उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद अंतर्गत तहसील महसी के ग्राम सभा पचदेवरी के मजरा मंगलपुरवा में आज (04 जून 2026) अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में कुल 11 आवासीय झोपड़ियां पूरी तरह से जलकर राख हो गईं, जिससे करीब आधा दर्जन से अधिक परिवार बेघर हो गए। आग की लपटें उठती देख स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास करने लगे। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया, हालांकि तब तक पीड़ितों का घरेलू सामान और आशियाने जल चुके थे। इस भीषण अग्निकांड के कारण असलम पुत्र बदलू, अकरम पुत्र बदलू, कृपा पुत्र सांवली, दिनेश पुत्र कृपा, राजू पुत्र कृपा, सीताराम पुत्र गद्दर, बिन्दवा पत्नी प्रभू, सहरुन्निसा पत्नी अली हुसैन, इकबाल पुत्र अली हुसैन, सायरा पत्नी शौकत और हनीफ पुत्र बदलू समेत कुल 11 परिवार इस भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए नायब तहसीलदार अनिल प्रकाश शुक्ला और क्षेत्रीय लेखपाल कदीर खान को तुरंत मौके पर भेजा। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन की ओर से त्वरित राहत के तौर पर सभी 11 पीड़ित परिवारों को दो-दो तिरपाल वितरित किए गए हैं, ताकि वे चिलचिलाती धूप और गर्मी से अपना बचाव कर सकें। राजस्व टीम द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद अंतर्गत तहसील महसी के ग्राम सभा पचदेवरी के मजरा मंगलपुरवा में आज (04 जून 2026) अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में कुल 11 आवासीय झोपड़ियां पूरी तरह से जलकर राख हो गईं, जिससे करीब आधा दर्जन से अधिक परिवार बेघर हो गए। आग की लपटें उठती देख स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास करने लगे। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया, हालांकि तब तक पीड़ितों का घरेलू सामान और आशियाने जल चुके थे। इस भीषण अग्निकांड के कारण असलम पुत्र बदलू, अकरम पुत्र बदलू, कृपा पुत्र सांवली, दिनेश पुत्र कृपा, राजू पुत्र कृपा, सीताराम पुत्र गद्दर, बिन्दवा पत्नी प्रभू, सहरुन्निसा पत्नी अली हुसैन, इकबाल पुत्र अली हुसैन, सायरा पत्नी शौकत और हनीफ पुत्र बदलू समेत कुल 11 परिवार इस भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए नायब तहसीलदार अनिल प्रकाश शुक्ला और क्षेत्रीय लेखपाल कदीर खान को तुरंत मौके पर भेजा। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन की ओर से त्वरित राहत के तौर पर सभी 11 पीड़ित परिवारों को दो-दो तिरपाल वितरित किए गए हैं, ताकि वे चिलचिलाती धूप और गर्मी से अपना बचाव कर सकें। राजस्व टीम द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।
- बहराइच जनपद के मटेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहरवा गांव के पास नहर किनारे बीती रात कथित गोकशी की घटना सामने आई है। इस घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्यों ने रोष व्यक्त किया है। घटना की सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष आलोक कुमार मिश्रा ने तत्काल मटेरा थाना प्रभारी हरकेश सिंह से फोन पर बात की। उन्होंने थाना प्रभारी से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। घटनास्थल पर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के मटेरा नगर अध्यक्ष उमेश कुमार शर्मा और रिसिया नगर अध्यक्ष उदल कुमार भी मौजूद रहे। मटेरा थाना प्रभारी हरकेश सिंह के अनुसार, इस मामले में अब तक दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस द्वारा अन्य आरोपियों की तलाश जारी है, और जल्द ही इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- बहराइच जिले के महसी क्षेत्र और मकरंदपुर (पोस्ट रायपुर) में बजरंग दल की उपस्थिति दर्ज की गई है।1
- बहराइच जिला मुख्यालय पर पंचायत सहायकों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में सहायक धरना स्थल पर एकत्रित हुए और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान, उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा।4
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के मटेरा थाना क्षेत्र में एक संवेदनशील और तनावपूर्ण घटना सामने आई है। मोहरबा गाँव में एक किसान की गाय चोरी होने के बाद, नहर के पास गोवंश के अवशेष मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है और मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए हैं। मोहरबा गाँव निवासी कैलाश की गाय को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया था। मोहरबा गाँव के पास स्थित दर्जिन पुरवा नहर के किनारे गाय के अवशेष बरामद हुए हैं। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि कैलाश की गाय चोरी करने के बाद गो-कसी (गाय काटने) की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया है। तनाव की सूचना मिलते ही मटेरा थाना प्रभारी हरिकेश सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए गोवंश के अवशेषों को कब्जे में लिया और मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल सतर्क है। इस घटना की भनक लगते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुँच गए। मटेरा के पूर्व मंडल अध्यक्ष और वर्तमान बीजेपी मंडल अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया। भाजपा नेताओं ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए मटेरा पुलिस से गो-कसी करने वाले अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार कर उन पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई करने की माँग की है। नहर किनारे गोवंश के अवशेष मिलने के बाद से मोहरबा और आसपास के गाँवों के ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है, और लोग आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की माँग पर अड़े हैं। पुलिस प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि कानून व्यवस्था न बिगड़े।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद अंतर्गत तहसील महसी के ग्राम सभा पचदेवरी के मजरा मंगलपुरवा में आज (04 जून 2026) अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में कुल 11 आवासीय झोपड़ियां पूरी तरह से जलकर राख हो गईं, जिससे करीब आधा दर्जन से अधिक परिवार बेघर हो गए। आग की लपटें उठती देख स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास करने लगे। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया, हालांकि तब तक पीड़ितों का घरेलू सामान और आशियाने जल चुके थे। इस भीषण अग्निकांड के कारण असलम पुत्र बदलू, अकरम पुत्र बदलू, कृपा पुत्र सांवली, दिनेश पुत्र कृपा, राजू पुत्र कृपा, सीताराम पुत्र गद्दर, बिन्दवा पत्नी प्रभू, सहरुन्निसा पत्नी अली हुसैन, इकबाल पुत्र अली हुसैन, सायरा पत्नी शौकत और हनीफ पुत्र बदलू समेत कुल 11 परिवार इस भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए नायब तहसीलदार अनिल प्रकाश शुक्ला और क्षेत्रीय लेखपाल कदीर खान को तुरंत मौके पर भेजा। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। प्रशासन की ओर से त्वरित राहत के तौर पर सभी 11 पीड़ित परिवारों को दो-दो तिरपाल वितरित किए गए हैं, ताकि वे चिलचिलाती धूप और गर्मी से अपना बचाव कर सकें। राजस्व टीम द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।1