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मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एक युवक पेट्रोल पंप से अपनी कार में डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए ही भाग निकला। झाड़ौली के पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना के बाद, पेट्रोल पंप संचालक ने तुरंत उस युवक का पीछा किया और उसे भितरवार अस्पताल के पास सड़क पर ही पकड़ लिया। संचालक युवक को उसकी कार से बाहर निकालकर अपने साथ ले गया। इस दौरान युवक की कार सड़क के बीचो-बीच खड़ी रह गई, जिससे उस क्षेत्र में लंबा यातायात जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार की चाबी न होने के कारण उसे तुरंत रास्ते से हटाना संभव नहीं हो पाया। आखिरकार, पुलिस ने कार की चाबी मंगवाकर उसे सड़क से हटवाया, जिसके बाद ही यातायात सामान्य हो सका और जाम खुला।
Rajesh kumar soni
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एक युवक पेट्रोल पंप से अपनी कार में डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए ही भाग निकला। झाड़ौली के पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना के बाद, पेट्रोल पंप संचालक ने तुरंत उस युवक का पीछा किया और उसे भितरवार अस्पताल के पास सड़क पर ही पकड़ लिया। संचालक युवक को उसकी कार से बाहर निकालकर अपने साथ ले गया। इस दौरान युवक की कार सड़क के बीचो-बीच खड़ी रह गई, जिससे उस क्षेत्र में लंबा यातायात जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार की चाबी न होने के कारण उसे तुरंत रास्ते से हटाना संभव नहीं हो पाया। आखिरकार, पुलिस ने कार की चाबी मंगवाकर उसे सड़क से हटवाया, जिसके बाद ही यातायात सामान्य हो सका और जाम खुला।
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- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में एक युवक पेट्रोल पंप से अपनी कार में डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए ही भाग निकला। झाड़ौली के पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना के बाद, पेट्रोल पंप संचालक ने तुरंत उस युवक का पीछा किया और उसे भितरवार अस्पताल के पास सड़क पर ही पकड़ लिया। संचालक युवक को उसकी कार से बाहर निकालकर अपने साथ ले गया। इस दौरान युवक की कार सड़क के बीचो-बीच खड़ी रह गई, जिससे उस क्षेत्र में लंबा यातायात जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार की चाबी न होने के कारण उसे तुरंत रास्ते से हटाना संभव नहीं हो पाया। आखिरकार, पुलिस ने कार की चाबी मंगवाकर उसे सड़क से हटवाया, जिसके बाद ही यातायात सामान्य हो सका और जाम खुला।1
- उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवक ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर जमकर रौब झाड़ा, जिससे कुछ समय के लिए आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। युवक ने दावा किया कि वह नोएडा में तैनात एक आईपीएस अधिकारी है और वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से भी उसे सैल्यूट करने की बात कही। यह घटना लखनऊ के गोमतीनगर इलाके की है, जहाँ एक ई-रिक्शा चालक के साथ किराए के 40 रुपये को लेकर युवक की बहस हो गई। बहस बढ़ने पर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए, तो युवक ने अपना रौब दिखाना शुरू कर दिया। उसने खुद को भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उसकी पोस्टिंग नोएडा में है और लोगों को उसे सम्मानपूर्वक 'सर' कहकर संबोधित करना चाहिए। हालांकि, युवक की यह हेकड़ी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और आखिरकार उसकी सच्चाई सबके सामने आ गई।1
- दतिया जिले के ग्राम उद्गुआ से एक ऐसी गंभीर तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करती है। यहाँ एक पीड़ित कुशवाह परिवार का आरोप है कि कुछ दबंगों ने उनका वर्षों पुराना निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है, और उनकी जमीन पर भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। पीड़ित परिवार ने बताया है कि वे कलेक्टर वानखेड़े जी की जनसुनवाई में चार बार आवेदन देकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। परिवार का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने रास्ता बंद किया है, वे सत्ताधारी पार्टी के करीबी हैं, जिसके कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के चलते, परिवार के बच्चों को स्कूल जाने और परिवार को अपने दैनिक कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह तब हो रहा है जब पूरे प्रदेश में प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि उद्गुआ में बच्चों का स्कूल तक पहुंचना ही मुश्किल हो गया है, जिससे मासूम बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि एक भूसा कंपनी सरकारी सर्वे नंबर 1087 की भूमि पर स्थापित है, फिर भी प्रशासन ने अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की है। चार बार जनसुनवाई में गुहार लगाने, कई आवेदन और लगातार शिकायतों के बाद भी कार्यवाही न होने से यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है या गरीब परिवार की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उद्गुआ का पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है। उनकी मांग है कि बंद किए गए रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए, अतिक्रमण हटाया जाए, और बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के अधिकारों की रक्षा की जाए। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि जब कलेक्टर वानखेड़े जी, जिन्हें लोग न्याय की मूर्ति मानते हैं, उनकी जनसुनवाई में चार बार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिला, तो आखिर पीड़ित परिवार जाए तो जाए कहाँ।3
- एक कार्यक्रम का शुभारंभ चैंबर संस्थापक श्रीमंत माधो महाराज प्रथम और चैंबर से जुड़ी कई महत्वपूर्ण हस्तियों को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर चैंबर की पहली 24 सदस्यीय कार्यकारिणी के पहले अध्यक्ष लाला भिखारी दास वैश्य को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। साथ ही, 45 वर्षों तक चैंबर के अध्यक्ष रहे श्री दुर्गा प्रसाद मंडेलिया, व्हाइट हाउस के संस्थापक श्री श्रीकृष्ण दास जी गर्ग, और पूज्य पिताजी श्री गोपाल दास जी अग्रवाल को भी याद किया गया। श्री गोपाल दास जी अग्रवाल ने बिना किसी पद पर रहते हुए, चैंबर की 14000 वर्गफीट भूमि को खाली करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने में अहम भूमिका निभाई थी।1
- ग्वालियर की बीजेपी जिला मंत्री प्रिया तोमर को उनके जन्मदिवस के अवसर पर भाजपा परिवार और ग्वालियर शहरवासियों की ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ प्राप्त हुईं। शहर के लोगों ने उन्हें इस खास दिन पर अपनी शुभकामनाएं दीं।1
- बैतूल में पुलिस को पति-पत्नी के बीच हुए झगड़े को सुलझाने के लिए एक शिकायत मिली थी। इस शिकायत के बाद जब पुलिसकर्मी विवाद को शांत कराने पहुँचे, तो वे खुद ही उस झगड़े में उलझ गए जिसे सुलझाने के उद्देश्य से वे वहाँ गए थे।1
- पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक बड़ा बयान देते हुए दतिया की स्थिति पर बात की है। उन्होंने कहा कि पहले दतिया में गैंगवार की घटनाएँ होती थीं, लेकिन उनके आने के बाद से दतिया में बदलाव आया है। मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब से वह आए हैं, दतिया बदल गया है।1
- ग्वालियर के डबरा सिटी थाना परिसर में 26 जून को होने वाले मोहर्रम के मद्देनजर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सद्भावना और शांति बनाए रखना था, जिसमें डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार और सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। बैठक के दौरान, एसडीओपी सौरभ कुमार ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि अत्यधिक ध्वनि वाले डीजे और किसी भी प्रकार के हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इनका प्रदर्शन करना कानूनन जुर्म है और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। एसडीओपी सौरभ कुमार ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए यह भी आश्वासन दिया कि पुलिस हमेशा सहयोग के लिए मौजूद रहेगी।3