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बिहार के मुजफ्फरपुर में चेकिंग के दौरान बुक के बंडल ने सबको चौंका दिया! पढ़ाई की किताबों के बीच छुपा बिहार के मुजफ्फरपुर में चेकिंग के दौरान बुक के बंडल ने सबको चौंका दिया! पढ़ाई की किताबों के बीच छुपा था ऐसा राज़, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। पूरा मामला जानकर आप भी कहेंगे-किताबों के बंडल में आखिर क्या छुपा था?
CK TV NEWS
बिहार के मुजफ्फरपुर में चेकिंग के दौरान बुक के बंडल ने सबको चौंका दिया! पढ़ाई की किताबों के बीच छुपा बिहार के मुजफ्फरपुर में चेकिंग के दौरान बुक के बंडल ने सबको चौंका दिया! पढ़ाई की किताबों के बीच छुपा था ऐसा राज़, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। पूरा मामला जानकर आप भी कहेंगे-किताबों के बंडल में आखिर क्या छुपा था?
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- बिहार के मुजफ्फरपुर में चेकिंग के दौरान बुक के बंडल ने सबको चौंका दिया! पढ़ाई की किताबों के बीच छुपा बिहार के मुजफ्फरपुर में चेकिंग के दौरान बुक के बंडल ने सबको चौंका दिया! पढ़ाई की किताबों के बीच छुपा था ऐसा राज़, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। पूरा मामला जानकर आप भी कहेंगे-किताबों के बंडल में आखिर क्या छुपा था?1
- अमित शाह के हाथों में जदयू की कमान, बिहार के लोग बेचारे बनने को मजबूर: प्रशांत किशोर भागलपुर। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भागलपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्य सरकार और केंद्र की नीतियों पर करारा हमला बोला। जदयू के नाम बदलने की चल रही चर्चाओं पर तंज कसते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी पर अब नीतीश कुमार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। प्रशांत किशोर ने सीधे तौर पर कहा कि जदयू अब नीतीश कुमार की पार्टी नहीं रही, बल्कि इसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उनके द्वारा नियुक्त किए गए दो लोग चला रहे हैं। सम्राट चौधरी और अडानी बिजली प्लांट पर घेरा भागलपुर में मीडिया से बात करते हुए पीके ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला: बिहार की लाचारी पर बयान: उन्होंने कहा, "बिहार को सुधारने और अपनी स्थिति बदलने के अलावा हमारे पास कोई दूसरा चारा नहीं है, इसीलिए हमलोग आज बेचारे बने हुए हैं।" अडानी प्लांट पर सवाल: भागलपुर में अडानी के बिजली प्लांट का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि पैसा बिहार की जनता का लग रहा है और जमीन भी बिहार की है, लेकिन मालिकाना हक गुजरात से लाए गए उद्योगपति को दिया जा रहा है। इसका सीधा नुकसान यह होगा कि स्थानीय लोगों के बच्चे वहां सिर्फ मजदूरी करने को मजबूर होंगे। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि जन सुराज का लक्ष्य बिहार के संसाधनों और जनता के पैसों का इस्तेमाल यहीं के युवाओं को रोजगार देने और राज्य को स्वावलंबी बनाने में करना है।1
- मुजफ्फरपुर पूर्व मंत्री राम सूरत राय के स्कूल में संत चिंतामणि स्वामी पहुंचे1
- पटना गाँधी मैदान में चाणक्य फिजिकल ट्रेनिंग कराने वाले ने लगाया गंभीर आरोप, पुराने कांड का भी है कनेक्शन?1
- नदी थाना क्षेत्र में घर का ताला तोड़कर चोरी, दो गिरफ्तार फतुहा। नदी थाना क्षेत्र के बांसतल गांव में घर का ताला तोड़कर आभूषण और नकदी चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बांसतल निवासी मुकेश कुमार उर्फ मुंशी (24) और सम्मसपुर निवासी कन्हैया कुमार (33) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर को पंचा देवी, पति विपिन सहनी ने नदी थाना में आवेदन देकर घर से सोने-चांदी के आभूषण और पांच हजार रुपये नकद चोरी होने की शिकायत की थी। आवेदन के आधार पर नदी थाना कांड संख्या 366/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने प्राथमिकी अभियुक्त मुकेश कुमार उर्फ मुंशी को गिरफ्तार किया। उसके पास से चोरी के आभूषण बेचकर मिले 48,500 रुपये में से 24,500 रुपये बरामद किए गए। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आभूषण खरीदने वाले कन्हैया कुमार को भी गिरफ्तार किया। पुलिस ने कन्हैया ज्वेलर्स दुकान से चोरी के आभूषणों से संबंधित 12.36 ग्राम गला हुआ सोना और 3.92 ग्राम सोने के आभूषण का टूटा हुआ टुकड़ा बरामद किया। इसके अलावा 500 रुपये भी बरामद किए गए। छापेमारी दल में नदी थाना के पुलिस पदाधिकारी सद्दाम हुसैन, देवकर्ण बंटी, संतोष कुमार सहित महिला पुलिस बल, सशस्त्र बल के गृहरक्षक और आर्म्स जिला बल शामिल रहे।1
- असम में एक जंगली हाथी के गले में भारी ट्रक का टायर फँस गया था। असम में एक जंगली हाथी के गले में भारी ट्रक का टायर फँस गया था। दर्द और परेशानी में जूझ रहे इस बेजुबान की मदद के लिए रेस्क्यू टीम आगे आई और उसे सुरक्षित बचाने की कोशिश की। ऐसे पल इंसानियत और वन्यजीवों के प्रति हमारी जिम्मेदारी याद दिलाते हैं।1
- तेघड़ा मेले में महिला पुलिसकर्मी से मारपीट? दो युवकों का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप बिहार के तेघड़ा मेला क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच चर्चा तेज कर दी है। वायरल वीडियो में दो युवक एक महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित तौर पर मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में महिला पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो कब का है, घटना वास्तव में तेघड़ा मेला क्षेत्र की है या नहीं और इसमें दिखाई दे रहे दोनों युवक कौन हैं, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर महिला पुलिसकर्मी के साथ यह घटना किस परिस्थिति में हुई? क्या मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई की है? फिलहाल वीडियो को केवल वायरल दावे के तौर पर देखें। आधिकारिक पुष्टि या पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही घटना की सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी।1
- सूखा नशा के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति कि गोली लगने से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट सूखा नशा के खिलाफ आवाज उठाने वाले मो. जफ्फी की मौत, आक्रोशित परिजनों ने गड़हनी बाजार में किया सड़क जाम आरा। भोजपुर जिले के गड़हनी वार्ड नंबर-4 में सूखा नशा और कथित हेरोइन कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले 48 वर्षीय मो. जफ्फी की गोली लगने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश भड़क उठा। मौत के बाद परिजनों ने आरा-सासाराम मुख्य मार्ग पर गड़हनी बाजार के पास सड़क जाम कर दिया। इस दौरान सड़क पर टायर जलाकर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया गया। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर काफी देर तक हंगामा किया। सड़क जाम होने से मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। परिजनों का आरोप है कि मो. जफ्फी मोहल्ले में कथित तौर पर चल रहे हेरोइन के कारोबार का लगातार विरोध कर रहे थे। वे सूखा नशा बंद कराने को लेकर आवाज उठाते थे। परिजनों के मुताबिक, हाल ही में चरपोखरी थाना क्षेत्र में सूखा नशा बंद कराने को लेकर आयोजित बैठक में भी मो. जफ्फी शामिल हुए थे। परिजनों का दावा है कि नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने और इसके विरोध में सक्रिय रहने के कारण ही उन्हें गोली मारी गई। हालांकि, गोलीकांड के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी और घटना में कौन-कौन लोग शामिल हैं, यह पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। गोली लगने के बाद गंभीर हालत में मो. जफ्फी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद गुस्साए परिजन सड़क पर उतर आए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों की मुख्य मांग है कि गोलीकांड में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और घटना की निष्पक्ष जांच हो। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मो. जफ्फी की हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इस वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे।1