असोथर की सड़कों पर मौरंग का 'तांडव': नियम ताक पर, प्रशासन मौन और जनता बेहाल असोथर (फतेहपुर): नगर पंचायत असोथर इन दिनों मौरंग माफियाओं के हौसलों और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। बांदा जनपद के मरका खंड संख्या 3 और 4 से निकलने वाली मौरंग, जिसे कभी क्षेत्र के विकास के लिए 'सफेद सोना' माना जाता था, अब स्थानीय निवासियों के लिए 'कहर' बन चुकी है। आलम यह है कि एनजीटी (NGT) के तमाम दिशा-निर्देशों और सख्त नियमों को मौरंग के ओवरलोड ट्रकों के टायर तले रौंदा जा रहा है। दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक, सड़कों पर दौड़ते ये मौत के सौदागर न केवल कानून को चुनौती दे रहे हैं, बल्कि आम जनमानस के जीवन को भी खतरे में डाल रहे हैं। क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेने पर पता चलता है कि खंड 3 और 4 से निकलने वाले ओवरलोड ट्रक और डंपर मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। कायदे से जिन वाहनों को एक निश्चित सीमा तक भार ढोने की अनुमति है, वे क्षमता से दोगुना मौरंग लादकर फर्राटा भर रहे हैं। इसका सबसे भयावह असर उन सड़कों पर दिख रहा है, जिन्हें सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर जनता की सुविधा के लिए बनवाया था। भारी भरकम वजन के कारण ये सड़कें अब गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे राहगीरों का चलना दूभर हो गया है और आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। सड़कों की बर्बादी के साथ-साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रभाव भी चिंताजनक है। ओवरलोड वाहनों से लगातार गिरती मौरंग और सड़कों पर उड़ती धूल के गुबार ने स्थानीय लोगों का दम घोंट दिया है। घरों और दुकानों में जमी धूल की परतें प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही हैं। इलाके में सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग जैसे गहरी नींद में सोया हुआ है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध काला कारोबार फल-फूल रहा है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों को सड़कों पर दौड़ते ये ओवरलोड वाहन दिखाई नहीं देते, या फिर 'सुविधा शुल्क' के खेल ने सिस्टम की आंखों पर पट्टी बांध दी है? क्षेत्रीय गलियारों में यह चर्चा आम है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन बेलगाम मौरंग माफियाओं पर नकेल नहीं कसी, तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है। सड़कों की बदहाली और प्रदूषण से त्रस्त जनता अब किसी बड़े आंदोलन की तैयारी में है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या जानलेवा हादसे का इंतजार कर रहा है? असोथर की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर सख्त कार्रवाई चाहती है ताकि सड़कों पर जारी इस 'मौरंग के कहर' से उन्हें स्थाई मुक्ति मिल सके।
असोथर की सड़कों पर मौरंग का 'तांडव': नियम ताक पर, प्रशासन मौन और जनता बेहाल असोथर (फतेहपुर): नगर पंचायत असोथर इन दिनों मौरंग माफियाओं के हौसलों और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। बांदा जनपद के मरका खंड संख्या 3 और 4 से निकलने वाली मौरंग, जिसे कभी क्षेत्र के विकास के लिए 'सफेद सोना' माना जाता था, अब स्थानीय निवासियों के लिए 'कहर' बन चुकी है। आलम यह है कि एनजीटी (NGT) के तमाम दिशा-निर्देशों और सख्त नियमों को मौरंग के ओवरलोड ट्रकों के टायर तले रौंदा जा रहा है। दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक, सड़कों पर दौड़ते ये मौत के सौदागर न केवल कानून को चुनौती दे रहे हैं, बल्कि आम जनमानस के जीवन को भी खतरे में डाल रहे हैं। क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेने पर पता चलता है कि खंड 3 और 4 से निकलने वाले ओवरलोड ट्रक और डंपर मानकों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। कायदे से जिन वाहनों को एक निश्चित सीमा तक भार ढोने की अनुमति है, वे क्षमता से दोगुना मौरंग लादकर फर्राटा भर रहे हैं। इसका सबसे भयावह असर उन सड़कों पर दिख रहा है, जिन्हें सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर जनता की सुविधा के लिए बनवाया था। भारी भरकम वजन के कारण ये सड़कें अब गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे राहगीरों का चलना दूभर हो गया है और आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। सड़कों की बर्बादी के साथ-साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रभाव भी चिंताजनक है। ओवरलोड वाहनों से लगातार गिरती मौरंग और सड़कों पर उड़ती धूल के गुबार ने स्थानीय लोगों का दम घोंट दिया है। घरों और दुकानों में जमी धूल की परतें प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही हैं। इलाके में सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग जैसे गहरी नींद में सोया हुआ है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध काला कारोबार फल-फूल रहा है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों को सड़कों पर दौड़ते ये ओवरलोड वाहन दिखाई नहीं देते, या फिर 'सुविधा शुल्क' के खेल ने सिस्टम की आंखों पर पट्टी बांध दी है? क्षेत्रीय गलियारों में यह चर्चा आम है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन बेलगाम मौरंग माफियाओं पर नकेल नहीं कसी, तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है। सड़कों की बदहाली और प्रदूषण से त्रस्त जनता अब किसी बड़े आंदोलन की तैयारी में है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या जानलेवा हादसे का इंतजार कर रहा है? असोथर की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर सख्त कार्रवाई चाहती है ताकि सड़कों पर जारी इस 'मौरंग के कहर' से उन्हें स्थाई मुक्ति मिल सके।
- Post by रिपोर्टर-धर्मराज निषाद1
- कौशांबी। सराय अकिल पुलिस ने भैंस चोरी के मामले में दो अभियुक्तों को किया गिरफ्तार।अभियुक्तों के पास से 02 अवैध तमंचा 315 बोर, 02 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई।पुलिस पूछताछ में दोनों ने भैंस चोरी की घटना स्वीकार की।चोरी की भैंस को 30 हजार रुपये में बेचने की बात भी सामने आई।पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों अभियुक्तों को न्यायालय भेज दिया।1
- कौशाम्बी मे दिनांक 22.03.2026 शाम को थाना संदीपन घाट के ग्राम उजहिनी खालसा में पैर पर गाड़ी चढ़ जाने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के मध्य विवाद हुआ है, जिसमें एक पक्ष द्वारा फायर किया गया। जिससे द्वितीय पक्ष के दो लोगों के हाथ,पेट व पीठ में चोटें आईं हैं। सूचना पर स्थानीय पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया था, जहां पर उनकी स्थिति सामान्य है। प्राप्त तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी चायल अभिषेक सिंह1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- जगतपुर, रायबरेली। थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेलखा साहब निवासी अमित कुमार ने जगतपुर थाने में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया है कि वह उपकेंद्र जगतपुर में बिजली विभाग में कार्यरत हैं। बीती रात वह ड्यूटी पर तैनात थे, उसी दौरान क्षेत्र में बिजली ब्रेकडाउन हो गया था। पीड़ित के अनुसार, रात लगभग 12 बजे दो व्यक्ति उपकेंद्र पर पहुंचे और अभद्र व्यवहार करने लगे। उन्होंने बताया कि बिजली ब्रेकडाउन के कारण सप्लाई बाधित है और ठीक होते ही बहाल कर दी जाएगी, लेकिन आरोप है कि उक्त लोग गाली-गलौज करने लगे और सभी फीडर बंद करने का दबाव बनाने लगे। विरोध करने पर उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डाली और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित ने मामले की लिखित शिकायत जगतपुर थाने में देकर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में थाना प्रभारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि प्रार्थनापत्र प्राप्त हुआ है, मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- Post by रिपोर्टर-धर्मराज निषाद1