शिकारपुर नगर के मौहल्ला मुफ्तीवाड़ा स्थित दौज वाली पोखर की सफाई के दौरान हाल ही में जमीन से भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग प्रकट होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासियों और सभासद की देखरेख में पोखर की सफाई के दौरान शिवलिंग निकलते ही भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने भक्तिभाव से पूजा-अर्चना कर जल चढ़ाया और स्थान को सुरक्षित करने के लिए तिरपाल, लोहे का जाल, एलईडी लाइटें, डीजे लगाने के साथ ही प्रसाद व दानपेटी रख दी। हालांकि, बीती आधी रात को पुलिस और प्रशासनिक अमले की सख्त कार्रवाई से स्थानीय लोगों में गहरा रोष और दहशत फैल गई है। मौहल्लेवासियों का आरोप है कि तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और भारी पुलिस बल ने अचानक मौके पर पहुंचकर पूरे अस्थायी ढांचे को हटा दिया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक टीम अपने साथ शिवलिंग के ऊपर लगी तिरपाल, लोहे का जाल, डीजे, एलईडी लाइटें, प्रसाद और श्रद्धालुओं की दानपेटी तक उठाकर ले गई। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और डर के साये में जी रहे लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन ने यह कदम दिन के बजाय आधी रात के अंधेरे में क्यों उठाया। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर नगर पालिका या तहसील प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
शिकारपुर नगर के मौहल्ला मुफ्तीवाड़ा स्थित दौज वाली पोखर की सफाई के दौरान हाल ही में जमीन से भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग प्रकट होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासियों और सभासद की देखरेख में पोखर की सफाई के दौरान शिवलिंग निकलते ही भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने भक्तिभाव से पूजा-अर्चना कर जल चढ़ाया और स्थान को सुरक्षित करने के लिए तिरपाल, लोहे का जाल, एलईडी लाइटें, डीजे लगाने के साथ ही प्रसाद व दानपेटी रख दी। हालांकि, बीती आधी रात को पुलिस और प्रशासनिक अमले की सख्त कार्रवाई से स्थानीय लोगों में गहरा रोष और दहशत फैल गई है। मौहल्लेवासियों का आरोप है कि तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और भारी पुलिस बल ने अचानक मौके पर पहुंचकर पूरे अस्थायी ढांचे को हटा दिया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक टीम अपने साथ शिवलिंग के ऊपर लगी तिरपाल, लोहे का जाल, डीजे, एलईडी लाइटें, प्रसाद और श्रद्धालुओं की दानपेटी तक उठाकर ले गई। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और डर के साये में जी रहे लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन ने यह कदम दिन के बजाय आधी रात के अंधेरे में क्यों उठाया। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर नगर पालिका या तहसील प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
- राहुल गांधी जी ने कहा है कि देश का छात्र कह रहा है— “हमारा कोई भविष्य नहीं।” उन्होंने इस बात को रेखांकित करते हुए सरकार और उसके मंत्रियों की बयानबाजी तथा रवैये पर भी सवाल खड़े किए हैं।1
- अलीगढ़ के शाहजमाल क्षेत्र में जलभराव के कारण जनता पानी में कैद होने को मजबूर है और लोगों के पैरों में इंफेक्शन फैल रहा है, लेकिन शासन और प्रशासन पूरी तरह बेखबर बना हुआ है। प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज होकर नगर निगम को सीधा अल्टीमेटम जारी किया गया है। चेतावनी दी गई है कि अगर जलभराव की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो जुम्मे की नमाज़ के बाद बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा।1
- अलीगढ़ में प्यार का भूत चढ़ने पर एक व्यक्ति ने शादी के 14 साल बाद अपनी पत्नी और मासूम बच्चे को छोड़ दिया और अपनी प्रेमिका को अपना लिया। पति द्वारा अचानक परिवार को लावारिस छोड़कर चले जाने के बाद पीड़िता पत्नी ने एसपी सिटी के दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं और संसद में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि संसद में छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करने की अनुमति नहीं दी गई और देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में कई गंभीर कमियाँ सामने आई हैं। छात्रों के भविष्य, NEET परीक्षा प्रणाली और छात्र आंदोलनों से जुड़े इन विवादों के बाद अब सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिख रहा है। संसद में बहस रोके जाने के आरोपों से शिक्षा सुधार और परीक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।2
- संगठन सशक्तिकरण एवं जनसंपर्क अभियान के तहत उत्तर प्रदेश पश्चिम में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के सह प्रभारी माननीय जनाब महमूद ख़ान साहब द्वारा लगातार जनसंपर्क और संगठन विस्तार का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में आज बुलंदशहर के शहीद नगर में अल्पसंख्यक समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, अधिक से अधिक लोगों को कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ने तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस सफल बैठक का आयोजन जनाब रिज़वान मलिक जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर जनाब वली हसन जी, जनाब सैय्यद मुनीर अकबर जी, जनाब तौफीक मकरानी जी एवं जनाब वसी रिज़वी साहब विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में मौजूद सभी साथियों ने संगठन को मजबूत बनाने, कांग्रेस पार्टी को और अधिक सशक्त करने तथा जन-जन तक पार्टी की नीतियों और विचारधारा को पहुँचाने का संकल्प लिया।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस आंदोलन के बीच अब अलीगढ़ में भी कांग्रेस पार्टी जिला स्तर पर सक्रिय हो गई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। छात्रों के इस मुद्दे और प्रदर्शन के बीच आए इस बयान को लेकर लोगों से अपनी राय देने और प्रतिक्रिया साझा करने को कहा गया है।1
- अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली के किसान घाट पर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित प्रदर्शन से पहले भारतीय किसान यूनियन (बलराज) ने पुलिस प्रशासन पर अपने पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट करने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि मंगलवार को होने वाले प्रदर्शन की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं, लेकिन सोमवार देर रात से ही विभिन्न जिलों में पुलिस ने किसान नेताओं को उनके आवासों पर नजरबंद करना शुरू कर दिया। भाकियू (बलराज) के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित संगठन के कई पदाधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर हाउस अरेस्ट किया गया है। बुलंदशहर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह एडवोकेट के बाहर होने पर उनका फोन बंद करा दिया गया, जबकि जिलाध्यक्ष हेमंत पंडित समेत अन्य पदाधिकारियों को रात से ही उनके घरों पर पुलिस निगरानी में रखा गया। संगठन ने पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकार की दमनकारी नीति करार देते हुए कहा कि किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। भाकियू (बलराज) का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए अपनाई गई ऐसी कार्रवाई किसानों में आक्रोश और असंतोष को बढ़ावा दे रही है। संगठन ने प्रशासन के इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए किसानों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है।1