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राजस्थान के सालमगड़ में शुक्रवार दोपहर को मूसलाधार बारिश हुई, जिससे किसानों और दुकानदारों दोनों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। इस जोरदार बारिश के होते ही खाद-बीज, तिरपाल और किराना सहित समस्त दुकानों पर इक्का-दुक्का ग्राहक नजर आने लगे। पहली बारिश के इस सुहावने माहौल में बच्चे भी मस्ती करते हुए दिखाई दिए।
HK. Piblic News Network
राजस्थान के सालमगड़ में शुक्रवार दोपहर को मूसलाधार बारिश हुई, जिससे किसानों और दुकानदारों दोनों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। इस जोरदार बारिश के होते ही खाद-बीज, तिरपाल और किराना सहित समस्त दुकानों पर इक्का-दुक्का ग्राहक नजर आने लगे। पहली बारिश के इस सुहावने माहौल में बच्चे भी मस्ती करते हुए दिखाई दिए।
- HK. Piblic News Networkदलोट, प्रतापगढ़, राजस्थानजय हो12 hrs ago
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजस्थान के सालमगड़ में शुक्रवार दोपहर को मूसलाधार बारिश हुई, जिससे किसानों और दुकानदारों दोनों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। इस जोरदार बारिश के होते ही खाद-बीज, तिरपाल और किराना सहित समस्त दुकानों पर इक्का-दुक्का ग्राहक नजर आने लगे। पहली बारिश के इस सुहावने माहौल में बच्चे भी मस्ती करते हुए दिखाई दिए।1
- अरनोद थाना पुलिस तस्करों के खिलाफ कमर तोड़ने वाली कठोर कार्यवाही कर रही है। पुलिस का उद्देश्य तस्करों के नेटवर्क और गतिविधियों को पूरी तरह से ध्वस्त करना है।1
- विधायक हरीश चौधरी और उम्मेद राम बेनीवाल ने आरोप लगाया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में केवल मस्जिदों को ही निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बॉर्डर पर सिर्फ मस्जिदों को ही टारगेट किया जा रहा है।1
- कुशलगढ़ नगर में गुरुवार को मुस्लिम समाज द्वारा मोहर्रम का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक श्रद्धा के साथ बड़े उत्साहपूर्वक मनाया गया। दोपहर लगभग 1 बजे, विभिन्न क्षेत्रों से ताजिए दरबार साहब महल परिसर पहुँचे, जहाँ कुशलगढ़, नाथपुरा, रामगढ़ समेत आसपास के कई गाँवों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। शुक्रवार दोपहर 2 बजे, सभी 10 ताजिए गांधी चौक पहुँचे। इन ताजियों में से एक ताजिया परंपरानुसार हरिजन समाज द्वारा तैयार किया गया था, जिसने सामाजिक समरसता और भाईचारे का स्पष्ट संदेश दिया। ताजियों के आगे युवाओं ने पारंपरिक करतब दिखाए, और लगभग डेढ़ घंटे तक पूरा क्षेत्र “या अली” और “या हुसैन” के नारों से गूँजता रहा। इसके बाद, जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ पीपली चौराहा पहुँचा, जहाँ श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई थी। ताजिया खेलने की परंपरा पूरी होने के उपरांत, सभी ताजियों को नागदरा नदी स्थित कर्बला में विधि-विधान से ठंडा किया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के अध्यक्ष एडवोकेट नजीर खान, सचिव अजीत भाई, वरिष्ठ समाजसेवी अंसार अहमद पठान, और पूर्व अध्यक्ष जलालुद्दीन शेख सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। एडवोकेट नजीर खान ने बताया कि मोहर्रम सत्य, न्याय, त्याग और मानवता की रक्षा के लिए इमाम हुसैन के बलिदान को स्मरण करने का पर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान नगर में सौहार्द, आस्था और सामाजिक एकजुटता का अनुपम उदाहरण देखने को मिला।2
- शामगढ़ में कृषि उपज मंडी के बाहर किसानों ने सड़क जाम कर दिया।1
- मथुरा में आध्यात्मिक गुरु साध्वी ऋतंभरा ने चंपत राय और अनिल मिश्रा द्वारा नैतिक आधार पर दिए गए इस्तीफों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन लोकतांत्रिक और सामाजिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। साध्वी ऋतंभरा ने दोनों के इस निर्णय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति नैतिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देता है, तो यह पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश होता है। उन्होंने इस विषय पर चर्चा करते हुए सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और नैतिक आचरण के महत्व को भी रेखांकित किया। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इन इस्तीफों को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, और इस मुद्दे पर राजनीतिक तथा सामाजिक हलकों में चर्चा लगातार जारी है। इस बीच, उनके इस्तीफे से जुड़े आगे के घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।1
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