logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते, परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।

8 hrs ago
user_राजकुमार कुशवाह पत्रकार
राजकुमार कुशवाह पत्रकार
पत्रकार इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते,

def6c54c-1532-4b8d-8a8e-46d2deb4b6f9

परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न

84059ec9-a23c-4081-a01f-d94686ea65f0

होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते, परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।
    3
    दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है।

पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते, परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है।

पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है।

उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।
    user_राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    पत्रकार इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एक युवक पेट्रोल पंप से अपनी कार में डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए ही भाग निकला। झाड़ौली के पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना के बाद, पेट्रोल पंप संचालक ने तुरंत उस युवक का पीछा किया और उसे भितरवार अस्पताल के पास सड़क पर ही पकड़ लिया। संचालक युवक को उसकी कार से बाहर निकालकर अपने साथ ले गया। इस दौरान युवक की कार सड़क के बीचो-बीच खड़ी रह गई, जिससे उस क्षेत्र में लंबा यातायात जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार की चाबी न होने के कारण उसे तुरंत रास्ते से हटाना संभव नहीं हो पाया। आखिरकार, पुलिस ने कार की चाबी मंगवाकर उसे सड़क से हटवाया, जिसके बाद ही यातायात सामान्य हो सका और जाम खुला।
    1
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एक युवक पेट्रोल पंप से अपनी कार में डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए ही भाग निकला। झाड़ौली के पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना के बाद, पेट्रोल पंप संचालक ने तुरंत उस युवक का पीछा किया और उसे भितरवार अस्पताल के पास सड़क पर ही पकड़ लिया। संचालक युवक को उसकी कार से बाहर निकालकर अपने साथ ले गया।

इस दौरान युवक की कार सड़क के बीचो-बीच खड़ी रह गई, जिससे उस क्षेत्र में लंबा यातायात जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार की चाबी न होने के कारण उसे तुरंत रास्ते से हटाना संभव नहीं हो पाया। आखिरकार, पुलिस ने कार की चाबी मंगवाकर उसे सड़क से हटवाया, जिसके बाद ही यातायात सामान्य हो सका और जाम खुला।
    user_Rajesh kumar soni
    Rajesh kumar soni
    Local News Reporter पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवक ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर जमकर रौब झाड़ा, जिससे कुछ समय के लिए आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। युवक ने दावा किया कि वह नोएडा में तैनात एक आईपीएस अधिकारी है और वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से भी उसे सैल्यूट करने की बात कही। यह घटना लखनऊ के गोमतीनगर इलाके की है, जहाँ एक ई-रिक्शा चालक के साथ किराए के 40 रुपये को लेकर युवक की बहस हो गई। बहस बढ़ने पर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तो युवक ने अपना रौब दिखाना शुरू कर दिया। उसने खुद को भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उसकी पोस्टिंग नोएडा में है और लोगों को उसे सम्मानपूर्वक 'सर' कहकर संबोधित करना चाहिए। हालांकि, युवक की यह हेकड़ी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और आखिरकार उसकी सच्चाई सबके सामने आ गई।
    1
    उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवक ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर जमकर रौब झाड़ा, जिससे कुछ समय के लिए आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। युवक ने दावा किया कि वह नोएडा में तैनात एक आईपीएस अधिकारी है और वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से भी उसे सैल्यूट करने की बात कही।

यह घटना लखनऊ के गोमतीनगर इलाके की है, जहाँ एक ई-रिक्शा चालक के साथ किराए के 40 रुपये को लेकर युवक की बहस हो गई। बहस बढ़ने पर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तो युवक ने अपना रौब दिखाना शुरू कर दिया। उसने खुद को भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उसकी पोस्टिंग नोएडा में है और लोगों को उसे सम्मानपूर्वक 'सर' कहकर संबोधित करना चाहिए।

हालांकि, युवक की यह हेकड़ी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और आखिरकार उसकी सच्चाई सबके सामने आ गई।
    user_Ashish shukla
    Ashish shukla
    Social Media Manager पिछोर (डबरा), ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • बैतूल में पुलिस को पति-पत्नी के बीच हुए झगड़े को सुलझाने के लिए एक शिकायत मिली थी। इस शिकायत के बाद जब पुलिसकर्मी विवाद को शांत कराने पहुँचे, तो वे खुद ही उस झगड़े में उलझ गए जिसे सुलझाने के उद्देश्य से वे वहाँ गए थे।
    1
    बैतूल में पुलिस को पति-पत्नी के बीच हुए झगड़े को सुलझाने के लिए एक शिकायत मिली थी। इस शिकायत के बाद जब पुलिसकर्मी विवाद को शांत कराने पहुँचे, तो वे खुद ही उस झगड़े में उलझ गए जिसे सुलझाने के उद्देश्य से वे वहाँ गए थे।
    user_Shahid Qureshi
    Shahid Qureshi
    दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक बड़ा बयान देते हुए दतिया की स्थिति पर बात की है। उन्होंने कहा कि पहले दतिया में गैंगवार की घटनाएँ होती थीं, लेकिन उनके आने के बाद से दतिया में बदलाव आया है। मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब से वह आए हैं, दतिया बदल गया है।
    1
    पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक बड़ा बयान देते हुए दतिया की स्थिति पर बात की है। उन्होंने कहा कि पहले दतिया में गैंगवार की घटनाएँ होती थीं, लेकिन उनके आने के बाद से दतिया में बदलाव आया है। मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब से वह आए हैं, दतिया बदल गया है।
    user_MBKS डिजिटल न्यूज़
    MBKS डिजिटल न्यूज़
    Newspaper publisher दतिया नगर, दतिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • दतिया में एसडीओपी श्रीमती आकांक्षा जैन ने क्षेत्र की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को थाना कोतवाली क्षेत्र के भदौरिया की खिड़की में एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना, साथ ही उन्हें विभिन्न सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक भी किया। कार्यक्रम में, एसडीओपी ने नागरिकों से अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, अवैध शराब बिक्री, होटल-ढाबों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, हंगामा करने वाले व्यक्तियों तथा अन्य अवैध कार्यों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने किरायेदारों और क्षेत्र में आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी भी पुलिस के साथ साझा करने को कहा। उपस्थित नागरिकों ने पुलिस के इस जनसंपर्क अभियान की सराहना की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
    1
    दतिया में एसडीओपी श्रीमती आकांक्षा जैन ने क्षेत्र की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को थाना कोतवाली क्षेत्र के भदौरिया की खिड़की में एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना, साथ ही उन्हें विभिन्न सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक भी किया।

कार्यक्रम में, एसडीओपी ने नागरिकों से अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, अवैध शराब बिक्री, होटल-ढाबों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, हंगामा करने वाले व्यक्तियों तथा अन्य अवैध कार्यों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने किरायेदारों और क्षेत्र में आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी भी पुलिस के साथ साझा करने को कहा।

उपस्थित नागरिकों ने पुलिस के इस जनसंपर्क अभियान की सराहना की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
    user_भूपेन्द्र जिगना
    भूपेन्द्र जिगना
    News Anchor दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • दतिया में पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार को एसडीओपी दतिया श्रीमती आकांक्षा जैन ने थाना कोतवाली क्षेत्र के भदौरिया की खिड़की में नागरिकों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और उनके सुझावों पर गौर किया। इस कार्यक्रम के दौरान, एसडीओपी ने नागरिकों से अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की, यह कहते हुए कि क्षेत्र की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में आमजन की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों को आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों की मौजूदगी, अवैध शराब के कारोबार, होटल-ढाबों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों तथा अन्य अवैध कार्यों की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधित जानकारी भी पुलिस के साथ साझा करने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों ने पुलिस के इस जनसंपर्क अभियान की सराहना की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। दतिया पुलिस का यह मानना है कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और एक सुरक्षित समाज का निर्माण पुलिस और जनता की साझेदारी से ही संभव है।
    1
    दतिया में पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार को एसडीओपी दतिया श्रीमती आकांक्षा जैन ने थाना कोतवाली क्षेत्र के भदौरिया की खिड़की में नागरिकों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और उनके सुझावों पर गौर किया।

इस कार्यक्रम के दौरान, एसडीओपी ने नागरिकों से अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की, यह कहते हुए कि क्षेत्र की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में आमजन की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों को आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों की मौजूदगी, अवैध शराब के कारोबार, होटल-ढाबों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों तथा अन्य अवैध कार्यों की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए भी प्रेरित किया। साथ ही, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों से संबंधित जानकारी भी पुलिस के साथ साझा करने का आग्रह किया गया।

कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों ने पुलिस के इस जनसंपर्क अभियान की सराहना की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। दतिया पुलिस का यह मानना है कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और एक सुरक्षित समाज का निर्माण पुलिस और जनता की साझेदारी से ही संभव है।
    user_Vikas Sen
    Vikas Sen
    Photographer दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हालिया हमलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं में तीन जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की जान भी चली गई है। इन गंभीर घटनाओं के बाद भी भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर चिंता और सवाल खड़े हो गए हैं। देश की जनता अब यह बड़ा सवाल उठा रही है कि इन हमलों के बाद सरकार अभी तक मौन क्यों है। लोगों की प्रमुख चिंता यह है कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी और क्या भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सकेगा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा किसी भी सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। सरकार की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा या भारत सरकार ऐसे ही मौन रहेगी।
    1
    भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हुए हालिया हमलों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं में तीन जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की जान भी चली गई है। इन गंभीर घटनाओं के बाद भी भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर चिंता और सवाल खड़े हो गए हैं।

देश की जनता अब यह बड़ा सवाल उठा रही है कि इन हमलों के बाद सरकार अभी तक मौन क्यों है। लोगों की प्रमुख चिंता यह है कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी और क्या भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सकेगा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा किसी भी सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। सरकार की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा या भारत सरकार ऐसे ही मौन रहेगी।
    user_राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    राजकुमार कुशवाह पत्रकार
    पत्रकार इंदरगढ़, दतिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.