*तेंदुए की बढ़ती दस्तक से सहमी धार्मिक नगरी मैहर*,,,,,, *कई महीनों से जारी इंसान और तेंदुए की आंख-मिचौली कब थमेगी? बड़ी अनहोनी के इंतजार में तो नहीं सरकारी तंत्र?* मैहर। धार्मिक नगरी मैहर में पिछले कई महीनों से इंसानों और तेंदुए के बीच चल रही आंख-मिचौली अब चिंता का विषय बनती जा रही है। सवाल यह है कि आखिर इस सिलसिले पर रोक कब लगेगी? क्या किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही वन विभाग, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद खुलेगी? स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि तेंदुआ अब उन इलाकों में भी नजर आने लगा है, जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। पहले सड़क मार्ग के आसपास तेंदुए के दिखाई देने की बातें सामने आती थीं, लेकिन अब श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए बैरिकेडिंग वाले मार्ग और सीढ़ियों के आसपास भी उसकी मौजूदगी की चर्चा सामने आ रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर किसी श्रद्धालु या उसके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? वन विभाग, राजस्व विभाग, प्रशासन या फिर जनप्रतिनिधियों की? जिम्मेदार कोई भी हो, लेकिन नुकसान उस परिवार का होगा, जिसका सदस्य अचानक तेंदुए के हमले का शिकार होगा। क्या व्यवस्था का मतलब सिर्फ घटना के बाद मुआवजे की घोषणा तक सीमित रह जाना है? क्या जनप्रतिनिधि घटना के बाद मौके पर पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे और अधिकारी कार्रवाई का भरोसा देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेंगे? सवाल यह है कि घटना होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं मजबूत की जा रही? वन्यजीव और मानव आबादी के बीच बढ़ता संपर्क गंभीर विषय है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वन विभाग और प्रशासन को तेंदुए की गतिविधियों वाले क्षेत्रों की पहचान, निगरानी, प्रकाश व्यवस्था, आवश्यक बैरिकेडिंग तथा लोगों को सतर्क करने जैसी व्यवस्थाओं पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। आखिर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों करें? जब खतरे के संकेत पहले से दिखाई दे रहे हैं, तो कार्रवाई भी पहले क्यों नहीं होनी चाहिए? सवाल सिर्फ तेंदुए का नहीं, बल्कि उन हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा का है जो आस्था के भरोसे मैहर पहुंचते हैं। अब जरूरत घटना के बाद प्रतिक्रिया देने की नहीं, घटना से पहले एहतियाती कदम उठाने की है।
*तेंदुए की बढ़ती दस्तक से सहमी धार्मिक नगरी मैहर*,,,,,, *कई महीनों से जारी इंसान और तेंदुए की आंख-मिचौली कब थमेगी? बड़ी अनहोनी के इंतजार में तो नहीं सरकारी तंत्र?* मैहर। धार्मिक नगरी मैहर में पिछले कई महीनों से इंसानों और तेंदुए के बीच चल रही आंख-मिचौली अब चिंता का विषय बनती जा रही है। सवाल यह है कि आखिर इस सिलसिले पर रोक कब लगेगी? क्या किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही वन विभाग, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद खुलेगी? स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि तेंदुआ अब उन इलाकों में भी नजर आने लगा है, जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। पहले सड़क मार्ग के आसपास तेंदुए के दिखाई देने की बातें सामने आती थीं, लेकिन अब श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए बैरिकेडिंग वाले मार्ग और सीढ़ियों के आसपास भी उसकी मौजूदगी की चर्चा सामने आ रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर किसी श्रद्धालु या उसके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? वन विभाग, राजस्व विभाग, प्रशासन या फिर जनप्रतिनिधियों की? जिम्मेदार कोई भी हो, लेकिन नुकसान उस परिवार का होगा, जिसका सदस्य अचानक तेंदुए के हमले का शिकार होगा। क्या व्यवस्था का मतलब सिर्फ घटना के बाद मुआवजे की घोषणा तक सीमित रह जाना है? क्या जनप्रतिनिधि घटना के बाद मौके पर पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे और अधिकारी कार्रवाई का भरोसा देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेंगे? सवाल यह है कि घटना होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं मजबूत की जा रही? वन्यजीव और मानव आबादी के बीच बढ़ता संपर्क गंभीर विषय है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वन विभाग और प्रशासन को तेंदुए की गतिविधियों वाले क्षेत्रों की पहचान, निगरानी, प्रकाश व्यवस्था, आवश्यक बैरिकेडिंग तथा लोगों को सतर्क करने जैसी व्यवस्थाओं पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। आखिर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों करें? जब खतरे के संकेत पहले से दिखाई दे रहे हैं, तो कार्रवाई भी पहले क्यों नहीं होनी चाहिए? सवाल सिर्फ तेंदुए का नहीं, बल्कि उन हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा का है जो आस्था के भरोसे मैहर पहुंचते हैं। अब जरूरत घटना के बाद प्रतिक्रिया देने की नहीं, घटना से पहले एहतियाती कदम उठाने की है।
- *श्मशान घाट जाने के रास्ते की मांग को लेकर उमरी पैला के वार्डवासियों ने सड़क पर शव रखकर किया चक्का जाम* *श्मशान घाट जाने के रास्ते की मांग को लेकर उमरी पैला के वार्डवासियों ने सड़क पर शव रखकर किया चक्का जाम* मैहर। नगर पालिका परिषद मैहर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 21, उमरी पैला में मृतक महिला श्रीमती वर्षा चौधरी, पत्नी दीपक चौधरी के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट तक रास्ता नहीं होने के कारण वार्डवासियों में आक्रोश देखने को मिला। समस्या के विरोध में स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रख किया चक्का जाम समस्या का हल नहीं होने पर दिया उग्र प्रदर्शन की चेतावनी। वार्डवासियों का कहना है कि श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार करने जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर उमरी पैला निवासियों ने सड़क पर शव रखकर एकत्र होकर चक्का जाम किया और प्रशासन से तत्काल श्मशान घाट तक रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि लंबे समय से श्मशान घाट के रास्ते और मूलभूत सुविधाओं की समस्या बनी हुई है। प्रशासन से मांग की गई है कि मामले में तत्काल संज्ञान लेकर रास्ते की व्यवस्था कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को अंतिम संस्कार के समय परेशानी का सामना न करना पड़े। सोशल मीडिया पर उमरी पैला के वार्ड वासियों द्वारा सड़क जाम करने की खबरें चलते ही मैहर जिला प्रशासन हरकत में आया और तुरंत मौके पर नायब तहसीलदार अमदरा पहुंचकर मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। श्मशान घाट जाने वाले रास्ते से अतिक्रमण हटवाकर अंतिम संस्कार के लिए मार्ग साफ कराया गया। नगर पालिका परिषद के इंजीनियर एवं कर्मचारियों ने जेसीबी के माध्यम से रास्ता साफ करवाया वहीं पुलिस विभाग से मैहर थाना के नवागत थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंचकर कानून व्यवस्था संभाली।4
- क्या प्रशासन की योजना का लाभ उठा रहे हैं भ्रष्टाचारी ? गरीब व्यक्ति को कब मिलेगा आवास? ग्राम गोबरी तहसील मैहर जिला मैहर 📍 क्या प्रशासन की योजना का लाभ उठा रहे हैं भ्रष्टाचारी ? गरीब व्यक्ति को कब मिलेगा आवास? ग्राम गोबरी तहसील मैहर जिला मैहर 📍1
- आज गणेश जी के भजन में झूमे प्रदीप सर brainmaster unchehra आज गणेश जी की अंतिम आरती के बाद भक्ति भाव में झूमे1
- खबर भोपाल 25 सितंम्बर से मध्यप्रदेश में 21 साल फिर एक बार शुरू होगी लोक परिवहन सेवा अब गांव से शहरों तक कनेक्टिविटी होगी बेहतर 25 सितंम्बर से मध्यप्रदेश में 21 साल फिर एक बार शुरू होगी लोक परिवहन सेवा अब गांव से शहरों तक कनेक्टिविटी होगी बेहतर मुख्यमंत्री दिखाएंगे हरी झंडी प्रधानमंत्री के जन्मोत्सव और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर प्रदेश वासियों को मुख्यमंत्री देंगे सौगात भोपाल के दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहले चरण की 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी इसमें 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसे सामिल है जो इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा,देवास,कटनी और भिंड में होंगी संचालित बसों की सिस्टम से होगी निगरानी रियल टाइम मांनिटरिंग और और आधुनिक सुविधाओं के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट बनेगा सुलभ और सुरक्षित1
- कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, सतना डॉ. सतीश कुमार एस ने जिलेवासियों एवं श्रद्धालुओं से अपील है कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए केवल निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करें। किसी अन्य स्थल पर प्रतिमा विसर्जन न करें। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, सतना डॉ. सतीश कुमार एस ने जिलेवासियों एवं श्रद्धालुओं से अपील है कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए केवल निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करें। किसी अन्य स्थल पर प्रतिमा विसर्जन न करें।1
- माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज दिनांक 24/09/2026 दिन गुरुवार के प्रातःकालीन श्रृंगार के दर्शन🙏 माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज दिनांक 24/09/2026 दिन गुरुवार के प्रातःकालीन श्रृंगार के दर्शन🙏2
- स्वप्रेरकता (self induction) क्लास 12th physics class , pradeep sir आज की फिजिक्स क्लासेस में self induction एक आसान ट्रिक से1
- मैहर में माता मंदिर के पास तेंदुए की दस्तक, कुत्ते से झगड़ते कैमरे में हुआ कैद मैहर में माता मंदिर के पास तेंदुए की दस्तक, कुत्ते से झगड़ते कैमरे में हुआ कैद मैहर में माता मंदिर परिसर के आसपास तेंदुए की मौजूदगी से दहशत का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि पिछले करीब 15 दिनों से तेंदुआ लगातार मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में नजर आ रहा है। हाल ही में तेंदुआ एक कुत्ते के साथ झगड़ते हुए कैमरे में कैद हुआ। मंदिर पहुंचे एक दर्शनार्थी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तेंदुए की लगातार मौजूदगी से मंदिर परिसर और आसपास रहने वाले लोगों के साथ-साथ दर्शनार्थियों में भी डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि वन विभाग की टीम तेंदुए को रेस्क्यू करने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। लगातार सामने आ रहे वीडियो और तेंदुए की गतिविधियों के बाद लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।1
- *सतना -* शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में कलेक्ट्रेट कार्यालय गेट के सामने सरेआम दिनदहाड़े युवती पर चाकू से हमला करने वाले आरोपी की पुलिस ने मौके पर ही निकाली हेकड़ी। पुलिस ने मामले पर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर न्यायालय में किया पेश जहां से आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल। *सतना -* शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में कलेक्ट्रेट कार्यालय गेट के सामने सरेआम दिनदहाड़े युवती पर चाकू से हमला करने वाले आरोपी की पुलिस ने मौके पर ही निकाली हेकड़ी। पुलिस ने मामले पर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर न्यायालय में किया पेश जहां से आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल।1