कोतवाली में बेटे की मौत पर पिता का आरोप, ‘पुलिस हिरासत में हत्या की गई’, जांच की मांग पट्टी। पट्टी कोतवाली परिसर में सोमवार को 22 वर्षीय अर्जुन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। युवक की मौत को लेकर परिजनों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जबकि पुलिस की ओर से घटना के कारण को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है। मृतक के पिता लल्लू ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि कुछ समय पहले पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और बेटे के मृत होने की सूचना दी। पिता ने आशंका जताई कि उनके बेटे की पुलिस हिरासत में हत्या की गई है। हालांकि, पिता के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इधर, कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर युवक द्वारा कोतवाली परिसर में आत्महत्या किए जाने की चर्चा भी सामने आ रही है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने से पहले इसे मौत का अंतिम कारण मानना उचित नहीं होगा। आत्महत्या हुई तो भी उठेंगे जवाबदेही के सवाल यदि जांच में आत्महत्या की पुष्टि होती है, तब भी यह स्पष्ट करना होगा कि युवक पुलिस के संपर्क अथवा हिरासत में किस परिस्थिति में था और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किस अधिकारी या पुलिसकर्मी की थी। उसे आत्महत्या का अवसर कैसे मिला और क्या सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी जांच जरूरी होगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 196 में पुलिस हिरासत में मृत्यु होने की स्थिति में मजिस्ट्रेट द्वारा मृत्यु के कारण की जांच का प्रावधान है। ऐसे में पोस्टमार्टम, फोरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज, पुलिस अभिलेख और संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे। कोतवाल की भूमिका भी जांच के दायरे में आए मामले में यह भी सवाल उठ रहा है कि कोतवाली प्रभारी को युवक की मौजूदगी और उसकी निगरानी के संबंध में क्या जानकारी थी तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया था या नहीं। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी या अधिकारी की गंभीर लापरवाही अथवा आपराधिक भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार जिम्मेदारी तय की जा सकती है। वहीं केवल कोतवाली परिसर में मौत होने के आधार पर किसी अधिकारी को पहले से दोषी ठहराना भी उचित नहीं होगा। फिलहाल अर्जुन की मौत का वास्तविक कारण जांच का विषय है। पिता के आरोप, आत्महत्या की चर्चा और पुलिस पक्ष—इन सभी के बीच अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच के निष्कर्ष पर निगाहें टिकी हैं
कोतवाली में बेटे की मौत पर पिता का आरोप, ‘पुलिस हिरासत में हत्या की गई’, जांच की मांग पट्टी। पट्टी कोतवाली परिसर में सोमवार को 22 वर्षीय अर्जुन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। युवक की मौत को लेकर परिजनों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जबकि पुलिस की ओर से घटना के कारण को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है। मृतक के पिता लल्लू ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि कुछ समय पहले पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और बेटे के मृत होने की सूचना दी। पिता ने आशंका जताई कि उनके बेटे की पुलिस हिरासत में हत्या की गई है। हालांकि, पिता के इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इधर, कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर युवक द्वारा कोतवाली परिसर में आत्महत्या किए जाने की चर्चा भी सामने आ रही है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने से पहले इसे मौत का अंतिम कारण मानना उचित नहीं होगा। आत्महत्या हुई तो भी उठेंगे जवाबदेही के सवाल यदि जांच में आत्महत्या की पुष्टि होती है, तब भी यह स्पष्ट करना होगा कि युवक पुलिस के संपर्क अथवा हिरासत में किस परिस्थिति में था और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किस अधिकारी या पुलिसकर्मी की थी। उसे आत्महत्या का अवसर कैसे मिला और क्या सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी जांच जरूरी होगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 196 में पुलिस हिरासत में मृत्यु होने की स्थिति में मजिस्ट्रेट द्वारा मृत्यु के कारण की जांच का प्रावधान है। ऐसे में पोस्टमार्टम, फोरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज, पुलिस अभिलेख और संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे। कोतवाल की भूमिका भी जांच के दायरे में आए मामले में यह भी सवाल उठ रहा है कि कोतवाली प्रभारी को युवक की मौजूदगी और उसकी निगरानी के संबंध में क्या जानकारी थी तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया था या नहीं। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी या अधिकारी की गंभीर लापरवाही अथवा आपराधिक भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार जिम्मेदारी तय की जा सकती है। वहीं केवल कोतवाली परिसर में मौत होने के आधार पर किसी अधिकारी को पहले से दोषी ठहराना भी उचित नहीं होगा। फिलहाल अर्जुन की मौत का वास्तविक कारण जांच का विषय है। पिता के आरोप, आत्महत्या की चर्चा और पुलिस पक्ष—इन सभी के बीच अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच के निष्कर्ष पर निगाहें टिकी हैं
- पशु प्रेम का अनोखा अंदाज: अपने पालतू डॉग के साथ बाइक की सवारी करते दिखे जनसत्ता दल के राजा भइया प्रतापगढ़ / कुंडा। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया का पशु प्रेम एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में राजा भइया अपने आवास के हरे-भरे लॉन मेंअपने पालतू डॉग के साथ बाइक चलाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि राजा भइया अपनी नीली राजदूत बाइक पर सवार हैं और उनके आगे-आगे दो-तीन जर्मन शेफर्ड नस्ल के डॉग दौड़ रहे हैं। डॉग कभी बाइक के आगे निकलते हैं तो कभी साथ-साथ चलते हैं, जिसे राजा भइया बड़े ही प्यार से संभालते हुए नजर आते हैं। बेंती स्थित उनके आवास का यह वीडियो उनके चाहने वालों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। पालतू जानवरों के प्रति उनका यह लगाव कोई नया नहीं है, इससे पहले भी कई बार वे अपने पालतू बड़े नस्लो के घोड़ों डॉग जैसे जानवरों के साथ देखे गए हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को ' राजा भइया की सादगी' और 'जानवरों के प्रति सच्चा प्रेम' बता रहे हैं। उक्त वीडियो सोसल मीडिया पर आजकल खूब ट्रोल हो रहा है।1
- पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर द्वारा थाना पट्टी में हुई घटना का संज्ञान लेते हुए निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के संबंध में-अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने क्या कहा देखें। पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर द्वारा थाना पट्टी में घटित घटना का संज्ञान लेते हुए निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में-अपर पुलिस अधीक्षक पूर्व आलोक कुमार भाटी की बाइट।1
- प्रतापगढ़: अराजकतत्वों ने खंडित की बजरंग बली की मूर्ति, थाना प्रभारी ने पेश की सौहार्द की मिसाल... ब्रेकिंग प्रतापगढ़: अराजकतत्वों ने खंडित की बजरंग बली की मूर्ति, थाना प्रभारी ने पेश की सौहार्द की मिसाल... अंतू थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबूगंज चतुरपुर स्थित देवीदास उर्फ कल्लू महाराज ने बजरंग बली भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित की है। सुबह शाम वहां स्थानीय निवासियों द्वारा दर्शन पूजन किया जाता है। एकदम सुनसान जगह पर स्थित मंदिर पर अराजक तत्वों द्वारा रात्रि में हनुमान जी की प्रतिमा तोड़ दी गई। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अंतू अभिषेक सिरोही द्वारा तत्काल बजरंग बली की नई प्रतिमा मंगवाई गई। एवं उसी स्थान पर मूर्ति को पुनः स्थापित करवाया गया। तहरीर में नामजद दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। साथ ही इस तरह का घृणित कृत्य करने वाले आरोपियों संदिग्धों की तलाश में जुटी पुलिस।1
- *लखनऊ: 30 लाख रुपए का पुरस्कार घोषित प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TSPC के सुप्रीमो एवं झारखण्ड निवासी...* नक्सली ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में यूपी ATS द्वारा मार गिराए जाने तथा मुठभेड़ में शामिल यूपी ATS टीम को पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा ₹02 लाख का पुरस्कार दिए जाने की घोषणा के संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, अमिताभ यश द्वारा दी गई बाइट...1
- *पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर द्वारा थाना पट्टी में घटित घटना का संज्ञान लेते हुए निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर अग्रिम विधिक कार्यवाही के संबंध में-* *अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार भाटी की बाइट।*1
- पट्टी कोतवाली में अर्जुन की संदिग्ध मौत का मामला अधिवक्ता धर्मराज सिंह उर्फ लल्लू बाली ने क्या कुछ कहा? जानिए इस वीडियो में पट्टी कोतवाली में अर्जुन की संदिग्ध मौत का मामला अधिवक्ता धर्मराज सिंह उर्फ लल्लू बाली ने क्या कुछ कहा? जानिए इस वीडियो में1
- रायबरेली जिले के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के खपुरा गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ है, जिसमें कुल्हाड़ी और लाठी-डंडे जमकर चले। इस हिंसक मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- पट्टी कोतवाली में फांसी लगाकर मौत के मामले में SP ने थाना प्रभारी आनंद पाल सिंह एवं उपनिरीक्षक ओंकार सिंह को किया निलंबित पट्टी कोतवाली में युवक की मौत के मामले में पुलिस कप्तान दीपक भूकर की बड़ी कार्रवाई प्रतापगढ़। पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत के दौरान युवक की फांसी लगाकर मौत के मामले में एसपी दीपक भूकर ने थाना प्रभारी आनंद पाल सिंह और उपनिरीक्षक ओंकार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में मजिस्ट्रियल जांच की संस्तुति भी की गई है।1