उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के तहत चलाए जा रहे व्यापक अभियान के क्रम में नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव (हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग) अनिल कुमार सागर ने मियावाकी फॉरेस्ट अहमदपुर नजूल में आम का पौधा लगाया। इसके बाद उन्होंने सघन वनीकरण स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं तथा पौधों के संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने हरचन्दपुर विकास खण्ड के ग्राम सोरांव में भी वृक्षारोपण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने पौधों की प्रजातियों, रोपण तकनीक, सिंचाई व्यवस्था, रखरखाव और पौधों के जीवित रहने की दर के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को रोपे गए पौधों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने और उनके संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए ताकि यह क्षेत्र आदर्श हरित क्षेत्र बन सके। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि मियावाकी पद्धति के जरिए कम भूमि और कम समय में सघन वन विकसित किए जा सकते हैं, जिससे जैव विविधता के संरक्षण और वायु गुणवत्ता में सुधार होता है। इस अभियान में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका, मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, डीएफओ प्रखर मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, उपजिलाधिकारी अहमद फरीद खान और अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका स्वर्ण सिंह ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर एनसीसी के बच्चों तथा विभागीय कर्मचारियों ने भी वृक्षारोपण किया। नोडल अधिकारी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाना जरूरी है और जनसहभागिता के जरिए ही हरित व समृद्ध उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के तहत चलाए जा रहे व्यापक अभियान के क्रम में नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव (हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग) अनिल कुमार सागर ने मियावाकी फॉरेस्ट अहमदपुर नजूल में आम का पौधा लगाया। इसके बाद उन्होंने सघन वनीकरण स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं तथा पौधों के संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने हरचन्दपुर विकास खण्ड के ग्राम सोरांव में भी वृक्षारोपण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने पौधों की प्रजातियों, रोपण तकनीक,
सिंचाई व्यवस्था, रखरखाव और पौधों के जीवित रहने की दर के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को रोपे गए पौधों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने और उनके संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए ताकि यह क्षेत्र आदर्श हरित क्षेत्र बन सके। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि मियावाकी पद्धति के जरिए कम भूमि और कम समय में सघन वन विकसित किए जा सकते हैं, जिससे जैव विविधता के संरक्षण और वायु गुणवत्ता में सुधार होता है। इस अभियान में जिलाधिकारी सरनीत
कौर ब्रोका, मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, डीएफओ प्रखर मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, उपजिलाधिकारी अहमद फरीद खान और अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका स्वर्ण सिंह ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर एनसीसी के बच्चों तथा विभागीय कर्मचारियों ने भी वृक्षारोपण किया। नोडल अधिकारी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाना जरूरी है और जनसहभागिता के जरिए ही हरित व समृद्ध उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
- रायबरेली सदर विधानसभा क्षेत्र के अमावाँ विकास खंड की ग्राम पंचायत बूढ़नपुर में शनिवार को 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर चल रहे इस अभियान में सदर विधायक अदिति सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने स्वयं पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और स्थानीय लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की अपील की। इस अवसर पर विधायक अदिति सिंह ने कहा कि 12 जुलाई का यह वृक्षारोपण महायज्ञ प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता का एक विराट उत्सव है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। विधायक ने जोर देकर कहा कि वृक्ष केवल हरियाली का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ये स्वच्छ वायु, जल संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का मजबूत आधार हैं। उन्होंने हर नागरिक से इस अभियान से जुड़ने और अपनी माँ के नाम पर एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। इस अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, ग्राम प्रधानों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पौधे रोपकर पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। विधायक ने सभी उपस्थित लोगों से हरित, स्वच्छ और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।3
- रायबरेली के नसीराबाद क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में अमेठी कांग्रेस के अनुसूचित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष तुलसीराम पासी और नसीराबाद नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद मौर्य सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने स्थानीय जनता को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए पौधों की देखभाल करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान में बढ़ते प्रदूषण को रोकने और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए वृक्षारोपण करना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।1
- रायबरेली के जगतपुर में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आगमन पर श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में शंकराचार्य का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। उनके दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौ संरक्षण के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, धर्म और सनातन परंपरा की आधारशिला हैं। उन्होंने समाज से गौ सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाने और गौवंश की सुरक्षा के लिए व्यापक जनजागरण चलाने का आह्वान किया। अपने प्रवास के दौरान शंकराचार्य रायबरेली जनपद के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे और विभिन्न धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। इस भव्य स्वागत कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के युवा नेता अखिलेश यादव, यश पांडे, संतोष कुमार, सर्वेश त्रिवेदी, अविनाश पांडे और शिवम सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- रायबरेली के लालगंज कस्बे में पहुंचे जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि इस शर्मनाक घटना के सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। शंकराचार्य यहां एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने आए थे, जहां उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान उनका भव्य सम्मान किया गया और पूजा-अर्चना भी की गई। बताया जा रहा है कि अपने इस प्रवास के दौरान शंकराचार्य रायबरेली के सभी विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली में कजन के साथ मिलकर अपनी ही माँ की हत्या करवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए सात लाख रुपये की सुपारी दी गई थी, जिसके बाद कजन के साथ मिलकर माँ को मौत के घाट उतरवा दिया गया।1
- रायबरेली के हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य स्वागत किया गया। इस स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के विधायक राहुल लोधी ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक राहुल लोधी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने हरचंदपुर के पूर्व विधायक की कार्यशैली और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए। इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि वे उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभाओं का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने के लिए जनसमर्थन जुटाना और लोगों को इस अभियान से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक और सामाजिक विषयों के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास व जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समर्थकों की उपस्थिति से माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के तहत चलाए जा रहे व्यापक अभियान के क्रम में नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव (हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग) अनिल कुमार सागर ने मियावाकी फॉरेस्ट अहमदपुर नजूल में आम का पौधा लगाया। इसके बाद उन्होंने सघन वनीकरण स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं तथा पौधों के संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने हरचन्दपुर विकास खण्ड के ग्राम सोरांव में भी वृक्षारोपण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने पौधों की प्रजातियों, रोपण तकनीक, सिंचाई व्यवस्था, रखरखाव और पौधों के जीवित रहने की दर के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को रोपे गए पौधों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने और उनके संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए ताकि यह क्षेत्र आदर्श हरित क्षेत्र बन सके। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि मियावाकी पद्धति के जरिए कम भूमि और कम समय में सघन वन विकसित किए जा सकते हैं, जिससे जैव विविधता के संरक्षण और वायु गुणवत्ता में सुधार होता है। इस अभियान में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका, मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, डीएफओ प्रखर मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, उपजिलाधिकारी अहमद फरीद खान और अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका स्वर्ण सिंह ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर एनसीसी के बच्चों तथा विभागीय कर्मचारियों ने भी वृक्षारोपण किया। नोडल अधिकारी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाना जरूरी है और जनसहभागिता के जरिए ही हरित व समृद्ध उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।3
- रायबरेली के ऊँचाहार में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ पिकअप की टक्कर से बाइक सवार पिता और पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना सवैया हसन गाँव के पास लखनऊ-प्रयागराज बाईपास पर हुई, जिससे मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है। रामचंद्रपुर गाँव निवासी 25 वर्षीय सतीश अपने पिता 48 वर्षीय दिलीप को बाइक पर बैठाकर शनिवार को कंदराँवां गाँव स्थित गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर घर वापस लौट रहे थे। तभी बाईपास पर एक पिकअप ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में पिता-पुत्र सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल एम्बुलेंस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ल ने बताया कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही दोनों की मौत हो चुकी थी। एक साथ हुई पिता-पुत्र की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक दिलीप की पत्नी सावित्री पर पति और बेटे को खोने का दुख टूट पड़ा है, वहीं नीरज ने अपने भाई और पिता दोनों को खो दिया है। कोतवाल ओमप्रकाश राय ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और टक्कर मारने वाली पिकअप की तलाश की जा रही है।2