Shuru
Apke Nagar Ki App…
अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी किए जाने के बाद उन्होंने टिप्पणी करने वालों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई है। इस घटनाक्रम के बाद, योगी ने अखिलेश यादव को नसीहत दी।
Tarun Dixit
अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी किए जाने के बाद उन्होंने टिप्पणी करने वालों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई है। इस घटनाक्रम के बाद, योगी ने अखिलेश यादव को नसीहत दी।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- ग्वालियर के हृदय स्थल महाराज बाड़े स्थित नजरबाग मार्केट में अवैध निर्माण और नगर निगम की संपत्ति पर कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोप है कि दुकान क्रमांक एफ-26 का निर्माण पूरी तरह से अवैध तरीके से किया गया है, जिसके संबंध में नगर निगम और ग्वालियर विकास प्राधिकरण के पास कोई भी वैध रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस मामले में लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- ग्वालियर में होने वाले चेम्बर ऑफ कॉमर्स चुनाव के लिए डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने अध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है। यह निर्णय हज़ारों समर्थकों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से लिया गया।1
- ग्वालियर के डबरा सिटी थाना परिसर में 26 जून को होने वाले मोहर्रम के मद्देनजर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सद्भावना और शांति बनाए रखना था, जिसमें डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार और सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। बैठक के दौरान, एसडीओपी सौरभ कुमार ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि अत्यधिक ध्वनि वाले डीजे और किसी भी प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इनका प्रदर्शन करना कानूनन जुर्म है और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। एसडीओपी सौरभ कुमार ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए यह भी आश्वासन दिया कि पुलिस हमेशा सहयोग के लिए मौजूद रहेगी।3
- भितरवार नगर के वार्ड क्रमांक 12 में स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जिनालय में देर सोमवार-मंगलवार की रात्रि अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मंदिर के ऊपर लगे शिखर से अष्टधातु के कलश चुरा ले गए। चोरी हुए इन अष्टधातु के कलशों की कीमत एक लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह घटना मंगलवार की शाम उस समय सामने आई जब पूजा अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालुओं की नजर मंदिर के शिखर पर पड़ी। जानकारी मिलने पर जैन समाज के लोगों ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल करते हुए चोरों की तलाश शुरू कर दी है।2
- दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते, परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।3
- मुरैना में किसान सभा ने चंबल के बीहड़ों की जमीन उद्योग विभाग को आवंटित किए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर भरत कुमार को सौंपा। किसानों ने तत्काल इस आवंटन को रद्द करने और उद्योगों के लिए अन्यत्र भूमि आवंटित करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि सबलगढ़ तहसील के अटार से लेकर निवाड़ी तक 15 से अधिक पंचायतों की चंबल के बीहड़ों की जमीन हाल ही में उद्योग विभाग को आवंटित की गई है, जिसकी कुछ स्थानों पर आवंटन और सीमांकन की कार्यवाही जारी है। इससे लगभग 40 ग्राम और हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। किसानों का आरोप है कि यह कदम देश की एकमात्र स्वच्छ नदी, चंबल नदी को भविष्य में बुरी तरह प्रदूषित करेगा और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचाएगा। मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने किसानों के बीच बोलते हुए जोर दिया कि चंबल के बीहड़ों की यह जमीन कंपनियों को नहीं बल्कि किसानों को पट्टे देकर खेती के लिए दी जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसान इस आवंटन का पुरजोर विरोध करते रहेंगे। इस मौके पर किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़, श्री कृष्णा यादव, ओमप्रकाश श्रीवास, भान सिंह जादौन, नरोत्तम नगर, नरेश गोस्वामी, अशोक कुमार, राजेंद्र सिंह, नंदलाल जाटव, संतराम सिंह रावत और हरी सिंह माहौर समेत कई अन्य नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया। किसानों ने निर्णय लिया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी दिनों में विरोध कार्रवाइयों को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 22 जुलाई को सबलगढ़ में एसडीएम कार्यालय पर जन सत्याग्रह किया जाएगा, और आवश्यकता पड़ने पर भोपाल व दिल्ली में भी आंदोलन किए जाएंगे।1
- ग्वालियर प्रवाह न्यूज के अनुसार, मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल के विचारों पर चेंबर व्यापारियों ने उनकी प्रोफाइल पर कमेंट्स के माध्यम से अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। पाठकों को इन कमेंट्स को देखकर व्यापारियों का दृष्टिकोण जानने के लिए आमंत्रित किया गया है।1
- मध्य प्रदेश किसान सभा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने ग्वालियर के डबरा स्थित आदिवासी दफाई में व्याप्त विभिन्न अनियमितताओं को लेकर एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आदिवासियों के डेरों पर सफाई न होने, भूमाफियाओं द्वारा सरकार द्वारा दी गई जमीनों पर अवैध कब्जा करने, मोहल्ले में शराब की दुकान संचालित होने, तथा कई महीनों से राशन और आवास न मिलने जैसी गंभीर समस्याओं को उठाया गया। इस दौरान, सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याओं से एसडीएम को अवगत कराया। महिलाओं ने विशेष रूप से शिकायत की कि मोहल्ले में शराब की दुकान के कारण आए दिन झगड़े होते रहते हैं, और मजदूरी करके कमाए गए पैसे उनके आदमी शराब पर खर्च कर देते हैं। उन्होंने मांग की कि इस शराब की दुकान को बंद किया जाए। इसके साथ ही, महिलाओं ने यह भी बताया कि भूमाफिया उनके पट्टों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और उन्हें रोजाना जगह खाली करने की धमकियां दी जा रही हैं। किसान सभा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने इन सभी मुद्दों पर तत्काल समाधान की मांग की है।4
- भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हालिया हमलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं में तीन जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की जान भी चली गई है। इन गंभीर घटनाओं के बाद भी भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर चिंता और सवाल खड़े हो गए हैं। देश की जनता अब यह बड़ा सवाल उठा रही है कि इन हमलों के बाद सरकार अभी तक मौन क्यों है। लोगों की प्रमुख चिंता यह है कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी और क्या भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सकेगा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा किसी भी सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। सरकार की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा या भारत सरकार ऐसे ही मौन रहेगी।1