बाठडिया के चौक में डांडिया नृत्य का हुआ आगाज ,,गेर में 36 मीटर का बाघा पहनते है। नागौर,,नागौर की लोक संस्कृति मार्च-अप्रेल में पूरी तरह से जीवंत हो उठती है। होली के साथ ही नगरवासियों में परंपरागत उत्सवों को मनाने का उत्साह जाग उठता है। यह सिलसिला रामनवमी और हनुमान जयंती तक चलता है। नागौर की संस्कृति में सामूहिकता का विशेष महत्व है। और यहां उत्सव पूरे शहर में धूमधाम से मनाए जाते हैं। संस्कृति एकता और सामूहिकता का आदर्श प्रस्तुत करती है। यहां के लोग मिलजुलकर त्यौहारों को मनाते हैं, और यही सांस्कृतिक सौहार्द शहर की पहचान है। त्यौहारों में समाज के सभी वर्गों का योगदान होता है। खास बात यह है कि यहां परम्पराओं का पालन करते हुए विभिन्न धर्मों के लोग एक दूसरे को त्यौहारों की शुभकामनाएं देते हैं। नागौर की यह सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है। यहां की मिठाइयों का स्वाद देशभर में प्रसिद्ध है। वहीं त्यौहारों के समय गेर नृत्य का आयोजन भी लोक संस्कृति का अहम हिस्सा है। होली से लेकर गणगौर तक यह नृत्य हर जगह आयोजित किया जाता है। गेर नृत्य में ढोल-नगाड़े की थाप और गीतों पर नृत्य करते हैं। यह नृत्य सांस्कृतिक धरोहर के रूप में युवा पीढ़ी द्वारा भी आगे बढ़ाया जा रहा है। गेर नृत्य में समुदाय की सहभागिता शहर के विभिन्न स्थानों बाठडियों का चौक बंशीवाला मंदिर, नया दरवाजा, माली समाज भवन, मानासर, ताऊसर आदि इलाकों में डांडिया गेर का आयोजन होता है। आयोजनों में प्रवासी भी शामिल होने के लिए उत्सुक रहते हैं। गेर नृत्य में नर्तक अपने हाथों में लकड़ी की छड़ी रखते हैं और पारंपरिक वेशभूषा पहनकर नृत्य करते हैं। गेर नृत्य में रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्वांग भी धारण करते हैं। गेर नृत्य में बांसुरी, ढोलक, नगाड़ा और ढोल जैसे वाद्ययंत्रों का उपयोग होता है। वाद्ययंत्रों की थाप पर नृत्य उत्सव की रंगत को और भी बढ़ा देता है। अपने में खास है नागौर की परम्पराएं त्यौहारों का सामूहिक उत्सव: नागौर में हर त्यौहार सामूहिक रूप से मनाना एक परंपरा होली से गणगौर तक गेर नृत्य का आयोजन: गेर नृत्य का आयोजन पूरे शहर में गेर नृत्य की परंपरा: ढोल-नगाड़े की थाप और गीतों पर करते हैं नृत्य प्रवासी भी होते हैं शामिल: नागौर के त्यौहारों में प्रवासी भी उत्साह से लेते हैं भाग गेर में विविध स्वांग: लोग विभिन्न स्वांग धारण कर करते हैं नृत्य वाद्ययंत्रों का समावेश: बांसुरी, ढोलक, नगाड़ा, ढोल आदि वाद्ययंत्रों का उपयोग सांस्कृतिक विविधता का मेल: विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ मनाते हैं त्यौहार यहां की संस्कृति की विशिष्ट पहचान -नागौर की लोक संस्कृति की अलग ही पहचान है। यहां बारह महीने के सभी त्याहौर परम्परागत रूप से मनाए जाते हैं। मंदिर में गाये जाने वाले भजन भी तीज- त्यौहार दिन व मौसम आधारित होते हैं। इससे भजनों का महत्व काफी बढ़ जाता है। होली पर किए जाने वाले डांडिया गेर की विशेष पहचान है। इस परम्परागत लोक नृत्य में शामिल होने के लिए प्रवासी भी इंतजार करते हैं। कई समाजों की गेर प्रसिद्ध है। गेर में 36 मीटर का बाघा पहनते है। बाठडिया का चौक, लोढों का चौक व बंशीवाला मंदिर में गेर का विशेष आयोजन होते है।
बाठडिया के चौक में डांडिया नृत्य का हुआ आगाज ,,गेर में 36 मीटर का बाघा पहनते है। नागौर,,नागौर की लोक संस्कृति मार्च-अप्रेल में पूरी तरह से जीवंत हो उठती है। होली के साथ ही नगरवासियों में परंपरागत उत्सवों को मनाने का उत्साह जाग उठता है। यह सिलसिला रामनवमी और हनुमान जयंती तक चलता है। नागौर की संस्कृति में सामूहिकता का विशेष महत्व है। और यहां उत्सव पूरे शहर में धूमधाम से मनाए जाते हैं। संस्कृति एकता और सामूहिकता का आदर्श प्रस्तुत करती है। यहां के लोग मिलजुलकर त्यौहारों को मनाते हैं, और यही सांस्कृतिक सौहार्द शहर की पहचान है। त्यौहारों में समाज के सभी वर्गों का योगदान होता है। खास बात यह है कि यहां परम्पराओं का पालन करते हुए विभिन्न धर्मों के लोग एक दूसरे को त्यौहारों की शुभकामनाएं देते हैं। नागौर की यह सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है। यहां की मिठाइयों का स्वाद देशभर में प्रसिद्ध है। वहीं त्यौहारों के समय गेर नृत्य का आयोजन भी लोक संस्कृति का अहम हिस्सा है। होली से लेकर गणगौर तक यह नृत्य हर जगह आयोजित किया जाता है। गेर नृत्य में ढोल-नगाड़े की थाप और गीतों पर नृत्य करते हैं। यह नृत्य सांस्कृतिक धरोहर के रूप में युवा पीढ़ी द्वारा भी आगे बढ़ाया जा रहा है। गेर नृत्य में समुदाय की सहभागिता शहर के विभिन्न स्थानों बाठडियों का चौक बंशीवाला मंदिर, नया दरवाजा, माली समाज भवन, मानासर, ताऊसर आदि इलाकों में डांडिया गेर का आयोजन होता है। आयोजनों में प्रवासी भी शामिल होने के लिए उत्सुक रहते हैं। गेर नृत्य में नर्तक अपने हाथों में
लकड़ी की छड़ी रखते हैं और पारंपरिक वेशभूषा पहनकर नृत्य करते हैं। गेर नृत्य में रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्वांग भी धारण करते हैं। गेर नृत्य में बांसुरी, ढोलक, नगाड़ा और ढोल जैसे वाद्ययंत्रों का उपयोग होता है। वाद्ययंत्रों की थाप पर नृत्य उत्सव की रंगत को और भी बढ़ा देता है। अपने में खास है नागौर की परम्पराएं त्यौहारों का सामूहिक उत्सव: नागौर में हर त्यौहार सामूहिक रूप से मनाना एक परंपरा होली से गणगौर तक गेर नृत्य का आयोजन: गेर नृत्य का आयोजन पूरे शहर में गेर नृत्य की परंपरा: ढोल-नगाड़े की थाप और गीतों पर करते हैं नृत्य प्रवासी भी होते हैं शामिल: नागौर के त्यौहारों में प्रवासी भी उत्साह से लेते हैं भाग गेर में विविध स्वांग: लोग विभिन्न स्वांग धारण कर करते हैं नृत्य वाद्ययंत्रों का समावेश: बांसुरी, ढोलक, नगाड़ा, ढोल आदि वाद्ययंत्रों का उपयोग सांस्कृतिक विविधता का मेल: विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ मनाते हैं त्यौहार यहां की संस्कृति की विशिष्ट पहचान -नागौर की लोक संस्कृति की अलग ही पहचान है। यहां बारह महीने के सभी त्याहौर परम्परागत रूप से मनाए जाते हैं। मंदिर में गाये जाने वाले भजन भी तीज- त्यौहार दिन व मौसम आधारित होते हैं। इससे भजनों का महत्व काफी बढ़ जाता है। होली पर किए जाने वाले डांडिया गेर की विशेष पहचान है। इस परम्परागत लोक नृत्य में शामिल होने के लिए प्रवासी भी इंतजार करते हैं। कई समाजों की गेर प्रसिद्ध है। गेर में 36 मीटर का बाघा पहनते है। बाठडिया का चौक, लोढों का चौक व बंशीवाला मंदिर में गेर का विशेष आयोजन होते है।
- राजस्थान के रतनगढ़ में ट्रक चालक से कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डीटीओ से जुड़े अधिकारी सुरेश बिश्नोई को निलंबित कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने कार्रवाई करते हुए उनका मुख्यालय जयपुर तय किया है। मामले की जांच जारी है। #sujangarh #ratangarh #rajasthan #viral #bikaner1
- आईरा न्यूज बीकानेर चूरू जिले में ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट के मामले में आरटीओ इंस्पेक्टर सुरेश विश्नोई को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई परिवहन आयुक्त द्वारा की गई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया। जानकारी के अनुसार, वाहन जांच के दौरान आरटीओ इंस्पेक्टर ने ट्रक ड्राइवर से लाइसेंस दिखाने को कहा। ड्राइवर ने बताया कि उसका लाइसेंस मोबाइल में है और मोबाइल लौटाने पर वह दिखा देगा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में आकर इंस्पेक्टर ने ड्राइवर को सिर से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से ड्राइवर के सिर से खून बहने लगा और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार चोट गंभीर थी, हालांकि समय पर उपचार मिलने से बड़ा खतरा टल गया। घटना के वायरल वीडियो के बाद परिवहन विभाग ने जांच शुरू की और प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आरटीओ इंस्पेक्टर सुरेश विश्नोई को निलंबित कर दिया गया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।1
- Post by SSSO News1
- बीकानेर, 1 मार्च॥भारत सरकार की फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत रविवार को बीकानेर में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का 15वां संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला साइक्लिंग संघ के सचिव सुरेंद्र कूकणा द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। साइकिल रैली का आयोजन प्रातः 7:00 बजे जूनागढ़ किला से प्रारंभ होकर महाराजा गंगासिंह महाविद्यालय तक आयोजित किया गया। होली के त्यौहार के अवसर पर प्रतिभागियों ने रंगों के साथ उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की सहभागिता रही। श्री कूकना ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने तथा साइक्लिंग के प्रति जागरूक करना रहा।इस अवसर पर मुन्नीराम गोदारा, अंतर्राष्ट्रीय साइक्लिस्ट दयालाराम, जेठाराम गाट, दिलीप कसवां, पेमाराम मेहरिया, पेरा साइक्लिस्ट प्रवीण सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रतिभागियों को फिट रहने, साइक्लिंग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ साइकिल रैली में भाग लेते हुए “फिटनेस की डोज़, आधा घंटा रोज़” का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान वार्म-अप एवं स्ट्रेचिंग गतिविधियों के माध्यम से फिटनेस के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के समापन पर सुरेंद्र कूकणा ने बताया कि बीकानेर में प्रत्येक रविवार को ‘संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, साइक्लिंग को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।3
- यह बच्चा जो रोड सही कर रहा है प्रशासन सो रहा है पालिका पाली के पास कंदरा की ये हालत पाली के पास 1 गांव की ये हालत है रोड़ की बचे अभी सोशल मीडिया ओर सही रामवासी आक्रोश में1
- प्रदेश की सत्तारूढ़ सरकार स्वयं को आमजन से जुडी हुई सरकार होने का दावा ठोकते हुये प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री जी कहते है को मेरे रहते किसी के साथ अन्याय नही होगा गरीबो की सुनवाई होंगी वह रतनगढ़ विधानसभा क्षेत्र से सत्ता सीन सरकार के वर्तमान प्रतिनिधि पूर्व विधायक श्री महर्षि जी व सत्तासीन सरकार के चुरू जिले के कदावर नेता विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष जो प्रदेश मे सुशासन की नजीर देते है •• इसी परिपेक्ष्य के तहत रतनगढ़ विधानसभा क्षेत्र मै सुशासन कैसा है इस सरकार के अधिकारियो का असहाय गरीब के साथ कैसा व्यवहार है इसकी बानगी नीचे पोस्ट की है जरा गौर फरमाये यह वीडियो की घटना 1 मार्च 26 रविवार की प्रातः लगभग 10 बजे की है और यह सुशासन का नजारा (घटना स्थल) रतनगढ़ विधानसभा क्षेत्र का है जयपुर रोड स्थित कटेंवा पट्रोल पंप के आगे की है1
- 🚨 चूरू जिले में ट्रक ड्राइवर से मारपीट, आरटीओ अधिकारी निलंबित चूरू। राजस्थान के चूरू जिले में ट्रक ड्राइवर के साथ कथित मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित आरटीओ अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। घटना के बाद ड्राइवरों में आक्रोश का माहौल है। घटना की वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के आदेश दिए गए। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और दुर्व्यवहार की बात सामने आने पर संबंधित आरटीओ अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- पाली के पास कंदरा की ये हालत पाली के पास 1 गांव की ये हालत है रोड़ की बचे अभी सोशल मीडिया ओर सही रामवासी आक्रोश में1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1