प्रेमिका ने नहीं भरी गिफ्ट वाले मोबाइल की किस्त, प्रेमी ने वापस लिया तो पेट्रोल डालकर कर लिया आत्मदाह… अस्पताल में मौत छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मोबाइल विवाद के चलते 17 वर्षीय छात्रा ने आत्मदाह कर लिया. गंभीर रूप से झुलसी छात्रा की हायर सेंटर रायपुर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से मामूली विवाद में दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मोबाइल को लेकर कहासुनी के बाद 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने खुद को आग ली. घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया. आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अगले ही उसने दम तोड़ दिया. इस मामले से इलाके में गुस्से का माहौल है. पुलिस ने छात्रा के प्रेमी से पूछताछ शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र का है. रामनगर इलाके का रहने वाले एक युवक पिछले दो सालों से 17 वर्षीय छात्रा के साथ प्रेम संबंध में था. युवक ने अपनी प्रेमिका को एक मोबाइल फोन फाइनेंस कराकर गिफ्ट में दिया था. इसी मोबाइल कुछ किस्तें युवक ने चुका दी थीं, लेकिन कुछ छात्रा को भरनी थीं. समय पर किस्त के पैसे नहीं जमा करने पर युवक ने गर्लफ्रेंड को गिफ्ट में दिया मोबाइल अपने पास रख लिया था.
प्रेमिका ने नहीं भरी गिफ्ट वाले मोबाइल की किस्त, प्रेमी ने वापस लिया तो पेट्रोल डालकर कर लिया आत्मदाह… अस्पताल में मौत छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मोबाइल विवाद के चलते 17 वर्षीय छात्रा ने आत्मदाह कर लिया. गंभीर रूप से झुलसी छात्रा की हायर सेंटर रायपुर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से मामूली विवाद में दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मोबाइल को लेकर कहासुनी के बाद 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने खुद को आग ली. घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया. आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अगले ही उसने दम तोड़ दिया. इस मामले से इलाके में गुस्से का माहौल है. पुलिस ने छात्रा के प्रेमी से पूछताछ शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र का है. रामनगर इलाके का रहने वाले एक युवक पिछले दो सालों से 17 वर्षीय छात्रा के साथ प्रेम संबंध में था. युवक ने अपनी प्रेमिका को एक मोबाइल फोन फाइनेंस कराकर गिफ्ट में दिया था. इसी मोबाइल कुछ किस्तें युवक ने चुका दी थीं, लेकिन कुछ छात्रा को भरनी थीं. समय पर किस्त के पैसे नहीं जमा करने पर युवक ने गर्लफ्रेंड को गिफ्ट में दिया मोबाइल अपने पास रख लिया था.
- भारत स्वराज 🚩गिर्द, ग्वालियर, मध्य प्रदेशबढ़िया 👍 गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड🐷 बनके यही काम करोगे तो यही सही है तुम सालों🐷 के लिए और वो सूगर 🐷👞कहा है जो किसी बच्ची के साथ जब दरिंदगी होती है तो हमारे देश 🇮🇳भगवान📿🚩 पर उंगली उठाते हैं तो अब बोलो गलती ये साले🐷 खुद करते है लड़का बाजी लड़की🐷 बाजी करते है फिर नीले 🛢️ड्रम तो राख🔥 में मिलते है17 hrs ago
- Rupesh Thakurइंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश👏3 hrs ago
- Sandeep KumarNiwas, Mandla😡5 hrs ago
- Sandeep KumarNiwas, Mandla🙏5 hrs ago
- Rajesh KumarBihar Sharif, Nalanda😤11 hrs ago
- Oakil oakilBermo, Bokaro🤝17 hrs ago
- Raju RajakSamastipur, Bihar🙏17 hrs ago
- प्रेमिका ने नहीं भरी गिफ्ट वाले मोबाइल की किस्त, प्रेमी ने वापस लिया तो पेट्रोल डालकर कर लिया आत्मदाह… अस्पताल में मौत छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मोबाइल विवाद के चलते 17 वर्षीय छात्रा ने आत्मदाह कर लिया. गंभीर रूप से झुलसी छात्रा की हायर सेंटर रायपुर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से मामूली विवाद में दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मोबाइल को लेकर कहासुनी के बाद 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने खुद को आग ली. घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया. आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अगले ही उसने दम तोड़ दिया. इस मामले से इलाके में गुस्से का माहौल है. पुलिस ने छात्रा के प्रेमी से पूछताछ शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र का है. रामनगर इलाके का रहने वाले एक युवक पिछले दो सालों से 17 वर्षीय छात्रा के साथ प्रेम संबंध में था. युवक ने अपनी प्रेमिका को एक मोबाइल फोन फाइनेंस कराकर गिफ्ट में दिया था. इसी मोबाइल कुछ किस्तें युवक ने चुका दी थीं, लेकिन कुछ छात्रा को भरनी थीं. समय पर किस्त के पैसे नहीं जमा करने पर युवक ने गर्लफ्रेंड को गिफ्ट में दिया मोबाइल अपने पास रख लिया था.1
- बैकुंठपुर कोरिया/पटना से पांच किमी दूर छोटा सा गाँव ग्राम अंगा में भगवताचार श्री विक्रम दुबे जी महराज के मुखारबिंद से श्री कृष्ण जी लीला की महात्म को बताया और बहुत ही आनंद पूर्वक शांत चित होकर कथा को श्रवण किए2
- अमेरा कोयला खदान में विवाद के बाद काम ठप: ठेकेदार और श्रमिकों के बीच मारपीट, हड़ताल पर बैठे मजदूर… लखनपुर छेत्रांतर्गत अमेरा कोयला खदान एक बार फिर सुर्खियों में है जहाँ अमेरा कोयला खदान कांट्रेक्टर और दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों के बीच लड़ाई झगड़े के बाद खदान में तनाव का माहौल व्याप्त है। दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों ने एलसीसी कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और श्रमिक हड़ताल पर बैठे हैं।सूचना पर देर रात एसडीओपी तुल सिंह पट्टवी टीम के साथ खदान पहुंचे और श्रमिकों को समझाइए देने के दौरान श्रमिक भड़क उठे और पुलिस और श्रमिकों के बीच तीखी बहस हो गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेरा ओपन कास्ट परियोजना के पुनः प्रारंभ होने के बाद कोयले को ज़मीन से निकालने का कार्य एलसीसी कंपनी द्वारा किया जा रहा है जिसके बाद बुधवार की बीती रात एलसीसी कंपनी के कांट्रेक्टर और खदान में काम कर रहे दैनिक वेतन श्रमिक के बीच खदान में ओवरटाइम काम करने की बात को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट हो गया और श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि एलसीसी कंपनी के कांट्रेक्टरों द्वारा उनसे सुबह 06 बजे से शाम 06 बजे काम लिया जाता है काम नहीं करने पर तक लाठी डंडे का डर दिखा काम लिया जा रहा है। वहीं एलसीसी कंपनी के मैनेजर राघवेंद्र पांडेय की माने तो श्रमिक शराब के नशे में धुत थे एवं शराब पीकर हल्ला गुल्ला और अभद्रता कर रहे थे। जिसके बाद मजदूरों के साथ केवल हल्की धक्का मुक्की ही हुई है। मजदूरों के बीच हुए झड़प में एलसीसी कंपनी के कौशिक बेकरिया,वेलजी बेकरिया,मंजी बेकरिया का साथ झुमझटकी भी हुई है।मजदूरों ने ये भी आरोप लगाया है कि उन्हें नियम के अनुरूप मानक हिसाब वेतन भुगतान नही किया जाता है।तथा उनसे निर्धारित समय से अधिक जबरदस्ती काम लिया जाता है। फ़िलहाल एलसीसी कंपनी के मैनेजर का कहना है की 08 घंटे से ऊपर ऐच्छिक ओटी करने पर भुगतान नियमानुसार किया जाता है। फिलहाल मामले की सूचना थाने में दर्ज नहीं करायी गई है बीच बचाव के लिए आए एसडीओपी मजदूरों और कांट्रेक्टर के बीच हुए झड़प के बीच रात्रि में एसडीओपी सरगुजा को बीच बचाव के लिए आना पड़ा जिसके बाद बड़ी मशक्कत के बाद मामला शांत हुआ। फिलहाल मामले में एसडीओपी ने दोनों ही पक्ष को समझाईश देते हुए थाने में सूचना देने की बात कही है। एलसीसी कंपनी के मैनेजर राघवेंद्र पांडेय का कहना है कि मजदूर शराब के नशे में धुत थे जिसके बाद कर्मचारियों और मजदूरों के बीच हल्की धक्का मुक्की की घटना हुई है। मजदूरों के हड़ताल करने से अमेरा खदान में काम बंद1
- Godhanpur chauk k pass ka najara jara dekhiye jana!! bhaiso ka jhund aaram se traffic vywastha rok raha hai.ye her roj ki baat ho gayi hai.exident durghtna ka karad ban sakta hai.khas report himanshu raj md news patrkar ambikapur cg.7805838076.2
- कोरिया जिला में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिला कांग्रेस भवन में माननीय जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने NSUI के पदाधिकारियों के साथ संगठन की मजबूती, छात्र हितों एवं आगामी कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की। बैठक के दौरान छात्र समस्याओं के निराकरण, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। जिला अध्यक्ष ने कहा कि छात्र संगठन भविष्य की राजनीति की नींव है और युवाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आना चाहिए।1
- महतारी वंदन eKYC 2026 | ₹1000 बंद न हो | फ्री में करें eKYC#महतारी_वंदन_योजना #MahatariVandanYojana #eKYC2026 #महतारीवंदन #CSC #LokSevaKendra #AadhaarUpdate #CGScheme #महिला_योजना #GovernmentScheme #1000रुपए_किस्त #PublicApp #HindiNews #YojanaUpdate1
- 🚩 पशु तस्करों को शिवसेना की खुली चेतावनी! 🚩 शिवसेना शहडोल संभाग अध्यक्ष पवन पटेल जी के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने फिर दिखाया अपना दम! फूंगा क्षेत्र में क्रूरतापूर्वक गौवंश को ले जा रही एक पिकअप को शिवसैनिकों ने घेराबंदी कर पकड़ा। तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन याद रहे—अब हर गली-मोहल्ले में शिवसैनिक तैनात हैं।1
- कोरिया /छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, मानसिक तनाव कम करने तथा नैतिक मूल्यों के संवर्धन के उद्देश्य से महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके तहत राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विपश्यना ध्यान शिविर में भाग लेने के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। जारी आदेश के अनुसार, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के साथ-साथ राज्य सेवा के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी अपने संपूर्ण सेवाकाल में अधिकतम 6 बार 10 दिवसीय आवासीय विपश्यना ध्यान शिविर में भाग ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें यात्रा समय सहित अधिकतम 12 दिनों का विशेष आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाएगा। आदेश में यह भी उल्लेखित है कि इच्छुक अधिकारी या कर्मचारी को आवेदन के साथ संबंधित विपश्यना केंद्र द्वारा जारी पंजीकरण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। शिविर पूर्ण होने के बाद प्रतिभागी को भागीदारी प्रमाण-पत्र अपने कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा, अन्यथा अवकाश अवधि को अन्य अर्जित अवकाश में समायोजित किया जाएगा। यह अवकाश संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा शासकीय कार्य की सुगमता को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत किया जाएगा। विशेष अवकाश अवधि को कर्तव्य अवधि माना जाएगा तथा इस दौरान पूर्ण वेतन देय होगा। हालांकि, शिविर में भाग लेने के लिए यात्रा भत्ता या अन्य किसी प्रकार का व्यय शासन द्वारा वहन नहीं किया जाएगा।1