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पटना जिले के मोकामा थाना क्षेत्र के मोर गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात अपराधियों ने पोखन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात पूरे इलाके को दहला गई है और गांव में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि पोखन यादव रोज की तरह रात में अपने बथान पर सो रहे थे। देर रात बदमाश वहाँ पहुँचे और बेहद करीब से गोली मारकर मौके से फरार हो गए। सुबह जब परिजनों ने पोखन यादव का शव खून से लथपथ देखा, तो पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। फिलहाल, इस हत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, लेकिन पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जाँच कर रही है और अपराधियों की तलाश में जुट गई है।
Khabar Junction Live
पटना जिले के मोकामा थाना क्षेत्र के मोर गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात अपराधियों ने पोखन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात पूरे इलाके को दहला गई है और गांव में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि पोखन यादव रोज की तरह रात में अपने बथान पर सो रहे थे। देर रात बदमाश वहाँ पहुँचे और बेहद करीब से गोली मारकर मौके से फरार हो गए। सुबह जब परिजनों ने पोखन यादव का शव खून से लथपथ देखा, तो पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। फिलहाल, इस हत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, लेकिन पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जाँच कर रही है और अपराधियों की तलाश में जुट गई है।
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- पटना जिले के बख्तियारपुर के बरियारपुर गांव में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत डिजिटल दूध संग्रहण केंद्र का शुभारंभ किया गया है। यह केंद्र सुधा, जीविका और माइक्रोसेव कंसल्टिंग के सहयोग से स्थापित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य गांव की महिलाओं को सिर्फ दूध बेचने वाली नहीं, बल्कि सफल डेयरी उद्यमी बनाना है। इस केंद्र से लगभग 80 जीविका दीदियां जुड़कर अपना दूध बेचेंगी और गुणवत्ता के आधार पर उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा, जिसका भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा। महिलाओं को पशुपालन से संबंधित सहायता भी प्रदान की जाएगी, जिसमें बैंक ऋण, पशु चारा, दवाइयां और तकनीकी सहायता शामिल है। इस मॉडल की सबसे खास बात डिजिटल मशीनों का उपयोग कर दूध की गुणवत्ता की जांच और पूरी तरह से पारदर्शी भुगतान की व्यवस्था है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और डेयरी उद्यमिता के क्षेत्र में उन्हें एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।1
- बाढ़ शहर में स्वच्छता के दावों के बीच, बाढ़ अनुमंडलीय पुस्तकालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने पिछले करीब एक महीने से कचरे का ढेर लगा हुआ है। जगन्नाथन स्कूल और जगन्नाथन चिल्ड्रन पार्क के पास स्थित इस पुस्तकालय के बाहर जमा इस गंदगी और दुर्गंध के कारण यहां आने वाले छात्र-छात्राओं, स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वार्ड संख्या 17 के निवासी श्रवण कुमार ब्रह्मचारी ने बुधवार शाम बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कचरा नहीं हटाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड पार्षद क्षेत्र की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देते, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। वहीं, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजीव कुमार शर्मा ने मंगलवार को नगर परिषद की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। उन्होंने नगर परिषद में भ्रष्टाचार हावी होने और मूलभूत समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि "बाढ़ शहर भगवान भरोसे चल रहा है।" यह स्थिति तब है जब नगर परिषद हर साल सफाई पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा करती है। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और पुस्तकालयों जैसे महत्वपूर्ण परिसरों के बाहर कचरा जमा होना नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने तत्काल सफाई कराने और कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड अंतर्गत करीमनगर पंचायत के हेमनपुर गांव में गूंज संस्थान और सूर्य नारायण सेवा समिति के सौजन्य से सैकड़ों गरीब परिवारों को आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इस वितरण कार्य का नेतृत्व गूंज संस्थान के संस्थापक और सहारा समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार उमा शंकर सिंह ने किया। संस्थान के संस्थापक श्री सिंह ने बताया कि यह सामग्री उन लोगों को प्रदान की गई जिन्होंने पिछले कई महीनों से सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई कर स्वच्छता के प्रति अपनी भागीदारी निभाई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे सराहनीय कार्य करने वाले लोगों के लिए यह सेवा भविष्य में भी जारी रहेगी। आज के वितरण कार्य में हेमनपुर गांव निवासी श्रीमती उमा देवी और समाजसेवी उमेश कुमार सिंह ने बंद बोरियों में जरूरतमंद सामग्री सैकड़ों गरीब, असहाय, लाचार और मजदूर परिवारों तक पहुंचाई। यह वही संस्थान है जो बीते कई दशकों से कंप्यूटर शिक्षा जगत में भी अपनी भागीदारी निभाते हुए सैकड़ों छात्र-छात्राओं को मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करता रहा है, जिससे वे देश के विभिन्न शहरों की प्रतिष्ठित कंपनियों में उच्च पदों पर आसीन हो सके हैं। संस्थान की इसी ईमानदारी और भागीदारी के चलते क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में ऐसे परिवारों को लगातार मदद मिलती रही है। सामग्री पाकर सभी जरूरतमंदों ने खुशी व्यक्त की और संस्थान के प्रति आभार जताते हुए उनके कार्यों की सराहना की।1
- आज पटना के डाक बंगला चौराहे के पास थोड़ी बारिश होने से सड़क पर पानी जमा हो गया है। इस जलजमाव के कारण पैदल चलने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।1
- बुधवार देर रात फतुहा (पटना) में एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप नया टोला, दरियापुर निवासी नवीन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गले में गोली लगने के बाद नवीन ने अस्पतालों में घंटों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ी, लेकिन अंततः वह हार गया और उसके परिवार की उम्मीदें हमेशा के लिए टूट गईं। जानकारी के अनुसार, नवीन फैक्ट्री मोड़ के पास ट्रेंड शोरूम के सामने स्थित एक खाली प्लॉट में अपने कुछ परिचितों के साथ बैठा था। बातचीत के दौरान किसी बात पर विवाद शुरू हुआ, जो इतना बढ़ गया कि एक हमलावर ने बेहद करीब से उसके गले में गोली मार दी। गोली लगते ही नवीन जमीन पर गिर पड़ा, जबकि हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और नवीन को लहूलुहान हालत में फतुहा अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे पीएमसीएच रेफर किया गया। परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल भी ले गए, लेकिन डॉक्टरों की सभी कोशिशें नाकाम रहीं और इलाज के दौरान नवीन ने दम तोड़ दिया। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। घटनास्थल से पुलिस को खान-पान का सामान और कुछ बर्तन मिले हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वहां कुछ लोग बैठकर बातचीत कर रहे थे, तभी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सूचना मिलने पर फतुहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस आपसी रंजिश सहित सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है और संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस ने बताया है कि हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।1
- बिहारशरीफ में भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने राजगीर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड को लेकर 'सम्राट सरकार' की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। गंजपर, बिहारशरीफ के श्रवण पासवान और पिंटू पासवान के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे भट्टाचार्य ने पूछा कि पर्यटन नगरी राजगीर का दामन कब तक गरीबों के खून से सना रहेगा। इस दौरान उनके साथ माले राज्य सचिव कुणाल, मगध जोन प्रभारी अमर, केंद्रीय कमेटी सदस्य संतोष सहर, परवेज, पाजीगंज विधायक संदीप सौरव, डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा, और स्थानीय जिला कमेटी सदस्य व जिला कार्यालय सचिव नवल किशोर सहित कई नेता मौजूद थे। दीपांकर भट्टाचार्य ने 'सरकार दलितों की लाशें गिन रही है' कहते हुए आरोप लगाया कि राजगीर, जो एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी है, वहां मलमास मेला में घूमने आए नौजवान को झुनकी मंदिर के साधु-संतों ने चोरी के आरोप में हाथ-पैर बांधकर पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने 2026 में जैन धर्मशाला के कमरे में कर्नाटक के चार लोगों की संदिग्ध हालत में मिली लाशों का भी जिक्र किया, जहाँ कमरा अंदर से बंद था, लेकिन उनके हाथ बंधे थे और मुंह पर टेप लगी थी, जिस पर पुलिस हत्या और आत्महत्या के बीच झूल रही है। भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि यह कैसा सुशासन है जहाँ न पर्यटक सुरक्षित हैं, न मेले घूमने आए आम नागरिक। उन्होंने नालंदा को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला बताते हुए कहा कि यहाँ अपराधी बेखौफ हैं और स्कॉर्पियो सवार बदमाश वन देवी मंदिर के पास ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो जाते हैं, जबकि पुलिस लकीर पीटती रह जाती है। पाजीगंज विधायक संदीप सौरव ने भी पुलिस की नाकामी पर सवाल उठाए, कहा कि पुलिस हत्या के बाद इंसाफ दिलाने में और सुरक्षा करने में नाकाम रही। उन्होंने बताया कि पुलिस चौकी बगल में होने के बावजूद अपराधियों ने श्रवण और पिंटू को पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने इसे 'डबल इंजन सरकार' का न्याय बताते हुए चिंता व्यक्त की कि जब राजधानी से 100 किमी दूर राजगीर में यह हाल है, तो सीमांचल और कोसी की स्थिति और भी खराब होगी। माले नेताओं ने दोहरे हत्याकांड की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने, मृतक परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, राजगीर-नालंदा में पर्यटक सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने, जिले के सभी लंबित हत्या कांडों का तीन महीने में स्पीडी ट्रायल करने और राजगीर थाना प्रभारी को निलंबित कर तुरंत हटाने की पांच बड़ी मांगें रखीं। ठेला-फुटपाथ वेंडर्स यूनियन के जिलाध्यक्ष किशोर साव ने कहा कि अपराध बढ़ने से राजगीर में पर्यटकों की संख्या गिरी है, जिससे ठेला, होटल और गाइड बेरोजगार हो रहे हैं। भाकपा माले ने सरकार से सीधा सवाल किया कि राजगीर दोहरे हत्याकांड के बाद उसने क्या सबक लिया और कर्नाटक के चार लोगों की मौत के बाद पर्यटन विभाग ने कौन से सुरक्षा इंतजाम किए। नेताओं ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो बिहार में निवेश और पर्यटन का दावा खोखला है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों में दहशत है, वनगंगा इलाके के दुकानदार शाम 6 बजे ही अपनी दुकानें बंद कर देते हैं और पुलिस गश्त केवल वीआईपी मूवमेंट पर ही दिखती है। माले के बिहार शरीफ ग्रामीण प्रभारी सुनील कुमार और हरनौत प्रभारी बिरेश कुमार ने बताया कि बिहार शरीफ थाना क्षेत्र के ऊपरौरा गांव में अपराधियों ने एक दुकानदार को सिर्फ इसलिए गोली मार दी क्योंकि उसने सामान खरीदने के बाद अपराधी को चेंज पैसे नहीं दिए, वहीं सोहसराय थाना क्षेत्र में भी निर्माण मजदूरों की हत्या कर उनके शव को खेत में फेंक दिया गया था। डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है और पीड़ितों को लाठियां। यह जानकारी नालंदा जिला कार्यालय सचिव नवल किशोर द्वारा साझा की गई है।1
- दीपांकर भट्टाचार्य बिहार शरीफ पहुंच गए हैं। उनके इस आगमन के साथ ही यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति सरकार की विफलता का परिणाम है।1
- आज राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर, बख्तियारपुर स्थित प्रभा नर्सिंग होम के निदेशक डॉ. अविनाश चक्रवर्ती ने सभी चिकित्सकों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने हर दिन किसी न किसी की जिंदगी बचाने के लिए समर्पित डॉक्टरों को सलाम करते हुए जोर दिया कि मानव सेवा ही डॉक्टर का सबसे बड़ा धर्म है। डॉ. चक्रवर्ती ने आगे कहा कि मरीजों की सेवा, संवेदनशीलता और ईमानदारी ही चिकित्सा पेशे की सबसे बड़ी पहचान है। इस मौके पर उन्होंने सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के अपने संकल्प को भी दोहराया।1