नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्यधारा के मीडिया के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर एकत्रित हुए थे, और उन्होंने मीडिया कवरेज पर सवाल उठाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कई युवाओं ने पत्रकारों के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए मीडिया की भूमिका पर सवाल खड़े किए। मौके पर "गोदी मीडिया मुर्दाबाद" और "गोदी मीडिया चोर है" जैसे नारे भी लगाए गए, जिससे जंतर-मंतर पर माहौल काफी गर्म हो गया था। इस विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। हालांकि, आयोजकों ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा और उन्होंने युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की मांग दोहराई। CJP का यह प्रदर्शन अब सोशल मीडिया के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्यधारा के मीडिया के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर एकत्रित हुए थे, और उन्होंने मीडिया कवरेज पर सवाल उठाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कई युवाओं ने पत्रकारों के सामने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए मीडिया की भूमिका पर सवाल खड़े किए। मौके पर "गोदी मीडिया मुर्दाबाद" और "गोदी मीडिया चोर है" जैसे नारे भी लगाए गए, जिससे जंतर-मंतर पर माहौल काफी गर्म हो गया था। इस विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। हालांकि, आयोजकों ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा और उन्होंने युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की मांग दोहराई। CJP का यह प्रदर्शन अब सोशल मीडिया के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
- Bipat KumarAraria, Bihar😂9 hrs ago
- User6606Shitallpur😔22 hrs ago
- User6606Shitallpur😍22 hrs ago
- User6606Shitallpur👏22 hrs ago
- User6606Shitallpur😤22 hrs ago
- User6606Shitallpur😤22 hrs ago
- देश में ST/SC, OBC और अल्पसंख्यक वर्गों के लिए कई स्कॉलरशिप्स में आय सीमा ₹2.5 लाख निर्धारित की गई है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी के लिए यह सीमा ₹8 लाख है। इस असमानता को एक स्पष्ट पक्षपात करार देते हुए, सामाजिक वर्गों को साथ लेकर एक मजबूत मंच तैयार करने का संकल्प लिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संबंधित वर्गों की आवाज़ को अनसुना होने से रोकना है। जरूरत पड़ने पर इस लड़ाई को न्यायालय तक ले जाने और हर स्तर पर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया गया है: सर्वोच्च न्यायालय का सिद्धांत कि "ज़मानत एक नियम है, जेल एक अपवाद है" (Bail is the rule, jail is the exception) का ST/SC और OBC समुदायों से जुड़े कई मामलों में समान रूप से पालन नहीं होता। इस असमान न्याय प्रणाली को भी चुनौती दी जाएगी और समान न्याय व्यवस्था की स्थापना की मांग की जाएगी।1
- प्रधान चेत राम शर्मा जी बिलासपुर सेवक सभा पं० दिल्ली के सौजन्य से मिली जानकारी के अनुसार, महा सचिव मोहिन्दर सिंह डोगरा जी ने हाल ही में लेफ्टिनेंट बने एक व्यक्ति को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।1
- बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भाजपा को संबोधित करते हुए दावा किया है कि इस बार सत्ता परिवर्तन होने वाला है और उनकी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। पार्टी ने इस दावे को BSP की 'लहर' बताते हुए सभी लोगों से अनुरोध किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में BSP को फॉलो करें।1
- नबी करीम क्षेत्र में गंभीर पानी की किल्लत के चलते, कांग्रेस पार्टी ने स्थानीय जनता के साथ मिलकर एक मटका फोड़ प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में, नबी करीम के निवासियों ने पानी की कमी से जूझते हुए अपनी आवाज़ उठाई।1
- दिल्ली में हिंदू मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक मलिक को 'सर तन से जुदा' करने की धमकी मिली है। यह धमकी उन्हें खून से लिखी एक चिट्ठी के माध्यम से दी गई है। चिट्ठी में दीपक मलिक को 'काफिर' बताते हुए स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि 'जल्दी होगा सर तन से जुदा'। हिंदू मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मिली इस धमकी से मामले की गंभीरता बढ़ गई है।1
- नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) के हालिया नतीजों से यह सीधे तौर पर प्रमाणित होता है कि आयुष्मान भारत सहित भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की सभी योजनाएं देशवासियों के लिए बेहद कारगर साबित हो रही हैं। इन परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि ये पहलें लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।1
- प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में पॉलिटिकल ट्रस्ट पत्रिका द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर लोकप्रिय सांसद अश्विनी चौबे भी उपस्थित रहे।1
- भारत में लगभग 25 करोड़ लोग संतुलन विकारों से प्रभावित हैं, जिसमें वर्टिगो एक अनदेखी समस्या बनी हुई है। इसी गंभीर समस्या के समाधान और मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से, पैसिफिक वनहेल्थ ने दिल्ली में एक समर्पित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की है। इस विशेष केंद्र का नेतृत्व देश के अग्रणी न्यूरोटोलॉजिस्ट डॉ. अनिर्बान बिस्वास कर रहे हैं, जिसका मुख्य लक्ष्य वर्टिगो और अन्य संतुलन संबंधी विकारों से पीड़ित मरीजों के लिए बेहतर निदान, पुनर्वास और दीर्घकालिक रिकवरी सुनिश्चित करना है।1