पर्यावरणीय लोक जनसुनवाई पर उठे सवाल* **सूचना के अभाव से नाराज किसान ने बोला पहले अधिकार फिर अधिग्रहण* *पर्यावरणीय लोक जनसुनवाई पर उठे सवाल* **सूचना के अभाव से नाराज किसान ने बोला पहले अधिकार फिर अधिग्रहण* बिरसिंहपुर। पाली ब्लाक अंतर्गत भिम्मा डोंगरी ग्राम में 31 जुलाई 2026 को जे के सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित बेस्ट ऑफ शहडोल साउथ कोल माइंस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पर पर्यावरणीय स्वीकृत संबंधी लोग जनसुनवाई आयोजित की गई थी जिसमें जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण जनों की अनुपस्थिति और सूचना के अभाव ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल ही खड़ा कर दिया भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया है कि प्रभावित ग्रामों तक पर्याप्त सूचना नहीं पहुंचाई गई जिससे प्रभावित ग्रामीणों द्वारा अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पाया केंद्रीय कोयला मंत्रालय द्वारा जेके सीमेंट लिमिटेड को ग्राम भिम्मा डोंगरी.अमिलिहा .कन्ना बहरा. चंदनिया खुर्द.बंधवा खुर्द. महरौई बंधवा बारा बरगवां एवं देवगांव सहित लगभग 1481. 19 हेक्टेयर क्षेत्र में 0.70 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता की भूमिगत खदान का आवंटन जारी किया गया है पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया के तहत यह जनसुनवाई आयोजित की गई थी जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर पीके सेन गुप्ता प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ अशोक कुमार तिवारी खनिज अधिकारी विद्याकांत तिवारी पर्यावरण विशेषज्ञ एवं कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे *किसानों द्वारा उठायें गए गंभीर सवाल* भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि किसान उद्योग विकास के विरोध मैं नहीं है किंतु किसानों के अधिकारों का अनदेखा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा *किसान संघ की प्रमुख मांगे* * सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र को खनिज क्षेत्र घोषित किया जाए * भूमि अधिग्रहण से पहले पुनर्वास एवं मुआवजा की नीति को स्पष्ट किया जाए * स्थानीय युवाओं को कम से कम 30% रोजगार का आश्वासन लिखित रूप में दिया जाए * पेयजल सड़क एवं सिंचाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के क्रियावानन की योजना बनाई जाए * किसानों ने मांग रखी कि पर्यावरण निगरानी समिति को भी इसमें शामिल किया जाए * विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की नीति पहले से तय की जाए किसानों एवं संघ ने आरोप लगाया है कि नव प्रभावित ग्रामों में से अधिकांश ग्रामीण को लोक जनसुनवाई की जानकारी नहीं दी गई यदि समय पर सूचना मिल जाती तो भारतीय किसान संघ अपने ग्राम स्तरीय नेटवर्क के माध्यम से सभी गांव तक सूचना पहुंचा देता उनका कहना है कि सूचना का सीमित प्रचार प्रसार जानबूझकर किया गया ताकि प्रभावित ग्रामीण खुलकर अपनी बात को ना रख सके भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि जब तक किसानों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता और पूर्व में दिए गए ज्ञापन पर कार्यवाही नहीं की जाती तब तक किसी भी प्रकार के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का विरोध किया जाएगा *कंपनी ने दिया विकास एवं रोजगार का भरोसा* जेके सीमेंट लिमिटेड कंपनी ने दावा किया है कि परियोजना पूरी तरह भूमिगत होगी जिससे सतह पर भूमिका कम से कम उपयोग होगा और विस्थापन की संभावना बहुत कम रहेगी कंपनी के अनुसार परियोजना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 800 से हजार लोगों को रोजगार मिलेगा तथा c. S. R. के माध्यम से पेयजल सड़क शिक्षा स्वास्थ्य एवं कौशल विकास के क्षेत्र में विभिन्न कार्य किए जाएंगे लोक जनसुनवाई के दौरान किसानों ने खेती पर होने वाले प्रभाव एवं भूमि धसाव और भूजल स्तर को लेकर चिंता व्यक्त की कंपनी के पर्यावरण सलाहकार ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खनन किया जाएगा तथा सुरक्षित पिलर स्ट्रक्चर मॉनिटरिंग और हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन के माध्यम से जोखिम को नियंत्रित करने का कार्य किया जाएगा *अब मंत्रालय करेगा अंतिम फैसला* प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा बताया गया की लोक जनसुनवाई में प्राप्त मौखिक एवं लिखित सुझाव आपत्तियां एवं मांगे रिपोर्ट में शामिल कर पर्यावरण एवं वन जलवायु मंत्रालय को भेजी जाएगी मंत्रालय द्वारा इन सभी तथ्यों के आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृत पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना व्यापक जन भागीदारी और सभी प्रभावित ग्रामीणों की मौजूदगी के आयोजित लोक जनसुनवाई को वास्तविक जन सहमति का आधार माना जायेगा या किसानों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा
पर्यावरणीय लोक जनसुनवाई पर उठे सवाल* **सूचना के अभाव से नाराज किसान ने बोला पहले अधिकार फिर अधिग्रहण* *पर्यावरणीय लोक जनसुनवाई पर उठे सवाल* **सूचना के अभाव से नाराज किसान ने बोला पहले अधिकार फिर अधिग्रहण* बिरसिंहपुर। पाली ब्लाक अंतर्गत भिम्मा डोंगरी ग्राम में 31 जुलाई 2026 को जे के सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित बेस्ट ऑफ शहडोल साउथ कोल माइंस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पर पर्यावरणीय स्वीकृत संबंधी लोग जनसुनवाई आयोजित की गई थी जिसमें जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण जनों की अनुपस्थिति और सूचना के अभाव ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल ही खड़ा कर दिया भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया है कि प्रभावित ग्रामों तक पर्याप्त सूचना नहीं पहुंचाई गई जिससे प्रभावित ग्रामीणों द्वारा अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पाया केंद्रीय कोयला मंत्रालय द्वारा जेके सीमेंट लिमिटेड को ग्राम भिम्मा डोंगरी.अमिलिहा .कन्ना बहरा. चंदनिया खुर्द.बंधवा खुर्द. महरौई बंधवा बारा बरगवां एवं देवगांव सहित लगभग 1481. 19 हेक्टेयर क्षेत्र में 0.70 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता की भूमिगत खदान का आवंटन जारी किया गया है पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया के तहत यह जनसुनवाई आयोजित की गई थी जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर पीके सेन गुप्ता प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ अशोक कुमार तिवारी खनिज अधिकारी विद्याकांत तिवारी पर्यावरण विशेषज्ञ एवं कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे *किसानों द्वारा उठायें गए गंभीर सवाल* भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि किसान उद्योग विकास के विरोध मैं नहीं है किंतु किसानों के अधिकारों का अनदेखा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा *किसान संघ की प्रमुख मांगे* * सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र को खनिज क्षेत्र घोषित किया जाए * भूमि अधिग्रहण से पहले पुनर्वास एवं मुआवजा की नीति को स्पष्ट किया जाए * स्थानीय युवाओं को कम से कम 30% रोजगार का आश्वासन लिखित रूप में दिया जाए * पेयजल सड़क एवं सिंचाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के क्रियावानन की योजना बनाई जाए * किसानों ने मांग रखी कि पर्यावरण निगरानी समिति को भी इसमें शामिल किया जाए * विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की नीति पहले से तय की जाए किसानों एवं
संघ ने आरोप लगाया है कि नव प्रभावित ग्रामों में से अधिकांश ग्रामीण को लोक जनसुनवाई की जानकारी नहीं दी गई यदि समय पर सूचना मिल जाती तो भारतीय किसान संघ अपने ग्राम स्तरीय नेटवर्क के माध्यम से सभी गांव तक सूचना पहुंचा देता उनका कहना है कि सूचना का सीमित प्रचार प्रसार जानबूझकर किया गया ताकि प्रभावित ग्रामीण खुलकर अपनी बात को ना रख सके भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि जब तक किसानों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता और पूर्व में दिए गए ज्ञापन पर कार्यवाही नहीं की जाती तब तक किसी भी प्रकार के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया का विरोध किया जाएगा *कंपनी ने दिया विकास एवं रोजगार का भरोसा* जेके सीमेंट लिमिटेड कंपनी ने दावा किया है कि परियोजना पूरी तरह भूमिगत होगी जिससे सतह पर भूमिका कम से कम उपयोग होगा और विस्थापन की संभावना बहुत कम रहेगी कंपनी के अनुसार परियोजना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 800 से हजार लोगों को रोजगार मिलेगा तथा c. S. R. के माध्यम से पेयजल सड़क शिक्षा स्वास्थ्य एवं कौशल विकास के क्षेत्र में विभिन्न कार्य किए जाएंगे लोक जनसुनवाई के दौरान किसानों ने खेती पर होने वाले प्रभाव एवं भूमि धसाव और भूजल स्तर को लेकर चिंता व्यक्त की कंपनी के पर्यावरण सलाहकार ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खनन किया जाएगा तथा सुरक्षित पिलर स्ट्रक्चर मॉनिटरिंग और हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन के माध्यम से जोखिम को नियंत्रित करने का कार्य किया जाएगा *अब मंत्रालय करेगा अंतिम फैसला* प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा बताया गया की लोक जनसुनवाई में प्राप्त मौखिक एवं लिखित सुझाव आपत्तियां एवं मांगे रिपोर्ट में शामिल कर पर्यावरण एवं वन जलवायु मंत्रालय को भेजी जाएगी मंत्रालय द्वारा इन सभी तथ्यों के आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृत पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिना व्यापक जन भागीदारी और सभी प्रभावित ग्रामीणों की मौजूदगी के आयोजित लोक जनसुनवाई को वास्तविक जन सहमति का आधार माना जायेगा या किसानों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा
- ☑️कमिश्नर ने मणिबाग में भगवान आशुतोष के किए दर्शन मणिबाग को पर्यटन एवं इको-टूरिज्म का केंद्र बनाने के दिए निर्देश उमरिया//शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने उमरिया जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मणिबाग पहुंचकर प्राचीन शिवलिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का अवलोकन कर मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व तथा यहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। ☑️ निरीक्षण के दौरान कमिश्नर श्रीमती गुप्ता ने मणिबाग क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को इस स्थल के समग्र विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य एवं धार्मिक आस्था से जुड़े ऐसे स्थलों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। ☑️ कमिश्नर ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं, मार्ग संकेतक, बैठने की व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित रखते हुए इको-फ्रेंडली उपाय अपनाए जाएं, ताकि क्षेत्र की धार्मिक एवं प्राकृतिक पहचान बनी रहे और अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित हो सकें। निरीक्षण के समय कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, अनुविभागीय बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह उपस्थित रहे।1
- भिम्माडोगरी में वेस्ट ऑफ शहडोल कोल माइन की जनसुनवाई संपन्न, 'शून्य विस्थापन और 20 गुना वृक्षारोपण' का दावा उमरिया | रिपोर्टर श्याम गुप्ता ग्राम पंचायत भिम्माडोगरी में 31 जुलाई 2026 को मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड को आवंटित वेस्ट ऑफ शहडोल (साउथ) कोल माइन की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने की। जनसुनवाई के दौरान जेके सीमेंट लिमिटेड के महाप्रबंधक अनुज राज गौतम ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) खदान होगी, जिससे किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा और वन्यजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 3,500 पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन इसके बदले 20 गुना से अधिक वृक्षारोपण किया जाएगा। सड़क किनारे छायादार एवं फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। कंपनी ने स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कई घोषणाएं कीं। कंपनी के अनुसार क्षेत्र में चलित स्वास्थ्य सेवा, एम्बुलेंस सुविधा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्थानीय युवाओं को रोजगार, स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार तथा गांवों में सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी का दावा है कि सरकार के नियमों के अनुसार 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। पर्यावरण सलाहकार मृणाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव, 90 हेक्टेयर हरित पट्टी तथा 51,813 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह प्रस्तावित परियोजना 1,481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है, जिसमें 965 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इससे अमिलिहा, भिम्माडोगरी, महरोई, बंधवा वारा, कत्राबहरा, देवगवां, चंदनिया, बंधवा खुर्द एवं बरगवां सहित 9 गांव प्रभावित होंगे। परियोजना में 153 मिलियन टन कोयला भंडार, 0.70 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता, 600 करोड़ रुपये की लागत, 34 वर्षों तक खनन तथा 641 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है। जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। जनपद अध्यक्ष मनीष सिंह ने भूमि धंसाव की स्थिति में पुनर्वास, पेयजल पाइपलाइन, स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और CSR में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। जनपद उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग से क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है तथा खदान के पानी का उपयोग सिंचाई में किया जाना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा ने बैगा समुदाय के हितों की रक्षा, वनोपज आधारित वृक्षारोपण, जल स्तर की सुरक्षा तथा विशेष जनजातीय विकास योजना बनाने की मांग रखी। जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का संकलन कर पर्यावरण मंत्रालय एवं संबंधित समिति को भेजा जाएगा। अब अंतिम निर्णय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।4
- स्वालंबन की ओर एक कदम — महिला सशक्तिकरण की सार्थक पहल 8982850063 पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग आज विप्र संघ महिला समिति द्वारा समाज सेवा एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए पुरानी बस्ती निवासी गोलू कोरी को स्वरोजगार प्रारंभ करने हेतु एक ठेला भेंट किया गया। इस पुनीत कार्य में समिति की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा द्विवेदी जी, श्रीमती नीलम चतुर्वेदी जी, श्रीमती मंजू पांडे जी, श्रीमती सुनीता मिश्रा जी एवं श्रीमती सरोज तिवारी जी की गरिमामयी उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता रही। समिति का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें सम्मानपूर्वक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। यह पहल न केवल आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है। "जब समाज मिलकर किसी एक परिवार को आत्मनिर्भर बनने का अवसर देता है, तब वास्तव में सशक्त और समृद्ध समाज की नींव मजबूत होती है।"1
- सत्य सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩 माँ चन्द्रीका🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 धाम विकास यात्रा इटौरा जिला कटनी मध्य प्रदेश आज आप सभी देशवासियों को सूचित किया जा रहा है🙏💕🙏💕🙏💕 कि धरोहर स्थल सनातन संस्कृति धर्म की बात करते हुए अपिल 300 सल पुरनी मदिर हैं जो कि 30सल से जल मगन रहता है🙏💕🙏💕🙏💕1
- बड़वारा में शासन-प्रशासन की बड़ी लापरवाही: हादसों के बाद भी 'नो एंट्री' लागू नहीं, बच्चों की जान पर रोज़ बना रहता है ख़तरा बड़वारा (कटनी)। बड़वारा में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और जन-आंदोलनों के बावजूद शासन-प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार ज्ञापन सौंपने, प्रदर्शन करने और चक्काजाम करने के बाद भी अब तक क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए 'नो एंट्री' नियम लागू नहीं किया गया है। इस प्रशासनिक उदासीनता के कारण रोज़ाना हज़ारों स्कूली बच्चों और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ी रहती है। क्या किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन? बड़वारा क्षेत्र में पहले भी कई दर्दनाक सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई परिवार अपनी जान और माल का नुकसान उठा चुके हैं। इसके बावजूद बड़वारा तहसीलदार एवं थाना प्रभारी द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दिन के समय, विशेषकर स्कूल और कोचिंग के आवागमन के वक्त, सड़कों पर बेधड़क दौड़ते भारी और अनियंत्रित वाहन मासूम बच्चों के लिए काल बनकर घूम रहे हैं। अभिभावक हर पल किसी अनहोनी के डर में जीने को मजबूर हैं। "लगातार संवाद करने और ध्यानाकर्षण कराने के बाद भी नो एंट्री चालू न करना यह दर्शाता है कि बड़वारा प्रशासन जनता की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है। हमारे नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य और उनकी ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।" मुख्य माँगें: नो एंट्री तत्काल लागू हो: बड़वारा के मुख्य और व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश के लिए समय-सीमा (नो एंट्री) तय की जाए। स्कूल समय में विशेष सुरक्षा: सुबह और दोपहर में स्कूल खुलने व बंद होने के समय पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। गति सीमा पर नियंत्रण: कस्बे के अंदर से गुज़रने वाले वाहनों की गति पर सख्त पाबंदी लगाई जाए। माँगें न मानने पर उग्र जन-आंदोलन की चेतावनी क्षेत्रीय निवासियों और प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते नो एंट्री लागू नहीं की और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की जनता एक बार फिर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी बड़वारा शासन-प्रशासन की होगी।1
- कटनी नगर//- कटनी का काँच मंदिर अपनी अद्भुत सुंदरता और दिव्य आस्था के लिए प्रसिद्ध है। कटनी का काँच मंदिर अपनी अद्भुत सुंदरता और दिव्य आस्था के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ विराजमान संकटमोचन बजरंगबली, माँ वैष्णो देवी और भगवान शिव के दर्शन भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं। काँच की आकर्षक सजावट मंदिर की भव्यता को और बढ़ाती है। यह पावन धाम श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और विश्वास का प्रमुख केंद्र है। जय श्री राम! हर हर महादेव!🙏🌺💞⛈️🥰1
- सरकारी गौशालाओं की बुरी स्थिति इसके पश्चात भी गौ माता को जबरदस्ती पकड़ कर तकलीफ क्यों यह घटना है नगर पालिक निगम कटनी की जिसमें गांव के साथ बड़े ही क्रूर तरीके से उसे ले जाया जा रहा था लेकिन आज तक न्यूज़ के संवाददाता राजकमल आर्य जी के पहुंचने पर कैमरा चालू करने पर कुछ समय के लिए घटना थम गई इसके पश्चात फिर वही हुआ जी बात का डर था1
- ब्यौहारी पुलिस की बड़ी सफलता चोरी गये 07 नग भैस की बरामदगी सहित आरोपी को किया गया गिरफ्तार मामले के संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनाक 30.07.2026 को फरियादी जयपाल सिह गोड पिता मनीराम सिंह गोड उम्र 45 वर्ष निवासी बहेरहा थाना जयसिंहनगर हाल पाही घर ग्राम आमडीड थाना ब्यौहारी जिला शहडोल का लेख कराया कि दिनांक 29.07.26 को रात्रि करीबन 10.00 बजे खाना पीना खाकर सो गया था दिनांक 30.07.26 के सुबह करीबन 05.00 बजे उठ कर देखा तो मेरे सार मे बंधी चार नग पडा एवं तीन नग भैस सार मे नही थी तब मै आपसपास जंगल मे पता तलास किया किन्तु कोई पता नही चला मेरी चार नग पडा एवं तीन नग भैस कीमत करीबन 140000 रुपये को कोई अज्ञात व्यक्ति रात्रि मे चोरी कर ले गया है । रिपोर्ट पर अपराध धारा 331(4),305(ए) बी.एन.एस.पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया । दौरान विवेचना अज्ञात आरोपी का पता तलास किया गया जो मूखबिर की सूचना प्राप्त होने पर संदेही राकेश पटेल पिता रमेश पटेल एव पवन कुमरा यादव पिता कोदूलाल दोनो निवासी आमडीह थाना ब्यौहारी को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ किया गया जिनका मेमोरण्डम लेख किया गया, जो 04 नग पडा एवं 03 नग भैस कुल 07 नग मवेशी का चोरी करना बताया, जो आखेटपुर की जंगल से आरोपी गण के कब्जे से 07 नग मवेशी बरामद कर जप्त किया गया है । आरोपी गणो को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर पेश किया गया । उक्त कार्यवाही श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय शहडोल डां. श्री संजय अग्रवाल एव अति0 पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक दीवान के मार्गदर्शन एसडीओपी श्री ऋषभ छारी के दिशा निर्देशन मे थाना ब्यौहारी पुलिस व्दारा की गयी है कार्यवाही मे थाना ब्यौहारी निरी. जियाउल हक हमराह स्टाफ सउनि गया प्रसाद कन्नौजे प्र.आर. महेन्द्र पाल शुक्ला, आर. 762 गंगा सागर गुप्ता एव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है । //प्रेस विज्ञप्ति // ब्यौहारी पुलिस की बड़ी सफलता चोरी गये 07 नग भैस की बरामदगी सहित आरोपी को किया गया गिरफ्तार मामले के संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनाक 30.07.2026 को फरियादी जयपाल सिह गोड पिता मनीराम सिंह गोड उम्र 45 वर्ष निवासी बहेरहा थाना जयसिंहनगर हाल पाही घर ग्राम आमडीड थाना ब्यौहारी जिला शहडोल का लेख कराया कि दिनांक 29.07.26 को रात्रि करीबन 10.00 बजे खाना पीना खाकर सो गया था दिनांक 30.07.26 के सुबह करीबन 05.00 बजे उठ कर देखा तो मेरे सार मे बंधी चार नग पडा एवं तीन नग भैस सार मे नही थी तब मै आपसपास जंगल मे पता तलास किया किन्तु कोई पता नही चला मेरी चार नग पडा एवं तीन नग भैस कीमत करीबन 140000 रुपये को कोई अज्ञात व्यक्ति रात्रि मे चोरी कर ले गया है । रिपोर्ट पर अपराध धारा 331(4),305(ए) बी.एन.एस.पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया । दौरान विवेचना अज्ञात आरोपी का पता तलास किया गया जो मूखबिर की सूचना प्राप्त होने पर संदेही राकेश पटेल पिता रमेश पटेल एव पवन कुमरा यादव पिता कोदूलाल दोनो निवासी आमडीह थाना ब्यौहारी को अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ किया गया जिनका मेमोरण्डम लेख किया गया, जो 04 नग पडा एवं 03 नग भैस कुल 07 नग मवेशी का चोरी करना बताया, जो आखेटपुर की जंगल से आरोपी गण के कब्जे से 07 नग मवेशी बरामद कर जप्त किया गया है । आरोपी गणो को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर पेश किया गया । उक्त कार्यवाही श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय शहडोल डां. श्री संजय अग्रवाल एव अति0 पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक दीवान के मार्गदर्शन एसडीओपी श्री ऋषभ छारी के दिशा निर्देशन मे थाना ब्यौहारी पुलिस व्दारा की गयी है कार्यवाही मे थाना ब्यौहारी निरी. जियाउल हक हमराह स्टाफ सउनि गया प्रसाद कन्नौजे प्र.आर. महेन्द्र पाल शुक्ला, आर. 762 गंगा सागर गुप्ता एव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।1