बीना में दांगी समाज अनावश्यक आर्थिक बोझ कम करने और रूढ़िवादी प्रथाओं व कुरीतियों को मिटाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में, धनोरा परिवार ने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की तेरहवीं न करने का निर्णय लेते हुए उनकी स्मृति में वृक्ष वितरित किए। राम सिंह ठाकुर, जिनकी 88 वर्ष की आयु में मृत्यु हुई थी, पूर्व मंत्री प्रभुसिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह (वकील साहब) तथा राजेंद्र सिंह के पिता थे। वे एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे और उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। धनोरा परिवार द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दांगी समाज के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं। सभी ने स्वर्गीय राम सिंह दाऊ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा। इस अवसर पर कुंवर सिंह ठाकुर ने जोर देते हुए कहा कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब हम कुरीतियों से बचकर शिक्षा पर ध्यान दें। उन्होंने धनोरा परिवार के तेरहवीं प्रथा बंद करने के समाज के निर्णय का समर्थन करने को एक उचित कदम बताया, साथ ही कहा कि जब वरिष्ठ लोग कुप्रथाओं को समाप्त करते हैं, तो मध्यम और छोटे वर्ग का भी हौसला बढ़ता है। रेल सलाहकार संतोष ठाकुर ने स्वर्गीय राम सिंह दाऊ को सुलझे हुए व्यक्तित्व का धनी बताया। बैरसिया से आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राम भरोसी राठौर ने याद दिलाया कि पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर ने भी अपनी माता जी की तेरहवीं न करके उनकी याद में अंबेडकर चौराहा पर हैंडपंप खनन करवाया था और कई स्थानों पर वृक्षारोपण किया था। उन्होंने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए इस प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि दांगी समाज ने कई माह पूर्व ही आर्थिक बोझ से बचने के लिए तेरहवीं प्रथा को बंद करने का निर्णय लिया था। धनोरा परिवार ने इसी निर्णय का पालन करते हुए तेरहवीं के स्थान पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर वृक्ष वितरित किए, जिसमें ग्रामीणजन, शुभचिंतक और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बीना में दांगी समाज अनावश्यक आर्थिक बोझ कम करने और रूढ़िवादी प्रथाओं व कुरीतियों को मिटाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में, धनोरा परिवार ने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की तेरहवीं न करने का निर्णय लेते हुए उनकी स्मृति में वृक्ष वितरित किए। राम सिंह ठाकुर, जिनकी 88 वर्ष की आयु में मृत्यु हुई थी, पूर्व मंत्री प्रभुसिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह (वकील साहब) तथा राजेंद्र सिंह के पिता थे। वे एक सुलझे हुए, पशु एवं
प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे और उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। धनोरा परिवार द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दांगी समाज के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं। सभी ने स्वर्गीय राम सिंह दाऊ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा। इस अवसर पर कुंवर सिंह ठाकुर ने जोर देते हुए कहा कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब हम कुरीतियों से बचकर शिक्षा पर ध्यान दें। उन्होंने धनोरा परिवार के तेरहवीं प्रथा बंद करने के
समाज के निर्णय का समर्थन करने को एक उचित कदम बताया, साथ ही कहा कि जब वरिष्ठ लोग कुप्रथाओं को समाप्त करते हैं, तो मध्यम और छोटे वर्ग का भी हौसला बढ़ता है। रेल सलाहकार संतोष ठाकुर ने स्वर्गीय राम सिंह दाऊ को सुलझे हुए व्यक्तित्व का धनी बताया। बैरसिया से आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राम भरोसी राठौर ने याद दिलाया कि पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर ने भी अपनी माता जी की तेरहवीं न करके उनकी याद में अंबेडकर चौराहा पर हैंडपंप खनन करवाया था
और कई स्थानों पर वृक्षारोपण किया था। उन्होंने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए इस प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि दांगी समाज ने कई माह पूर्व ही आर्थिक बोझ से बचने के लिए तेरहवीं प्रथा को बंद करने का निर्णय लिया था। धनोरा परिवार ने इसी निर्णय का पालन करते हुए तेरहवीं के स्थान पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर वृक्ष वितरित किए, जिसमें ग्रामीणजन, शुभचिंतक और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- सागर जिले के आगासौद थाना क्षेत्र में 30 मई 2026 को एक अंधे कत्ल का मामला सामने आया, जिसका 24 घंटे के भीतर ही पर्दाफाश कर दिया गया है। आगासौद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- बीना में दांगी समाज अनावश्यक आर्थिक बोझ कम करने और रूढ़िवादी प्रथाओं व कुरीतियों को मिटाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में, धनोरा परिवार ने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर की तेरहवीं न करने का निर्णय लेते हुए उनकी स्मृति में वृक्ष वितरित किए। राम सिंह ठाकुर, जिनकी 88 वर्ष की आयु में मृत्यु हुई थी, पूर्व मंत्री प्रभुसिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह (वकील साहब) तथा राजेंद्र सिंह के पिता थे। वे एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे और उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। धनोरा परिवार द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दांगी समाज के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं। सभी ने स्वर्गीय राम सिंह दाऊ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा। इस अवसर पर कुंवर सिंह ठाकुर ने जोर देते हुए कहा कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब हम कुरीतियों से बचकर शिक्षा पर ध्यान दें। उन्होंने धनोरा परिवार के तेरहवीं प्रथा बंद करने के समाज के निर्णय का समर्थन करने को एक उचित कदम बताया, साथ ही कहा कि जब वरिष्ठ लोग कुप्रथाओं को समाप्त करते हैं, तो मध्यम और छोटे वर्ग का भी हौसला बढ़ता है। रेल सलाहकार संतोष ठाकुर ने स्वर्गीय राम सिंह दाऊ को सुलझे हुए व्यक्तित्व का धनी बताया। बैरसिया से आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राम भरोसी राठौर ने याद दिलाया कि पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर ने भी अपनी माता जी की तेरहवीं न करके उनकी याद में अंबेडकर चौराहा पर हैंडपंप खनन करवाया था और कई स्थानों पर वृक्षारोपण किया था। उन्होंने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए इस प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि दांगी समाज ने कई माह पूर्व ही आर्थिक बोझ से बचने के लिए तेरहवीं प्रथा को बंद करने का निर्णय लिया था। धनोरा परिवार ने इसी निर्णय का पालन करते हुए तेरहवीं के स्थान पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर वृक्ष वितरित किए, जिसमें ग्रामीणजन, शुभचिंतक और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।4
- ललितपुर के नेहरूनगर क्षेत्र की एक शादीशुदा महिला ने अपने पति पर प्रताड़ित करने और परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने एक वीडियो बनाकर इन आरोपों को सार्वजनिक किया है, जिसमें उसने बताया है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के माध्यम से, पीड़ित महिला ने पुलिस प्रशासन से न्याय और मदद की गुहार लगाई है। वह लगातार हो रही प्रताड़ना से राहत पाने और अपनी शिकायतों पर तत्काल ध्यान दिए जाने की अपील कर रही है।1
- राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि वे एक बार चुनाव जीत जाते हैं, तो नरेंद्र मोदी पर कार्रवाई की जाएगी।1
- सागर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शराब पीने के लिए पैसे न देने पर बदमाशों ने एक 55 वर्षीय शख्स पर चाकू से हमला कर दिया। यह हमला शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे मोती नगर थाना क्षेत्र में हुआ, जिसमें चाकू पीड़ित के बाएँ कंधे में काफी अंदर तक धंस गया। घायल की पहचान वल्लभ नगर वार्ड निवासी घनश्याम राय के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, घनश्याम खाना खाने के बाद पैदल टहलने निकले थे, तभी रास्ते में उन्हें 4-5 बदमाश मिल गए। आरोप है कि बदमाशों ने उनसे शराब के लिए पैसे मांगे, और जब घनश्याम ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो उन्होंने उन पर चाकू से वार कर दिया। घटना के बाद घायल अवस्था में घनश्याम काफी दूर तक सड़क पर चलते रहे, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। राहगीरों ने उन्हें लहूलुहान हालत में देखकर बातचीत की और बाद में लोगों की मदद से, जिसमें एक युवक ने बाइक से उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मोती नगर पुलिस सक्रिय हुई। थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि वीडियो देखने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल के बयान दर्ज किए हैं। मामले में एक संदिग्ध को पकड़ा गया है जिससे पूछताछ की जा रही है। एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने बताया कि यह चाकूबाजी की घटना कल रात हुई थी, लेकिन घायल उस समय थाने नहीं पहुंचे थे। आज उन्होंने थाने में पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है।1
- बीना में नशा मुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत ब्रह्मकुमारी आश्रम के छोटे-छोटे बच्चों ने एक पैदल यात्रा निकाली।1
- बीना के आगासौद थाना क्षेत्र के ग्राम देहरी में हुए एक अंधे कत्ल का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया है। पहले जिसे सामान्य मौत समझा जा रहा था, वह परिजनों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हत्या का मामला निकला। पुलिस ने इस मामले में गांव के ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, देहरी निवासी 55 वर्षीय कल्लू चढ़ार गुरुवार रात गांव में एक कथा कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। देर रात तक घर न लौटने पर उनकी तलाश की गई, जिसके बाद उनका शव गांव के एक बगीचे में संदिग्ध अवस्था में मिला। परिजन उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से शव घर लाने के बाद परिजनों ने मृतक के गले और शरीर पर चोट के निशान देखे, जिससे उन्हें हत्या की आशंका हुई और उन्होंने डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। आगासौद थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रियता दिखाई और शव को दोबारा जांच के लिए मर्चुरी में रखवाया। एफएसएल टीम और डॉक्टरों की जांच में गले पर दबाव के निशान पाए गए, जिससे गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने जांच तेज करते हुए गांव के ही कल्लू उर्फ विश्वनाथ ठाकुर और मनीष ठाकुर को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने पहले कल्लू चढ़ार के साथ मारपीट की और बाद में गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, अस्पताल द्वारा शव का प्रारंभिक परीक्षण किए बिना परिजनों को सौंपने के मामले को भी केस डायरी में शामिल किया गया है, और पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में आगासौद थाना पुलिस की तत्परता से इस अंधे कत्ल का खुलासा कुछ ही घंटों में हो गया, जिसमें थाना प्रभारी नितिन पाल सहित प्रधान आरक्षक संतोष रेगवार, सतीश रावत, जगदीश कुमार, चालक संतोष तिवारी, आरक्षक लोकेंद्र यादव, रणवीर सिंह, सतीश शर्मा, रामकृष्ण योगी और दीपक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1