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झांसी में पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारियां पूर्ण सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी लिखित परीक्षा झांसी में पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा 28 केंद्रों पर होगी संपन्न सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी पुलिस व प्रशासन ने तैयारियों का लिया जायजा, !

on 13 March
user_Abhishek Jain
Abhishek Jain
झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
on 13 March
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झांसी में पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारियां पूर्ण सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी लिखित परीक्षा झांसी में पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा 28 केंद्रों पर होगी संपन्न सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी पुलिस व प्रशासन ने तैयारियों का लिया जायजा, !

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • आरटीई के तहत चयनित छात्र को निजी स्कूल ने प्रवेश देने से किया इंकार, एसडीएम से शिकायत मोंठ (झांसी)। तहसील क्षेत्र के एक निजी विद्यालय प्रशासन ने आरटीई (निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009) के तहत चयनित छात्र को प्रवेश देने से इंकार करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित अभिभावकों ने उपजिलाधिकारी मोंठ को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थी सौजना निवासी इरफान पुत्र चुन्ना खान ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र रासिद का पंजीकरण आरटीई योजना के तहत कराया था। विभागीय प्रक्रिया के तहत द्वितीय चरण की लॉटरी में उनके पुत्र का चयन बम्हरौली मोंठ के एक निजी स्कूल में हुआ था। इरफान का आरोप है कि जब वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ विद्यालय में प्रवेश के लिए पहुंचे, तो विद्यालय प्रबंधन ने कई बार उन्हें टालमटोल कर वापस भेज दिया। अंततः विद्यालय प्रशासन ने साफ तौर पर बच्चे का प्रवेश लेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने विभाग द्वारा जारी चयन पत्र भी विद्यालय में प्रस्तुत किया, लेकिन इसके बावजूद प्रवेश नहीं दिया गया। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि विद्यालय द्वारा शासन के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने बच्चे को निजी विद्यालय में पढ़ाने में असमर्थ हैं। ऐसे में आरटीई योजना ही उनके बच्चे की शिक्षा का एकमात्र सहारा है। इस मामले में प्रार्थी ने उपजिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अपने पुत्र का प्रवेश सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित रह जाएगा। इस मामले में मोंठ एसडीएम अवनीश तिवारी ने कहा कि मामले की जांच पड़ताल हेतु खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। जांचोपरांत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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    आरटीई के तहत चयनित छात्र को निजी स्कूल ने प्रवेश देने से किया इंकार, एसडीएम से शिकायत
मोंठ (झांसी)। तहसील क्षेत्र के एक निजी विद्यालय प्रशासन ने आरटीई (निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009) के तहत चयनित छात्र को प्रवेश देने से इंकार करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित अभिभावकों ने उपजिलाधिकारी मोंठ को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थी सौजना निवासी इरफान पुत्र चुन्ना खान ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र रासिद का पंजीकरण आरटीई योजना के तहत कराया था। विभागीय प्रक्रिया के तहत द्वितीय चरण की लॉटरी में उनके पुत्र का चयन बम्हरौली मोंठ के एक निजी स्कूल में हुआ था।
इरफान का आरोप है कि जब वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ विद्यालय में प्रवेश के लिए पहुंचे, तो विद्यालय प्रबंधन ने कई बार उन्हें टालमटोल कर वापस भेज दिया। अंततः विद्यालय प्रशासन ने साफ तौर पर बच्चे का प्रवेश लेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने विभाग द्वारा जारी चयन पत्र भी विद्यालय में प्रस्तुत किया, लेकिन इसके बावजूद प्रवेश नहीं दिया गया।
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि विद्यालय द्वारा शासन के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने बच्चे को निजी विद्यालय में पढ़ाने में असमर्थ हैं। ऐसे में आरटीई योजना ही उनके बच्चे की शिक्षा का एकमात्र सहारा है।
इस मामले में प्रार्थी ने उपजिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अपने पुत्र का प्रवेश सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित रह जाएगा।
इस मामले में मोंठ एसडीएम अवनीश तिवारी ने कहा कि मामले की जांच पड़ताल हेतु खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। जांचोपरांत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
    user_प्रदीप यादव दादा पत्रकार बबीना
    प्रदीप यादव दादा पत्रकार बबीना
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    41 min ago
  • Post by Abhishek Jain
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    Post by Abhishek Jain
    user_Abhishek Jain
    Abhishek Jain
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    43 min ago
  • झांसी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की दावों की हकीकत उस समय खुलकर सामने आई जब प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित कुमार घोष अचानक निरीक्षण के लिए जिला अस्पताल और महिला अस्पताल पहुंचे। उनके दौरे से पहले आईसीयू वार्ड में बड़े-बड़े चूहे ऑक्सीजन पाइप पर घूमते हुए नजर आए, जिसका वीडियो सामने आया है। चूहा ऑक्सीजन पाइप से होता हुआ दवा की बॉक्स पर गिरता है फिर वेंटिलेटर मशीन में जाकर छुप जाता, यह तस्वीर न केवल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करता है।
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    झांसी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की दावों की हकीकत उस समय खुलकर सामने आई जब प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित कुमार घोष अचानक निरीक्षण के लिए जिला अस्पताल और महिला अस्पताल पहुंचे। उनके दौरे से पहले आईसीयू वार्ड में बड़े-बड़े चूहे ऑक्सीजन पाइप पर घूमते हुए नजर आए, जिसका वीडियो सामने आया है। चूहा ऑक्सीजन पाइप से होता हुआ दवा की बॉक्स पर गिरता है फिर वेंटिलेटर मशीन में जाकर छुप जाता, यह तस्वीर न केवल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करता है।
    user_Amir Sohail
    Amir Sohail
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दि0 18-01-2013 की अवमानना के सम्बन्ध में*। महोदय, अधिवक्ता भानू सहाय, अधिवक्ता रामकुमार खरे, अधिवक्ता उच्च न्यायालय अशोक सक्सेना, अधिवक्ता गौतम अस्थाना, अधिवक्ता बी. एल. भास्कर, अधिवक्ता वरुण अग्रवाल, अधिवक्ता रवि नगेले, अधिवक्ता प्रदीप झा, अधिवक्ता सचिन साहू, हनीफ खान, अनिल कश्यप, हरवंश लाल, अभिषेक तिवारी, शाहजहां बेगम, पूर्व पार्षद राजेंद्र कुमार आदि ने जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी राजस्व, नगर मजिस्ट्रेट एवं अपरनगर आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना एवं शासनादेश के उल्लंघन का नोटिस दिया गया। नोटिस में कहा गया कि कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई जी जब स्वतंत्रता की लड़ाई प्रारम्भ कर अपनी झाँसी का नाम व अपना नाम विश्व में शिखर पर पहुँचाया तथा अंग्रेज उन्हें छू भी नहीं सके और झाँसी का नाम इतिहास में शहादत के रूप में लिखा गया। ऐसी वीरांगना की याद में वीरांगना लक्ष्मीबाई पार्क जो सार्वजनिक स्थल है व उनकी एक प्रतिमा वर्षो पहले स्थापित की गई वहां लगाया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है।जहाँ विश्व के लोग झाँसी आकर उनको नमन करते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर अन्य कोई मूर्ति स्थापित नहीं हो सकती। महारानी लक्ष्मीबाई जी की प्रतिमा का कोई भी झाँसी वासी विरोध नहीं कर सकता। हमारी भावना है कि महारानी की प्रतिमा कहीं अन्यत्र स्थान पर नियमानुसार भव्यता से लगाई जाये। *जैसा कि मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दि0 18-01-2013 में निर्णित किया है कि नगर निगम, प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या राज्य सरकार को सार्वजनिक स्थल, कोई मूर्ति, धार्मिक स्थल या अन्य कोई भी ऐसा कृत्य नहीं किया जा सकता*। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार कोई कृत्य करती है तो वह अवमानना की श्रेणी में आता है। *वीरांगना लक्ष्मीबाई सार्वजनिक पार्क व स्थल में अनाधिकृत रूप से लगाई जा रही प्रतिमा का निर्माण तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिये रोक दें अन्यथा आप श्रीमान् जी (जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त) के विरूद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय की अवमानना करने एवं दण्डित कराये जाने हेतु कानूनी कार्यवाही करने को बाध्य होना पड़ेगा*। भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा
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    *मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दि0 18-01-2013 की अवमानना के सम्बन्ध में*।
महोदय,
अधिवक्ता भानू सहाय, अधिवक्ता रामकुमार खरे, अधिवक्ता उच्च न्यायालय अशोक सक्सेना, अधिवक्ता गौतम अस्थाना, अधिवक्ता बी. एल. भास्कर, अधिवक्ता वरुण अग्रवाल, अधिवक्ता रवि नगेले, अधिवक्ता 	प्रदीप झा, अधिवक्ता सचिन साहू, हनीफ खान, अनिल कश्यप, हरवंश लाल, अभिषेक तिवारी, शाहजहां बेगम, पूर्व पार्षद राजेंद्र कुमार आदि ने जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी राजस्व, नगर मजिस्ट्रेट एवं अपरनगर आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना एवं शासनादेश के उल्लंघन का नोटिस दिया गया। 
नोटिस में कहा गया कि कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई जी जब स्वतंत्रता की लड़ाई प्रारम्भ कर अपनी झाँसी का नाम व अपना नाम विश्व में शिखर पर पहुँचाया तथा अंग्रेज उन्हें छू भी नहीं सके और झाँसी का नाम इतिहास में शहादत के रूप में लिखा गया। ऐसी वीरांगना की याद में वीरांगना लक्ष्मीबाई पार्क जो सार्वजनिक स्थल है व उनकी एक प्रतिमा वर्षो पहले स्थापित की गई वहां लगाया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है।जहाँ  विश्व के लोग झाँसी आकर उनको नमन करते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर अन्य कोई मूर्ति स्थापित नहीं हो सकती। महारानी लक्ष्मीबाई जी की प्रतिमा का कोई भी झाँसी वासी विरोध नहीं कर सकता। हमारी भावना है कि महारानी की प्रतिमा कहीं अन्यत्र स्थान पर नियमानुसार भव्यता से लगाई जाये। 
*जैसा कि मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दि0 18-01-2013 में निर्णित किया है कि नगर निगम, प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या राज्य सरकार को सार्वजनिक स्थल, कोई मूर्ति, धार्मिक स्थल या अन्य कोई भी ऐसा कृत्य नहीं किया जा सकता*। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार कोई कृत्य करती है तो वह अवमानना की श्रेणी में आता है। 
*वीरांगना लक्ष्मीबाई सार्वजनिक पार्क व स्थल में अनाधिकृत रूप से लगाई जा रही प्रतिमा का निर्माण तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिये रोक दें अन्यथा आप श्रीमान् जी (जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त) के विरूद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय की अवमानना करने एवं दण्डित कराये जाने हेतु कानूनी कार्यवाही करने को बाध्य होना पड़ेगा*।        
भानू सहाय अध्यक्ष 
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा
    user_Pramendra kumar singh
    Pramendra kumar singh
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by S News
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    Post by S News
    user_S News
    S News
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Mohammad Irshad
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    Post by Mohammad Irshad
    user_Mohammad Irshad
    Mohammad Irshad
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • थाईलैंड में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन पुल अचानक ढहा, कई मजदूर मलबे में दबे थाईलैंड से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां निर्माण के दौरान एक पुल अचानक भरभराकर गिर गया। चंद सेकंड में लोहे और कंक्रीट का भारी ढांचा नीचे आ गिरा, जिससे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए और पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुल अभी अधूरा था और कमजोर सपोर्ट के चलते यह हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया। एक पल पहले सब कुछ सामान्य था… और अगले ही पल पूरा मंजर मलबे में तब्दील हो गया। अब सवाल उठता है—क्या निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा?
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    थाईलैंड में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन पुल अचानक ढहा, कई मजदूर मलबे में दबे
थाईलैंड से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां निर्माण के दौरान एक पुल अचानक भरभराकर गिर गया। चंद सेकंड में लोहे और कंक्रीट का भारी ढांचा नीचे आ गिरा, जिससे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए और पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुल अभी अधूरा था और कमजोर सपोर्ट के चलते यह हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया।
एक पल पहले सब कुछ सामान्य था… और अगले ही पल पूरा मंजर मलबे में तब्दील हो गया।
अब सवाल उठता है—क्या निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा?
    user_Hina shukla
    Hina shukla
    Jhansi, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • चाय लेने होटल पहुंचे, CCTV में कैद पूरी घटना | सीपरी बाजार में मचा हड़कंप वीडियो वाइरल।
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    चाय लेने होटल पहुंचे, CCTV में कैद पूरी घटना | सीपरी बाजार में मचा हड़कंप वीडियो वाइरल।
    user_S News
    S News
    Local News Reporter झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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