हरकौती में श्मशान घाट न होने से घर में पड़ा रहा शव, झमाझम बारिश के बीच अंतिम संस्कार को भटके परिजन रविन्द्र गौतम ✍️ ➡️ग्रामीणों में उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश; टीन शेड न होने से उजागर हुईं विकास के दावों की पोल उरई (जालौन)। ग्राम पंचायत हरकौती में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा की एक बेहद दुखद व व्यथित करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में श्मशान घाट न होने के कारण एक ग्रामीण की मौत के बाद उसका शव घंटों घर में ही रखा रहा। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में भटकने को मजबूर हो गए। ग्राम हरकौती निवासी देवेंद्र दोहरे की अचानक मृत्यु हो जाने से परिवार में मातम पसरा हुआ था। दुख की इस घड़ी में परिजनों की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब तेज बारिश शुरू हो गई। गांव में पक्का श्मशान घाट या टीन शेड न होने से जलती चिता को बारिश से बचाने का कोई इंतजाम नहीं था। नतीजतन, परिजन घंटों तक शव को घर पर रखकर बारिश थमने या वैकल्पिक व्यवस्था होने का इंतजार करते रहे। इस घटना को लेकर पूरे गांव में स्थानीय पंचायत और जिला प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के तमाम दावों के बावजूद आज तक गांव में एक श्मशान घाट तक का निर्माण नहीं कराया जा सका, जिससे अंत्येष्टि जैसे संवेदनशील कार्य में भी परिजनों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में जल्द से जल्द पक्के श्मशान घाट का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है।
हरकौती में श्मशान घाट न होने से घर में पड़ा रहा शव, झमाझम बारिश के बीच अंतिम संस्कार को भटके परिजन रविन्द्र गौतम ✍️ ➡️ग्रामीणों में उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश; टीन शेड न होने से उजागर हुईं विकास के दावों की पोल उरई (जालौन)। ग्राम पंचायत हरकौती में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा की एक बेहद दुखद व व्यथित करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में श्मशान घाट न होने के कारण एक ग्रामीण की मौत के बाद उसका शव घंटों घर में ही रखा रहा। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में भटकने को मजबूर हो गए। ग्राम हरकौती निवासी देवेंद्र दोहरे की अचानक मृत्यु हो जाने से परिवार में मातम पसरा हुआ था। दुख की इस घड़ी में परिजनों की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब तेज बारिश शुरू हो गई। गांव में पक्का श्मशान घाट या टीन शेड न होने से जलती चिता को बारिश से बचाने का कोई इंतजाम नहीं था। नतीजतन, परिजन घंटों तक शव को घर पर रखकर बारिश थमने या वैकल्पिक व्यवस्था होने का इंतजार करते रहे। इस घटना को लेकर पूरे गांव में स्थानीय पंचायत और जिला प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के तमाम दावों के बावजूद आज तक गांव में एक श्मशान घाट तक का निर्माण नहीं कराया जा सका, जिससे अंत्येष्टि जैसे संवेदनशील कार्य में भी परिजनों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में जल्द से जल्द पक्के श्मशान घाट का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है।
- जालौन में कुत्तों की लड़ाई में फंसे मासूम पिल्ले को बंदर ने बचाया, इंसानियत का दिखा अनोखा नजारा!! जालौन। नगर की फल मंडी में उस समय लोग हैरान रह गए, जब कुत्तों के बीच हो रही लड़ाई में एक छोटा पिल्ला भी बुरी तरह फंस गया। कुत्ते पिल्ले को नोचने लगे, तभी वहां मौजूद एक बंदर ने अप्रत्याशित रूप से पिल्ले को अपनी बाहों में उठा लिया और उसे सुरक्षित स्थान की ओर ले गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बंदर ने पिल्ले को गले से लगाकर उठाया और कुत्तों से दूर ले गया। यह पूरा दृश्य देखकर फल मंडी में मौजूद दुकानदार और अन्य लोग दंग रह गए। घटना का वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस अनोखे नजारे ने इंसानियत और संवेदनशीलता को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। लोगों का कहना है कि जिस संवेदना की उम्मीद इंसानों से की जाती है, वह इस घटना में एक जानवर के भीतर देखने को मिली। फल मंडी में मौजूद लोगों ने बंदर के इस व्यवहार को देखकर उसकी जमकर सराहना की। घटना ने यह संदेश भी दिया कि जीव-जंतुओं में भी ममता, संवेदना और दूसरे प्राणी को बचाने की भावना हो सकती है।1
- अमन फिल्म स्टूडियो 🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂 पता रामकुंड गेट के बगल से बैल बाजार पाठकपुरा उरई हमारे यहां शादी पार्टी धार्मिक आयोजन या किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों में फोटोग्राफी के लिए संपर्क करें हम शादियों में वीडियो एडिटिंग में सिनेमैटिक वीडियो एवं ट्रेडिशनल वीडियो दोनों के लिए बुकिंग करते हैं साथ ही एडिटिंग के दौरान वर बधू के नाम से गाने भी एडिट करते हैं यह सुनहरा मौका हाथ से न जाने दें1
- मितांश इंटरप्राइजेज इलेक्ट्रिक स्कूटी शोरूम का शुभारंभ, विधायक गौरी शंकर वर्मा ने किया उद्घाटन उरई।* राठ रोड स्थित शिवम पेट्रोल पंप के बगल में मितांश इंटरप्राइजेज इलेक्ट्रिक स्कूटी शोरूम का भव्य उद्घाटन सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने फीता काटकर किया। विधायक ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन पर्यावरण के अनुकूल हैं और महंगे ईंधन के दौर में लोगों के लिए किफायती विकल्प बन रहे हैं। शोरूम संचालक वीरेंद्र राजपूत कुशमिलिया ने कहा कि ग्राहकों को विभिन्न मॉडलों की स्कूटी, पूरी जानकारी और बेहतर सर्विस दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से एक बार सेवा का मौका देने की अपील की। इस मौके पर मनोज राजपूत, किशोरी बापू, कैलाश राजपूत ददरी, सुनील द्विवेदी, कपिल राजपूत, शैलेन्द्र राजपूत, सुशील सभासद, कंचन राजपूत, ज्ञानेंद्र राजपूत मौजूद रहे।2
- हरकौती में श्मशान घाट न होने से घर में पड़ा रहा शव, झमाझम बारिश के बीच अंतिम संस्कार को भटके परिजन रविन्द्र गौतम ✍️ ➡️ग्रामीणों में उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश; टीन शेड न होने से उजागर हुईं विकास के दावों की पोल उरई (जालौन)। ग्राम पंचायत हरकौती में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा की एक बेहद दुखद व व्यथित करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में श्मशान घाट न होने के कारण एक ग्रामीण की मौत के बाद उसका शव घंटों घर में ही रखा रहा। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में भटकने को मजबूर हो गए। ग्राम हरकौती निवासी देवेंद्र दोहरे की अचानक मृत्यु हो जाने से परिवार में मातम पसरा हुआ था। दुख की इस घड़ी में परिजनों की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब तेज बारिश शुरू हो गई। गांव में पक्का श्मशान घाट या टीन शेड न होने से जलती चिता को बारिश से बचाने का कोई इंतजाम नहीं था। नतीजतन, परिजन घंटों तक शव को घर पर रखकर बारिश थमने या वैकल्पिक व्यवस्था होने का इंतजार करते रहे। इस घटना को लेकर पूरे गांव में स्थानीय पंचायत और जिला प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के तमाम दावों के बावजूद आज तक गांव में एक श्मशान घाट तक का निर्माण नहीं कराया जा सका, जिससे अंत्येष्टि जैसे संवेदनशील कार्य में भी परिजनों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में जल्द से जल्द पक्के श्मशान घाट का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है।1
- कानून बीच में नहीं आता तो अब तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि में बहुत कुछ हो गया होता: मुख्यमंत्री योगी लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि कानून बीच में नहीं आता, तो अब तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि में बहुत कुछ हो चुका होता। उन्होंने कहा कि इस विषय में संवेदनशीलता के साथ कानून और न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि आस्था से जुड़े ऐसे मामलों में भावनाओं के साथ-साथ संवैधानिक व्यवस्था और कानून की मर्यादा का पालन भी जरूरी है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर लंबे समय से विभिन्न पक्षों की ओर से दावे और कानूनी लड़ाई चल रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान इस मुद्दे पर सरकार के रुख को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- देखिए मैं आप सबको पहचान रहा हूं, दोबारा आने नहीं दूंगा" राम मंदिर अयोध्या के नए CEO जितेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचते ही मीडियाकर्मियों से कहा !! देखिए मैं आप सबको पहचान रहा हूं, दोबारा आने नहीं दूंगा" राम मंदिर अयोध्या के नए CEO जितेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचते ही मीडियाकर्मियों से कहा !!1
- जालौन जालौन में दो पक्षों के बीच मामूली विवाद में जमकर हुई मारपीट, जालौन में दो पक्षों के बीच मामूली विवाद में जमकर हुई मारपीट, दोनों पक्षों के लोगों के बीच जमकर चले लाठी डंडे, मारपीट में महिलाएं भी आई नजर, घर के बाहर बैठे युवक ने लाठी-डंडों और लोहे की रोड से हमला करने का लगाया आरोप, युवक ने सभासद समेत कई लोगों पर मारपीट और हमले का लगाया आरोप, मारपीट के दौरान एक युवक गंभीर रूप से हुआ घायल, दूसरे पक्ष के लोगों को भी आई चोटें, दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, घायल युवक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच, जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पहलवान बाड़ा का मामला।1
- जोल्हूपुर मोड़ पर गड्ढों से बेहाल सड़क, गड्ढामुक्त यूपी के दावों पर सवाल!! जालौन के जोल्हूपुर मोड़ पर सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर राहगीरों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब प्रदेश में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के दावे किए जा रहे हैं, तो जोल्हूपुर मोड़ की सड़क की यह हालत क्यों है। लोगों ने जिम्मेदार विभाग से जल्द सड़क की मरम्मत कराकर आवागमन सुरक्षित कराने की मांग की है। जोल्हूपुर मोड़ की यह सड़क सरकार के गड्ढामुक्त सड़क अभियान पर सवाल खड़े कर रही है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। बारिश होने के बाद स्थिति और खराब हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के साथ बड़े वाहनों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय विकास और बेहतर सड़कों के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है। अब सवाल यही है कि आखिर जोल्हूपुर मोड़ की इस बदहाल सड़क की जिम्मेदारी कौन लेगा और सड़क कब गड्ढामुक्त होगी? जनता की मांग है कि जिम्मेदार विभाग तत्काल सड़क की मरम्मत कराए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1