Shuru
Apke Nagar Ki App…
सतीश पाल का sed #song#love#status#jbj#muick#prjent#up#now#short#vayrl#video#trending#topten goodLook
Satish pal
सतीश पाल का sed #song#love#status#jbj#muick#prjent#up#now#short#vayrl#video#trending#topten goodLook
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कुएं में जहरीली गैस से बेहोश हुए पिता-पुत्र, ग्रामीणों और पुलिस ने सुरक्षित निकाला गोपीगंज। थाना क्षेत्र के ग्राम घाटमपुर में कुएं में तीन लोगों के गिरने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी कसीदहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पता चला कि मामला कुएं में गिरने का नहीं, बल्कि जहरीली गैस की चपेट में आने का था। बताया गया कि घाटमपुर निवासी शिव कुमार विश्वकर्मा ट्यूबवेल का पानी नहीं उठने पर कुएं के अंदर जाकर समस्या देखने लगे। कुआं काफी समय से ढका हुआ था, जिसके अंदर गैस जमा होने के कारण शिव कुमार बेहोश हो गए और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे। पिता को कुएं में बेहोश देख उनका पुत्र कैलाश विश्वकर्मा भी बचाव के लिए कुएं के अंदर उतर गया। कुछ ही देर में वह भी गैस की चपेट में आकर अस्वस्थ महसूस करने लगा। इसके बाद उसने आसपास मौजूद लोगों को बताया कि उसके पिता कुएं के अंदर बेहोश पड़े हैं। मामले की सूचना डायल 112 को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और ग्रामीणों के सहयोग से दोनों को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मौके पर फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई थी। शिव कुमार के सिर में हल्की चोट होने के कारण उन्हें एंबुलेंस से महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर भेजा गया। बताया गया कि पिता-पुत्र दोनों खतरे से बाहर हैं। घटना के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को कुएं में बिना सुरक्षा व्यवस्था के उतरने से बचने की सलाह दी। कुएं में जहरीली गैस से बेहोश हुए पिता-पुत्र, ग्रामीणों और पुलिस ने सुरक्षित निकाला गोपीगंज। थाना क्षेत्र के ग्राम घाटमपुर में कुएं में तीन लोगों के गिरने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी कसीदहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पता चला कि मामला कुएं में गिरने का नहीं, बल्कि जहरीली गैस की चपेट में आने का था। बताया गया कि घाटमपुर निवासी शिव कुमार विश्वकर्मा ट्यूबवेल का पानी नहीं उठने पर कुएं के अंदर जाकर समस्या देखने लगे। कुआं काफी समय से ढका हुआ था, जिसके अंदर गैस जमा होने के कारण शिव कुमार बेहोश हो गए और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे। पिता को कुएं में बेहोश देख उनका पुत्र कैलाश विश्वकर्मा भी बचाव के लिए कुएं के अंदर उतर गया। कुछ ही देर में वह भी गैस की चपेट में आकर अस्वस्थ महसूस करने लगा। इसके बाद उसने आसपास मौजूद लोगों को बताया कि उसके पिता कुएं के अंदर बेहोश पड़े हैं। मामले की सूचना डायल 112 को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और ग्रामीणों के सहयोग से दोनों को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मौके पर फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई थी। शिव कुमार के सिर में हल्की चोट होने के कारण उन्हें एंबुलेंस से महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर भेजा गया। बताया गया कि पिता-पुत्र दोनों खतरे से बाहर हैं। घटना के बाद पुलिस ने ग्रामीणों को कुएं में बिना सुरक्षा व्यवस्था के उतरने से बचने की सलाह दी।1
- मिर्ज़ापुर: कोतवाली शहर पुलिस ने संभाली कमान, अस्पताल-कचहरी मार्ग से भीषण जाम हटवाया और किया यातायात सुचारू।1
- श्री कृष्ण दामोदर द्वादशी व्रत कथा का श्रद्धापूर्वक स्मरण, भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे श्रद्धालु धार्मिक संवाददाता — सूर्य प्रकाश पाण्डेय मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन श्री कृष्ण दामोदर द्वादशी व्रत हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण की आराधना और भक्ति से जुड़ा एक पावन अवसर माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दामोदर स्वरूप का पूजन कर व्रत, कथा-श्रवण एवं भजन-कीर्तन के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता यशोदा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता यशोदा ने बालकृष्ण को उनकी बाल लीलाओं के दौरान रस्सी से बांधा था। इसी कारण भगवान श्रीकृष्ण का एक नाम 'दामोदर' पड़ा। दामोदर स्वरूप भगवान की यह लीला वात्सल्य, प्रेम और भक्ति की शक्ति का संदेश देती है। व्रत कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का स्मरण करते हुए उनके चरणों में पुष्प, फल, मिष्ठान और तुलसी दल अर्पित करते हैं। भगवान का पंचामृत अभिषेक कर दीप प्रज्वलित किया जाता है तथा श्रद्धापूर्वक आरती और कथा का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा, संयम और भक्ति के साथ किया गया व्रत मन को शांति प्रदान करता है तथा परिवार में सुख, समृद्धि और सद्भाव की भावना को बढ़ाता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सभी के जीवन में सुख-शांति, प्रेम और मंगल की कामना की। संदेश: भगवान श्रीकृष्ण की दामोदर लीला हमें सिखाती है कि प्रेम और भक्ति के आगे स्वयं भगवान भी भक्त के प्रेम से बंध जाते हैं। इसलिए जीवन में प्रेम, करुणा, सत्य और सद्भाव को अपनाना ही सच्ची भक्ति है। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन1
- "अरे यार, सड़क बनेगी, तो धंसेगी भी और धंसेगी तो फिर बनेगी *"अरे यार, सड़क बनेगी, तो धंसेगी भी और धंसेगी तो फिर बनेगी।"* यह तो एक नॉर्मल बात है, अगर बरसात इतनी होगी तो सड़क क्या, बड़े-बड़े पुल... अभी देखो नेपाल में इतनी बड़ी बाढ़ आई, पुल के पुल बह के चले गए। वो अलग बात है, लेकिन हां *अगर कहीं कोई गुणवत्ता खराब होगी तो उसकी जांच कराके जो दोषी होंगे, कार्रवाई करेंगे- उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य*1
- 470 बच्चों का रास्ता बदहाल, कीचड़-पानी में स्कूल पहुंचने को मजबूर चेरूईराम कम्पोजिट विद्यालय के सामने धरना, बदहाल मार्ग के खिलाफ फूटा आक्रोश छात्र-शिक्षक बेहाल, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल सरकार, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से तत्काल सड़क निर्माण व जलनिकासी की मांग सवाल—बच्चों की राह में कीचड़ का ये संकट आखिर कब होगा खत्म?1
- बेटी की साथ हुई छेड़खानी का विरोध करना पिता को पड़ा महंगा मिर्जापुर ब्रेकिंग पुलिस बूथ के पास बीच चौराहे पर अधेड़ की लाठी डंडो से पिटाई पीड़ित परिवार का आरोप विपक्षियों के दबाव में हल्के धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा थाना संतनगर क्षेत्र के दीपनगर चौराहे का मामला पुलिस नहीं है सक्रिय थाना क्षेत्र में आए दिन हो रही घटनाएं1
- सतीश पाल का sed #song#love#status#jbj#muick#prjent#up#now#short#vayrl#video#trending#topten goodLook1
- मिर्ज़ापुर: अहरौरा का भव्य तृदिवसीय 'ठाकुर जी मेला' संपन्न, कजली उत्सव व कुश्ती दंगल की रही धूम।1
- नेत्रदान दिवस: किसी के जीवन में रोशनी भरने का संकल्प नई पहल, नई उम्मीद — नेत्रदान से किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला नेत्रदान दिवस के अवसर पर समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। नेत्रदान एक ऐसा महान कार्य है, जिसके माध्यम से किसी दिवंगत व्यक्ति की आंखों के कॉर्निया जरूरतमंद व्यक्ति को दृष्टि प्रदान करने में सहायक हो सकते हैं। मानव जीवन में आंखों का विशेष महत्व है। किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसकी आंखें किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में रोशनी और नई उम्मीद ला सकती हैं। इसलिए समाज के प्रत्येक नागरिक को नेत्रदान के महत्व को समझते हुए इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी ने नेत्रदान दिवस पर लोगों से अपील करते हुए कहा कि नेत्रदान मानवता की सेवा का एक महान माध्यम है। हमें अंधविश्वास और भ्रांतियों को दूर कर लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई रोशनी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि “हमारे जाने के बाद भी हमारी आंखें किसी के जीवन को रोशन कर सकती हैं। इससे बड़ा मानवता का उपहार और क्या हो सकता है।” इस अवसर पर सभी नागरिकों से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने, परिवार एवं समाज में इसकी जानकारी फैलाने और मानव सेवा के इस महान संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय जी मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन1