सम्भल में जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) चंद्रभूषण यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट की विस्तृत जांच रिपोर्ट में उन पर और उनके संबद्ध लिपिक मोहित कुमार पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं। CDO ने यह रिपोर्ट जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, चाइल्ड हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और विधवा पेंशन योजना समेत कई सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और सरकारी धन का दुरुपयोग सामने आया है। आरोपों के मुताबिक, GeM पोर्टल पर फर्जी फर्मों के माध्यम से अनुबंध करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया और एक ही मोबाइल नंबर तथा ई-मेल आईडी से कई फर्मों का संचालन दिखाकर भुगतान किए गए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत बेबी किट बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी गईं, वहीं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में निर्धारित दरों से अधिक पर लैपटॉप खरीदे गए। चाइल्ड हेल्पलाइन और मिशन वात्सल्य में लगभग ₹60 लाख के सरकारी बजट के गबन का मामला भी उजागर हुआ है। CDO की जांच में यह भी उल्लेख है कि DPO ने डिप्टी कलेक्टर की तीन सदस्यीय जांच समिति को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए, जांच में सहयोग नहीं किया, और कई सरकारी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना गया है। जांच रिपोर्ट में गबन की धनराशि की वसूली, दोषियों पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत प्रतिदिन ₹250 का जुर्माना लगाने, विभागीय कार्रवाई शुरू करने और चंद्रभूषण यादव को तत्काल DPO पद से हटाने की सिफारिश की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले डिप्टी कलेक्टर की जांच समिति भी DPO के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि कर चुकी थी, जिसके बाद CDO की रिपोर्ट से यह मामला सम्भल के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में से एक बन गया है।
सम्भल में जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) चंद्रभूषण यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट की विस्तृत जांच रिपोर्ट में उन पर और उनके संबद्ध लिपिक मोहित कुमार पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं। CDO ने यह रिपोर्ट जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, चाइल्ड हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और विधवा पेंशन योजना समेत कई सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और सरकारी धन का दुरुपयोग सामने आया है। आरोपों के मुताबिक, GeM पोर्टल पर फर्जी फर्मों के माध्यम से अनुबंध करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया और एक ही मोबाइल नंबर तथा ई-मेल आईडी से कई फर्मों का संचालन दिखाकर भुगतान किए गए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत बेबी किट बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी गईं, वहीं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में निर्धारित दरों से अधिक पर लैपटॉप खरीदे गए। चाइल्ड हेल्पलाइन और मिशन वात्सल्य में लगभग ₹60 लाख के सरकारी बजट के गबन का मामला भी उजागर हुआ है। CDO की जांच में यह भी उल्लेख है कि DPO ने डिप्टी कलेक्टर की तीन सदस्यीय जांच समिति को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए, जांच में सहयोग नहीं किया, और कई सरकारी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना गया है। जांच रिपोर्ट में गबन की धनराशि की वसूली, दोषियों पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत प्रतिदिन ₹250 का जुर्माना लगाने, विभागीय कार्रवाई शुरू करने और चंद्रभूषण यादव को तत्काल DPO पद से हटाने की सिफारिश की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले डिप्टी कलेक्टर की जांच समिति भी DPO के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि कर चुकी थी, जिसके बाद CDO की रिपोर्ट से यह मामला सम्भल के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में से एक बन गया है।
- असम के शिवसागर जिले के अमोलापट्टी स्थित बाचा बुढ़ागोहाई पथ पर पशु चिकित्सक अपुरवा कुमार कलिता के किराएदार मकान में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज चोरी की घटना सामने आई है। यह वारदात तब हुई जब पशु चिकित्सक के पति कार्यालय में, बच्चे स्कूल में और पत्नी अपने व्यावसायिक स्थान पर थीं। दोपहर करीब 3 बजे जब पत्नी रश्मि रेखा बराई घर लौटीं, तो उन्होंने मुख्य कमरे का ताला टूटा हुआ पाया, जिसके बाद चोरी का खुलासा हुआ। पत्नी रश्मि रेखा बराई ने सदर पुलिस थाने में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। एफआईआर के अनुसार, चोरों ने घर में घुसकर गॉडरेज अलमारी तोड़ दी और तीन सोने की चेन, तीन सोने की अंगूठियां, दो जोड़ी सोने की कान की बाली, एक मोबाइल फोन और कुछ नकद राशि चुरा ली। पीड़ित परिवार ने मीडिया को बताया कि चोरी गए सोने के गहनों की कुल कीमत लगभग 5 लाख रुपये है। घटना की सूचना मिलते ही सदर पुलिस थाने के उच्च अधिकारियों के नेतृत्व में एक बड़ी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।3
- अमरोहा पुलिस ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का परिचय देते हुए वर्ष 2026 की आईजीआरएस (IGRS) रैंकिंग में पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह लगातार पाँचवीं बार है जब अमरोहा पुलिस ने प्रदेश स्तर पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। जनशिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण के दम पर अमरोहा पुलिस लगातार शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। इस उपलब्धि को पुलिस विभाग की प्रभावी कार्यप्रणाली, जवाबदेही और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता का सीधा परिणाम माना जा रहा है। लगातार पाँचवीं बार प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त होने से अमरोहा पुलिस की कार्यशैली की प्रदेश स्तर पर व्यापक सराहना हो रही है। अधिकारियों ने इस सफलता का श्रेय पूरी पुलिस टीम की मेहनत, बेहतर समन्वय और जनसेवा के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दिया है।1
- अमरोहा के राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय एवं संस्थान और राजस्थान के प्रतिष्ठित जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जोधपुर) के यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर (एमएमटीटीसी) के बीच शिक्षा, शोध, नवाचार और शिक्षक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक शैक्षणिक समझौता (एमओयू) संपन्न हुआ। डॉ. सी.वी. रमन सभागार में आयोजित इस समारोह का शुभारंभ संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरी, यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार दुबे, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी और कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्ण कांत दवे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया, जिसके बाद दोनों संस्थानों के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरी ने इस अवसर पर कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऐसे युवाओं को तैयार करना आवश्यक है, जो नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्यमी और लीडर बनें। वहीं, यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार दुबे ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति और नवाचार का समन्वय बताया, जिसके प्रभावी कार्यान्वयन हेतु उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने इस शैक्षणिक समझौते को शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में दोनों संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। कुलपति प्रो. कृष्ण कांत दवे ने जानकारी दी कि इस सहयोग के तहत फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, राष्ट्रीय कार्यशालाएं, शोध गतिविधियां और हाइब्रिड मोड में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन पहलों से शिक्षकों की क्षमता बढ़ेगी और छात्रों को वैश्विक स्तर का नेतृत्व एवं उद्यमिता कौशल विकसित करने का अवसर प्राप्त होगा। कार्यक्रम में आईक्यूएसी निदेशक डॉ. नीतू पंवार, डॉ. सुमन कश्यप, डॉ. शिल्पा रैना, डॉ. आशिया वाहिद, डॉ. अनिल जायसवाल, डॉ. अश्विन सक्सेना, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. अरुण गोस्वामी, डॉ. रीना जोशी, मेरठ परिसर के निदेशक डॉ. पंकज सिंह और मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।4
- उझारी निवासी नौशाद अली एडवोकेट ने आज लखनऊ में शिवपाल सिंह यादव के समक्ष समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिससे उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। समाजवादी पार्टी में शामिल होने की सूचना नगर में पहुंचते ही समर्थकों ने मिष्ठान वितरण कर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। नौशाद अली एडवोकेट पूर्व में शिवपाल सिंह यादव की पार्टी के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और चाचा शिवपाल सिंह यादव से उनके नजदीकी रिश्ते जगजाहिर हैं। कस्बा उझारी के मोहल्ला चौधरियान निवासी किसान चौधरी एहतेशाम अली के यहां जन्मे नौशाद अली की प्रारंभिक शिक्षा नगर में ही हुई है। उन्होंने जामिया मिलिया दिल्ली से एलएलबी की डिग्री हासिल की है। छात्र जीवन से ही राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखने वाले नौशाद अली एडवोकेट नगर सहित पूरे जनपद में सक्रिय राजनीतिक भूमिका में रहे हैं। जब शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाई थी, तब उन्हें जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी। अनेक बार चाचा शिवपाल सिंह यादव उनके उझारी स्थित आवास पर भी आ चुके हैं। नौशाद अली एडवोकेट को कम उम्र में ही एक परिपक्व राजनेता के रूप में जाना जाता है।3
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की तैयारी शुरू हो गई है। इसी संबंध में, प्रशासन द्वारा राजनीतिक दलों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया है।1
- सम्भल में जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) चंद्रभूषण यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट की विस्तृत जांच रिपोर्ट में उन पर और उनके संबद्ध लिपिक मोहित कुमार पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं। CDO ने यह रिपोर्ट जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, चाइल्ड हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और विधवा पेंशन योजना समेत कई सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और सरकारी धन का दुरुपयोग सामने आया है। आरोपों के मुताबिक, GeM पोर्टल पर फर्जी फर्मों के माध्यम से अनुबंध करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया और एक ही मोबाइल नंबर तथा ई-मेल आईडी से कई फर्मों का संचालन दिखाकर भुगतान किए गए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत बेबी किट बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदी गईं, वहीं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में निर्धारित दरों से अधिक पर लैपटॉप खरीदे गए। चाइल्ड हेल्पलाइन और मिशन वात्सल्य में लगभग ₹60 लाख के सरकारी बजट के गबन का मामला भी उजागर हुआ है। CDO की जांच में यह भी उल्लेख है कि DPO ने डिप्टी कलेक्टर की तीन सदस्यीय जांच समिति को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए, जांच में सहयोग नहीं किया, और कई सरकारी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना गया है। जांच रिपोर्ट में गबन की धनराशि की वसूली, दोषियों पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के तहत प्रतिदिन ₹250 का जुर्माना लगाने, विभागीय कार्रवाई शुरू करने और चंद्रभूषण यादव को तत्काल DPO पद से हटाने की सिफारिश की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले डिप्टी कलेक्टर की जांच समिति भी DPO के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि कर चुकी थी, जिसके बाद CDO की रिपोर्ट से यह मामला सम्भल के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में से एक बन गया है।1
- अमरोहा जनपद में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक श्री लखन सिंह यादव ने गुरुवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ परीक्षा संबंधी अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिला मजिस्ट्रेट ने परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय और क्लॉक रूम जैसी मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। डॉ. गौड़ ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक श्री लखन सिंह यादव ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की गहन जांच की जा रही है, ताकि प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर रहे हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने जानकारी दी कि पहले दिन की दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सकुशल संपन्न हो गई हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष पालियों की परीक्षा भी इसी सतर्कता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाए। इस निरीक्षण के दौरान सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।4
- सोशल मीडिया पर धौज गाँव का बताया जा रहा एक हृदय विदारक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक को स्कॉर्पियो गाड़ी से कुचलकर बेरहमी से जान से मार दिया गया है। इस क्रूर घटना को देखकर लोग स्तब्ध हैं, और वीडियो साझा करने वाले ने कमजोर दिल वालों को इसे न देखने की चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, @police_haryana से अपील की गई है कि वे दोषियों के खिलाफ तत्काल जाँच कर कड़ी कार्रवाई करें।1
- गाजियाबाद से सामने आई एक हृदयविदारक घटना में, मोहित नामक युवक की उसके ही दोस्तों ने निर्मम हत्या कर दी। बताया गया है कि मोहित को उसके जन्मदिन के बहाने बुलाया गया था, जिसके बाद इस क्रूर वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना से मोहित के परिवार में कोहराम मच गया है। गुस्साए परिजनों ने हत्यारों को फांसी दिए जाने की मांग करते हुए सड़क जाम कर दी। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग 9 (NH 9) की सर्विस रोड को भी बंद करा दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ।1