उत्तर प्रदेश के गोण्डा में पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे "ऑपरेशन दहन" अभियान को बड़ी सफलता मिली है। गोण्डा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट से संबंधित लगभग 15 क्विंटल 11 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों को नष्ट किया है, जिनकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब ₹41 करोड़ 60 लाख आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल के निर्देशन में यह कार्रवाई 29 मई 2026 को जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की उपस्थिति में मैजापुर चीनी मिल स्थित इंसिनरेटर में पूरी की गई। जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज कुल 898 एनडीपीएस एक्ट मुकदमों से जुड़े जब्त मादक पदार्थों का नियमानुसार विनिष्टीकरण किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा मानकों और विधिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 1285.7 किलोग्राम गांजा, 52.57 किलोग्राम चरस, 0.878 किलोग्राम अफीम, 0.1136 किलोग्राम हीरोइन, 6.1186 किलोग्राम स्मैक, 0.045 किलोग्राम कोकीन, 95.71 किलोग्राम डोडा और 70.628 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थ शामिल थे, जिनका कुल वजन 1511.763 किलोग्राम रहा। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई और सभी अभिलेखों का विधिवत संधारण सुनिश्चित किया गया। एसपी गोण्डा ने बताया कि गोण्डा पुलिस नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश के गोण्डा में पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे "ऑपरेशन दहन" अभियान को बड़ी सफलता मिली है। गोण्डा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट से संबंधित लगभग 15 क्विंटल 11 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों को नष्ट किया है, जिनकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब ₹41 करोड़ 60 लाख आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल के निर्देशन में यह कार्रवाई 29 मई 2026 को जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की उपस्थिति में मैजापुर चीनी मिल स्थित इंसिनरेटर में पूरी की गई। जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज कुल 898 एनडीपीएस एक्ट मुकदमों से जुड़े जब्त मादक पदार्थों का नियमानुसार विनिष्टीकरण किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा मानकों और विधिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 1285.7 किलोग्राम गांजा, 52.57 किलोग्राम चरस, 0.878 किलोग्राम अफीम, 0.1136 किलोग्राम हीरोइन, 6.1186 किलोग्राम स्मैक, 0.045 किलोग्राम कोकीन, 95.71 किलोग्राम डोडा और 70.628 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थ शामिल थे, जिनका कुल वजन 1511.763 किलोग्राम रहा। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई और सभी अभिलेखों का विधिवत संधारण सुनिश्चित किया गया। एसपी गोण्डा ने बताया कि गोण्डा पुलिस नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
- जनपद गोण्डा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी प्रदीप कुमार का कार्यकाल पूरा होने पर पुलिस विभाग द्वारा उन्हें कैंप कार्यालय में भावभीनी विदाई दी गई। पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में आयोजित इस समारोह में अधिकारियों ने प्रदीप कुमार को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रशिक्षण अवधि के दौरान, प्रदीप कुमार ने मोतीगंज थाना प्रभारी के रूप में कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना, जनसुनवाई और सामुदायिक पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली को करीब से समझा और अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया। समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने प्रदीप कुमार की कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सीखने की उत्कृष्ट क्षमता की सराहना की, यह विश्वास व्यक्त करते हुए कि उनका सकारात्मक दृष्टिकोण और कार्य के प्रति समर्पण उन्हें भविष्य में एक कुशल एवं प्रभावी पुलिस अधिकारी के रूप में स्थापित करेगा। अपने संबोधन में, प्रदीप कुमार ने जनपद गोण्डा में मिले मार्गदर्शन, सहयोग और आत्मीयता के लिए पुलिस अधीक्षक सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव और सीख उनके भावी सेवा जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। कार्यक्रम के अंत में, सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके सफल सेवा जीवन, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ प्रदीप कुमार को विदाई दी।4
- गोंडा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल द्वारा अपनी मां के प्रति व्यक्त किए गए सम्मान और प्रेम भरे शब्दों ने लोगों का दिल जीत लिया है। उन्होंने अपनी मां को अपनी ताकत और विश्वास बताते हुए कहा, "मां मेरी ताकत हैं, मां मेरा विश्वास हैं। इस दुनिया में मां से बढ़कर और कोई नहीं।" एसपी जायसवाल का यह भावुक संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसने व्यापक चर्चा बटोरी है। लोगों ने इस बयान को मां के प्रति सच्ची श्रद्धा और भारतीय संस्कारों का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बताया है, जिसके चलते यह प्रेरणादायक संदेश खूब सुर्खियां बटोर रहा है।1
- मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आदमपुर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर 21 वर्षीय अदीबा की उसके भाई द्वारा गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक और अन्य पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, यह वारदात इसलिए अंजाम दी गई क्योंकि युवती किसी युवक से बातचीत करती थी, जिससे उसका भाई नाराज था। इसी नाराजगी के चलते भाई ने इस घटना को अंजाम दिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएसपी ने बताया है कि आरोपी भाई घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं, और अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- निरंकरपुर हैबतपुर स्थित राणा पाली चौकी के तहत एक किसान की भूमि पर पुलिस और राजस्व प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा करा दिया गया है। इस घटनाक्रम के दौरान, पीड़ित किसान लगातार रोता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा, परंतु उसकी एक भी नहीं सुनी गई।3
- लखनऊ के चारबाग रेलवे प्लेटफॉर्म पर 'स्वच्छ भारत अभियान' का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है, जिसके चलते यह प्लेटफॉर्म बेहद सुंदर और आकर्षक नज़र आ रहा है। लाल चंद सोनी ने 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए यह रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें प्लेटफॉर्म की स्वच्छता और सुंदरता की सराहना की गई है।1
- अयोध्या के रामनगर धौरहरा निवासी भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की दिनदहाड़े पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में लखनऊ की विभूतिखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में शांतनु रावत उर्फ अंकित रावत, हरि तिवारी और विवेक सिंह नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में एडीसीपी ईस्ट डॉ. अमोल मुरकूट ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी भी दी। हालांकि, इस हत्याकांड का एक चौथा आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिस पर इनाम भी घोषित किया गया है। इन गिरफ्तारियों के बावजूद, पूरे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में अब एक गंभीर सवाल चर्चा का विषय बन गया है: क्या कानून का पैमाना सबके लिए एक समान है? अयोध्या के सपा नेता अनूप सिंह ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कई चर्चित मामलों में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर, बुलडोजर और अन्य कठोर कार्रवाई देखने को मिली है। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की निर्मम हत्या के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और जेल भेजने तक ही क्यों सीमित रही? जनता के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि जब अन्य गंभीर अपराधों में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलता है और पुलिस सख्त संदेश देने के लिए एनकाउंटर जैसी कार्रवाई करती है, तो आखिर इस मामले में ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि शिवम सिंह की सार्वजनिक रूप से पीट-पीटकर की गई हत्या कोई सामान्य घटना नहीं थी। ऐसे में, जनता का एक वर्ग उम्मीद कर रहा था कि सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति इसी मामले में भी उतनी ही कठोरता से दिखाई देगी, जितनी अन्य चर्चित मामलों में देखने को मिलती है। इसके अलावा, मामले का चौथा आरोपी अब तक फरार क्यों है, जबकि तीन आरोपी अपना जुर्म कबूल कर चुके हैं, यह भी एक बड़ा सवाल है जिस पर जनता पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। सामूहिक रूप से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: क्या भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का मामला कम गंभीर माना जा रहा है? क्या अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का पैमाना अलग-अलग है? जब अन्य मामलों में बुलडोजर और एनकाउंटर की चर्चा होती है, तो इस मामले में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक ही क्यों सीमित रही? और फरार आरोपी को पकड़ने में देरी क्यों हो रही है? शिवम सिंह हत्याकांड में हुई गिरफ्तारियों के बावजूद इन सवालों ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब होती है और क्या इस मामले में आगे कोई और कठोर कार्रवाई देखने को मिलेगी।1
- अयोध्या को मुख्यमंत्री योगी की ओर से एक और नई और बड़ी सौगात मिली है, जहाँ अब एक भव्य "लवकुश पार्क" का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 17.72 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा, जिसमें "वेस्ट टू आर्ट" की थीम पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को 3D और लाइट-साउंड तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। इस "लवकुश पार्क" को अयोध्या के मऊशिवाला क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इस पहल से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और संस्कृति को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।1
- अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित अमानीगंज ब्लॉक का श्री राम जानकी महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक संसाधनों से अपनी पहचान बना रहा है। महाविद्यालय के प्राचार्य अवधेश कुमार शुक्ला के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के कारण छात्रों को आधुनिक एवं तकनीकी शिक्षा देने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गई है। इस प्रयोगशाला में लगे आधुनिक और उन्नत मशीन उपकरण किसी बड़े संस्थान से कम नहीं हैं, जो छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। महाविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी उद्देश्य से संस्थान में एक एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में विद्यार्थियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। यहां केवल परीक्षा पास करने की तैयारी ही नहीं कराई जाती, बल्कि शिक्षा, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और संस्कारों के अनूठे समन्वय के माध्यम से छात्रों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य भी बनाया जाता है। प्राचार्य अवधेश कुमार शुक्ला की पहल से महाविद्यालय आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हुआ है, जिसमें बेहतर वातावरण, आधुनिक प्रयोगशाला, स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा शामिल है। अनुभवी शिक्षकों की टीम के साथ ये सभी प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में भी विश्वस्तरीय शिक्षा का सपना साकार किया जा सकता है। यही कारण है कि यह महाविद्यालय क्षेत्र के अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच तेजी से विश्वास का केंद्र बनता जा रहा है, और यह बच्चों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक प्रयोगात्मक ज्ञान, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य देने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।1