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देवास जिले के हाटपीपल्या नगर के पटेल पुरा स्थित एक मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिससे गृहस्थी और जनरल स्टोर का करीब दो लाख रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। घटना के वक्त मकान मालिक लतीफ मंसुरी अपने परिवार के साथ खेत पर गए हुए थे और घर पर ताला लगा हुआ था। मकान मालिक लतीफ मंसुरी ने बताया कि आग लगने का कारण संभवतः शॉर्ट सर्किट हो सकता है। इस अग्निकांड में उनका फ्रिज, वाशिंग मशीन, कूलर, टीवी सहित अन्य घरेलू सामान और जनरल स्टोर का पूरा सामान जलकर राख हो गया। पड़ोसियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन मकान पर ताला लगा होने के कारण वे कोई भी सामग्री बचा नहीं पाए।
पत्रकार करीम खान H. p
देवास जिले के हाटपीपल्या नगर के पटेल पुरा स्थित एक मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिससे गृहस्थी और जनरल स्टोर का करीब दो लाख रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। घटना के वक्त मकान मालिक लतीफ मंसुरी अपने परिवार के साथ खेत पर गए हुए थे और घर पर ताला लगा हुआ था। मकान मालिक लतीफ मंसुरी ने बताया कि आग लगने का कारण संभवतः शॉर्ट सर्किट हो सकता है। इस अग्निकांड में उनका फ्रिज, वाशिंग मशीन, कूलर, टीवी सहित अन्य घरेलू सामान और जनरल स्टोर का पूरा सामान जलकर राख हो गया। पड़ोसियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन मकान पर ताला लगा होने के कारण वे कोई भी सामग्री बचा नहीं पाए।
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- एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल के अनुसार, सराफा थाना पुलिस ने ड्रग तस्कर चेतन नाथ को गिरफ्तार किया है। उसके घर की तलाशी के दौरान 265 ग्राम ब्राउन शुगर, 8 किलो गांजा, 19 लाख रुपये नकद और एक नोट गिनने की मशीन बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि चेतन नाथ की बहन सीमा नाथ पहले से ही ड्रग तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार होकर जेल में बंद है, और उसके पास से भी लाखों रुपये जब्त किए गए थे। जांच में यह सामने आया है कि इस भाई-बहन की जोड़ी ने नशा तस्करी के ज़रिए करोड़ों रुपये का नेटवर्क खड़ा किया था, जिसकी पहुँच कई राज्यों तक होने की आशंका है। चेतन नाथ के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह अनेक मामलों में फरार चल रहा था। फिलहाल, चेतन नाथ 2 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर है, और इस दौरान पुलिस उसके नेटवर्क, सप्लायरों, खरीदारों और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, चेतन नाथ की गिरफ्तारी से शहर के अन्य नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है, जिससे इस बड़े नेटवर्क की तलाश और तेज़ हो गई है।1
- क्रिकेट के रोमांच के बीच साइबर सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश गूंजा है। 'सेफ क्लिक 2.0' नामक यह अभियान होलकर स्टेडियम तक भी पहुँचा, जहाँ विशेष प्रयासों के माध्यम से जागरूकता फैलाई गई। स्टेडियम की स्क्रीन पर वीडियो प्रसारित कर दर्शकों और खिलाड़ियों को विभिन्न साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया, ताकि वे डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रह सकें।1
- देवास शहर के जिला अस्पताल में मनमानी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ किसी स्वास्थ्यकर्मी की अनुपस्थिति में ही एक डिलीवरी हो गई। इस घटना को शहर के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। लेखक ने इस गंभीर स्थिति के लिए विधायक, महापौर और अस्पताल की सीएमएचओ जैसे जिम्मेदार अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया है कि इन सभी अधिकारियों के महिला होने के बावजूद भी महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस तरह की घटनाओं के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, जो इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। एम जी अस्पताल का नाम लेते हुए, लेखक ने तीखे शब्दों में पूछा है कि क्या देवास के जनप्रतिनिधि केवल फोटो खिंचवाने और जन्मदिन मनाने के लिए ही अस्पताल आते हैं, जबकि जन समस्याओं पर उनका ध्यान बिल्कुल नहीं जाता है। इस दोहराए गए सवाल ने जनप्रतिनिधियों की जन-कल्याण के प्रति उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है।2
- मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम कर्मचारियों की दबंगई और बदसलूकी का एक नया मामला सामने आया है। यह घटना इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में हुई, जहाँ ड्यूटी पर मौजूद नगर निगम के कर्मचारी एक महिला पत्रकार पर सवाल पूछने पर भड़क उठे और उनके साथ जमकर अभद्रता की। जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला पत्रकार क्षेत्र में नगर निगम की कार्रवाइयों या व्यवस्थाओं को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने वहाँ उपस्थित कर्मचारियों से जनहित से जुड़े कुछ सवाल पूछ लिए, जिस पर कर्मचारी अपना आपा खो बैठे और पत्रकार से विवाद करने लगे। यह बात इतनी बढ़ गई कि कर्मचारियों ने महिला पत्रकार के साथ तीखी बहस करते हुए बदसलूकी करनी शुरू कर दी। इस पूरे मामले के बाद, पीड़ित महिला पत्रकार ने लसूडिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने अब मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- इंदौर नगर निगम ने बारिश के मौसम को देखते हुए जर्जर भवनों के खिलाफ अपने अभियान में तेजी ला दी है। इसी क्रम में, छोटी ग्वालटोली क्षेत्र में एक वर्षों पुराने और खतरनाक मकान को निगम की टीम ने ध्वस्त किया। संकरी गली होने के कारण भारी मशीनें मौके तक नहीं पहुँच सकीं, जिसके चलते मकान को हथौड़े और सब्बल की मदद से तोड़ा गया। नगर निगम के भवन अधिकारी अल्केश बिथरिया ने जानकारी दी कि कई भवनों को ऊपर से पेंट करके ठीक दिखाने का प्रयास किया गया था, जबकि उनकी संरचना पूरी तरह से कमजोर हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि इस मकान के मालिक को पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन जर्जर हिस्से को नहीं हटाया गया। इसके बाद निगम ने स्वयं यह कार्रवाई की। अभियान के दौरान सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। हालांकि, बिजली लाइन चालू होने के कारण कुछ समय के लिए कार्रवाई रोकनी पड़ी थी, लेकिन बाद में बिजली आपूर्ति बंद कराकर मकान को सफलतापूर्वक तोड़ा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बारिश के दौरान ऐसे जर्जर भवन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए, शहर में चिन्हित अन्य खतरनाक भवनों पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी भी संभावित अनहोनी को टाला जा सके।1
- इंदौर कलेक्टर कार्यालय में 30 जून 2026, मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति की बेबसी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे कार्यालय में व्हीलचेयर तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि वह अपनी दिव्यांग पेंशन बंद होने और गंभीर पारिवारिक समस्याओं से परेशान होकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचा था। मीडिया के सामने अपनी व्यथा बताते हुए पीड़ित ने कहा कि उसकी दिव्यांग पेंशन लंबे समय से बंद है और इस संबंध में कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण मंच पर भी उसे मूलभूत सुविधाएँ न मिलने से पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस घटना ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जनसुनवाई में दिव्यांगों के लिए बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं, और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कोई कार्रवाई करेंगे? फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- देवास में सूतार बाखल सब्जी मंडी चौराहे पर एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची, जहाँ स्कूटी सहित दो बालिकाएं एक नाले में गिर गईं। वहाँ मौजूद राहगीरों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए उन्हें नाले से बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना स्थल पर नाला निर्माण कार्य के कई दिनों से रुके होने के कारण हुई। यदि राहगीरों ने तत्काल मदद न की होती, तो वहाँ एक बड़ा हादसा हो सकता था।1