रमजान महीने में मुसलमान मां ने बेरहमी से सामूहिक क़त्ल करवाया निर्दोष हिंदू खटीक नौजवान का इंसानियत दहला उठी चंडीगढ़ नई दिल्ली मंगलवार 10 मार्च 2026 अल्फा न्यूज़ इंडिया प्रस्तुति---- दोस्तों,एक पिता की सबसे बड़ी ताकत क्या होती है?उसका परिवार… उसके बच्चे… उसकी उम्मीदें।जब एक बच्चा जन्म लेता है तो उसके साथ सिर्फ एक नया जीवन नहीं आता, बल्कि उसके माता-पिता के हजारों सपने भी जन्म लेते हैं। एक पिता दिन-रात मेहनत करता है, संघर्ष करता है, सिर्फ इसलिए कि उसका बच्चा सुरक्षित रहे, खुश रहे और एक अच्छा जीवन जी सके।लेकिन सोचिए… अगर वही पिता एक दिन मजबूर होकर समाज से यह पूछने लगे कि क्या आप मेरे बच्चे को इंसाफ दिलाने में मेरे साथ हैं?तो उस पिता के दिल में कितना दर्द होगा… कितनी बेबसी होगी… कितना टूट चुका होगा वह अंदर से।आज एक पिता ठीक उसी मोड़ पर खड़ा है।उसकी आंखों में आंसू हैं, दिल में दर्द है और उसके पास बस एक उम्मीद बची है — समाज की आवाज।वह आपसे, हमसे, हर उस इंसान से पूछ रहा है जो इंसानियत में विश्वास रखता है।क्या एक बच्चे को न्याय मिलना चाहिए?क्या एक पिता की पुकार सुनी जानी चाहिए?क्या सच के लिए खड़ा होना हमारी जिम्मेदारी नहीं है?यह सवाल सिर्फ एक परिवार का नहीं है।यह सवाल पूरे समाज का है।क्योंकि जब कहीं अन्याय होता है और समाज चुप रहता है, तो अन्याय और ताकतवर हो जाता है।लेकिन जब लोग एक साथ खड़े होते हैं, अपनी आवाज उठाते हैं, तो सबसे बड़ी ताकत भी झुक जाती है।इतिहास गवाह है कि जब-जब आम लोगों ने मिलकर आवाज उठाई है, तब-तब सच सामने आया है और न्याय ने रास्ता बनाया है।आज भी वही वक्त है।आज भी एक पिता उम्मीद से लोगों की तरफ देख रहा है।वह कोई बड़ी मांग नहीं कर रहा।वह कोई दौलत नहीं मांग रहा।वह बस यह चाहता है कि सच सामने आए और उसके बच्चे को न्याय मिले।एक पिता के लिए इससे बड़ी कोई लड़ाई नहीं होती।क्योंकि जब बात बच्चे की होती है, तो एक पिता दुनिया से भी लड़ने को तैयार हो जाता है।लेकिन कभी-कभी लड़ाई इतनी बड़ी हो जाती है कि उसे अकेले लड़ना मुश्किल हो जाता है।तब उसे समाज की जरूरत होती है।तब उसे लोगों की आवाज की जरूरत होती है।और शायद यही वजह है कि आज वह पिता हम सबकी तरफ देख रहा है।वह हमसे पूछ रहा है —क्या आप मेरे साथ हैं?अगर आप मानते हैं कि हर बच्चे को न्याय मिलना चाहिए…अगर आप मानते हैं कि सच के लिए आवाज उठाना जरूरी है…अगर आप मानते हैं कि किसी भी पिता को अपने बच्चे के लिए इस तरह संघर्ष नहीं करना चाहिए…तो आज अपनी आवाज जरूर उठाइए।क्योंकि कभी-कभी एक छोटी सी आवाज भी बहुत बड़ी ताकत बन जाती है।कभी-कभी एक कमेंट भी किसी के लिए उम्मीद की किरण बन जाता है।आज आपकी एक आवाज उस पिता को यह भरोसा दिला सकती है कि वह अकेला नहीं है।इसलिए मैं आप सबसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ —अगर आप इंसाफ के साथ हैं,अगर आप सच के साथ हैं,अगर आप एक पिता के दर्द को समझते हैं…तो नीचे कमेंट में जरूर बताइए।बस एक शब्द लिखिए —“हाँ” अगर आप न्याय के साथ खड़े हैं।या“ना” अगर आप साथ नहीं हैं।आपका एक शब्द…किसी के लिए उम्मीद बन सकता है।किसी टूटे हुए दिल को हिम्मत दे सकता है।और शायद न्याय की राह को थोड़ा आसान बना सकता है।अब फैसला आपके हाथ में है।क्या आप मेरे साथ हैं?कमेंट में सिर्फ “हाँ” या “ना” जरूर लिखें।
रमजान महीने में मुसलमान मां ने बेरहमी से सामूहिक क़त्ल करवाया निर्दोष हिंदू खटीक नौजवान का इंसानियत दहला उठी चंडीगढ़ नई दिल्ली मंगलवार 10 मार्च 2026 अल्फा न्यूज़ इंडिया प्रस्तुति---- दोस्तों,एक पिता की सबसे बड़ी ताकत क्या होती है?उसका परिवार… उसके बच्चे… उसकी उम्मीदें।जब एक बच्चा जन्म लेता है तो उसके साथ सिर्फ एक नया जीवन नहीं आता, बल्कि उसके माता-पिता के हजारों सपने भी जन्म लेते हैं। एक पिता दिन-रात मेहनत करता है, संघर्ष करता है, सिर्फ इसलिए कि उसका बच्चा सुरक्षित रहे, खुश रहे और एक अच्छा जीवन जी सके।लेकिन सोचिए… अगर वही पिता एक दिन मजबूर होकर समाज से यह पूछने लगे कि क्या आप मेरे बच्चे को इंसाफ दिलाने में मेरे साथ हैं?तो उस पिता के दिल में कितना दर्द होगा… कितनी बेबसी होगी… कितना टूट चुका होगा वह अंदर से।आज एक पिता ठीक उसी मोड़ पर खड़ा है।उसकी आंखों में आंसू हैं, दिल में दर्द है और उसके पास बस एक उम्मीद बची है — समाज की आवाज।वह आपसे, हमसे, हर उस इंसान से पूछ रहा है जो इंसानियत में विश्वास रखता है।क्या एक बच्चे को न्याय मिलना चाहिए?क्या एक पिता की पुकार सुनी जानी चाहिए?क्या सच के लिए खड़ा होना हमारी जिम्मेदारी नहीं है?यह सवाल सिर्फ एक परिवार का नहीं है।यह सवाल पूरे समाज का है।क्योंकि जब कहीं अन्याय होता है और समाज चुप रहता है, तो अन्याय और ताकतवर हो जाता है।लेकिन जब लोग एक साथ खड़े होते हैं, अपनी आवाज उठाते हैं, तो सबसे बड़ी ताकत भी झुक जाती है।इतिहास गवाह है कि जब-जब आम लोगों ने मिलकर आवाज उठाई है, तब-तब सच सामने आया है और न्याय ने रास्ता बनाया है।आज भी वही वक्त है।आज भी एक पिता उम्मीद से लोगों की तरफ देख रहा है।वह कोई बड़ी मांग नहीं कर रहा।वह कोई दौलत नहीं मांग रहा।वह बस यह चाहता है कि सच सामने आए और उसके बच्चे को न्याय मिले।एक पिता के लिए इससे बड़ी कोई लड़ाई नहीं होती।क्योंकि जब बात बच्चे की होती है, तो एक पिता दुनिया से भी लड़ने को तैयार हो जाता है।लेकिन कभी-कभी लड़ाई इतनी बड़ी हो जाती है कि उसे अकेले लड़ना मुश्किल हो जाता है।तब उसे समाज की जरूरत होती है।तब उसे लोगों की आवाज की जरूरत होती है।और शायद यही वजह है कि आज वह पिता हम सबकी तरफ देख रहा है।वह हमसे पूछ रहा है —क्या आप मेरे साथ हैं?अगर आप मानते हैं कि हर बच्चे को न्याय मिलना चाहिए…अगर आप मानते हैं कि सच के लिए आवाज उठाना जरूरी है…अगर आप मानते हैं कि किसी भी पिता को अपने बच्चे के लिए इस तरह संघर्ष नहीं करना चाहिए…तो आज अपनी आवाज जरूर उठाइए।क्योंकि कभी-कभी एक छोटी सी आवाज भी बहुत बड़ी ताकत बन जाती है।कभी-कभी एक कमेंट भी किसी के लिए उम्मीद की किरण बन जाता है।आज आपकी एक आवाज उस पिता को यह भरोसा दिला सकती है कि वह अकेला नहीं है।इसलिए मैं आप सबसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ —अगर आप इंसाफ के साथ हैं,अगर आप सच के साथ हैं,अगर आप एक पिता के दर्द को समझते हैं…तो नीचे कमेंट में जरूर बताइए।बस एक शब्द लिखिए —“हाँ” अगर आप न्याय के साथ खड़े हैं।या“ना” अगर आप साथ नहीं हैं।आपका एक शब्द…किसी के लिए उम्मीद बन सकता है।किसी टूटे हुए दिल को हिम्मत दे सकता है।और शायद न्याय की राह को थोड़ा आसान बना सकता है।अब फैसला आपके हाथ में है।क्या आप मेरे साथ हैं?कमेंट में सिर्फ “हाँ” या “ना” जरूर लिखें।
- Prachin shiv Mandir village khamano khurd District Fatehgarh Sahib Punjab ch hai jo ke mugal kaal ke time ka lgta hai is Mandir ki koi old history ya revenue record nahi mil rha hai Mandir ka construction old Sirhindi bricks aur chunna se hua hai mandir ki land ka case local court khamano me chal rha hai jo abhi pending hai mandir apna itihaas khud bta rha hai mandir ki land ke court case ko leke CM portal pe bhi kee baar complaint dali gi,DC office me bhi, PM office me bhi lekin aaj tak koi solution nahi hua4
- Post by Navdeep singh Navi5
- ਰਿਪੋਰਟ(ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗੋਲਡੀ)1
- ਬਾਬਾ ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਰਸੂਲਪੁਰ ਨੇ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ Y+ ਸਿਕਓਰਟੀ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿੰਨੇ ਹੀ ਰਾਜਨੀਤਕ ਆਗੂਆਂ, ਕਲਾਕਾਰਾਂ ਤੇ ਹੋਰਨਾਂ ਨੂੰ ਜਦੋਂ ਕੋਈ ਧਮਕੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਿਕਓਰਟੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਸਲਮਾਨ ਖਾਨ ਨੂੰ ਵੀ ਛੋਟੀ ਜਿਹੀ ਧਮਕੀ ਮਿਲਣ ਤੇ ਕਿੰਨੀ ਭਾਰੀ ਫੋਰਸ ਉਸ ਦੀ ਸਿਕਓਰਟੀ ਚ ਲਾਈ ਗਈ ਹੈ। ਮੈਨੂੰ ਵੀ ਧਮਕੀਆਂ ਮਿਲ ਰਹੀਆਂ ਹਨ ਮੈਨੂੰ ਵੀ ਸਿਕਓਰਟੀ ਮਿਲਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ।1
- Post by ਗੋਬਿੰਦਗੜ ਖਬਰਨਾਮਾਂ1
- ਸੁਖਬੀਰ ਬਾਦਲ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ 11 ਮੈਂਬਰੀ ਟਿੱਪਣੀ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੈਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਅੱਜ ਦੱਸ ਦਿੰਦਾ ਕਿ ਅਗਲੇ ਚਾਰ ਮਹੀਨਿਆਂ ਚ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੂੰ 11 ਬੰਦੇ ਨਹੀਂ ਮਿਲਣੇ।1
- ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਣ ਵਾਲੇ 1000 ਰੁਪਏ ਬਾਰੇ ਸੁਖਪਾਲ ਖਹਿਰਾ ਦੀ ਕੀਤੀ ਟਿਪਣੀ ਤੇ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਬੋਲੇ ਹਲਕਾ ਖਰੜ ਤੋਂ ਵਿਧਾਇਕਾ ਮੈਡਮ ਅਨਮੋਲ ਗਗਨ ਮਾਨ,,,, ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਇੱਕ ਵੀਡੀਓ ਵਿਚ ਸੁਖਪਾਲ ਖਹਿਰਾ ਦਾ ਇੱਕ ਬਿਆਨ ਹੋਰ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ,, ਤੁਹਾਡੇ ਕੀ ਵਿਚਾਰ ਹਨ,,,,1