नाली जाम से वार्ड नंबर 7 में नारकीय स्थिति,गंदगी से जूझ रहे ग्रामीण पांडू:पलामू जिले के पांडू प्रखंड अंतर्गत ग्राम फुलिया के वार्ड संख्या 7 में नाली जाम होने की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।रामचंद्र यादव के घर से लेकर सुनील राम के घर तक बनी नाली होने के बावजूद पानी के निकास का कोई ठोस प्रबंध नहीं है,जिससे नाली हमेशा भरी रहती है।ग्रामीणों के अनुसार,नाली जाम रहने से गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है,जिससे पक्की पीसीसी सड़क भी कीचड़ और गंदगी में तब्दील हो चुकी है। स्थिति इतनी खराब है कि सड़क पर घास तक उग आई है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और आसपास दुर्गंध का माहौल बना हुआ है।छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इस समस्या से सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं।हल्की बारिश में ही नाली का पानी सड़क पर बहने लगता है और कई घरों में घुस जाता है।इससे न केवल लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित होता है,बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।विशेष रूप से नाली किनारे बसे अनुसूचित जाति के परिवारों को अधिक नुकसान झेलना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को जानकारी दी गई,लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाली की नियमित सफाई कराई जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,ताकि उन्हें इस नारकीय स्थिति से राहत मिल सके।
नाली जाम से वार्ड नंबर 7 में नारकीय स्थिति,गंदगी से जूझ रहे ग्रामीण पांडू:पलामू जिले के पांडू प्रखंड अंतर्गत ग्राम फुलिया के वार्ड संख्या 7 में नाली जाम होने की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।रामचंद्र यादव के घर से लेकर सुनील राम के घर तक बनी नाली होने के बावजूद पानी के निकास का कोई ठोस प्रबंध नहीं है,जिससे नाली हमेशा भरी रहती है।ग्रामीणों के अनुसार,नाली जाम रहने से गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है,जिससे पक्की पीसीसी सड़क भी कीचड़ और गंदगी में तब्दील हो चुकी है। स्थिति इतनी खराब है कि सड़क पर घास तक उग आई है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और आसपास दुर्गंध का माहौल बना हुआ है।छोटे बच्चों और बुजुर्गों को
इस समस्या से सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं।हल्की बारिश में ही नाली का पानी सड़क पर बहने लगता है और कई घरों में घुस जाता है।इससे न केवल लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित होता है,बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।विशेष रूप से नाली किनारे बसे अनुसूचित जाति के परिवारों को अधिक नुकसान झेलना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को जानकारी दी गई,लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाली की नियमित सफाई कराई जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,ताकि उन्हें इस नारकीय स्थिति से राहत मिल सके।
- पांडू:पलामू जिले के पांडू प्रखंड अंतर्गत ग्राम फुलिया के वार्ड संख्या 7 में नाली जाम होने की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।रामचंद्र यादव के घर से लेकर सुनील राम के घर तक बनी नाली होने के बावजूद पानी के निकास का कोई ठोस प्रबंध नहीं है,जिससे नाली हमेशा भरी रहती है।ग्रामीणों के अनुसार,नाली जाम रहने से गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है,जिससे पक्की पीसीसी सड़क भी कीचड़ और गंदगी में तब्दील हो चुकी है। स्थिति इतनी खराब है कि सड़क पर घास तक उग आई है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और आसपास दुर्गंध का माहौल बना हुआ है।छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इस समस्या से सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं।हल्की बारिश में ही नाली का पानी सड़क पर बहने लगता है और कई घरों में घुस जाता है।इससे न केवल लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित होता है,बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।विशेष रूप से नाली किनारे बसे अनुसूचित जाति के परिवारों को अधिक नुकसान झेलना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को जानकारी दी गई,लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाली की नियमित सफाई कराई जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,ताकि उन्हें इस नारकीय स्थिति से राहत मिल सके।2
- मलवरियां ग्राम में मां भगवती दुर्गा मंदिर के स्थापना दिवस समारोह में संस्कृति का भव्य हुआ आयोजन। संवाददाता ऊंटारी रोड़। विश्रामपुर विधानसभा के उटारी रोड़ प्रखंड के मलवरियां ग्राम में मां भगवती दुर्गा मंदिर के स्थापना दिवस समारोह में संस्कृति का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें इस कार्यक्रम का मुख्य रूप से ग्रासिम इंडस्ट्रीज के यूनिट हेड हितेंद्र अवस्थी जी का बड़े सहयोग और उनकी उपस्थिति से भव्य आयोजन हुआ ,जिसमें विश्रामपुर विधानसभा का पूर्व प्रत्याशी सुधीर कुमार चंद्रवंशी विश्रामपुर विधानसभा के पूर्व लोक प्रिय प्रत्याशी अभिमन्यु सिंह उर्फ बबलू सिंह , मुखिया संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अमृत शुक्ला जी, मूरमाखुर्द पंचायत के मुखिया रामबचन राम, उप प्रमुख खोखन राम, अशोक सिंह, इंस्पेक्टर रामाशीष पासवान जी, थाना प्रभारी संतोष गिरी, पांडु प्रखंड के जिला परिषद प्रतिनिधि भाई गोविंद सिंह, प्रभात दुबे, रिंकू सिंह, रामप्रवेश सिंह,सत्यनारायण तिवारी, पप्पू सिंह, सांसद प्रतिनिधि डॉ जोगी सिंह, इस संस्कृति कार्यक्रम का आयोजन कर्ता पूर्व जिला परिषद मनोज सिंह जी एवं मंच संचालन वेद प्रकाश शर्मा जी, युवा समाजसेवी विवेक शुक्ला जी, सेराज खलीफा जी, पीयूष तिवारी जी,इस आयोजन में सुधीर कुमार चंद्रवंशी जी ने कहा संस्कृति कार्यक्रम के साथ-साथ शिक्षा बहुत जरूरी है सुधीर चंद्रवंशी ने कहा किसी भी कार्य करने के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है।3
- *वार्षिक रिजल्ट घोषित समारोह का आयोजन, बच्चों में दिखा उत्साह* पाटन (पलामू): पाटन प्रखंड के कुंवर बांध स्थित श्री राधा साहू इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक रिजल्ट घोषित समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के निदेशक निखिल कुमार गुप्ता,प्रिंसिपल काजल कुमारी एवं शिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। कार्यक्रम में नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्रों को वार्षिक परीक्षा परिणाम वितरित किया गया। परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों एवं अभिभावकों में खासा उत्साह देखा गया। इस अवसर पर स्कूल के निदेशक निखिल कुमार गुप्ता ने कहा कि उनका संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को कम खर्च में बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा प्रणाली लागू की गई है,जहां सभी कक्षाएं डिजिटल माध्यम से संचालित होती हैं और अनुभवी शिक्षकों द्वारा छात्रों को शिक्षा दी जाती है। उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अच्छे संस्कार भी दिए जाते हैं। यदि किसी भी छात्र को पढ़ाई में किसी प्रकार की समस्या होती है, तो विद्यालय द्वारा अभिभावकों के लिए एक विशेष संपर्क नंबर उपलब्ध कराया गया है,जिसके माध्यम से वे सीधे संबंधित शिक्षक से जुड़कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी देते हुए अभिभावकों से अपने बच्चों का नामांकन जल्द कराने की अपील की। इस मौके पर शिक्षक/शिक्षिकाएं पूजा कुमारी,काजल सिंह,ऋति प्रिया कुमारी,अर्चना कुमारी,श्रेया कुमारी,सोनल सिंह,शालिनी कुमारी,अमृत सागर,अनु प्रिया,अलका कुमारी,नेहा मेहता,प्रेंटी सिंह,नेहा पांडेय,सुदीप कुमार,देवानंद कुमार एवं सत्यम कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।1
- इंसान आज के दिन कितना मतलबी हो गया है l ये वीडियो देख कर आप समझ सकते हैंl आज कल कोटान कपडा की युज के समान इंसान को इस्तेमाल किया जा रहा है l1
- बरडीहा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ओबरा और सरसतिया गांव के बिच नदी पर बना हुआ पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे लोग की आवागमन में परेशानी हो रही है। यह पुल का कार्य 2012 ईस्वी में किया गया था जिसके बाद से अभी तक मरम्मत नहीं किया गया है। जिससे जर्जर होते चला जा रहा है। इस पर किसी प्रतिनिधि का ध्यान नहीं जा रहा हैं।1
- गढ़वा जिला का यह मामला है किसी ने वीडियो में कैपचार किया पूछा तो बोला की यह गर्मी में यह चीज पहने दिमाग ठंडा रहेगा किसी ने मजाक उसको साथ भी किया1
- Post by Anit tiwary1
- समझ नहीं आता है कि राशन प्रणाली कि दुकान में एता पाथर रख कर पर्ची क्यों निकला जाता है l राशन प्रणाली (PDS) की दुकान में ई-पोश (e-POS) मशीन से पर्ची निकालना अनिवार्य है, जो यह सुनिश्चित करता है कि आपको सही मात्रा में राशन मिले। यह प्रक्रिया तौल में धांधली रोकने, पारदर्शी वितरण बनाए रखने, फर्जी कार्ड्स को खत्म करने और सरकारी रिकॉर्ड में सही स्टॉक दर्ज करने के लिए की जाती है। पर्ची (Slip) निकालने के मुख्य कारण: तौल में पारदर्शिता: ई-पोश मशीन से जुड़ी इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन द्वारा पर्ची निकलने से यह सुनिश्चित होता है कि दुकानदार ने उतना ही राशन तौला है, जितना मशीन में दर्ज किया गया है। फर्जी कार्ड पर रोक: बायोमेट्रिक (अंगूठे के निशान) या आधार प्रमाणीकरण के बाद ही पर्ची निकलती है, जिससे राशन की कालाबाजारी रुकती है। भ्रष्टाचार मुक्त वितरण: यह प्रक्रिया दुकानदार को राशन बाजार में ऊंचे दाम पर बेचने से रोकती है, क्योंकि हर तौल का डिजिटल रिकॉर्ड बनता है। स्टॉक का सही हिसाब: पर्ची निकलने पर सरकारी रिकॉर्ड में स्टॉक अपने आप कम हो जाता है, जिससे अनाज की हेराफेरी नहीं हो पाती।1