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सैंज घाटी की तलाड़ा पंचायत की महिलाओं ने किया स्मार्ट मीटर का विरोध, उपायुक्त कार्यलय कुल्लू के बाहर किया धरना प्रदर्शन रिपोर्ट -18 फ़रवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। घाटी की तलाड़ा पंचायत की महिलाओं ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया है। घाटी की महिलाओं का कहना है कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा के कारण गांव के अधिकतर घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं ऊपर से स्मार्ट मीटर लगा क़र बिजली के भारी भरकम बिलों का बोझ डाला जा रहा है।

2 hrs ago
user_Budhi Singh Thakur
Budhi Singh Thakur
Local News Reporter सैंज, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago

सैंज घाटी की तलाड़ा पंचायत की महिलाओं ने किया स्मार्ट मीटर का विरोध, उपायुक्त कार्यलय कुल्लू के बाहर किया धरना प्रदर्शन रिपोर्ट -18 फ़रवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। घाटी की तलाड़ा पंचायत की महिलाओं ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया है। घाटी की महिलाओं का कहना है कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा के कारण गांव के अधिकतर घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं ऊपर से स्मार्ट मीटर लगा क़र बिजली के भारी भरकम बिलों का बोझ डाला जा रहा है।

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  • रिपोर्ट -18 फ़रवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। घाटी की तलाड़ा पंचायत की महिलाओं ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया है। घाटी की महिलाओं का कहना है कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा के कारण गांव के अधिकतर घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं ऊपर से स्मार्ट मीटर लगा क़र बिजली के भारी भरकम बिलों का बोझ डाला जा रहा है।
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    रिपोर्ट -18 फ़रवरी, बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज।
घाटी की  तलाड़ा पंचायत की महिलाओं ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया है। घाटी की महिलाओं का कहना है कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा के कारण गांव के अधिकतर घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं ऊपर से स्मार्ट मीटर लगा क़र बिजली के भारी भरकम बिलों का बोझ डाला जा रहा है।
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter सैंज, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरवाईं में फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया । मृदुल मिस्टर व शगुन मिस फेयरवेल बने । भरवाईं ,अकी रतन ऊना,हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरवाईं में मंगलवार को फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया। फेयरवेल में छात्राओं ने हिमाचल की खूबसूरत पारंपरिक परिधान साड़ी में सजधज कर कैटवॉक किया तथा छात्रों ने भी मॉडल की वेशभूषा में अपनी प्रतिभा दिखाई। स्कूल के प्रधानाचार्य निर्मल कुमार ने बतौर मुख्यातिथी शिरकत कर विद्यार्थियों का हौंसला बढ़ाया। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे से 3 बजे तक चले इस कार्यक्रम में 11वीं व 12वीं कक्षा के पचहत्तर से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपने हुनर को दर्शाया । अपने संबोधन में स्कूल प्रधानाचार्य निर्मल कुमार ने बताया कि स्कूल में विद्यार्थियों को गुणवतावान पढ़ाई दिलाने के अलावा अन्य मंचों में भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन स्कूल में किया जाता है तथा विद्यार्थियों को उनके निर्धारित लक्ष्य पर कड़ी मेहनत करने पर प्रोत्साहित किया। समारोह के दौरान मृदुल को मिस्टर फेयरवैल और शगुन मिस फेयरवैल के ताज से सम्मानित हुई।इस अवसर पर स्कूल के समस्त अध्यापक मौजूद रहे।
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    राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरवाईं  में फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया । मृदुल  मिस्टर व शगुन  मिस फेयरवेल बने  ।
भरवाईं ,अकी रतन ऊना,हिमाचल प्रदेश 
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला  के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरवाईं  में  मंगलवार  को फेयरवेल पार्टी का आयोजन किया गया। फेयरवेल में छात्राओं ने हिमाचल की खूबसूरत पारंपरिक परिधान साड़ी में सजधज कर कैटवॉक किया तथा छात्रों ने भी मॉडल की वेशभूषा में अपनी प्रतिभा दिखाई। स्कूल के प्रधानाचार्य  निर्मल कुमार ने बतौर मुख्यातिथी शिरकत कर विद्यार्थियों का हौंसला बढ़ाया। मंगलवार  सुबह करीब 10 बजे से 3 बजे तक चले इस कार्यक्रम में 11वीं व 12वीं कक्षा के पचहत्तर से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपने हुनर को दर्शाया । अपने संबोधन में स्कूल प्रधानाचार्य निर्मल कुमार ने बताया कि स्कूल में विद्यार्थियों को गुणवतावान पढ़ाई दिलाने के अलावा अन्य मंचों में भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन स्कूल में किया जाता है तथा विद्यार्थियों को उनके निर्धारित लक्ष्य पर कड़ी मेहनत करने पर प्रोत्साहित किया। समारोह के दौरान मृदुल को मिस्टर फेयरवैल और शगुन मिस फेयरवैल के ताज से सम्मानित हुई।इस अवसर पर स्कूल के समस्त अध्यापक मौजूद रहे।
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Step into luxury with these stunning dressing room designs ✨ From smart storage to elegant finishes, your dream space starts here. Which style is your favorite? For interior design ideas and customized solutions, contact Decoory Interiors 📩 DM for inquiries 📞 Contact us: 9821545511 📍Location: GF -71, Gaur City Center, Greater Noida West, Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh 201318
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    user_Decoory Interiors
    Decoory Interiors
    Interior designer कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • शिमला में सुक्खू सरकार के ख़िलाफ पेंशनरों का प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स सयुंक्त संघर्ष समिति ने चौड़ा मैदान शिमला में धरना प्रदर्शन किया। समिति ने प्रदेश सरकार पर पेंशनरों की मांगों को पूरा न करने और मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए। पेंशनर का तर्क है कि बीते साल 28 नवंबर को धर्मशाला में हुए धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि वे एक हफ्ते में शिष्टमंडल को बातचीत के लिए बुलाएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपना वादा नहीं निभाया। पेंशनरों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पेंशनरों के प्रति संवेदनशील नहीं है और उनकी देनदारियों को रोक कर अपनी सरकार चला रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर पेंशनरों की मांगों को नहीं माना गया, तो वे विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। पेंशनरों की मांग है कि 1.1.2016 से 31.1.2022 तक सेवानिवृत कर्मचारियों की ग्रटुइटी, लीव इनकाशमेंट, कम्युटेशन और संशोधित पैंशन की अदायगी की जाए। इसके अलावा वे 13% मेहगाई भता और 146 महीने का मेहगाई भते का अर्रेंर भी मांग रहे हैं। हिमाचल पथ परिवहन के पेंशनरों को प्रति माह पेंशन की अदायगी पहली तारीख को करने की मांग की जा रही है। साथ ही संशोधित वेतनमान के वित्तीय लाभों को देने की भी मांग है। शहरी नगर निकायों के पेंशनरों को 1.1.2006 के बजाय 1.1.2016 के वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर पेंशन देने की मांग की जा रही है।
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    शिमला में सुक्खू सरकार के ख़िलाफ पेंशनरों का प्रदर्शन 
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स सयुंक्त संघर्ष समिति ने चौड़ा मैदान शिमला में धरना प्रदर्शन किया। समिति ने प्रदेश सरकार पर पेंशनरों की मांगों को पूरा न करने और मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए। पेंशनर का तर्क है कि बीते साल 28 नवंबर को धर्मशाला में हुए धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि वे एक हफ्ते में शिष्टमंडल को बातचीत के लिए बुलाएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपना वादा नहीं निभाया। पेंशनरों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पेंशनरों के प्रति संवेदनशील नहीं है और उनकी देनदारियों को रोक कर अपनी सरकार चला रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर पेंशनरों की मांगों को नहीं माना गया, तो वे विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे।
पेंशनरों की मांग है कि 1.1.2016 से 31.1.2022 तक सेवानिवृत कर्मचारियों की ग्रटुइटी, लीव इनकाशमेंट, कम्युटेशन और संशोधित पैंशन की अदायगी की जाए। इसके अलावा वे 13% मेहगाई भता और 146 महीने का मेहगाई भते का अर्रेंर भी मांग रहे हैं। हिमाचल पथ परिवहन के पेंशनरों को प्रति माह पेंशन की अदायगी पहली तारीख को करने की मांग की जा रही है। साथ ही संशोधित वेतनमान के वित्तीय लाभों को देने की भी मांग है। शहरी नगर निकायों के पेंशनरों को 1.1.2006 के बजाय 1.1.2016 के वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर पेंशन देने की मांग की जा रही है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    5 hrs ago
  • हमीरपुर हमीरपुर जिला के दुग्ध उत्पादक किसानों ने उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंप कर दुग्ध सबंधी आ रही समस्या से अवगत करवाया है। प्रतिनिधिमंडल के दौरान आए हुए दुग्ध उत्पादकों ने बताया कि दुग्ध उत्पादन के लिए विभाग के द्वारा दिलचस्पी नही दिखाई दे रही है जिसके चलते पिछले कुछ महीनों से दुग्ध उत्पादकों को समस्या हो रही है। इस अवसर पर किसान अनिल कुमार, रंजन सिंह के अलावा अन्य दूध उत्पादक मौजूद रहे। दूध उत्पादकों ने उपायुक्त हमीरपुर गर्धवा राठौर को ज्ञापन सौंपा और जल्द समस्या हल करने की गुहार लगाइ्र है। किसान अनिल कुमार  ने बताया कि पिछले लगभग छह माह से पशुपालन विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से विशेषकर हिमफैड की मदद से सोसायटियों का गठन युद्धस्तर पर किया गया था और किसानों को आश्वस्त किया गया था कि घर.द्वार से दुग्ध एकत्रण की व्यवस्था की जाएगी तथा पशुपालकों को चारा और कम रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए इन योजनाओं से प्रेरित होकर अनेक किसानों ने अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन शुरू कर दिया।लेकिन अभी तक जिले में दुग्ध एकत्रण प्रणाली प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाई है जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान और विपणन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वही अन्य किसानों ने विभाग से मांग की है कि इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि विभाग की उद्यमशीलता और सकारात्मक पहल पशुपालकों के लिए वरदान सिद्ध होगी। वहीं किसान रंजन ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों के द्वारा दूध की पैदावार तेा की जा रही है लेकिन दूध बेचने के लिए अब समस्या बन रही है इसलिए जिला उपायुकत से आज मुलाकात की जा रही है। उन्हांेने बताया कि दूध उत्पादन में दो सौ लीटर की क्षमता पूरी की जा रही है लेकिन खपत के लिए कोई काम सरकार नही कर रही है जिसके लिए दुध उत्पादकों के द्वारा अब जिला प्रशासन से इस समरूस्या का हल करने के लिए गुहार लगाइ्र है
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    हमीरपुर
हमीरपुर जिला के दुग्ध उत्पादक किसानों ने उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंप कर दुग्ध सबंधी आ रही समस्या से अवगत करवाया है। प्रतिनिधिमंडल के दौरान आए हुए दुग्ध उत्पादकों ने बताया कि दुग्ध उत्पादन के लिए विभाग के द्वारा दिलचस्पी नही दिखाई दे रही है जिसके चलते पिछले कुछ महीनों से दुग्ध उत्पादकों को समस्या हो रही है। इस अवसर पर किसान अनिल कुमार, रंजन सिंह के अलावा अन्य दूध उत्पादक मौजूद रहे। दूध उत्पादकों ने उपायुक्त हमीरपुर गर्धवा राठौर को ज्ञापन सौंपा और जल्द समस्या हल करने की गुहार लगाइ्र है।
किसान अनिल कुमार  ने बताया कि पिछले लगभग छह माह से पशुपालन विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से विशेषकर हिमफैड की मदद से सोसायटियों का गठन युद्धस्तर पर किया गया था और किसानों को आश्वस्त किया गया था कि घर.द्वार से दुग्ध एकत्रण की व्यवस्था की जाएगी तथा पशुपालकों को चारा और कम रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए इन योजनाओं से प्रेरित होकर अनेक किसानों ने अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन शुरू कर दिया।लेकिन अभी तक जिले में दुग्ध एकत्रण प्रणाली प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाई है जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान और विपणन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वही अन्य किसानों ने विभाग से मांग की है कि इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि विभाग की उद्यमशीलता और सकारात्मक पहल पशुपालकों के लिए वरदान सिद्ध होगी।
वहीं किसान रंजन ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों के द्वारा दूध की पैदावार तेा की जा रही है लेकिन दूध बेचने के लिए अब समस्या बन रही है इसलिए जिला उपायुकत से आज मुलाकात की जा रही है। उन्हांेने बताया कि दूध उत्पादन में दो सौ लीटर की क्षमता पूरी की जा रही है लेकिन खपत के लिए कोई काम सरकार नही कर रही है जिसके लिए दुध उत्पादकों के द्वारा अब जिला प्रशासन से इस समरूस्या का हल करने के लिए गुहार लगाइ्र है
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि झूठ और भ्रम की राजनीति के सहारे प्रदेश नहीं चल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बार-बार रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आर.डी.जी ) को लेकर केंद्र सरकार पर निराधार आरोप लगा रहे हैं, जबकि 15वें वित्त आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह ग्रांट चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जाएगी और राज्यों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि जिन 17 राज्यों को इस संबंध में पहले से सचेत किया गया था, उनमें से 11 राज्य भाजपा शासित हैं, लेकिन वहां की सरकारों ने केंद्र पर दोषारोपण करने के बजाय अपने संसाधन बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन सुधारने पर ध्यान दिया। हिमाचल प्रदेश को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए था, लेकिन सुक्खू सरकार बहानेबाजी की राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को लगभग 18,000 करोड़ रुपये की रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट मिली थी, जबकि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने प्रदेश को लगभग 88,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र पर लगातार आरोप लगाना पूरी तरह राजनीतिक और तथ्यों से परे है। राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व होता है कि वह प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए ठोस नीतियां बनाए, नए राजस्व स्रोत विकसित करे और वित्तीय अनुशासन लागू करे। लेकिन वर्तमान सरकार का रवैया ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन चलाने के बजाय छात्र संगठन की राजनीति की जा रही हो, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने विधानसभा बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा सरकार के अभिभाषण को पढ़ने से इनकार करना प्रदेश के इतिहास की अभूतपूर्व घटना है। यह सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि सरकार के दावों में दम होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और कमजोर किया है। महंगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों की धीमी गति से जनता त्रस्त है और अब सरकार से जवाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित में आवश्यक है कि सरकार आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर आत्मनिर्भरता, राजस्व वृद्धि और सुशासन पर ध्यान केंद्रित करे। हिमाचल प्रदेश की जनता एक जिम्मेदार, पारदर्शी और दूरदर्शी नेतृत्व की अपेक्षा रखती है
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    सुजानपुर
हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि झूठ और भ्रम की राजनीति के सहारे प्रदेश नहीं चल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बार-बार रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आर.डी.जी ) को लेकर केंद्र सरकार पर निराधार आरोप लगा रहे हैं, जबकि 15वें वित्त आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह ग्रांट चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जाएगी और राज्यों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि जिन 17 राज्यों को इस संबंध में पहले से सचेत किया गया था, उनमें से 11 राज्य भाजपा शासित हैं, लेकिन वहां की सरकारों ने केंद्र पर दोषारोपण करने के बजाय अपने संसाधन बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन सुधारने पर ध्यान दिया। हिमाचल प्रदेश को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए था, लेकिन सुक्खू सरकार बहानेबाजी की राजनीति में उलझी हुई है।
उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को लगभग 18,000 करोड़ रुपये की रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट मिली थी, जबकि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने प्रदेश को लगभग 88,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र पर लगातार आरोप लगाना पूरी तरह राजनीतिक और तथ्यों से परे है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व होता है कि वह प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए ठोस नीतियां बनाए, नए राजस्व स्रोत विकसित करे और वित्तीय अनुशासन लागू करे। लेकिन वर्तमान सरकार का रवैया ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन चलाने के बजाय छात्र संगठन की राजनीति की जा रही हो, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने विधानसभा बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा सरकार के अभिभाषण को पढ़ने से इनकार करना प्रदेश के इतिहास की अभूतपूर्व घटना है। यह सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि सरकार के दावों में दम होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और कमजोर किया है। महंगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों की धीमी गति से जनता त्रस्त है और अब सरकार से जवाब मांग रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश हित में आवश्यक है कि सरकार आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर आत्मनिर्भरता, राजस्व वृद्धि और सुशासन पर ध्यान केंद्रित करे। हिमाचल प्रदेश की जनता एक जिम्मेदार, पारदर्शी और दूरदर्शी नेतृत्व की अपेक्षा रखती है
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जिला बिलासपुर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा विभाग का प्लान कारगर साबित हुआ है। शिक्षा विभाग बिलासपुर द्वारा कमजोर बच्चों को पढ़ाई में मजबूत करने को लेकर एक प्लान तैयार किया था, जिसके साकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे। इस प्लान के तहत 18 जनवरी से 18 फरवरी तक शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गई हैं, इसका लाभ इन बच्चों को मिला है। इस नए प्लान को तैयार करने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर की उप निदेशक रेणू कौशल की ओर से किए गए प्रयास सराहनीय रहे हैं। वहीं, अब जल्द ही अचीवर बच्चों पर भी फोकस किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा बेहतर प्रयासा किए गए हैं। उधर, इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर रेणु कौशल ने यह जानकारी दी।
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    जिला बिलासपुर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा विभाग का प्लान कारगर साबित हुआ है। शिक्षा विभाग बिलासपुर द्वारा कमजोर बच्चों को पढ़ाई में मजबूत करने को लेकर एक प्लान तैयार किया था, जिसके साकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे। इस प्लान के तहत 18 जनवरी से 18 फरवरी तक शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गई हैं, इसका लाभ इन बच्चों को मिला है। इस नए प्लान को तैयार करने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर की उप निदेशक रेणू कौशल की ओर से किए गए प्रयास सराहनीय रहे हैं। वहीं, अब जल्द ही अचीवर बच्चों पर भी फोकस किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा बेहतर प्रयासा किए गए हैं। 
उधर, इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर रेणु कौशल ने यह जानकारी दी।
    user_Anil kumar
    Anil kumar
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • रिपोर्ट 17 फरवरी बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। गत जनवरी माह में बर्फबारी के चलते राज्य उच्च मार्ग 305 जालोरी पास के पास बाधित होने के कारण बस सेवा ठप पड़ी हुई थी मंगलवार को बर्फ हटाने का काम पूरा कर लिया गया है और इस रूट बस सेवा शुरू हो गई है।
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    रिपोर्ट 17 फरवरी बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज।
गत जनवरी माह में बर्फबारी के चलते राज्य उच्च मार्ग 305 जालोरी पास के पास बाधित होने के कारण बस सेवा  ठप पड़ी हुई थी मंगलवार को बर्फ हटाने का काम पूरा कर लिया गया है और इस रूट बस सेवा शुरू हो गई है।
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter सैंज, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
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