लोक निर्माण विभाग में तहसीलदार (ग्रुप–A) पद पर वर्षों से ठहराव, उच्च पद सृजन की मांग तेज कुल्लू टुडे न्यूज़ शिमला, 18 फरवरी 2026 हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (HPPWD) में कार्यरत तहसीलदार (ग्रुप–A) सह भूमि अधिग्रहण अधिकारी श्री त्रिभुवन शर्मा ने विभाग में पदोन्नति के स्पष्ट प्रावधान के अभाव में उत्पन्न दीर्घकालीन ठहराव (Stagnation) पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में 18 फरवरी 2026 को मुख्य अभियंता को औपचारिक ज्ञापन सौंपते हुए राज्य सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की गई है। तीन पद सृजित, पर पदोन्नति का मार्ग नहीं ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 11 नवंबर 2019 की अधिसूचना के तहत लोक निर्माण विभाग में तहसीलदार (ग्रुप–A) के तीन पद सृजित किए गए थे। प्रत्येक अधिकारी को चार–चार जिलों का कार्यभार सौंपा गया है तथा उनके कार्यालय शिमला, मंडी और कांगड़ा में स्थापित हैं। व्यापक भौगोलिक दायरे और बहु-जिला दायित्वों के बावजूद इस पद के लिए कोई उच्चतर पद निर्धारित नहीं किया गया है। महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन वर्तमान में ये अधिकारी भूमि अधिग्रहण कलेक्टर के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं तथा Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 के अंतर्गत कलेक्टर की शक्तियों का प्रयोग करते हुए भूमि अधिग्रहण, मुआवजा निर्धारण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन जैसे संवेदनशील और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्य संपादित कर रहे हैं। कैरियर प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव ज्ञापन में कहा गया है कि विभाग में इस पद से आगे पदोन्नति का कोई संस्थागत प्रावधान न होने के कारण अधिकारियों को लंबे समय तक एक ही पद पर कार्य करना पड़ रहा है। इससे उनकी कैरियर प्रगति बाधित हो रही है तथा प्रशासनिक मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। अन्य विभागों में स्पष्ट पदोन्नति व्यवस्था तुलनात्मक रूप से राजस्व विभाग में तहसीलदार (ग्रुप–A) से जिला राजस्व अधिकारी (DRO) और तत्पश्चात हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) में पदोन्नति का स्पष्ट प्रावधान उपलब्ध है, जबकि लोक निर्माण विभाग में समान दायित्व निभाने वाले अधिकारियों के लिए ऐसी व्यवस्था का अभाव है। इसे समान अवसर एवं प्रशासनिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताया गया है। ACP लाभ लागू करने की भी मांग आश्वस्त कैरियर प्रगति योजना (ACP) के प्रावधानों का हवाला देते हुए मांग की गई है कि 4, 9 एवं 14 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर, यदि पदोन्नति उपलब्ध न हो, तो उच्च ग्रेड वेतन अथवा अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ सुनिश्चित किया जाए। सरकार से शीघ्र निर्णय की अपील प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से राज्य सरकार से आग्रह किया गया है कि लोक निर्माण विभाग में तहसीलदार (ग्रुप–A) के लिए उच्च पद सृजित किए जाएं अथवा राजस्व विभाग में समायोजन कर पदोन्नति का अवसर प्रदान किया जाए। अन्यथा न्याय की प्राप्ति हेतु माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेने का विकल्प खुला रखा जाएगा।
लोक निर्माण विभाग में तहसीलदार (ग्रुप–A) पद पर वर्षों से ठहराव, उच्च पद सृजन की मांग तेज कुल्लू टुडे न्यूज़ शिमला, 18 फरवरी 2026 हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (HPPWD) में कार्यरत तहसीलदार (ग्रुप–A) सह भूमि अधिग्रहण अधिकारी श्री त्रिभुवन शर्मा ने विभाग में पदोन्नति के स्पष्ट प्रावधान के अभाव में उत्पन्न दीर्घकालीन ठहराव (Stagnation) पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में 18 फरवरी 2026 को मुख्य अभियंता को औपचारिक ज्ञापन सौंपते हुए राज्य सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की गई है। तीन पद सृजित, पर पदोन्नति का मार्ग नहीं ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 11 नवंबर 2019 की अधिसूचना के तहत लोक निर्माण विभाग में तहसीलदार (ग्रुप–A) के तीन पद सृजित किए गए थे। प्रत्येक अधिकारी को चार–चार जिलों का कार्यभार सौंपा गया है तथा उनके कार्यालय शिमला, मंडी और कांगड़ा में स्थापित हैं। व्यापक भौगोलिक दायरे और बहु-जिला दायित्वों के बावजूद इस पद के लिए कोई उच्चतर पद निर्धारित नहीं किया गया है। महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन वर्तमान में ये अधिकारी भूमि अधिग्रहण कलेक्टर के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं तथा Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition Rehabilitation and Resettlement Act, 2013 के अंतर्गत कलेक्टर की शक्तियों का प्रयोग करते हुए भूमि अधिग्रहण, मुआवजा निर्धारण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन जैसे संवेदनशील और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कार्य संपादित कर रहे हैं। कैरियर प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव ज्ञापन में कहा गया है कि विभाग में इस पद से आगे पदोन्नति का कोई संस्थागत प्रावधान न होने के कारण अधिकारियों को लंबे समय तक एक ही पद पर कार्य करना पड़ रहा है। इससे उनकी कैरियर प्रगति बाधित हो रही है तथा प्रशासनिक मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। अन्य विभागों में स्पष्ट पदोन्नति व्यवस्था तुलनात्मक रूप से राजस्व विभाग में तहसीलदार (ग्रुप–A) से जिला राजस्व अधिकारी (DRO) और तत्पश्चात हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) में पदोन्नति का स्पष्ट प्रावधान उपलब्ध है, जबकि लोक निर्माण विभाग में समान दायित्व निभाने वाले अधिकारियों के लिए ऐसी व्यवस्था का अभाव है। इसे समान अवसर एवं प्रशासनिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताया गया है। ACP लाभ लागू करने की भी मांग आश्वस्त कैरियर प्रगति योजना (ACP) के प्रावधानों का हवाला देते हुए मांग की गई है कि 4, 9 एवं 14 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर, यदि पदोन्नति उपलब्ध न हो, तो उच्च ग्रेड वेतन अथवा अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ सुनिश्चित किया जाए। सरकार से शीघ्र निर्णय की अपील प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से राज्य सरकार से आग्रह किया गया है कि लोक निर्माण विभाग में तहसीलदार (ग्रुप–A) के लिए उच्च पद सृजित किए जाएं अथवा राजस्व विभाग में समायोजन कर पदोन्नति का अवसर प्रदान किया जाए। अन्यथा न्याय की प्राप्ति हेतु माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेने का विकल्प खुला रखा जाएगा।
- हिमाचल की आवाज़ झाकड़ी क्षेत्र में डस्टबिन उपलब्ध होने के बावजूद भी कुछ लोगों द्वारा खुले में कूड़ा-कचरा फेंका जा रहा है, जिससे आसपास गंदगी फैल रही है। यह स्थिति न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनती जा रही है। सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य देश को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाना है, लेकिन झाकड़ी में इसकी सरेआम अनदेखी की जा रही है। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गंदगी के कारण बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ सकती है। स्थानीय प्रशासन से मांग की जाती है कि खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही, क्षेत्रवासियों से भी अपील है कि वे स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और कूड़ा केवल निर्धारित स्थान पर ही डालें।1
- रिपोर्ट -18 फ़रवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज की तलाड़ा पंचायत के दो भाइयों, हटदेव सिंह और मेघ सिंह की कहानी बेहद दर्दनाक है। कुदरत की दोहरी मार ने इन्हें बेघर कर दिया है। 2023 की आपदा: पहली बार घर पूरी तरह तबाह हुआ। 2025 की आपदा: वन भूमि पर जैसे-तैसे बनाया नया बसेरा भी भूस्खलन की भेंट चढ़ गया। सरकारी अनदेखी: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक कोई मुआवजा या सहायता नहीं मिली। वर्तमान स्थिति: रहने को छत नहीं होने के कारण दोनों भाई एक गौशाला में पशुओं के साथ रातें काटने को मजबूर हैं। प्रशासन से गुहार: ग्रामीणों ने एकजुट होकर उपायुक्त कुल्लू से मांग की है कि हटदेव और मेघ सिंह को घर बनाने के लिए तुरंत सुरक्षित जमीन और सरकारी मदद उपलब्ध कराई जाए।1
- देश में संघीय ढांचे को कमज़ोर कर रही भाजपा- नेगी शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन भी RDG पर चर्चा जारी रही. इस दौरान प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. सदन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा देश में संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है उन्होंने कहा कि केंद्र का छोटे राज्यों को संविधान के अनुसार वित्तीय पोषण न देना देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है. जगत सिंह नेगी ने 16वें वित्त आयोग पर आरोप लगाया कि वित्त आयोग भाजपा की कठपुतली बन काम कर रहा है. राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा की संघीय ढांचे में राजस्व घाटी वाले राज्यों के लिए केंद्रीय सहायता का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 275 में किया गया है. राजस्व मंत्री ने आरोप लगाया कि वित्त आयोग भाजपा की कठपुतली बन गया है. जगत सिंह नेगी ने कहा कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए रिवेन्यू डिफिसिट छोटे राज्यों को वित्तीय पोषण देना जरूरी है. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा देश में संघीय ढांचे को समाप्त कर देना चाहती है. जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार हिमाचल के हितों की लड़ाई लड़ रही है. प्रदेश के भाजपाइयों को राज्य के हित के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ खड़ा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा के लोग हिमाचल के हितेषी नहीं है और प्रदेश का विकास नहीं देखना चाहते. प्रदेश भाजपा के लोग केवल चुनाव जीतकर सत्ता सुख भोगना चाहते हैं. बाइट -- जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री वहीं राज्यसभा चुनाव को लेकर हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के पास संख्या बल है ऐसे में भाजपा किस आधार पर अपने प्रत्याशी को आगे ले जाने की बात सोच रही है. पिछले चुनाव में भाजपा ने दल बदल करके लोकतंत्र की हत्या की. अब भाजपा क्या इस बार दोबारा दल बदल और धनबल से चुनाव जीतकर लोकतंत्र को समाप्त कर देना चाहती है. भाजपा धनबल पर अगर चुनाव जीतती रही तो चुनाव के क्या मायने रह जाएंगे. जगत सिंह नेगी ने कहा कि लोकतंत्र में यह सही नहीं है. बाइट -- जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री2
- ग्राम तनसेटा में नव-निर्मित शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य समारोह अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ3
- Post by Golu “golukmaur” Kmaur1
- गौ सेवा रक्षक दल कुल्लू अध्यक्ष शेरा नेगी बीमार नंदी महाराज के सेवा में 24/7 तैयार दीवार वाले दिन भी गौ धन की सेवा करना है Himachal Update 24 News Himachal update Bhajan Bhakti #कुल्लू #kullu #mandishivratri1
- बुधवार को बिलासपुर जिला मुख्यालय पर स्वर्ण समाज यूजीसी एक्ट के विरोध में सड़कों पर उतर आया। स्वर्ण समाज सामान्य वर्ग संयुक्त संघ हिमाचल प्रदेश की बिलासपुर इकाई के बैनर तले रोष रैली निकाली गई और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। साथ ही एक्ट को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई गई। उन्होंने चेतावनी दी है यदि केंद्र सरकार ने काले कानूनों को वापस नहीं लिया तो स्वर्ण समाज बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा। विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी एक्ट छात्रों और समाज के हितों के विपरीत है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं जो युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। यह जानकारी संयोजक विजय चंदेल ने दी।1
- रिपोर्ट -18 फ़रवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। घाटी की तलाड़ा पंचायत की महिलाओं ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया है। घाटी की महिलाओं का कहना है कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा के कारण गांव के अधिकतर घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं ऊपर से स्मार्ट मीटर लगा क़र बिजली के भारी भरकम बिलों का बोझ डाला जा रहा है।1