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4 hrs ago
user_Sarvan Savita
Sarvan Savita
आगर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

More news from Jhalawar and nearby areas
  • पंचायत राज पुर्नगठन के संशोधित आदेशों का विरोध खेजड़िया के ग्रामीणों का प्रदर्शन मांग पूरी नहीं होने पर मतदान बहिष्कार की धमकी पिड़ावा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा पंचायत पुनर्गठन के संशोधित आदेशों का विरोध करते हुए खेजड़िया के ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर उन्हें पूर्व के पंचायतों में यथावत रखने की मांग की है। इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नाम उपखंड अधिकारी दिनेश मीणा को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया की गांव खेजड़िया ग्राम पंचायत दांता में है।सरकार द्वारा पुर्नगठन के जारी संशोधित आदेशों में खेजड़िया को ढाबला भोज में सम्मिलित किया जा रहा है।खेजड़िया का ग्राम पंचायत मुख्यालय दांता महज 8 किमी दूर था।जो अब ढाबला भोज यहां से 15 किमी दूर हो जाएगा।ऐसे में ग्रामीणों को छोटे छोटे कार्यों के लिए ग्राम पंचायत मुख्यालय जाने के लिए लंबी दूरी तय करना पड़ेगी। ग्रामीणों ने उनके गांव को दूसरी पंचायत में सम्मिलित करने की कोई मांग भी नहीं की थी।लेकिन राजनीतिक द्वेषता के चलते उनके गांवों की ग्राम पंचायत को बदला जा रहा है।जिससे ग्रामीणों में बहुत आक्रोश हे।ग्रामीणों ने उनके गांव खेजड़िया को दांता में यथावत रखने की मांग की है।ग्रामीणों ने उनकी पंचायत बदलने पर मतदान बहिष्कार करने का चेतावनी दी हैं।ज्ञापन देने वालो में पूर्व प्रधान रामलाल चौहान, फूलसिंह, ईश्वर सिंह, गुमान सिंह, रामलाल, घनश्याम, पर्वत सिंह, शोभाराम, गुमान मेहर, सुल्तान सिंह, शिराज सिंह, जगदीश, सलीम खान, सईद खान, सोहन, प्रताप, रामप्रसाद, बबलू खान, कई महिला पुरुष साथ रहे।
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    पंचायत राज पुर्नगठन के संशोधित आदेशों का विरोध 
खेजड़िया के ग्रामीणों का प्रदर्शन 
मांग पूरी नहीं होने पर मतदान बहिष्कार की धमकी 
पिड़ावा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा पंचायत पुनर्गठन के संशोधित आदेशों का विरोध करते हुए खेजड़िया के ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर उन्हें पूर्व के पंचायतों में यथावत रखने की मांग की है।
इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नाम उपखंड अधिकारी दिनेश मीणा को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में बताया की गांव खेजड़िया  ग्राम पंचायत दांता में है।सरकार द्वारा पुर्नगठन के जारी संशोधित आदेशों में खेजड़िया को ढाबला भोज में सम्मिलित किया जा रहा है।खेजड़िया का ग्राम पंचायत मुख्यालय दांता महज 8 किमी दूर था।जो अब ढाबला भोज यहां से 15 किमी दूर हो जाएगा।ऐसे में ग्रामीणों को छोटे छोटे कार्यों के लिए ग्राम पंचायत मुख्यालय जाने के लिए लंबी दूरी तय करना पड़ेगी। ग्रामीणों ने उनके गांव को दूसरी पंचायत में सम्मिलित करने की कोई मांग भी नहीं की थी।लेकिन राजनीतिक द्वेषता के चलते उनके गांवों की ग्राम पंचायत को बदला जा रहा है।जिससे ग्रामीणों में बहुत आक्रोश हे।ग्रामीणों ने उनके गांव खेजड़िया को दांता में यथावत रखने की मांग की है।ग्रामीणों ने उनकी पंचायत बदलने पर मतदान बहिष्कार करने का चेतावनी दी हैं।ज्ञापन देने वालो में पूर्व प्रधान रामलाल चौहान, फूलसिंह, ईश्वर सिंह, गुमान सिंह, रामलाल, घनश्याम, पर्वत सिंह, शोभाराम, गुमान मेहर, सुल्तान सिंह, शिराज सिंह, जगदीश, सलीम खान, सईद खान, सोहन, प्रताप, रामप्रसाद, बबलू खान, कई महिला पुरुष साथ रहे।
    user_Nafis Mohammad
    Nafis Mohammad
    Reporter Pirawa, Jhalawar•
    1 hr ago
  • सभी देशवासियों को नए साल की हार्दिक बधाई
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    सभी देशवासियों को नए साल की हार्दिक बधाई
    user_जय बाबा री सा
    जय बाबा री सा
    रायपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • Post by Sandip Bagri
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    Post by Sandip Bagri
    user_Sandip Bagri
    Sandip Bagri
    Salesperson Mandsaur, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • indersingh parmar
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    indersingh parmar
    user_Rajesh kumar Kundan
    Rajesh kumar Kundan
    Journalist कालापीपल, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
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    गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
    user_Tulla tulsi
    Tulla tulsi
    Doctor Badnagar, Ujjain•
    11 hrs ago
  • हाट बाजार में उलझा बायपास, दिनभर रहे जाम के हालात हरनावदाशाहजी. कस्बे में छीपाबड़ौद मार्ग पर चल रहे पुलिया निर्माण से मेला मैदान वाले रास्ते में बढते यातायात दबाव के बीच बुधवार लगने वाले साप्ताहिक हाट में दिन भर जाम के हालात बने रहे। इस दौरान पंचायत एवं पुलिस प्रशासन की कोई व्यवस्था नजर नही आई। जिससे काफी देर तक जाम में लोग फंसे रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार छीपाबड़ौद मार्ग पर गुफा के समीप की पुलिया का नवनिर्माण कार्य प्रगति पर है जिसके चलते मुख्य मार्ग बंद हो जाने से सारा यातायात मेला मैदान वाले रास्ते से होकर निकल रहा है लेकिन इस रास्ते पर यातायात व्यवस्था के लिए उपयुक्त प्रबंध नहीं होने से हालत खराब हो रहे हैं। जहां चाहे रोड पर लगा दिया मवेशी बाजार - बुधवार को यहां लगने वाले हाट बाजार के दौरान स्थिति काफी खराब हो जाती है। हाट के दिन यहां बड़ी संख्या में बकरे बकरियां बिकने आती है जिनसे ग्राम पंचायत टैक्स के रूप में अच्छी इनकम करती है लेकिन व्यवस्था के नाम पर कोई ठोर ठिकाना स्थायी नहीं करने से बकरियों का बाजार मर्जी चाहे जहां तैयार मिलता है। खरीदार मुख्य सड़क मार्ग पर ही खड़े होकर सौदेबाजी करते नजर आते हैं जिससे न केवल वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाती है बल्कि जाम के हालात हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बकरा बकरी के बाजार के लिए एक निर्धारित स्थान चयन कर इनका बाजार लगवाने की मांग की है। इधर दिनभर रही रेळमपेल- हाट बाजार में दो तरफा यातायात दबाव,ऊपर से मेले में ग्रामीणों की जोरदार आवक से मेला मैदान में होकर बने रास्ते में घंटों तक जाम के हालात बने रहे। थानाधिकारी दीनदयाल वैष्णव ने बताया कि रास्ते में होकर वाहनों का दबाव अधिक रहने से एवं जगह कम होने से जाम के हालात रहना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि दिन में स्वयं अकलेरा मार्ग तक गाडी से होकर आए । उन्होंने बताया कि सर्किल पर जवान भी तैनात थे। साथ ही मेले में लगे जाम के दौरान जवान भिजवाने की बात कही। ,, कस्बे में मेला आयोजन समाप्त हो गया है। बुधवार हाट में बिकने आ रहे बकरा बकरी का खूंटा टैक्स 50 रुपए प्रति के हिसाब से लिए जाते हैं। ये मवेशी लेकर आने वाले रोड पर ही व्यापारियों से मोलभाव करने लगते हैं जिससे रोड पर यातायात प्रभावित रहता है। अगले हाट के दिन सफेद लाइनिंग डालकर रोड खुलासा करवाया जाएगा और बकरा बकरी एवं सब्जी विक्रेताओं को निश्चित जगह पर बैठने के लिए पाबंद किया जाएगा'' देवलाल नागर, ग्राम विकास अधिकारी हरनावदाशाहजी।
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    हाट बाजार में उलझा बायपास, दिनभर रहे जाम के हालात 
हरनावदाशाहजी.
कस्बे में छीपाबड़ौद मार्ग पर चल रहे पुलिया निर्माण से मेला मैदान वाले रास्ते में बढते यातायात दबाव के बीच बुधवार लगने वाले साप्ताहिक हाट में दिन भर जाम के हालात बने रहे। इस दौरान पंचायत एवं पुलिस प्रशासन की कोई व्यवस्था नजर नही आई। जिससे काफी देर तक जाम में लोग फंसे रहे। प्राप्त जानकारी अनुसार छीपाबड़ौद मार्ग पर गुफा के समीप की पुलिया का नवनिर्माण कार्य प्रगति पर है जिसके चलते मुख्य मार्ग बंद हो जाने से सारा यातायात मेला मैदान वाले रास्ते से होकर निकल रहा है लेकिन इस रास्ते पर यातायात व्यवस्था के लिए उपयुक्त प्रबंध नहीं होने से हालत खराब हो रहे हैं। जहां चाहे रोड पर लगा दिया मवेशी बाजार - बुधवार को यहां लगने वाले हाट बाजार के दौरान स्थिति काफी खराब हो जाती है। हाट के दिन यहां बड़ी संख्या में बकरे बकरियां बिकने आती है जिनसे ग्राम पंचायत टैक्स के रूप में अच्छी इनकम करती है लेकिन व्यवस्था के नाम पर कोई ठोर ठिकाना स्थायी नहीं करने से बकरियों का बाजार मर्जी चाहे जहां तैयार मिलता है। खरीदार मुख्य सड़क मार्ग पर ही खड़े होकर सौदेबाजी करते नजर आते हैं जिससे न केवल वाहनों की आवाजाही बाधित हो जाती है बल्कि जाम के हालात हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बकरा बकरी के बाजार के लिए एक निर्धारित स्थान चयन कर इनका बाजार लगवाने की मांग की है। इधर दिनभर रही रेळमपेल- हाट बाजार में दो तरफा यातायात दबाव,ऊपर से मेले में ग्रामीणों की जोरदार आवक से मेला मैदान में होकर बने रास्ते में घंटों तक जाम के हालात बने रहे। थानाधिकारी दीनदयाल वैष्णव ने बताया कि रास्ते में होकर वाहनों का दबाव अधिक रहने से एवं जगह कम होने से जाम के हालात रहना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि दिन में स्वयं अकलेरा मार्ग तक गाडी से होकर आए । उन्होंने बताया कि सर्किल पर जवान भी तैनात थे। साथ ही मेले में लगे जाम के दौरान जवान भिजवाने की बात कही। ,, कस्बे में मेला आयोजन समाप्त हो गया है। बुधवार हाट में बिकने आ रहे बकरा बकरी का खूंटा टैक्स 50 रुपए प्रति के हिसाब से लिए जाते हैं। ये मवेशी लेकर आने वाले रोड पर ही व्यापारियों से मोलभाव करने लगते हैं जिससे रोड पर यातायात प्रभावित रहता है। अगले हाट के दिन सफेद लाइनिंग डालकर रोड खुलासा करवाया जाएगा और बकरा बकरी एवं सब्जी विक्रेताओं को निश्चित जगह पर बैठने के लिए पाबंद किया जाएगा'' देवलाल नागर, ग्राम विकास अधिकारी हरनावदाशाहजी।
    user_Pramod jain
    Pramod jain
    Journalist Chhipabarod, Baran•
    26 min ago
  • परफेक्ट पत्नी नहीं मिली तो, पति ने कर ली तीन शादियां
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    परफेक्ट पत्नी नहीं मिली तो, पति ने कर ली तीन शादियां
    user_Zakir
    Zakir
    Indore, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • पत्रकार के सवाल पर मंत्री की आपत्तिजनक भाषा, लोकतांत्रिक मर्यादा पर उठे सवाल खबर/टिप्पणी: इंदौर में हुई एक गंभीर घटना, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई, को लेकर जब NDTV के वरिष्ठ पत्रकार अनुराग द्वारी ने मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया, तो जवाब में प्रयुक्त भाषा ने सभी को चौंका दिया। एक जिम्मेदार मंत्री से अपेक्षा होती है कि वह संवेदनशील मुद्दों पर संयम, गंभीरता और उत्तरदायित्व के साथ जवाब दें। लेकिन इस मामले में सवाल के जवाब के बजाय जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया गया, उसने न सिर्फ लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े किए, बल्कि इंदौर जैसे प्रतिष्ठित शहर की छवि को भी आघात पहुँचाया। मीडिया का काम सवाल पूछना है—वह जनता की आवाज़ होता है। जनप्रतिनिधियों का दायित्व जवाब देना है, न कि सवालों से बौखलाकर मर्यादा तोड़ना। जब सत्ता में बैठे लोग आलोचना से असहज होकर भाषा की सीमाएँ लांघने लगें, तो यह संकेत देता है कि जवाबों में गंभीरता और जवाबदेही की कमी है। आज मुद्दा किसी एक बयान तक सीमित नहीं है। मुद्दा है— जिम्मेदारी का, संस्कार का और सत्ता के व्यवहार का। जनता जानना चाहती है: क्या सवाल पूछना अपराध है, या जवाब देना अब बोझ बन गया है?यह स्थिति सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की विफलता की ओर इशारा करती है। ऐसे गंभीर हालात में सवाल पूछना मीडिया का अधिकार है और जवाब देना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी। जनता को गाली नहीं, साफ़ पानी, स्वास्थ्य और जवाबदेही चाहिए। 1
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    पत्रकार के सवाल पर मंत्री की आपत्तिजनक भाषा, लोकतांत्रिक मर्यादा पर उठे सवाल
खबर/टिप्पणी:
इंदौर में हुई एक गंभीर घटना, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई, को लेकर जब NDTV के वरिष्ठ पत्रकार अनुराग द्वारी ने मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया, तो जवाब में प्रयुक्त भाषा ने सभी को चौंका दिया।
एक जिम्मेदार मंत्री से अपेक्षा होती है कि वह संवेदनशील मुद्दों पर संयम, गंभीरता और उत्तरदायित्व के साथ जवाब दें। लेकिन इस मामले में सवाल के जवाब के बजाय जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया गया, उसने न सिर्फ लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े किए, बल्कि इंदौर जैसे प्रतिष्ठित शहर की छवि को भी आघात पहुँचाया।
मीडिया का काम सवाल पूछना है—वह जनता की आवाज़ होता है। जनप्रतिनिधियों का दायित्व जवाब देना है, न कि सवालों से बौखलाकर मर्यादा तोड़ना। जब सत्ता में बैठे लोग आलोचना से असहज होकर भाषा की सीमाएँ लांघने लगें, तो यह संकेत देता है कि जवाबों में गंभीरता और जवाबदेही की कमी है।
आज मुद्दा किसी एक बयान तक सीमित नहीं है।
मुद्दा है—
जिम्मेदारी का, संस्कार का और सत्ता के व्यवहार का।
जनता जानना चाहती है:
क्या सवाल पूछना अपराध है, या जवाब देना अब बोझ बन गया है?यह स्थिति सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की विफलता की ओर इशारा करती है।
ऐसे गंभीर हालात में सवाल पूछना मीडिया का अधिकार है और जवाब देना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी।
जनता को गाली नहीं, साफ़ पानी, स्वास्थ्य और जवाबदेही चाहिए। 1
    user_Deepak Kumar bairagi Reportar
    Deepak Kumar bairagi Reportar
    Local News Reporter आष्टा, सीहोर, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • इंदौर पूर्व विधायक एवं एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल ने प्रभावितों से की मुलाकात इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित घटना ने न केवल शहर बल्कि देश-विदेश तक चिंता और आक्रोश की स्थिति उत्पन्न कर दी है। कभी चूहों की वजह से, कभी सिरप कांड से और अब नर्मदा जल में ड्रेनेज का दूषित एवं केमिकल युक्त पानी मिलने के कारण सैकड़ों लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर पूर्व विधायक एवं एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव श्री सत्यनारायण पटेल ने गहरा शोक व्यक्त किया। बुधवार को वे इंदौर के परदेशीपुरा स्थित वर्मा अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने इस घटना से प्रभावित मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की। श्री पटेल ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया तथा चिकित्सकों से मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति एवं उपचार से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने ईश्वर से सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। इस अवसर पर श्री सत्यनारायण पटेल ने कहा कि यह घटना केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और जनता की सुरक्षा के प्रति घोर उपेक्षा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से नागरिक विभिन्न स्तरों पर दूषित पानी की शिकायतें दर्ज करा रहे थे, इसके बावजूद भाजपा सरकार एवं संबंधित प्रशासन ने न तो इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और न ही समय रहते कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई की। श्री पटेल ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक उपेक्षा और जनता के प्रति गैर-जिम्मेदार रवैये की स्पष्ट पहचान है। अब समय आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही तय करें और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर में 9 के 9 विधायक, सांसद तथा नगर निगम भाजपा के ही प्रतिनिधि हैं, इसके बावजूद इस प्रकार की गंभीर लापरवाही होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अक्षम्य है। इससे पूर्व भी इंदौर में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिन्हें केवल लीपापोती कर दबा दिया गया। अंत में श्री पटेल ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष, शहर कांग्रेस इंदौर श्री अमन बजाज भी उपस्थित रहे।
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    इंदौर पूर्व विधायक एवं एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल ने प्रभावितों से की मुलाकात
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित घटना ने न केवल शहर बल्कि देश-विदेश तक चिंता और आक्रोश की स्थिति उत्पन्न कर दी है। कभी चूहों की वजह से, कभी सिरप कांड से और अब नर्मदा जल में ड्रेनेज का दूषित एवं केमिकल युक्त पानी मिलने के कारण सैकड़ों लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर पूर्व विधायक एवं एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव श्री सत्यनारायण पटेल ने गहरा शोक व्यक्त किया। बुधवार को वे इंदौर के परदेशीपुरा स्थित वर्मा अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने इस घटना से प्रभावित मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की। श्री पटेल ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया तथा चिकित्सकों से मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति एवं उपचार से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने ईश्वर से सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
इस अवसर पर श्री सत्यनारायण पटेल ने कहा कि यह घटना केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और जनता की सुरक्षा के प्रति घोर उपेक्षा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से नागरिक विभिन्न स्तरों पर दूषित पानी की शिकायतें दर्ज करा रहे थे, इसके बावजूद भाजपा सरकार एवं संबंधित प्रशासन ने न तो इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और न ही समय रहते कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई की।
श्री पटेल ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक उपेक्षा और जनता के प्रति गैर-जिम्मेदार रवैये की स्पष्ट पहचान है। अब समय आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही तय करें और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर में 9 के 9 विधायक, सांसद तथा नगर निगम भाजपा के ही प्रतिनिधि हैं, इसके बावजूद इस प्रकार की गंभीर लापरवाही होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अक्षम्य है। इससे पूर्व भी इंदौर में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिन्हें केवल लीपापोती कर दबा दिया गया।
अंत में श्री पटेल ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
इस दौरान पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष, शहर कांग्रेस इंदौर श्री अमन बजाज भी उपस्थित रहे।
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    Journalist इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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