Shuru
Apke Nagar Ki App…
जय माता बाला सुंदरी जी 🙏🙏🙏🙏 जय माँ बाला सुंदरी जी 🙏🙏
Varun Slathia
जय माता बाला सुंदरी जी 🙏🙏🙏🙏 जय माँ बाला सुंदरी जी 🙏🙏
More news from Jammu and Kashmir and nearby areas
- Post by Varun Slathia1
- Post by Till The End News1
- हिमाचल प्रदेश में टोल टैक्स की बढ़ी हुई दरों को लेकर अब विरोध तेज होता जा रहा है। पंजाब और हिमाचल की विभिन्न जत्थेबंदियों ने एकजुट होकर सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीमावर्ती क्षेत्र मैहतपुर में लोगों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने पहले टोल बढ़ोतरी वापस लेने का संदेश देकर लोगों को गुमराह किया, लेकिन बाद में अचानक नई दरें लागू कर दीं। इस फैसले से न केवल व्यापार पर असर पड़ने की बात कही जा रही है, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के आवागमन पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ने का दावा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।2
- 📰 पांगी (चंबा), 31 मार्च: जनजातीय क्षेत्र पांगी के चलौली गांव में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। यह घटना एक बार फिर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी तंत्र की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के बीचों-बीच बनी सड़क अत्यंत संकरी है और वहां किसी प्रकार की सुरक्षा दीवार भी नहीं लगाई गई है। हैरानी की बात यह है कि ऐसी खतरनाक सड़क को भी विभाग द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। जब बस इस स्थान से गुजर रही थी, तो कुछ क्षणों के लिए यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। यदि जरा सी चूक हो जाती, तो यह हादसा बेहद भयावह रूप ले सकता था, जिससे न केवल बस सवार लोग बल्कि आसपास के रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। धरवास पंचायत के उप प्रधान ने इस मामले में सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर ऐसी ही घटना हुई थी और इसकी सूचना विभाग को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई सुधार कार्य नहीं किया गया। इस वर्ष फिर वही स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे विभाग की लापरवाही साफ झलकती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पांगी में तैनात कनिष्ठ अभियंता से लेकर सहायक अभियंता और अधिशाषी अभियंता तक सभी अधिकारी क्षेत्र से ही संबंधित होने के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। उनका ध्यान विकास कार्यों के बजाय निजी स्वार्थों पर अधिक केंद्रित है, जिससे क्षेत्र के लोगों को जोखिम उठाना पड़ रहा है। वहीं, क्षेत्र में अधिशाषी अभियंता की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक गुट विशेष अधिकारी को संरक्षण देकर उसे उच्च पद पर बैठाने की कोशिश में लगा हुआ है, जबकि क्षेत्र को अनुभवी और जिम्मेदार नेतृत्व की आवश्यकता है। गांववासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस सड़क का चौड़ीकरण कर सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई, तो वे लोक निर्माण विभाग के कार्यालय का घेराव करने के साथ-साथ सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस घटना के बाद संबंधित विभाग और सरकार कितनी गंभीरता दिखाते हैं और कब तक इस खतरनाक सड़क का सुधार कार्य किया जाता है।1
- जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के चलौली गांव में आज एक बड़ा हादसा टल गया, जब हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस खतरनाक मोड़ पर असंतुलित होने से बाल-बाल बच गई। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की जर्जर सड़कों और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चलौली गांव के बीच से गुजरने वाली सड़क बेहद संकरी है और यहां किसी प्रकार की सुरक्षा दीवार (पैरापेट) भी नहीं बनाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क से रोजाना बसें और अन्य वाहन गुजरते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी जोखिमभरी सड़क को भी विभाग द्वारा फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया गया है। घटना के दौरान बस जैसे ही गांव के संकरे हिस्से से गुजर रही थी, कुछ क्षणों के लिए उसका संतुलन बिगड़ गया और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि चालक की सूझबूझ से बस संभल गई, अन्यथा यह हादसा बेहद भयावह हो सकता था। अगर बस जरा भी फिसलती, तो न केवल यात्रियों की जान खतरे में पड़ती बल्कि आसपास के रिहायशी मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। धरवास पंचायत के उप प्रधान ने इस मामले में सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर इसी तरह की घटना हो चुकी है, जिसकी सूचना विभाग को दी गई थी। इसके बावजूद आज तक न तो सड़क का चौड़ीकरण किया गया और न ही सुरक्षा दीवार का निर्माण हुआ, जो विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पांगी में तैनात कनिष्ठ अभियंता से लेकर सहायक अभियंता और अधिशाषी अभियंता तक सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं। विकास कार्यों की अनदेखी कर निजी स्वार्थों को प्राथमिकता देने के कारण क्षेत्र के लोग लगातार खतरे में जीने को मजबूर हैं। वहीं, क्षेत्र में अधिशाषी अभियंता की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक विशेष गुट अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पसंदीदा अधिकारी को उच्च पद पर बैठाने की कोशिश कर रहा है, जबकि क्षेत्र को अनुभवी और जिम्मेदार नेतृत्व की सख्त जरूरत है। गांववासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस सड़क का चौड़ीकरण और सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं किया गया, तो वे लोक निर्माण विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेंगे और कार्यालय का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। अब यह देखना अहम होगा कि इस घटना के बाद प्रशासन और सरकार कितनी गंभीरता दिखाते हैं और कब तक इस जानलेवा सड़क की स्थिति में सुधार किया जाता है।1
- सुजानपुर हिमाचल प्रदेश में वाहनों पर प्रवेश कर के मुद्दे पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर करारा हमला बोला है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रवेश कर में बढ़ोतरी से बाहरी राज्यों से हिमाचल में रोजमर्रा का सामान लाने वाले व्यापारियों पर भारी बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर होगा और प्रदेश में जरूरत का सामान और महंगा मिलेगा। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल के लिए वित्तीय सहायता के रूप में ₹3,920 करोड़ जारी किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल सरकार पेट्रोल और डीजल पर पाँच रुपये बढ़ाने और करों में वृद्धि कर जनता को निचोड़ने की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जिद के आगे प्रदेश की जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है और प्रवेश कर बढ़ाने का फैसला तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से हिमाचल प्रदेश की छवि पहले ही खराब हो चुकी है और अब बची-खुची कसर भी पूरी हो जाएगी। फर्क केवल आम जनता को पड़ता है, लेकिन यह बात मुख्यमंत्री समझ नहीं पा रहे हैं। राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू से सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 में 72 घंटे तक वह क्या कर रहे थे। यदि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो इस बारे में जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस मुद्दे पर उनकी खामोशी से जनता के बीच मुख्यमंत्री की छवि और खराब हो रही है और यदि जल्द जवाब नहीं दिया गया तो स्थिति और गंभीर होगी।1
- *बिलासपुर का ऐतिहासिक बम्म दंगल 2026 | युवराज अमृतसर बना विजेता | सौरव ने जीता हिमाचल केसरी U21*1
- Post by Varun Slathia1