बिधनू में गूंजा न्याय का नारा: सुहेलदेव आर्मी के धरने के आगे झुका प्रशासन, SDM को मौके पर आना पड़ा 25/03/2026 धरना कानपुर, बिधनू थाना क्षेत्र: 11 साल की मासूम बच्ची को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सुहेलदेव आर्मी के कार्यकर्ताओं ने बिधनू थाना क्षेत्र में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। धरने को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ी कोशिशें कीं। पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास भी हुआ, लेकिन सुहेलदेव आर्मी के कार्यकर्ता अपनी मांगों पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक पीड़ित बच्ची को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंततः SDM साहब को मौके पर आना पड़ा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ही धरना शांत हुआ। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है। इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिधनू में गूंजा न्याय का नारा: सुहेलदेव आर्मी के धरने के आगे झुका प्रशासन, SDM को मौके पर आना पड़ा 25/03/2026 धरना कानपुर, बिधनू थाना क्षेत्र: 11 साल की मासूम बच्ची को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सुहेलदेव आर्मी के कार्यकर्ताओं ने बिधनू थाना क्षेत्र में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। धरने को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ी कोशिशें कीं। पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास भी हुआ, लेकिन सुहेलदेव आर्मी के कार्यकर्ता अपनी मांगों पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक पीड़ित बच्ची को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंततः SDM साहब को मौके पर आना पड़ा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ही धरना शांत हुआ। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है। इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- *मिशन शक्ति अभियान: रन फॉर एम्पावरमेंट कार्यक्रम का आयोजन** आज दिनांक 26.03.2026 को रिजर्व पुलिस लाइन उन्नाव में मिशन शक्ति अभियान के तहत रन फॉर एम्पावरमेंट कार्यक्रम के तहत मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाना और उन्हें समाज में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। मैराथन दौड़ को श्री जय प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उन्नाव, श्री अखिलेश सिंह अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी, श्रीमती सोनम सिंह क्षेत्राधिकारी सफीपुर एवं श्रीमती विनी सिंह क्षेत्राधिकारी लाइन द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। दौड़ में पुलिस लाइन की महिला आरक्षी, और विभिन्न स्कूलों की बालिकाएं/छात्रायें शामिल हुईं। दौड़ पूरी होने के उपरांत सभी प्रतिभागियों को पोषाहार वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस दौरान श्री सचिन राय प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन और अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे। क्षेत्राधिकारी सफीपुर द्वारा सभी प्रतिभागियों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं व बालिकाएं तुरंत महिला पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, चाइल्ड लाइन 1098, एम्बुलेंस सेवा 108, स्वास्थ्य सेवा 102 एवं साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं।1
- 25/03/2026 धरना कानपुर, बिधनू थाना क्षेत्र: 11 साल की मासूम बच्ची को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सुहेलदेव आर्मी के कार्यकर्ताओं ने बिधनू थाना क्षेत्र में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। धरने को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ी कोशिशें कीं। पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास भी हुआ, लेकिन सुहेलदेव आर्मी के कार्यकर्ता अपनी मांगों पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक पीड़ित बच्ची को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंततः SDM साहब को मौके पर आना पड़ा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ही धरना शांत हुआ। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है। इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइटी प्रशासन ने आत्महत्या की घटनाएं रोकने के लिए खास प्रविधान किए हैं ये न सिर्फ छात्रों को आत्महत्या से बचाएंगे बल्कि उन्हें बचाकर सकारात्मक सोचने का मौका भी देंगे आइआइटी ने छात्रों और कैंपस समुदाय के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए काउंसलिंग सेवाओं का विस्तार करते हुए ‘मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र की स्थापना की है जो अब मानसिक स्वास्थ्य सहायता का मुख्य केंद्र बनेगा इसके साथ ही जीवन सुरक्षित करने के लिए छात्रावासों व कक्षों में स्प्रिंग लोडेड पंखे लगाए जाएंगे जो किसी के आत्महत्या के प्रयास पर खुद ब खुद गिर जाएंगे1
- यूपी के जिला बस्ती में तेल से जुड़ी कवरेज कर रहे पत्रकार वैदिक द्विवेदी से कर्मी तरुण सिंह द्वारा बदसलूकी/मारपीट की गई। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया घटना की निंदा करती है और पुलिस प्रशासन से आरोपी के विरूद्ध कठोर कार्यवाही1
- ट्रंप चाहते हैं सीज़फायर, ईरान बोला- अब अमेरिका से कोई बातचीत नहीं.... ⚔️⚔️1
- स्वरूप नगर संदिग्ध परिस्थितियों में मोतीझील में मिला शव। झील में तैरता हुआ मिला शव,मॉर्निंग वॉक करने आए लोगों ने देखा। झील में शव दिखने से मॉर्निंग वॉकर्स में मचा हड़कंप। पुलिस को दी गई सूचना,मौके पर पहुंची पुलिस। पुलिस शव को झील से निकालने का कर रही प्रयास। मामला स्वरूप नगर थाना क्षेत्र के कारगिल पार्क का।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- उन्नाव जनपद के बीघापुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में मातृ-शिशु कल्याण सेवाओं के नाम पर बड़े घोटाले और अव्यवस्थाओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां गरीब मरीजों से इलाज, प्रसव और दवाइयों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, जबकि सरकार द्वारा ये सभी सुविधाएं मुफ्त दी जानी चाहिए। गरीब मरीजों से वसूली के आरोप ग्रामीणों के अनुसार, प्रसव कराने आने वाली महिलाओं से पैसे मांगे जाते हैं। पैसा न देने पर मरीजों को बाहर की दवाइयां लिख दी जाती हैं या फिर उन्हें दूसरे अस्पताल भेजने की बात कही जाती है। इससे गरीब परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में सुविधाओं का अभाव लोगों ने बताया कि अस्पताल में दवाइयों की कमी साफ-सफाई की खराब व्यवस्था डॉक्टरों की अनुपस्थिति प्रसव कक्ष की खराब स्थिति जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। मातृ-शिशु कल्याण योजना के नाम पर कागजों में सब कुछ सही दिखाया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग बताई जा रही है। जिम्मेदार अधिकारी मौन इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने की जांच की मांग ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गरीबों के नाम पर चल रही योजनाओं का लाभ वास्तव में गरीबों तक पहुंच रहा है या बीच में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है? (ग्राउंड रिपोर्ट – उन्नाव, बीघापुर)1