दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज को लेकर एनएसयूआई बरेली के जिलाध्यक्ष मोहम्मद नदीम सिद्दीकी ने कड़ा विरोध जताया है। जंतर-मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन में स्वयं शामिल हुए नदीम सिद्दीकी ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी आवाज उठा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया। लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करना सरकार की असहिष्णुता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती और उनकी आवाज दबाने का प्रयास करती है, तो प्रधानमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने केंद्र सरकार से पेपर लीक की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और छात्र हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने देशभर के छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज को लेकर एनएसयूआई बरेली के जिलाध्यक्ष मोहम्मद नदीम सिद्दीकी ने कड़ा विरोध जताया है। जंतर-मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन में स्वयं शामिल हुए नदीम सिद्दीकी ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी आवाज उठा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया। लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करना सरकार की असहिष्णुता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती और उनकी आवाज दबाने का प्रयास करती है, तो प्रधानमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने केंद्र सरकार से पेपर लीक की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और छात्र हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने देशभर के छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
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- ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी बैठक हुई जिसमें शिक्षा आर्थिक स्थिति देश की और गाय को राष्ट्र माता घोषित करने पर विचार विमर्श किया ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी ने एक बैठक संपन्न की गई जिसमें यह विचार विमर्श किया गया कि देश की शिक्षा नीति को आर्थिक नीति को व गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का विचार विमर्श किया गया आज देश गंभीर समस्याओं से गुजर रहा है इन समस्याओं के समाधान के लिए हमें एक अच्छी सरकार को केंद्र में वह राज सरकार में भारत के प्रत्येक राज्य में अच्छी सरकारों को लाना है जो देश की आर्थिक स्थिति शिक्षा गरीबी बेरोजगारी पर बीमार विचार विमर्श करने वाली हो ।3
- बरेली जिले के बिशारतगंज थाना अंतर्गत ग्राम निसोई में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार चतुर्वेदी और उपनिरीक्षक (एसआई) राजीव कुमार पुलिस पेंशनर श्री रामेश्वर दयाल के आवास पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने उनके घर जाकर उनसे आत्मीय और सौहार्दपूर्ण वार्ता की तथा उनका हालचाल जाना। इस मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने उनकी समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव पुलिस सहयोग का आश्वासन दिया। बातचीत के दौरान प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि पुलिस विभाग अपने सेवानिवृत्त कर्मियों का सम्मान करता है और समय-समय पर उनसे संपर्क कर उनका हालचाल जानना तथा समस्याओं को समझना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। पुलिस पेंशनर श्री रामेश्वर दयाल ने अधिकारियों के इस आत्मीय व्यवहार की सराहना करते हुए उनका आभार जताया। थाना बिशारतगंज पुलिस की सेवानिवृत्त कर्मियों के प्रति इस संवाद और सम्मान की पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।1
- बरेली के इज्जत नगर थाना क्षेत्र में दबंग से परेशान होकर एक युवक ने एसपी ऑफिस पहुंचकर इंसाफ की गुहार लगाई है। दबंग से तंग आकर पीड़ित युवक न्याय पाने के लिए सीधे एसपी कार्यालय पहुंचा।1
- बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की प्रवर्तन टीम ने थाना इज्जतनगर क्षेत्र के खजुरिया खाट गांव में दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। बीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना स्वीकृति के बनाई जा रही अवैध कॉलोनियों पर सख्त कदम उठाया। प्राधिकरण के अनुसार, तौसीफ द्वारा बिना बीडीए से स्वीकृति लिए करीब 4000 वर्गमीटर और 3000 वर्गमीटर क्षेत्र में भूखंडों की प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और बाउंड्रीवाल बनाकर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। उ.प्र. नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत कार्रवाई करते हुए इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के बाद बीडीए ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भवन निर्माण या प्लॉट खरीदने से पहले मानचित्र की स्वीकृति की जांच अवश्य कर लें। प्राधिकरण ने चेताया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण और प्लॉटिंग पूरी तरह से अवैध है, जिस पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने वाले विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उधर, कुछ समय बाद अखिलेश यादव और राहुल गांधी की रिहाई की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और "जेल के ताले टूट गए, अखिलेश यादव छूट गए" के जोरदार नारे लगाए। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी घमासान और तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने पुलिस की इस कार्रवाई को विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया है, जबकि मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।1
- जंतर-मंतर से गिरफ्तारी, फिर रिहाई... अखिलेश-राहुल के समर्थन में यूपी सुलगा, गूंजा नारा— 'जेल के ताले टूट गए, अखिलेश यादव छूट गए'" जंतर-मंतर से गिरफ्तारी, फिर रिहाई... अखिलेश-राहुल के समर्थन में यूपी सुलगा, गूंजा नारा— 'जेल के ताले टूट गए, अखिलेश यादव छूट गए'" नमस्कार आप देख रहे हैं भारत vision live बरेली से भारत vision live के लिए सय्यद शाहरुख अली की रिपोर्ट दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई। इस कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। जगह-जगह प्रदर्शन हुए, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने वाले विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। उधर, कुछ समय बाद अखिलेश यादव और राहुल गांधी को रिहा कर दिया गया। उनकी रिहाई की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारे लगाए— "जेल के ताले टूट गए, अखिलेश यादव छूट गए"। कई जगह ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न भी मनाया गया। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति और तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया है, जबकि इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और बढ़ने के आसार हैं।1