दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने वाले विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उधर, कुछ समय बाद अखिलेश यादव और राहुल गांधी की रिहाई की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और "जेल के ताले टूट गए, अखिलेश यादव छूट गए" के जोरदार नारे लगाए। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी घमासान और तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने पुलिस की इस कार्रवाई को विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया है, जबकि मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने वाले विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उधर, कुछ समय बाद अखिलेश यादव और राहुल गांधी की रिहाई की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और "जेल के ताले टूट गए, अखिलेश यादव छूट गए" के जोरदार नारे लगाए। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी घमासान और तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने पुलिस की इस कार्रवाई को विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया है, जबकि मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
- बरेली में संचारी रोगों पर रोक लगाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने मंगलवार को मझगवां ब्लॉक के अति संवेदनशील गांव कुंडरिया खुर्द और प्रहलादपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गांवों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान को तत्काल नालियों की सफाई कराने और नियमित निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए। सीएमओ ने मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए हर सप्ताह एंटीलार्वा छिड़काव और फॉगिंग कराने की कार्ययोजना तैयार करने के आदेश दिए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे पूरे बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और बुखार आने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराकर डॉक्टर की दी गई दवा का पूरा कोर्स लें। इसके बाद डॉ. विश्राम सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां पहुंचकर एएनएम के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने टीकाकरण, आयुष्मान भारत कार्ड और जननी सुरक्षा योजना के भुगतान की प्रगति का जायजा लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। इस निरीक्षण के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी, सीएचसी अधीक्षक, सहायक मलेरिया अधिकारी, मलेरिया निरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, सीएचओ, बीसीपीएम और आशा कार्यकर्ताओं सहित कई विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खुद फील्ड में उतरकर निगरानी करने का साफ संदेश है कि जिले में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों पर समय रहते प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।1
- बरेली के विकासखंड मझगवां स्थित ग्राम कुंदरिया और प्रह्लादपुर में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ निरीक्षण किया। अभियान के दौरान उन्होंने खुद घर-घर जाकर ग्रामीणों से जानकारी ली और लोगों के बीच जागरूकता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मलेरिया की रोकथाम के लिए आवश्यकता अनुसार एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कराने के निर्देश दिए। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र सिंह, मलेरिया इंस्पेक्टर गुलशन, अनमोल पाठक, सूरज यादव, बीसीपीएम श्रीमती हेमलता सक्सेना, ग्राम सचिव, आशा एवं आशा संगिनी भी मौके पर मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले स्थित भोजीपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस और गौकशों के बीच मुठभेड़ हुई है। अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस मुठभेड़ के दौरान दो आरोपी घायल हो गए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से जीवित गोवंश और असलाह भी बरामद किया है।1
- बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी की एक बैठक संपन्न हुई, जिसमें देश की शिक्षा नीति, आर्थिक नीति और गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने के मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान कहा गया कि वर्तमान में देश गंभीर समस्याओं के दौर से गुजर रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र और भारत के प्रत्येक राज्य में अच्छी सरकारों को सत्ता में लाने की बात कही गई। पार्टी का मानना है कि केंद्र और राज्य स्तर पर ऐसी सरकारें होनी चाहिए जो देश की आर्थिक स्थिति, शिक्षा, गरीबी और बेरोजगारी जैसे गंभीर विषयों पर विचार-विमर्श करने और काम करने वाली हों।3
- बरेली के इज्जत नगर थाना क्षेत्र में दबंग से परेशान होकर एक युवक ने एसपी ऑफिस पहुंचकर इंसाफ की गुहार लगाई है। दबंग से तंग आकर पीड़ित युवक न्याय पाने के लिए सीधे एसपी कार्यालय पहुंचा।1
- बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की प्रवर्तन टीम ने थाना इज्जतनगर क्षेत्र के खजुरिया खाट गांव में दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। बीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना स्वीकृति के बनाई जा रही अवैध कॉलोनियों पर सख्त कदम उठाया। प्राधिकरण के अनुसार, तौसीफ द्वारा बिना बीडीए से स्वीकृति लिए करीब 4000 वर्गमीटर और 3000 वर्गमीटर क्षेत्र में भूखंडों की प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और बाउंड्रीवाल बनाकर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। उ.प्र. नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत कार्रवाई करते हुए इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के बाद बीडीए ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भवन निर्माण या प्लॉट खरीदने से पहले मानचित्र की स्वीकृति की जांच अवश्य कर लें। प्राधिकरण ने चेताया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण और प्लॉटिंग पूरी तरह से अवैध है, जिस पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। इस कार्रवाई को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने बरेली में जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है।1