जनपद संभल के सदर तहसील क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी भूमि को अवैध रूप से लाभ पहुँचाने के आरोप में नगर पालिका परिषद संभल के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (ईओ) राजकुमार गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राजकुमार गुप्ता वर्तमान में नगर निगम शाहजहांपुर में सहायक नगर आयुक्त के पद पर तैनात हैं। उन पर अभियुक्तों के साथ सांठगांठ कर सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द करने का आरोप है। यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा भूमाफियाओं के अवैध कब्जों और खरीद-फरोख्त को रोकने के निर्देशों के अनुपालन में की गई है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्ननोई और अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) कुलदीप सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की जा रही है। संभल-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित बेशकीमती सरकारी भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर, सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों से मिलीभगत कर मोटी रकम हासिल करने और सरकार को करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुँचाने के संबंध में कोतवाली संभल में मु0अ0सं0 162/2026 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 409 भादवि और 2/3 सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। राजकुमार गुप्ता ने अपने निजी लाभ के लिए उच्च न्यायालय में अभियुक्तों के पक्ष में निजी शपथ पत्र देकर रिट को खत्म कराया और अवैध रूप से सरकारी भूमि का लाभ अभियुक्तों को पहुँचाया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें 1 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक संभल कृष्ण कुमार बिश्नोई ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिन पूर्व जिलाधिकारी महोदय और उनके द्वारा 101 करोड़ रुपये की एक बेशकीमती जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। कागजातों की छानबीन के बाद लेखपाल द्वारा कोतवाली संभल में एक तहरीर प्राप्त हुई, जिसमें तत्कालीन उप संचालक चकबंदी और राजकुमार गुप्ता पर निजी लाभ के लिए जमीन के गबन का आरोप था। उप संचालक चकबंदी ने कुछ फर्जी लोगों के नाम नामांतरण दर्ज किए थे, जबकि राजकुमार गुप्ता ने निजी लाभ के लिए माननीय उच्च न्यायालय में दायर रिट को वापस ले लिया था। इसके बाद इस जमीन को आगे बेचा गया और खुर्दबुर्द करने का प्रयास किया गया। राजकुमार गुप्ता के खिलाफ 2022 में भी 44 लाख रुपये के गबन का एक मामला दर्ज किया गया था। उनके 6 साल के कार्यकाल के दौरान कई अन्य मामले भी प्रकाश में आए हैं। संभल पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास राजकुमार गुप्ता के कृत्यों के विषय में कोई जानकारी है तो वे संभल पुलिस से साझा करें। मामले की विवेचना सीओ कुलदीप कुमार कर रहे हैं। राजकुमार गुप्ता को पूर्व में शासन स्तर पर दो दंड भी दिए जाने की बात सामने आई है और वे रिटायरमेंट के करीब हैं। जांच में उनके कार्यकाल के दौरान के तत्कालीन अध्यक्षों और अन्य सभी संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, और साक्ष्य मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भी टीमें गठित कर प्रयास किए जा रहे हैं।
जनपद संभल के सदर तहसील क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी भूमि को अवैध रूप से लाभ पहुँचाने के आरोप में नगर पालिका परिषद संभल के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (ईओ) राजकुमार गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राजकुमार गुप्ता वर्तमान में नगर निगम शाहजहांपुर में सहायक नगर आयुक्त के पद पर तैनात हैं। उन पर अभियुक्तों के साथ सांठगांठ कर सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द करने का आरोप है। यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा भूमाफियाओं के अवैध कब्जों और खरीद-फरोख्त को रोकने के निर्देशों के अनुपालन में की गई है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्ननोई और अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) कुलदीप सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की जा रही है। संभल-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित बेशकीमती
सरकारी भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर, सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों से मिलीभगत कर मोटी रकम हासिल करने और सरकार को करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुँचाने के संबंध में कोतवाली संभल में मु0अ0सं0 162/2026 धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 409 भादवि और 2/3 सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। राजकुमार गुप्ता ने अपने निजी लाभ के लिए उच्च न्यायालय में अभियुक्तों के पक्ष में निजी शपथ पत्र देकर रिट को खत्म कराया और अवैध रूप से सरकारी भूमि का लाभ अभियुक्तों को पहुँचाया। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें 1 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक संभल कृष्ण कुमार बिश्नोई ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिन पूर्व
जिलाधिकारी महोदय और उनके द्वारा 101 करोड़ रुपये की एक बेशकीमती जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। कागजातों की छानबीन के बाद लेखपाल द्वारा कोतवाली संभल में एक तहरीर प्राप्त हुई, जिसमें तत्कालीन उप संचालक चकबंदी और राजकुमार गुप्ता पर निजी लाभ के लिए जमीन के गबन का आरोप था। उप संचालक चकबंदी ने कुछ फर्जी लोगों के नाम नामांतरण दर्ज किए थे, जबकि राजकुमार गुप्ता ने निजी लाभ के लिए माननीय उच्च न्यायालय में दायर रिट को वापस ले लिया था। इसके बाद इस जमीन को आगे बेचा गया और खुर्दबुर्द करने का प्रयास किया गया। राजकुमार गुप्ता के खिलाफ 2022 में भी 44 लाख रुपये के गबन का एक मामला दर्ज किया गया था। उनके 6 साल के
कार्यकाल के दौरान कई अन्य मामले भी प्रकाश में आए हैं। संभल पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास राजकुमार गुप्ता के कृत्यों के विषय में कोई जानकारी है तो वे संभल पुलिस से साझा करें। मामले की विवेचना सीओ कुलदीप कुमार कर रहे हैं। राजकुमार गुप्ता को पूर्व में शासन स्तर पर दो दंड भी दिए जाने की बात सामने आई है और वे रिटायरमेंट के करीब हैं। जांच में उनके कार्यकाल के दौरान के तत्कालीन अध्यक्षों और अन्य सभी संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, और साक्ष्य मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भी टीमें गठित कर प्रयास किए जा रहे हैं।
- बदायूं-बिल्सी मार्ग पर एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान डकैती का वांछित बदमाश जितेंद्र उर्फ ढिल्लू मारा गया है। यह घटना प्रस्तावित नई जेल की भूमि के निकट वाहन चेकिंग के दौरान हुई, जब सिविल लाइंस थाना पुलिस की एक बदमाश से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हापुड़ जनपद का मूल निवासी और वर्तमान में संभल जनपद में रह रहा जितेंद्र उर्फ ढिल्लू गोली लगने से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार और सिपाही अविनाश भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक जितेंद्र उर्फ ढिल्लू इस्लामनगर कस्बे में हुई डकैती की घटना में वांछित था। पुलिस इस पूरे मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1
- संभल जिले के गुरेठा भुजिया गांव में स्थित एक रास्ता बहुत खराब स्थिति में है। स्थानीय निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से इस जर्जर रास्ते को जल्द से जल्द ठीक कराने का विनम्र आग्रह किया है।1
- संभल में 100 करोड़ रुपये के सरकारी जमीन घोटाले के मामले में पूर्व ईओ राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक विधायक पर पूर्व सपा विधायक सुल्तान बेग ने हमला किया है। यह घटना बरेली की भोजीपुरा विधानसभा सीट से जुड़ी है। इस हमले के बाद, जिस सपा विधायक पर हमला हुआ था, उन्होंने पेट में दर्द होने की शिकायत की है।1
- सम्भल में जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) चंद्रभूषण यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट की विस्तृत जांच रिपोर्ट में उन पर और उनके संबद्ध लिपिक मोहित कुमार पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं। CDO ने यह रिपोर्ट जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, चाइल्ड हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और विधवा पेंशन योजना समेत कई सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और सरकारी धन का दुरुपयोग सामने आया है। आरोपों के मुताबिक, GeM पोर्टल पर फर्जी फर्मों के माध्यम से अनुबंध करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया और एक ही मोबाइल नंबर तथा ई-मेल आईडी से कई फर्मों का संचालन दिखाकर भुगतान किए गए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत बेबी किट बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी गईं, वहीं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में निर्धारित दरों से अधिक पर लैपटॉप खरीदे गए। चाइल्ड हेल्पलाइन और मिशन वात्सल्य में लगभग ₹60 लाख के सरकारी बजट के गबन का मामला भी उजागर हुआ है। CDO की जांच में यह भी उल्लेख है कि DPO ने डिप्टी कलेक्टर की तीन सदस्यीय जांच समिति को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए, जांच में सहयोग नहीं किया, और कई सरकारी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना गया है। जांच रिपोर्ट में गबन की धनराशि की वसूली, दोषियों पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत प्रतिदिन ₹250 का जुर्माना लगाने, विभागीय कार्रवाई शुरू करने और चंद्रभूषण यादव को तत्काल DPO पद से हटाने की सिफारिश की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले डिप्टी कलेक्टर की जांच समिति भी DPO के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि कर चुकी थी, जिसके बाद CDO की रिपोर्ट से यह मामला सम्भल के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में से एक बन गया है।1
- दिवंगत जगन गुर्जर की पत्नी और पूर्व दस्यु कोमेश गुर्जर ने एक खुली चेतावनी जारी करते हुए बदला लेने की धमकी दी है। कोमेश गुर्जर ने आरोप लगाया है कि उन्हें 'चूहा (विष्णु जाट)' कहकर और उनके बच्चे का नाम लेकर अपमानित किया जा रहा है, और इस अपमान के लिए वे शांत नहीं बैठेंगी। उन्होंने अपने पुराने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि वह पहले भी अपने भाई का बदला लेने के बाद जेल जा चुकी हैं। कोमेश गुर्जर ने दृढ़तापूर्वक कहा कि अब सबको पता चलेगा कि 'कोमेश कौन है?', यह दोहराते हुए कि वे बदला लेने तक चैन से नहीं बैठेंगी।1
- उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित गुरेठा भुजिया गांव के घेर रास्ते पर अत्यधिक कीचड़ जमा होने से ग्रामीणों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। यह रास्ता कीचड़ से पूरी तरह भर गया है, जिसके कारण वहां से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है और लोगों को आवाजाही में गंभीर परेशानी हो रही है। गांव के निवासी संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का जल्द समाधान करने और रास्ते को ठीक करवाने की विनम्र अपील कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसे लोग देखते रह गए।1