मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ललितपुर का दौरा किया और तुवन सरकार के दरबार में माथा टेकने के बाद जिले को ₹1766 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ललितपुर की ऐतिहासिक भूमि अब आधुनिक विकास का नया इतिहास रच रही है, और यह शहर अच्छी तथा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ‘सीएम युवा उद्यमी योजना’ के माध्यम से ललितपुर के युवा अब पलायन की प्रथा को समाप्त कर दूसरों को रोजगार देने में सक्षम हो गए हैं। साथ ही, उन्होंने ‘हर घर जल योजना’ की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना ने जिले की तस्वीर बदल दी है, जिसके परिणामस्वरूप माताओं को अब पानी के लिए मीलों दूर नहीं जाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने कलैक्ट्रेट में एक समीक्षा बैठक भी की, जहाँ उन्होंने जिले की विकास परियोजनाओं की हकीकत जानी और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विकास कार्यों को समयसीमा में पूरा करें तथा जनता की समस्याओं का गुणवत्ता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करें। अपने संबोधन में, माननीय मुख्यमंत्री जी ने जल संरक्षण, संवर्धन और वृक्षारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जनसामान्य से आगे आकर योगदान करने की अपील की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ललितपुर का दौरा किया और तुवन सरकार के दरबार में माथा टेकने के बाद जिले को ₹1766 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ललितपुर की ऐतिहासिक भूमि अब आधुनिक विकास का नया इतिहास रच रही है, और यह शहर अच्छी तथा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ‘सीएम युवा उद्यमी योजना’ के माध्यम से ललितपुर के युवा अब पलायन की प्रथा को समाप्त कर दूसरों को रोजगार देने में सक्षम हो गए हैं। साथ ही, उन्होंने ‘हर घर जल योजना’ की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना ने जिले की तस्वीर बदल दी है, जिसके परिणामस्वरूप माताओं को अब पानी के लिए मीलों दूर नहीं जाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने कलैक्ट्रेट में एक समीक्षा बैठक भी की, जहाँ उन्होंने जिले की विकास परियोजनाओं की हकीकत जानी और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विकास कार्यों को समयसीमा में पूरा करें तथा जनता की समस्याओं का गुणवत्ता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करें। अपने संबोधन में, माननीय मुख्यमंत्री जी ने जल संरक्षण, संवर्धन और वृक्षारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जनसामान्य से आगे आकर योगदान करने की अपील की।
- टीकमगढ़-झांसी हाइवे पर दिगौड़ा कस्बे में वाहनों का भारी जाम लग गया। इस भीषण जाम के कारण एक एंबुलेंस को भी काफी देर तक फंसा रहना पड़ा, जिससे आपातकालीन सेवा में बाधा उत्पन्न हुई।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में कृषि विभाग के अधिकारियों और एसडीएम मैडम नवाब तहसीलदार ने किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें खाद और भंडारण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिए। यह जानकारी मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव के माध्यम से सामने आई है।3
- ललितपुर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन्स में एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी ललितपुर सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक ललितपुर, तथा जनपद के अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी और कर्मचारीगणों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। 'स्वस्थ तन, शांत मन एवं सशक्त बल' के संकल्प के साथ आयोजित यह कार्यक्रम सभी उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने जनपदवासियों से अपने दैनिक जीवन में योग को नियमित रूप से अपनाने की अपील की।2
- ललितपुर जिले की मड़ावरा तहसील परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता और तहसीलदार मनोज कुमार श्रीवास्तव ने अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास करते हुए स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। योग प्रशिक्षक कल्पना प्रजापति और गौतम सिंह के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन और प्राणायाम सत्रों का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित रूप से योग करने तथा इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उपजिलाधिकारी मदनमोहन गुप्ता ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को मजबूत करने में सहायक है। वहीं, तहसीलदार मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि निरंतर योगाभ्यास तनाव को कम करता है और कार्यक्षमता में वृद्धि करता है। कार्यक्रम में तहसील के कर्मचारियों सहित अन्य सभी उपस्थित लोगों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और योग के महत्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया।2
- झाँसी में मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम के दौरान एक दृश्य देखने को मिला, जिसने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। कार्यक्रम के दौरान बाबूलाल तिवारी अचानक मंच पर अपनी कुर्सी छोड़कर नीचे चले गए। इस घटना के बाद से लगातार यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। लोगों के बीच यह चर्चा है कि क्या उन्हें मंच पर उचित स्थान नहीं मिला था, या फिर प्रोटोकॉल अथवा बैठने की व्यवस्था को लेकर कोई नाराज़गी थी। इसके अलावा, कुछ लोग इसके पीछे किसी और वजह होने की भी अटकलें लगा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक बाबूलाल तिवारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में घटना के वास्तविक कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही हैं। सच्चाई क्या है, यह तो संबंधित पक्ष के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन कार्यक्रम के दौरान उनका अचानक मंच छोड़ना लोगों के बीच चर्चा का विषय जरूर बन गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव में ऑर्केस्ट्रा डांसरों के साथ मारपीट की एक घटना हुई है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के नजरबाग ग्राउंड में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य लोगों ने योग किया। इस दौरान विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक साथ योग सत्र में भाग लिया।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ललितपुर दौरे के दौरान 1765 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात के साथ एक राजनीतिक बयान भी चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ की ईमानदार और सज्जन छवि की सराहना करते हुए कहा कि उनके परिवार के कुछ लोगों के आचरण के कारण उनकी छवि प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री ने मंच से ही मंत्री को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि वह परिवारवाद और गलत गतिविधियों के खिलाफ मजबूती से खड़े होते हैं तो सरकार पूरी ताकत के साथ उनके पीछे खड़ी होगी। इस बयान को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गंभीरता से सुना, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। राजनीतिक विश्लेषक इस संदेश को महज एक सामान्य नसीहत नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद और अनुचित गतिविधियों के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराने का प्रयास किया है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी इस बयान की काफी चर्चा रही; कई ने इसे मंत्री के लिए सार्वजनिक मंच से दिया गया स्पष्ट संदेश माना, जबकि कुछ राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बयान भविष्य की राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक अनुशासन से भी जुड़ा हो सकता है। मुख्यमंत्री का यह बयान अब ललितपुर जिले से लेकर प्रदेश की राजनीति तक चर्चा का केंद्र बन गया है, और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक मायने और प्रभाव को लेकर चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।1
- शनिवार को ललितपुर जिले के उल्दना कलां गांव में एक तेज हवा के बवंडर की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्य बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर उल्दना कलां गांव में अचानक 40 फीट ऊंचा एक तेज हवा का बवंडर उठा, जो गोल-गोल घूमते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान घर के बाहर बैठे उमराव लोधी (60), उनकी पत्नी प्रीतम बाई (54) और बहू सविता इसकी चपेट में आ गए। घटना के कुछ ही देर बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे अचेत हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत तीनों को उपचार के लिए सीएचसी मड़ावरा पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे अभी भी बेहोशी की स्थिति में हैं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी बबलू सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने घर के सामने अचानक करीब 40 फीट ऊंचा यह बवंडर तेजी से घूमते हुए देखा था। इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, वहीं चिकित्सक प्रभावित लोगों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।1