शनिवार शाम उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में लखनऊ-सुल्तानपुर नेशनल हाईवे किनारे, हैदरगढ़ तहसील के ठीक सामने एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक निर्माणाधीन वेल्डिंग शेड की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आशंका जताई गई कि इस हादसे में एक दर्जन से अधिक मजदूर मलबे में दब गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम राजेश विश्वकर्मा, सीओ समीर सिंह, एसएचओ अनिल पांडे, उपनिरीक्षक शिव प्रसाद पांडे और आरक्षी मनोज कुमार सहित भारी पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया, जिसके तहत अब तक नौ मजदूरों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। सभी घायल मजदूरों को इलाज के लिए हैदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया है। सीएचसी में चिकित्सक डॉ. मद्धेशिया ने बताया कि सभी घायल मजदूर गंभीर स्थिति में हैं, और एक मजदूर की हालत नाजुक होने के कारण उसे उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया है। फिलहाल, मलबे में अन्य मजदूरों के फंसे होने की आशंका के चलते पुलिस, प्रशासन और राहत टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा है।
शनिवार शाम उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में लखनऊ-सुल्तानपुर नेशनल हाईवे किनारे, हैदरगढ़ तहसील के ठीक सामने एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक निर्माणाधीन वेल्डिंग शेड की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आशंका जताई गई कि इस हादसे में एक दर्जन
से अधिक मजदूर मलबे में दब गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम राजेश विश्वकर्मा, सीओ समीर सिंह, एसएचओ अनिल पांडे, उपनिरीक्षक शिव प्रसाद पांडे और आरक्षी मनोज कुमार सहित भारी पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया, जिसके तहत
अब तक नौ मजदूरों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। सभी घायल मजदूरों को इलाज के लिए हैदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया है। सीएचसी में चिकित्सक डॉ. मद्धेशिया ने बताया कि सभी घायल मजदूर गंभीर स्थिति में हैं, और एक मजदूर की हालत नाजुक
होने के कारण उसे उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया है। फिलहाल, मलबे में अन्य मजदूरों के फंसे होने की आशंका के चलते पुलिस, प्रशासन और राहत टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा है।
- लखनऊ में एक पूर्व बीडीसी सदस्य ने सड़क का निर्माण न होने से नाराज़ होकर पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना के चलते घटनास्थल पर करीब एक घंटे तक हंगामा जारी रहा।1
- शनिवार शाम 7:04 बजे अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। इस भूकंप का केंद्र जमीन से 215 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। इस भूकंप के झटके अफगानिस्तान के साथ-साथ भारत, पाकिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और तुर्कमेनिस्तान सहित कुल 8 देशों में महसूस किए गए।1
- राजधानी लखनऊ में आज दोपहर लगभग 1 से 2 बजे के बीच टेढ़ी पुलिया के पास बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक के सामने एक महिला के साथ लूट की घटना हुई। महिला अपने छोटे भाई के साथ बाइक पर सवार होकर मायके से लौट रही थी, तभी उसके भाई ने उसे वहां छोड़कर चला गया। इसी दौरान दो अज्ञात बाइक सवार आए, जिन्होंने महिला को बहला-फुसलाकर उसके सारे जेवरात उतरवा लिए और फिर मौका देखकर जेवर व नगदी लेकर फरार हो गए। इस घटना पर पुलिस का रवैया चौंकाने वाला और आपत्तिजनक रहा, जिसमें कार्यवाही करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। पीड़िता की शिकायत पर चौकी प्रभारी फनीश कुमार सिंह ने उल्टे महिला से सवाल किया कि “जेवर और पैसे लेकर सड़क पर चलने की क्या जरूरत?” पीड़िता का आरोप है कि जब उसने और उसके परिजनों ने चौकी प्रभारी से कार्रवाई की मांग की, तब दरोगा जी ने उन्हें धमकाया और चौकी से भगा दिया। ऐसा प्रतीत होता है जैसे महिला के ज़ेवर और पैसे लेकर फरार होने वाले दरोगा जी के जानने वाले हों। अब पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक दुखद घटना घटी है। इस हादसे में, जुलूस के रास्ते में एक छज्जा गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई।1
- लखनऊ के पारा कोतवाली क्षेत्र में स्थित बुद्धेश्वर चौराहे पर आए दिन भीषण जाम की समस्या बनी रहती है। यह जाम मुख्य रूप से अवैध ई-रिक्शा और बस स्टैंडों के सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े होने के कारण लगता है, जिससे चौराहे के चारों ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता है। इस भयंकर जाम से राहगीरों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि ट्रैफिक व्यवस्था की कमान संभालने वाली डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी लगातार दिशानिर्देश जारी करती रहती हैं, इसके बावजूद क्षेत्रीय पुलिस और ट्रैफिक पुलिस इस गंभीर समस्या पर कोई कार्यवाही नहीं करती, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।1
- सवाल उठ रहे हैं कि जब पुलिस कानून लागू कराने आती है, तो क्या वह स्वयं ड्यूटी के दौरान सभी नियमों का पालन करती है। हाल ही में एक वायरल वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि कुछ पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट के अपनी ड्यूटी निभाते हुए देखे गए। हालांकि, इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि नियमों का कोई उल्लंघन हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, ताकि अफवाहों और सच्चाई के बीच के अंतर को स्पष्ट किया जा सके।1
- लखनऊ के थाना मड़ियांव क्षेत्र के डिगुरिया आलू नगर में एक अज्ञात मंदबुद्धि महिला का शव मिला है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया है और पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही करने में जुट गई है।1