शकलेक्टर ने कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं का किया औचक निरीक्षण 200 समग्र आईडी की समस्याओं का कलेक्टर ने डीलिंक करते हुए मौके पर किया निराकरण नकल प्राप्त करने आए आवेदकों से कलेक्टर ने की चर्चा कलेक्टर ने कहा नकल प्राप्त करने में लोगों को नहीं हो परेशानी, सुदृढ़ व्यवस्था बनाने के स्पष्ट निर्देश नवागत कलेक्टर मृणाल मीणा ने गुरुवार कलेक्ट्रेट छतरपुर की विभिन्न शाखाओं का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ई-गवर्नेंस शाखा का निरीक्षण करते हुए कार्यों की जानकारी ली और समग्र आईडी से संबंधित 200 लंबित समस्याओं का निराकरण डीलिंक के माध्यम से कराया। इसके बाद कलेक्टर ने खाद्य आपूर्ति शाखा का निरीक्षण करते हुए राशन उपभोक्ताओं की जानकारी ली और समय पर राशन वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कार्यालय के मीटिंग हॉल का निरीक्षण कर जल्द ही जीर्णोद्धार के कार्य को पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एनआईसी कक्ष, वेब जीआईएस, नकल शाखा एवं रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने नकल प्राप्त करने आए आवेदकों से चर्चा करते हुए नकल लेने में क्या समस्या आती है और कितना समय लगता है आदि जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नकल प्राप्त करने में लोगों को बिल्कुल भी परेशानी नहीं हो, इस व्यवस्था को बेहतर और सुदृढ़ बनाएं ।
शकलेक्टर ने कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं का किया औचक निरीक्षण 200 समग्र आईडी की समस्याओं का कलेक्टर ने डीलिंक करते हुए मौके पर किया निराकरण नकल प्राप्त करने आए आवेदकों से कलेक्टर ने की चर्चा कलेक्टर ने कहा नकल प्राप्त करने में लोगों को नहीं हो परेशानी, सुदृढ़ व्यवस्था बनाने के स्पष्ट निर्देश नवागत कलेक्टर मृणाल मीणा ने गुरुवार कलेक्ट्रेट छतरपुर की विभिन्न शाखाओं का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ई-गवर्नेंस शाखा का निरीक्षण करते हुए कार्यों की जानकारी ली और समग्र आईडी से संबंधित 200 लंबित समस्याओं का निराकरण डीलिंक के माध्यम से कराया। इसके बाद कलेक्टर ने खाद्य आपूर्ति शाखा का निरीक्षण करते हुए राशन उपभोक्ताओं की जानकारी ली और समय पर राशन वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कार्यालय के मीटिंग हॉल का निरीक्षण कर जल्द ही जीर्णोद्धार के कार्य को पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एनआईसी कक्ष, वेब जीआईएस, नकल शाखा एवं रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने नकल प्राप्त करने आए आवेदकों से चर्चा करते हुए नकल लेने में क्या समस्या आती है और कितना समय लगता है आदि जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नकल प्राप्त करने में लोगों को बिल्कुल भी परेशानी नहीं हो, इस व्यवस्था को बेहतर और सुदृढ़ बनाएं ।
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- "जन सुरक्षा, युवा सृजन – जन संवाद योजना 2026" का पुलिस अधीक्षक ने किया शुभारंभ* *⏺️ *⏺️ 450 विद्यार्थियों को कानून, साइबर सुरक्षा एवं नशा मुक्ति के प्रति किया गया जागरूक, पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल ने दिलाई शपथ* ⏺️ *युवाओं में विधिक चेतना और सुरक्षा-बोध विकसित करने की अभिनव पहल* टीकमगढ़, 06 अगस्त 2026 युवाओं में विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से *"जन सुरक्षा, युवा सृजन – जन संवाद योजना 2026"* का शुभारंभ आज दिनांक 06 अगस्त 2026 को टीकमगढ़ जिले में *शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1* से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ *पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री सुधीर अग्रवाल* की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर *अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह*, *एसडीओपी टीकमगढ़ श्री राहुल कटारे*, *परिवीक्षाधीन डीएसपी सुश्री किरण सिंह*, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में निहित नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्यों, विभिन्न विधिक प्रावधानों, बाल अधिकार, किशोर न्याय (जेजे) अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा तथा नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को कानून के प्रति सम्मान, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। अपने प्रेरणादायी संबोधन में *पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल* ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों से सतर्क रहना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, डिजिटल ठगी एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही युवाओं से नशे से दूर रहकर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक द्वारा उपस्थित सभी विद्यार्थियों को *साइबर सुरक्षा* एवं *नशा मुक्ति* की शपथ दिलाई गई तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प कराया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की कक्षा 11वीं एवं 12वीं के लगभग *450 विद्यार्थियों* ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कानून का सम्मान करने, साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। *"जन सुरक्षा, युवा सृजन – जन संवाद योजना 2026"* का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में विधिक जागरूकता, सुरक्षा-बोध, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा पुलिस एवं समाज के मध्य विश्वास, सहयोग और संवाद को और अधिक सुदृढ़ करना है, ताकि युवा वर्ग एक सुरक्षित, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सके।1
- गौवंश की दुर्दशा उजागर: कीचड़ भरे बाड़े में रातभर बंद रखी जा रही गायें, कलेक्टर ने दिए जांच और मुक्त कराने के निर्देश टीकमगढ़। जिले की दिगौड़ा तहसील अंतर्गत कुराई पंचायत के वर्मा मांझ गांव में निराश्रित गौवंश की दुर्दशा का मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा खरीफ फसलों को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए सरकारी जमीन पर तार फेंसिंग कर अस्थायी बाड़ा बनाया गया है, जहां शाम होते ही गायों को बंद कर दिया जाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह बाड़ा पूरी तरह कीचड़ और दलदल से भरा हुआ है, जहां रातभर गोवंश को खड़े रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस मामले का खुलासा बुधवार शाम करीब 6:30 बजे टीकमगढ़ निवासी राजेंद्र बिदुआ ने किया। उन्होंने बताया कि वे किसी कार्य से वर्मा मांझ गांव गए थे। इसी दौरान उनकी नजर कीचड़ से भरे बाड़े में बंद बड़ी संख्या में गायों पर पड़ी। जब उन्होंने ग्रामीणों से इसका कारण पूछा तो ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय निराश्रित गोवंश खेतों में घुसकर खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं। फसलों की सुरक्षा के लिए गांव के पास सरकारी भूमि के एक हिस्से में तार फेंसिंग कर यह अस्थायी बाड़ा बनाया गया है, जहां रातभर गायों को रखा जाता है और सुबह छोड़ दिया जाता है। राजेंद्र बिदुआ ने बताया कि जिस स्थान पर गायों को रखा जा रहा है, वहां बैठने या आराम करने की कोई व्यवस्था नहीं है। पूरा क्षेत्र कीचड़ और दलदल से भरा हुआ है, जिससे गोवंश को पूरी रात अत्यंत खराब परिस्थितियों में बितानी पड़ती है। उन्होंने इस अमानवीय स्थिति की शिकायत जिला प्रशासन से की है। उल्लेखनीय है कि जिले की कई पंचायतों में निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए गौशालाओं का निर्माण कराया गया है, लेकिन कई स्थानों पर पर्याप्त व्यवस्थाओं के अभाव में उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसका परिणाम यह है कि किसानों और गौवंश दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने तत्काल दिगौड़ा तहसीलदार को मौके पर भेजकर निरीक्षण करने और बाड़े में बंद गौवंश को मुक्त कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पशुपालन विभाग, पंचायत के सरपंच और सचिव के साथ समन्वय कर निराश्रित गौवंश के लिए स्थायी और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसानों की फसलें भी सुरक्षित रहें और गोवंश को भी मानवीय परिस्थितियों में संरक्षण मिल सके। #kisan #cow गौवंश की दुर्दशा उजागर: कीचड़ भरे बाड़े में रातभर बंद रखी जा रही गायें, कलेक्टर ने दिए जांच और मुक्त कराने के निर्देश टीकमगढ़। जिले की दिगौड़ा तहसील अंतर्गत कुराई पंचायत के वर्मा मांझ गांव में निराश्रित गौवंश की दुर्दशा का मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा खरीफ फसलों को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए सरकारी जमीन पर तार फेंसिंग कर अस्थायी बाड़ा बनाया गया है, जहां शाम होते ही गायों को बंद कर दिया जाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह बाड़ा पूरी तरह कीचड़ और दलदल से भरा हुआ है, जहां रातभर गोवंश को खड़े रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस मामले का खुलासा बुधवार शाम करीब 6:30 बजे टीकमगढ़ निवासी राजेंद्र बिदुआ ने किया। उन्होंने बताया कि वे किसी कार्य से वर्मा मांझ गांव गए थे। इसी दौरान उनकी नजर कीचड़ से भरे बाड़े में बंद बड़ी संख्या में गायों पर पड़ी। जब उन्होंने ग्रामीणों से इसका कारण पूछा तो ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय निराश्रित गोवंश खेतों में घुसकर खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं। फसलों की सुरक्षा के लिए गांव के पास सरकारी भूमि के एक हिस्से में तार फेंसिंग कर यह अस्थायी बाड़ा बनाया गया है, जहां रातभर गायों को रखा जाता है और सुबह छोड़ दिया जाता है। राजेंद्र बिदुआ ने बताया कि जिस स्थान पर गायों को रखा जा रहा है, वहां बैठने या आराम करने की कोई व्यवस्था नहीं है। पूरा क्षेत्र कीचड़ और दलदल से भरा हुआ है, जिससे गोवंश को पूरी रात अत्यंत खराब परिस्थितियों में बितानी पड़ती है। उन्होंने इस अमानवीय स्थिति की शिकायत जिला प्रशासन से की है। उल्लेखनीय है कि जिले की कई पंचायतों में निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए गौशालाओं का निर्माण कराया गया है, लेकिन कई स्थानों पर पर्याप्त व्यवस्थाओं के अभाव में उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसका परिणाम यह है कि किसानों और गौवंश दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने तत्काल दिगौड़ा तहसीलदार को मौके पर भेजकर निरीक्षण करने और बाड़े में बंद गौवंश को मुक्त कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पशुपालन विभाग, पंचायत के सरपंच और सचिव के साथ समन्वय कर निराश्रित गौवंश के लिए स्थायी और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसानों की फसलें भी सुरक्षित रहें और गोवंश को भी मानवीय परिस्थितियों में संरक्षण मिल सके। #kisan #cow1
- शकलेक्टर ने कलेक्ट्रेट की विभिन्न शाखाओं का किया औचक निरीक्षण 200 समग्र आईडी की समस्याओं का कलेक्टर ने डीलिंक करते हुए मौके पर किया निराकरण नकल प्राप्त करने आए आवेदकों से कलेक्टर ने की चर्चा कलेक्टर ने कहा नकल प्राप्त करने में लोगों को नहीं हो परेशानी, सुदृढ़ व्यवस्था बनाने के स्पष्ट निर्देश नवागत कलेक्टर मृणाल मीणा ने गुरुवार कलेक्ट्रेट छतरपुर की विभिन्न शाखाओं का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ई-गवर्नेंस शाखा का निरीक्षण करते हुए कार्यों की जानकारी ली और समग्र आईडी से संबंधित 200 लंबित समस्याओं का निराकरण डीलिंक के माध्यम से कराया। इसके बाद कलेक्टर ने खाद्य आपूर्ति शाखा का निरीक्षण करते हुए राशन उपभोक्ताओं की जानकारी ली और समय पर राशन वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कार्यालय के मीटिंग हॉल का निरीक्षण कर जल्द ही जीर्णोद्धार के कार्य को पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एनआईसी कक्ष, वेब जीआईएस, नकल शाखा एवं रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने नकल प्राप्त करने आए आवेदकों से चर्चा करते हुए नकल लेने में क्या समस्या आती है और कितना समय लगता है आदि जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नकल प्राप्त करने में लोगों को बिल्कुल भी परेशानी नहीं हो, इस व्यवस्था को बेहतर और सुदृढ़ बनाएं ।1