होंने डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। आगासौद थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रियता दिखाई और शव को दोबारा जांच के लिए मर्चुरी में रखवाया। एफएसएल टीम और डॉक्टरों की जांच में गले पर दबाव के निशान पाए गए, जिससे गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने जांच तेज करते हुए गांव के ही कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने पहले कल्लू चढ़ार के साथ मारपीट की और बाद में गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, अस्पताल द्वारा शव का प्रारंभिक परीक्षण किए बिना परिजनों को सौंपने के मामले को भी केस डायरी में शामिल किया गया है, और पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में आगासौद थाना पुलिस की तत्परता से इस अंधे कत्ल का खुलासा कुछ ही घंटों में हो गया, जिसमें थाना प्रभारी नितिन पाल सहित प्रधान आरक्षक संतोष रेगवार, सतीश रावत, जगदीश कुमार, चालक संतोष तिवारी, आरक्षक लोकेंद्र यादव, रणवीर सिंह, सतीश शर्मा, रामकृष्ण योगी और दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- बीना में नशा मुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत ब्रह्मकुमारी आश्रम के छोटे-छोटे बच्चों ने एक पैदल यात्रा निकाली।1
- बीना में दांगी समाज अनावश्यक आर्थिक बोझ कम करने और रूढ़िवादी प्रथाओं व कुरीतियों को मिटाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में, धनोरा परिवार ने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की तेरहवीं न करने का निर्णय लेते हुए उनकी स्मृति में वृक्ष वितरित किए। राम सिंह ठाकुर, जिनकी 88 वर्ष की आयु में मृत्यु हुई थी, पूर्व मंत्री प्रभुसिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह (वकील साहब) तथा राजेंद्र सिंह के पिता थे। वे एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे और उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। धनोरा परिवार द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दांगी समाज के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं। सभी ने स्वर्गीय राम सिंह दाऊ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा। इस अवसर पर कुंवर सिंह ठाकुर ने जोर देते हुए कहा कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब हम कुरीतियों से बचकर शिक्षा पर ध्यान दें। उन्होंने धनोरा परिवार के तेरहवीं प्रथा बंद करने के समाज के निर्णय का समर्थन करने को एक उचित कदम बताया, साथ ही कहा कि जब वरिष्ठ लोग कुप्रथाओं को समाप्त करते हैं, तो मध्यम और छोटे वर्ग का भी हौसला बढ़ता है। रेल सलाहकार संतोष ठाकुर ने स्वर्गीय राम सिंह दाऊ को सुलझे हुए व्यक्तित्व का धनी बताया। बैरसिया से आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राम भरोसी राठौर ने याद दिलाया कि पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर ने भी अपनी माता जी की तेरहवीं न करके उनकी याद में अंबेडकर चौराहा पर हैंडपंप खनन करवाया था और कई स्थानों पर वृक्षारोपण किया था। उन्होंने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए इस प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि दांगी समाज ने कई माह पूर्व ही आर्थिक बोझ से बचने के लिए तेरहवीं प्रथा को बंद करने का निर्णय लिया था। धनोरा परिवार ने इसी निर्णय का पालन करते हुए तेरहवीं के स्थान पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर वृक्ष वितरित किए, जिसमें ग्रामीणजन, शुभचिंतक और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।4
- ललितपुर के नेहरूनगर क्षेत्र की एक शादीशुदा महिला ने अपने पति पर प्रताड़ित करने और परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने एक वीडियो बनाकर इन आरोपों को सार्वजनिक किया है, जिसमें उसने बताया है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के माध्यम से, पीड़ित महिला ने पुलिस प्रशासन से न्याय और मदद की गुहार लगाई है। वह लगातार हो रही प्रताड़ना से राहत पाने और अपनी शिकायतों पर तत्काल ध्यान दिए जाने की अपील कर रही है।1
- आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, सागर में 33 मध्यप्रदेश एनसीसी बटालियन के अंतर्गत शासकीय संभागीय आईटीआई के एनसीसी कैडेटों द्वारा एक विशाल जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य आम जनता को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के घातक दुष्परिणामों के प्रति सचेत करना तथा उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। रैली के दौरान, एनसीसी कैडेट हाथों में तंबाकू और नशा विरोधी संदेशों से युक्त तख्तियां और स्लोगन लेकर चल रहे थे। कैडेटों ने नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए नागरिकों को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, जैसे कैंसर और हृदय रोग, तथा इसके सामाजिक व आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर, पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज मूवमेंट के वेलनेस कोच और प्रशिक्षण अधीक्षक, श्री सुनील सेन, ने मुख्य वक्ता के रूप में कैडेटों एवं नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने जोर दिया कि तंबाकू और नशा मानव स्वास्थ्य के लिए धीमा जहर हैं। युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि "युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें हर प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए। योग, ध्यान और एक अनुशासित व स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर किसी भी प्रकार की बुरी लत से आसानी से मुक्ति पाई जा सकती है।" कार्यक्रम में मौजूद लेफ्टिनेंट प्रदीप उपाध्याय ने एनसीसी कैडेटों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ऐसे जागरूकता अभियान बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कैडेटों को प्रेरित करते हुए यह भी कहा कि राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों और नशे के खिलाफ आवाज उठाना भी हर कैडेट का कर्तव्य है। कार्यक्रम के समापन पर, बड़ी संख्या में उपस्थित एनसीसी कैडेटों, संस्थान के स्टाफ और स्थानीय नागरिकों ने जीवन में कभी भी तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करने की शपथ ली। सभी ने मिलकर एक स्वस्थ, स्वच्छ और जागरूक समाज के निर्माण का अटूट संकल्प भी लिया।3
- बीना में आगासौद थाना पुलिस ने एक चुनौतीपूर्ण अंधे कत्ल के मामले को सुलझाते हुए केवल 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना डॉ. संजीव उईके व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बीना अजय कुमार सनकत के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस के अनुसार, 28 मई 2026 को आगासौद पुलिस को ग्राम देहरी स्थित एक बगीचे में एक व्यक्ति के शव पड़े होने की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर मृतक की पहचान ग्राम देहरी निवासी कल्लू चढ़ार के रूप में हुई। परिजनों ने बताया था कि वे कल्लू को घायल अवस्था में सिविल अस्पताल बीना ले गए थे, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। प्रथम दृष्टया यह मामला सामान्य मृत्यु का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस के बारीकी से निरीक्षण करने पर शव पर चोटों के गंभीर निशान मिले, जिससे हत्या की आशंका पुख्ता हुई। इसके बाद थाना आगासौद में मर्ग कायम कर गहन जाँच शुरू की गई। घटनास्थल के निरीक्षण, साक्ष्य संकलन और गवाहों से पूछताछ के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम देहरी निवासी कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर ने मृतक कल्लू चढ़ार के साथ मारपीट की थी और बाद में उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज किया गया और विवेचना प्रारंभ हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई। इस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की सहायता से दोनों आरोपियों कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर को 30 मई 2026, शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी है। आगासौद थाना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई है, जिसमें तत्परता और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए कम समय में साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की पहचान की गई और हत्या जैसे गंभीर अपराध का सफलतापूर्वक खुलासा कर उन्हें कानून के शिकंजे में लाया गया। इस सराहनीय भूमिका में थाना प्रभारी निरीक्षक नितिन पाल सहित प्रधान आरक्षक संतोष रैकवार, प्रधान आरक्षक सतीश रावत, आरक्षक लोकेन्द्र यादव, आरक्षक रनवीर सिंह, आरक्षक सतीश शर्मा, आरक्षक रामकृष्ण योगी, आरक्षक दीपक इनवाती और प्रधान आरक्षक चालक संतोष तिवारी शामिल रहे। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है।2
- बीना के आगासौद थाना क्षेत्र के ग्राम देहरी में हुए एक अंधे कत्ल का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया है। पहले जिसे सामान्य मौत समझा जा रहा था, वह परिजनों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हत्या का मामला निकला। पुलिस ने इस मामले में गांव के ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, देहरी निवासी 55 वर्षीय कल्लू चढ़ार गुरुवार रात गांव में एक कथा कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। देर रात तक घर न लौटने पर उनकी तलाश की गई, जिसके बाद उनका शव गांव के एक बगीचे में संदिग्ध अवस्था में मिला। परिजन उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से शव घर लाने के बाद परिजनों ने मृतक के गले और शरीर पर चोट के निशान देखे, जिससे उन्हें हत्या की आशंका हुई और उन्होंने डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। आगासौद थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रियता दिखाई और शव को दोबारा जांच के लिए मर्चुरी में रखवाया। एफएसएल टीम और डॉक्टरों की जांच में गले पर दबाव के निशान पाए गए, जिससे गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने जांच तेज करते हुए गांव के ही कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने पहले कल्लू चढ़ार के साथ मारपीट की और बाद में गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, अस्पताल द्वारा शव का प्रारंभिक परीक्षण किए बिना परिजनों को सौंपने के मामले को भी केस डायरी में शामिल किया गया है, और पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में आगासौद थाना पुलिस की तत्परता से इस अंधे कत्ल का खुलासा कुछ ही घंटों में हो गया, जिसमें थाना प्रभारी नितिन पाल सहित प्रधान आरक्षक संतोष रेगवार, सतीश रावत, जगदीश कुमार, चालक संतोष तिवारी, आरक्षक लोकेंद्र यादव, रणवीर सिंह, सतीश शर्मा, रामकृष्ण योगी और दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1