रिपोर्ट भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना मध्यप्रदेश। हेडलाइन– बोरवेल हादसे के बाद फिर बुझा घर का चिराग: 8 दिन में तीसरी मौत, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल नारायणपुरा में 32 वर्षीय सतीश वर्मन की मौत, पहले पिता-पुत्र की जान जा चुकी; ग्रामीणों में आक्रोश। एंकर– पवई थाना अंतर्गत ग्राम नारायणपुरा में बोरवेल से जुड़ी घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 20 अगस्त को बोरवेल में मोटर सुधारने गए किसान पिता-पुत्र उजागर लाल वर्मन (55) और अटील वर्मन (30) की मौत के बाद परिवार ने एक ओर अपना जवान बेटा खो दिया। शुक्रवार को 32 वर्षीय सतीश वर्मन की मौत से गांव में मातम पसरा है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने बोरवेल की सुरक्षा और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पहली घटना के बाद भी प्रशासन ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए। जिला अध्यक्ष के द्वारा जांच की बात भी कहीं थी। फिर भी आज तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्यवाही। यही वजह है कि परिवार को एक ओर बेटे की मौत का दर्द झेलना पड़ा। पहली घटना के बाद भी नहीं चेता प्रशासन नारायणपुरा में 20 अगस्त को बोरवेल में मोटर सुधारने के दौरान उजागर लाल वर्मन और उनके बेटे अटील वर्मन की मौत हुई थी। जिनके पी एम रिपोर्ट में दम घुटने की बात सामने आई थी।घटना के बाद बोरवेल और खुले जलस्रोतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि प्रशासन ऐसे स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगा, लेकिन अब सतीश वर्मन की मौत ने व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक के बाद एक मौत, आखिर जिम्मेदार कौन? ग्रामीणों का कहना है कि बोरवेल जैसी जगहों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से हादसे का खतरा बना रहता है। सवाल यह है कि पहली घटना के बाद यदि प्रशासन ने गंभीरता से कदम उठाए होते तो क्या तीसरी मौत टाली जा सकती थी? सतीश की मौत के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह भी तय किया जाए कि सुरक्षा संबंधी नियमों की अनदेखी कहां हुई। साथ ही क्षेत्र में खुले और असुरक्षित बोरवेलों का सर्वे कर उन्हें सुरक्षित कराने की कार्रवाई की जाए।
रिपोर्ट भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना मध्यप्रदेश। हेडलाइन– बोरवेल हादसे के बाद फिर बुझा घर का चिराग: 8 दिन में तीसरी मौत, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल नारायणपुरा में 32 वर्षीय सतीश वर्मन की मौत, पहले पिता-पुत्र की जान जा चुकी; ग्रामीणों में आक्रोश। एंकर– पवई थाना अंतर्गत ग्राम नारायणपुरा में बोरवेल से जुड़ी घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 20 अगस्त को बोरवेल में मोटर सुधारने गए किसान पिता-पुत्र उजागर लाल वर्मन (55) और अटील वर्मन (30) की मौत के बाद परिवार ने एक ओर अपना जवान बेटा खो दिया। शुक्रवार को 32 वर्षीय सतीश वर्मन की मौत से गांव में मातम पसरा है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने बोरवेल की सुरक्षा और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पहली घटना के बाद भी प्रशासन ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए। जिला अध्यक्ष के द्वारा जांच की बात भी कहीं थी। फिर भी आज तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्यवाही। यही वजह है कि परिवार को एक ओर बेटे की मौत का दर्द झेलना पड़ा। पहली घटना के बाद भी नहीं चेता प्रशासन नारायणपुरा में 20 अगस्त को बोरवेल में मोटर सुधारने के दौरान उजागर लाल वर्मन और उनके बेटे अटील वर्मन की मौत हुई थी। जिनके पी एम रिपोर्ट में दम घुटने की बात सामने आई थी।घटना के बाद बोरवेल और खुले जलस्रोतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि प्रशासन ऐसे स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगा, लेकिन अब सतीश वर्मन की मौत ने व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक के बाद एक मौत, आखिर जिम्मेदार कौन? ग्रामीणों का कहना है कि बोरवेल जैसी जगहों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से हादसे का खतरा बना रहता है। सवाल यह है कि पहली घटना के बाद यदि प्रशासन ने गंभीरता से कदम उठाए होते तो क्या तीसरी मौत टाली जा सकती थी? सतीश की मौत के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह भी तय किया जाए कि सुरक्षा संबंधी नियमों की अनदेखी कहां हुई। साथ ही क्षेत्र में खुले और असुरक्षित बोरवेलों का सर्वे कर उन्हें सुरक्षित कराने की कार्रवाई की जाए।
- 🎀 रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का पावन पर्व रक्षाबंधन हम सभी के जीवन में खुशियां, प्रेम और समृद्धि लेकर आए। ❤️ बहन की राखी में सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि प्यार, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वादा जुड़ा होता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि हर भाई-बहन का रिश्ता हमेशा प्रेम और खुशियों से भरा रहे। 🙏 आप सभी को रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। 🌸1
- *पन्ना जिला जेल में भावुक हुआ रक्षाबंधन, बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी* *1. जेल की सलाखों के बीच छलके भावुकता के आंसू, बंदियों ने लिया अपराध छोड़ने का संकल्प* *2. रक्षाबंधन पर जेल में सजा भाई-बहन के रिश्ते का रंग, राखी बंधवाकर बंदियों ने ली नई जिंदगी की शपथ* *पन्ना जिला जेल में भावुक हुआ रक्षाबंधन, बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी* *1. जेल की सलाखों के बीच छलके भावुकता के आंसू, बंदियों ने लिया अपराध छोड़ने का संकल्प* *2. रक्षाबंधन पर जेल में सजा भाई-बहन के रिश्ते का रंग, राखी बंधवाकर बंदियों ने ली नई जिंदगी की शपथ*1
- 🚨 पन्ना पुलिस की बड़ी कार्रवाई 🚨 🔥 6 साल से फरार वारंटी पर सलेहा पुलिस का शिकंजा! कल्दा में छिपा बैठा था आरोपी, थाना प्रभारी शक्ति प्रकाश पाण्डेय की टीम ने दबोचा आर्म्स एक्ट के प्रकरण में 6 वर्षों से फरार चल रहे स्थाई वारंटी सौने सिंह गोंड को सलेहा पुलिस ने किया गिरफ्तार। 💥 थाना प्रभारी शक्ति प्रकाश पाण्डेय के नेतृत्व में बड़ी सफलता विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर कल्दा क्षेत्र में दबिश देकर पुलिस ने लंबे समय से फरार आरोपी को पकड़ा और न्यायालय के समक्ष पेश किया। 👮♂️ पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती वंदना सिंह चौहान एवं एसडीओपी गुनौर श्री राजीव सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में कार्रवाई। ⚡ सलेहा पुलिस का साफ संदेश कानून से भागकर कितने भी साल छिपो, पुलिस की नजरों से बचना मुश्किल! 👏 सराहनीय भूमिका: उपनिरीक्षक शक्ति प्रकाश पाण्डेय, प्रधान आरक्षक राजेश, प्रधान आरक्षक विपिन, प्रधान आरक्षक आदित्य, आरक्षक बबलू एवं आरक्षक आशीष बुनकर। रिपोर्ट: अभिषेक मिश्रा जिला ब्यूरो चीफ, पन्ना NEWS 21 National News Channel #News21 #PannaPolice #SalehaPolice #Panna #BreakingNews #PoliceAction #PermanentWarrant #CrimeNews #ShaktiPrakashPandey #MadhyaPradeshPolice1
- जल जीवन मिशन बना धनैजा भाटिया के ग्रामीणों के लिए आफत रूपेश जैन जल जीवन मिशन बना धनैजा भाटिया के ग्रामीणों के लिए आफत1
- रक्षा बंधन पर्व पर बाजारों में सजी रंग बिरंगी राखियां। रक्षाबंधन महापर्व पूरे भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है जिसमें सभी बहने अपने भाइयों को हथेली पर राखी बांधकर अपने रक्षा का वचन मांगती है इसी त्यौहार को लेकर नगर परिषद ककरहटी में रक्षाबंधन पर्व पर बाजारों में रंग बिरंगी राखियां सजी हुई है जिसमें बहनों के द्वारा बाजारों में जमकर खरीदारी की गई रात्रि तक बाजारों में रंग बिरंगी राखियां की दुकान सजी हुई है1
- दमोह,,सीतानगर बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 428 cumecs जल को छोड़ने हेतु शाम 7.00 बजे बांध के 4 गेटों को 1 मीटर खोले जायेंगे सीतानगर बांध- पंचम नगर बांध से 315 cumecs जल छोड़ा गया है जो सीतानगर बांध में लगभग शाम 8:00 बजे तक आ जाएगा । बांध में पूर्व से ही 113 cumecs जल की आवक है । इस तरह कुल आवक शाम 8.00 बजे तकh 428 cumecs हो जाएगी बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 428 cumecs जल को छोड़ने हेतु शाम 7.00 बजे बांध के 4 गेटों को 1 मीटर हाईट पर खोलने का निर्णय किया गया है जिससे कुल डिस्चार्ज 452 क्यूमेक्स बांध से छोड़ा जावेगा. जिसके कारण सुनार नदी में जल स्तर में वृद्धि होगी । तथा बांध के डाउनस्ट्रीम में पड़ने वाले ग्राम 1.सीतानगर 2.मडकोला 3.पिपरिया मिसर 4.खेजरा कबीरपुर 5 बेलापुरवा 6 देवकर कुशवाहा 7.भदभदा हर्रत 8जमुनिया 9.हटा दमोह-सूचनार्थ सर्व संबंधित - अतः सभी नदी के तटबंधों से दूरी बनाये रखें और पुल-पुलियों में सावधानी बरतें सादर सूचनार्थ आदेशानुसार कार्यपालन यंत्री महोदय जल संसाधन संभाग दमोह1
- जबलपुर की सुविधा कटनी में हड्डी रोगविशेषज्ञ डॉक्टर जितेंद्र सिंह लोधी जी निर्माण बोन एंड ज्वाइंट क्लिनिक गल्ला मंडी रोड पन्ना मोड पेट्रोल पंप पास कटनी2
- रिपोर्ट भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना मध्यप्रदेश। हेडलाइन– बोरवेल हादसे के बाद फिर बुझा घर का चिराग: 8 दिन में तीसरी मौत, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल नारायणपुरा में 32 वर्षीय सतीश वर्मन की मौत, पहले पिता-पुत्र की जान जा चुकी; ग्रामीणों में आक्रोश। एंकर– पवई थाना अंतर्गत ग्राम नारायणपुरा में बोरवेल से जुड़ी घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 20 अगस्त को बोरवेल में मोटर सुधारने गए किसान पिता-पुत्र उजागर लाल वर्मन (55) और अटील वर्मन (30) की मौत के बाद परिवार ने एक ओर अपना जवान बेटा खो दिया। शुक्रवार को 32 वर्षीय सतीश वर्मन की मौत से गांव में मातम पसरा है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने बोरवेल की सुरक्षा और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पहली घटना के बाद भी प्रशासन ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए। जिला अध्यक्ष के द्वारा जांच की बात भी कहीं थी। फिर भी आज तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई कार्यवाही। यही वजह है कि परिवार को एक ओर बेटे की मौत का दर्द झेलना पड़ा। पहली घटना के बाद भी नहीं चेता प्रशासन नारायणपुरा में 20 अगस्त को बोरवेल में मोटर सुधारने के दौरान उजागर लाल वर्मन और उनके बेटे अटील वर्मन की मौत हुई थी। जिनके पी एम रिपोर्ट में दम घुटने की बात सामने आई थी।घटना के बाद बोरवेल और खुले जलस्रोतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि प्रशासन ऐसे स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगा, लेकिन अब सतीश वर्मन की मौत ने व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक के बाद एक मौत, आखिर जिम्मेदार कौन? ग्रामीणों का कहना है कि बोरवेल जैसी जगहों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से हादसे का खतरा बना रहता है। सवाल यह है कि पहली घटना के बाद यदि प्रशासन ने गंभीरता से कदम उठाए होते तो क्या तीसरी मौत टाली जा सकती थी? सतीश की मौत के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह भी तय किया जाए कि सुरक्षा संबंधी नियमों की अनदेखी कहां हुई। साथ ही क्षेत्र में खुले और असुरक्षित बोरवेलों का सर्वे कर उन्हें सुरक्षित कराने की कार्रवाई की जाए।1