मनोहरपुर कस्बे के निकट खोरालाड़खानी गांव में सोमवार को दो आवारा सांडों के बीच हुई भीषण लड़ाई ने अफरा-तफरी मचा दी। सड़क पर आमने-सामने भिड़े इन सांडों ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों सांड लंबे समय तक आक्रामक तरीके से लड़ते रहे, और उनकी यह भिड़ंत इतनी खतरनाक थी कि आसपास मौजूद लोग भय के कारण अपने घरों और दुकानों में शरण लेने को मजबूर हो गए। इस दौरान सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज में साफ दिखाई देता है कि सांडों की लड़ाई के बीच सड़क पर चल रहे लोग अचानक जान बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को दर्शाता है। हालांकि, इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन आवारा सांडों के इस आतंक ने ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
मनोहरपुर कस्बे के निकट खोरालाड़खानी गांव में सोमवार को दो आवारा सांडों के बीच हुई भीषण लड़ाई ने अफरा-तफरी मचा दी। सड़क पर आमने-सामने भिड़े इन सांडों ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों सांड लंबे समय तक आक्रामक तरीके से लड़ते रहे, और उनकी यह भिड़ंत इतनी खतरनाक थी कि आसपास मौजूद लोग भय के कारण अपने घरों और दुकानों में शरण लेने को मजबूर हो गए। इस दौरान सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। घटनास्थल के पास लगे
सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज में साफ दिखाई देता है कि सांडों की लड़ाई के बीच सड़क पर चल रहे लोग अचानक जान बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को दर्शाता है। हालांकि, इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन आवारा सांडों के इस आतंक ने ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
- कोटा में चंद्रसेल मठ की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक वकील ने कथित तौर पर ₹1 लाख की सुपारी देकर एक महंत की हत्या करवा दी थी। इस मामले के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अनुसार, संपत्ति विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था, और इसी विवाद के चलते आरोपी वकील ने महंत को रास्ते से हटाने की पूरी साजिश रची, जिसके बाद सुपारी देकर हत्या को अंजाम दिया गया। घटना को अंजाम देने के बाद खुद पर किसी तरह का शक न हो, इसके लिए आरोपी वकील ने कथित तौर पर एक अस्पताल में भर्ती होने का नाटक भी किया। पुलिस ने इस पहलू की भी गहराई से जांच की और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए इस गंभीर मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है, और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है और लोग इस घटना पर अपनी हैरानी व्यक्त कर रहे हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि इस मामले में जल्द ही और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।2
- कोटा में गर्भवती महिलाओं की मौत के मामले में चल रही जांच के दौरान, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित इंजेक्शन का पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया है और अधिकारियों ने इससे जुड़े संस्थानों में गहन जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिलाओं की मौत के बाद उपयोग में लिए गए इंजेक्शन को जांच के दायरे में लाया गया है। एहतियातन, इस इंजेक्शन का पूरा स्टॉक जब्त करके उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम इस मामले की विस्तृत जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर विशेष नजर बनाए हुए है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।1
- प्रशासन ने हिस्ट्रीशीटरों द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई 20 बीघा जमीन पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया।1
- बारां के छीपाबड़ौद में क्षेत्रीय विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने अपने आवास पर जनसुनवाई की, जहाँ उन्होंने बड़ी संख्या में पहुँचे आमजन की समस्याओं और माँगों को सुना। विधायक सिंघवी ने प्रत्येक फरियादी की बात धैर्यपूर्वक सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। जनसुनवाई के दौरान जल, बिजली, सड़क, आवास, पेंशन, अतिक्रमण और खाद-बीज सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कई मामले सामने आए। विधायक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाए और लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ तुरंत मिलना चाहिए। विधायक सिंघवी ने बताया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। उन्होंने घोषणा की कि हर सप्ताह जनसुनवाई आयोजित की जाएगी ताकि आमजन को लगातार राहत प्रदान की जा सके।2
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- यह जानकारी पूरे शरीर को मजबूत बनाने से संबंधित है।1
- सरकार की जन-कल्याणकारी और फ्लैगशिप योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से हरनावदाशाहजी के ग्राम पंचायत सारथल और देवरीजोध में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को योजनाओं की जानकारी दी, मौके पर ही प्राप्त शिकायतों का निस्तारण किया और पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाया। शिविर में राजस्व विभाग के अतिरिक्त 21 अन्य विभागों, कुल 22 विभागों, से संबंधित कार्य किए गए। इनमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायती राज, आयोजना, ग्रामीण विकास, पशुपालन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल, श्रम, कृषि, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति, जनजाति क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, ऊर्जा, सार्वजनिक निर्माण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सहकारिता, सैनिक कल्याण, वन, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण, और परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। देवरीजोध शिविर में उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुन्तल, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, कानूनगो सुरेन्द्र शर्मा और ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश पारेता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, सारथल में प्रशासक लोकेन्द्र सिंह, विकास अधिकारी रामबिलास मीणा, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी, भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह हाड़ा, अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो जगदीश नामदेव, पटवारी बलराम जाट और ग्राम विकास अधिकारी दुर्गाप्रसाद गौत्तम के साथ कंप्यूटर सहायक राकेश शर्मा आदि मौजूद थे। सारथल शिविर में गौशाला हेतु भूमि आवंटन का एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया। सारथल गौ सेवा समिति ने ग्राम पंचायत को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर गौशाला के लिए भूमि आवंटन की मांग की। ग्राम पंचायत ने तुरंत शिविर में उपस्थित तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर को पत्र लिखकर चारागाह भूमि में से 5 बीघा भूमि गौशाला हेतु आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया। तहसीलदार द्वारा भूमि की जानकारी लेने पर पटवारी ने बताया कि खसरा नंबर 565 में 24 बीघा भूमि अतिक्रमित है। तहसीलदार ने मौके पर ही पटवारी बलराम जाट, भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह हाड़ा और अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो जगदीश नामदेव को तत्काल चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। विकास अधिकारी रामबिला मीणा ने ग्राम विकास अधिकारी को अतिक्रमण हटवाने के लिए जेसीबी जैसे आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद प्रशासक/ग्राम विकास अधिकारी ने तुरंत जेसीबी और अन्य संसाधन उपलब्ध कराकर पुलिस बल भी बुलाया। विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो और प्रशासक स्वयं पूरी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और खसरा नंबर 565 में प्रस्तावित गौशाला हेतु 5 बीघा चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त किया। इस कार्रवाई से गाँव में गौशाला निर्माण का रास्ता साफ हो गया, जिस पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर 2026 की सराहना की। देवरीजोध तहसील छीपाबड़ौद में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर की एक अन्य सफलता में, एक दशक पुरानी राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटि को मौके पर ही सुधारा गया। ग्राम भगवतपुरा निवासी कालू की पुत्रियां नंदू बाई और जुल्फी बाई (जाति कैथोडिया) के नाम सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में पिछले 20-25 वर्षों से गलत दर्ज थे। शिविर में उपस्थित न्यायालय उपखंड अधिकारी ने मामले की सुनवाई करते हुए मौके पर ही नाम शुद्धिकरण का निर्णय पारित किया। इसमें नंदू बाई का नाम बदलकर नंदू उर्फ मोतिया और चम्पा बाई का नाम बदलकर जुल्फी उर्फ चम्पा बाई किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद पटवारी राजस्व टीम द्वारा नामांतरण तुरंत दर्ज कर रिकॉर्ड को अपडेट कर दिया गया। इसी तरह, सारथल शिविर में भवानीपुरा निवासी गिरराज सिंह पुत्र रामसिंह (जाति राजपूत) की 20-22 वर्ष पुरानी कृषि भूमि के खाते में दर्ज गलत नाम का संशोधन किया गया। उन्होंने बताया कि ग्राम भवानीपुरा में खाता संख्या 07 में उनकी माताजी का नाम फूॅलकंवर की जगह मूलकंवर दर्ज हो गया था, जिसके कारण उन्हें बैंकों से केसीसी और मुआवजे में परेशानी हो रही थी। गिरराज सिंह द्वारा सारथल में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में नाम संशोधन हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर, शिविर प्रभारी ने मौके पर उपस्थित राजस्व टीम को नाम संशोधन करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच के उपरांत उनके खाते में नाम संशोधित कर दिया। यह ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के तहत आयोजित हुआ।4
- मनोहरपुर कस्बे के निकट खोरालाड़खानी गांव में सोमवार को दो आवारा सांडों के बीच हुई भीषण लड़ाई ने अफरा-तफरी मचा दी। सड़क पर आमने-सामने भिड़े इन सांडों ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों सांड लंबे समय तक आक्रामक तरीके से लड़ते रहे, और उनकी यह भिड़ंत इतनी खतरनाक थी कि आसपास मौजूद लोग भय के कारण अपने घरों और दुकानों में शरण लेने को मजबूर हो गए। इस दौरान सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज में साफ दिखाई देता है कि सांडों की लड़ाई के बीच सड़क पर चल रहे लोग अचानक जान बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को दर्शाता है। हालांकि, इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन आवारा सांडों के इस आतंक ने ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।2