बाढ़ शहर में स्वच्छता के दावों के बीच, बाढ़ अनुमंडलीय पुस्तकालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पिछले करीब एक महीने से कचरे का ढेर लगा हुआ है। जगन्नाथन स्कूल और जगन्नाथन चिल्ड्रन पार्क के पास स्थित इस पुस्तकालय के बाहर जमा इस गंदगी और दुर्गंध के कारण यहां आने वाले छात्र-छात्राओं, स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वार्ड संख्या 17 के निवासी श्रवण कुमार ब्रह्मचारी ने बुधवार शाम बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कचरा नहीं हटाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड पार्षद क्षेत्र की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देते, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। वहीं, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजीव कुमार शर्मा ने मंगलवार को नगर परिषद की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। उन्होंने नगर परिषद में भ्रष्टाचार हावी होने और मूलभूत समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि "बाढ़ शहर भगवान भरोसे चल रहा है।" यह स्थिति तब है जब नगर परिषद हर साल सफाई पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा करती है। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और पुस्तकालयों जैसे महत्वपूर्ण परिसरों के बाहर कचरा जमा होना नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने तत्काल सफाई कराने और कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित करने की मांग की है।
बाढ़ शहर में स्वच्छता के दावों के बीच, बाढ़ अनुमंडलीय पुस्तकालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पिछले करीब एक महीने से कचरे का ढेर लगा हुआ है। जगन्नाथन स्कूल और जगन्नाथन चिल्ड्रन पार्क के पास स्थित इस पुस्तकालय के बाहर जमा इस गंदगी और दुर्गंध के कारण यहां आने वाले छात्र-छात्राओं, स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वार्ड संख्या 17 के निवासी श्रवण कुमार ब्रह्मचारी ने बुधवार शाम बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कचरा नहीं हटाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड पार्षद क्षेत्र की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देते, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। वहीं, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजीव कुमार शर्मा ने मंगलवार को नगर परिषद की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। उन्होंने नगर परिषद में भ्रष्टाचार हावी होने और मूलभूत समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि "बाढ़ शहर भगवान भरोसे चल रहा है।" यह स्थिति तब है जब नगर परिषद हर साल सफाई पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा करती है। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और पुस्तकालयों जैसे महत्वपूर्ण परिसरों के बाहर कचरा जमा होना नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने तत्काल सफाई कराने और कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित करने की मांग की है।
- समस्तीपुर जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के हकीमाबाद गाँव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ ससुराल वालों ने अपनी बहू को घर में बंद कर बेरहमी से पीटा। बताया गया है कि यह अमानवीय कृत्य ससुराल वालों ने अपनी बेटी के लिए किया।1
- विभूतिपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ट्रक के गुप्त तहखाने से हजारों लीटर विदेशी शराब और बियर बरामद की है। यह कार्रवाई तब सामने आई जब जांच के दौरान पता चला कि ट्रक के ऊपर यूरिया की बोरियां लदी हुई थीं, जिसके नीचे शराब छिपाकर रखी गई थी।1
- गूंज संस्थान और सूर्य नारायण सेवा समिति के संयुक्त सौजन्य से समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड की करीमनगर पंचायत के हेमनपुर गांव में सैकड़ों गरीब परिवारों को आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। इस पहल के लिए लाभार्थियों ने संस्थान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उसकी सराहना की। यह वितरण सूर्य नारायण सेवा समिति के संस्थापक और सहारा समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार उमा शंकर सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। संस्थान के संस्थापक श्री सिंह ने बताया कि यह सामग्री उन लोगों को दी गई जिन्होंने पिछले कई महीनों से सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई कर स्वच्छता में अपनी भागीदारी निभाई थी। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि ऐसे सामाजिक कार्यों में संलग्न लोगों के लिए यह सेवा आगे भी जारी रहेगी। सामग्री का वितरण, जो बंद बोरियों में किया गया, हेमनपुर गांव निवासी श्रीमती उमा देवी और समाजसेवी उमेश कुमार सिंह द्वारा सैकड़ों गरीब परिवारों के बीच किया गया। इस सहायता को पाकर लोगों ने खुशी जाहिर की और इस प्रयास की दिल खोलकर सराहना की।1
- दीपांकर भट्टाचार्य बिहार शरीफ पहुंच गए हैं। उनके इस आगमन के साथ ही यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति सरकार की विफलता का परिणाम है।1
- नालंदा जिले के राजगीर में मलमास मेला के दौरान हुई पिंटू पासवान और सरवन पासवान की कथित हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर भीम आर्मी ने बिहार शरीफ में एक कैंडल मार्च निकाला। इस विरोध प्रदर्शन में पीड़ितों के परिवार के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की गई और दोषियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई गई। कथित हत्या के इस मामले में साधुओं पर आरोप लगाए गए हैं। जन आक्रोश के बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उन्हें फांसी की सजा सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े। यह कैंडल मार्च दलित न्याय, सामाजिक न्याय, और बहुजन समाज के मानवाधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक न्याय आंदोलन का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य पिंटू और सरवन के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।1
- प्रस्तुत पोस्ट में कश्मीर के मनमोहक सौंदर्य और अद्भुत फिजा की विशेष रूप से सराहना की गई है। पोस्ट कश्मीर को एक ऐसी जगह के रूप में वर्णित करता है, जिसके प्राकृतिक वातावरण और सुंदरता को शब्दों में बयान करना मुश्किल है, मानो उसकी महिमा का वर्णन करने के लिए कोई शब्द पर्याप्त न हों।1
- समस्तीपुर शहर में स्थित लाइफ लाइन ओवर ब्रिज पर 5 जुलाई से लेकर 15 अगस्त तक आवागमन पूरी तरह से बंद रहेगा। इस अवधि के दौरान, वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए आने-जाने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है।1
- बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम के तहत समस्तीपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों में स्थापित किए जा रहे नए राजकीय महाविद्यालयों के संचालन की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में, जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बुधवार को खानपुर और कल्याणपुर प्रखंडों में प्रस्तावित राजकीय महाविद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने महाविद्यालय भवनों की स्थिति, आधारभूत संरचना, फर्नीचर, अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, क्रय एवं आपूर्ति की प्रगति, शिक्षकों की पदस्थापना, पेयजल, विद्युत, शौचालय और पठन-पाठन शुरू करने की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान, जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता सह नोडल पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रेम शंकर झा और संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्यों से तैयारियों की बिंदुवार जानकारी प्राप्त की। समीक्षा के बाद, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि महाविद्यालयों का नियमित संचालन शीघ्र सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इस पहल के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नए राजकीय महाविद्यालयों के खुलने से ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी। इससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और शिक्षा का दायरा अधिक व्यापक होगा। उल्लेखनीय है कि जिले के खानपुर, कल्याणपुर, सिंघिया, विभूतिपुर और विद्यापतिनगर प्रखंडों में कुल पांच नए राजकीय महाविद्यालयों का संचालन प्रस्तावित है, जिससे हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा और जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।3
- पटना जिले के मोकामा थाना क्षेत्र के मोर गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात अपराधियों ने पोखन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात पूरे इलाके को दहला गई है और गांव में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि पोखन यादव रोज की तरह रात में अपने बथान पर सो रहे थे। देर रात बदमाश वहाँ पहुँचे और बेहद करीब से गोली मारकर मौके से फरार हो गए। सुबह जब परिजनों ने पोखन यादव का शव खून से लथपथ देखा, तो पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। फिलहाल, इस हत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, लेकिन पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जाँच कर रही है और अपराधियों की तलाश में जुट गई है।1